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विषय पर हर किताब यही कहती है...
कि नेता हमेशा सही निर्णय लेते हैं।
सही निर्णय...
यह ऐसी अवधारणा है जो बस कागज़ पर ही काम करती है।
असल ज़िंदगी में आप सभी के सामने इतनी समस्याएँ आएँगी जिनका कोई भी...
सही निर्णय नहीं होता।
जैसे, [अंग्रेजी में] विचार करते हैं क्लासिक ट्रॉली प्रॉब्लम।
द ट्रॉली प्रॉब्लम
पाँच रेलवे कर्मचारी एक पटरी पर काम कर रहे हैं।
उनके कानों पर हेडफ़ोन हैं।
शायद इसलिए उन्हें सुनाई नहीं दे रहा,
कि सुपरसोनिक स्पीड से एक ट्रेन उनकी तरफ़ बढ़ रही है।
टक्कर, मतलब पाँचों की मौत।
लेकिन...
कंट्रोल रूम में बैठे हो आप।
और आपके सामने है एक स्विच।
अगर आप स्विच को फ्लिप करते हैं,
ट्रेन मुड़कर एक दूसरी पटरी पर चली जाएगी।
लेकिन, वहाँ पर भी एक कर्मचारी काम कर रहा है।
तकदीर ने पाँचों की मौत लिखी थी।
अगर उसे बदलना है,
तो आपको अपने हाथों से...
एक जान लेनी पड़ेगी।
तो, सवाल यह है,
आप में से कितने लोग स्विच को फ्लिप करेंगे?
हरी शर्ट वाले सज्जन?
आपको क्यों लगता है कि एक जान लेना सही निर्णय है?
क्योंकि पाँच जानें एक जान से अधिक अनमोल हैं,
तो मैं बिना हिचक के स्विच को फ्लिप करूँगा।
ठीक है।
आपके बगल वाला युवक, आप लोग एक दूसरे को जानते हैं?
हाँ, सर। यह मेरा बेटा है।
तो क्या होता है,
अगर आप अपने कंट्रोल रूम से बाहर देखते हैं
इस दूसरी पटरी पर आपका अपना बेटा काम कर रहा है।
उस दिन के बारे में क्या?
क्या आप अभी भी पाँच जान बचाने के लिए
स्विच को फ्लिप करेंगे?
क्या आप अपने बच्चे को मारेंगे?
बोलिए, बोलिए। देख रहा है वह।
नहीं, सर।
प्लीज़, बैठ जाएँ।
तो जब मानवीय ज़िंदगी के बीच चुनने की बात आती है,
तो कोई सही निर्णय नहीं होता है।
गलत निर्णय होते हैं, या कम गलत निर्णय होते हैं।
इस दूसरी पटरी पर रिश्तेदार छोड़िए,
आपका कोई पसंदीदा अभिनेता हो, क्रिकेटर हो,
या फिर चीफ़ सेक्रेटरी भौमिक जी भी हों, तो भी आप स्विच को हाथ नहीं लगाते।
सर, आप हमको क्यों पटरी पर डाल रहे हैं?
पता है, मैं यह कह रहा हूँ,
असली ज़िंदगी की समस्याएँ और अधिक जटिल हैं।
फिल्मों की तरह इनमें कोई सही या गलत, अच्छा या बुरा,
- हीरो या खलनायक, ऐसा कुछ नहीं होता। - माफ़ करें, सर!
अगर आप इस स्थिति में होते, तो आप क्या करते?
मैं इस स्थिति में होता तो...
एसपी साहब आए हैं। शायद...
डॉ. सौदामिनी सिंह एमडी, एमबीबीएस
जलजनित
संभावित बैक्टीरियल संक्रमण
आप डॉक्टर हैं?
हाँ। मतलब, पीएचडी हूँ, पर अभी रिसर्च...
मेरा मतलब, आप यहाँ काम करती हैं?
पूछ रही हूँ क्योंकि डॉ. शशि ने
सारे मेडिकल स्टाफ़ को आपातकालीन मीटिंग के लिए बुलाया है।
पता है, आप लोगों के बहुत से मरीज इंतज़ार कर रहे हैं, पर...
पर यह बताना ज़रूरी था...
मुझे अभी बताया गया है कि डॉ. सिंह...
सौदामिनी
अब हमारे बीच नहीं रहीं।
कुछ घंटे...
कुछ घंटे पहले, उनकी लाश जेंकिंस लेक के पास मिली है।
ऑटोप्सी अभी हुई नहीं है, पर यह एक हादसा लगता है।
उनका कोई नज़दीकी रिश्तेदार नहीं था, इसलिए हॉस्पिटल उनका अंतिम संस्कार करेगा।
बस इतना ही।
सर, वह जानती थीं, वह जानती थीं, सर।
वह जिस रहस्यमयी बीमारी की बात कर रही थीं, उन्हें उसका कारण पता था।
हमने इसे देखा है, ऋतु। यह ज़हरीली शराब का मामला है।
नहीं। नहीं, सर। यह पानी है। यह पानी है, सर।
इसीलिए वह वहाँ थीं। जेंकिंस लेक। यह जलजनित संक्रमण का स्रोत है।
सर, यह देखिए।
उनके सभी मरीज, सभी 11 इस झील के संपर्क में थे।
उनमें से एक, जिसे हमने कल छुट्टी दी, वह आज सुबह मृत पाया गया।
बाकियों से संपर्क नहीं हुआ है, पर मुझे लगता है कि...
कि यह इसे बताता है।
क्या बताता है?
सौदामिनी की लाश जहाँ मिली, उसके पास एक छोटी सी बस्ती है।
पूछताछ करने के लिए जब अधिकारी वहाँ पहुँचे,
तो उन्होंने पाया कि पूरी बस्ती के लोग मर गए थे।
कितने लोग?
नवीनतम गिनती 22 की है।
ये सारी मौतें 12 से 24 घंटे के बीच हुई हैं।
इसीलिए वे किसी बाहर वाले को बता भी नहीं पाए।
सर, जेंकिंस का पानी का मुख्य स्रोत यह झील है।
हमें वहाँ लोगों को बताना होगा।
चार सौ ज़िंदगियां खतरे में हैं।
चार सौ नहीं।
पाँच लाख।
काला पानी
पुणे - सत्रह साल पहले
ये नई लड़की टर्म के बीच में क्या कर रही है?
क्या है यह?
- सर, भारत का नक्शा। - पक्का।
- यही है भारत का नक्शा? - कक्षा चार में तो यही सिखाया था।
क्या इस कक्षा में कोई है जो जानता है भारत का पूरा नक्शा कैसा दिखता है?
अनिरुद्ध।
सही है।
यह 32 लाख वर्ग किलोमीटर लैंडमार्क ही वह नहीं, जिससे भारत बनता है।
यह और यह और यह
मिलकर बनता है
भारत
भारत।
और यह कोई छोटी गलती नहीं है।
क्योंकि इन द्वीपों में लाखों भारतीय रहते हैं।
और उन्हीं में से एक आज हमारी कक्षा में है।
बेटा, प्लीज़ अपने बारे में बताओ।
हैलो, सभी लोग।
मेरा नाम ज्योत्सना डे है और मैं पोर्ट ब्लेयर से हूँ।
जीएनएम। तू 12वीं के बाद जीएनएम करना चाहती है?
हाँ। और उसके बाद डीएनपी। क्यों?
बढ़िया। बस किसी से महत्वाकांक्षा पूछो,
तो लोग आईआईटी, आईएएस, एमबीए, कुछ ऐसा बोलते हैं।
मैं भी डॉक्टर बनना चाहता हूँ।
- पर... - पर?
नर्स कौन बनना चाहता है?
नहीं।
हाँ।
असल में, मुझे हेल्थ केयर के केयर वाले हिस्से में ज़्यादा रुचि है।
मुझे ऐसा लगता है कि डॉक्टर बीमारी पहचानते हैं।
उसका इलाज बताकर अगले मरीज की तरफ़ आगे बढ़ जाते हैं।
पर एक नर्स मरीज के साथ तब तक रहती है,
जब तक वह मरीज पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता।
शायद इसलिए।
जब कोई बीमार होता है, आप उसकी चिकित्सा नहीं करते।
ज़िंदगी में वापस लाने के लिए नर्सिंग करते हैं।
और इसीलिए मैं वही बनना चाहती हूँ।
तथास्तु।
मनोकामना पूरी हो जाएगी। अन्नी का आशीर्वाद मिल गया है तुम्हें।
- क्या मिला गया? - अन्नी। अन्नी का आशीर्वाद।
इससे आपके सारे सपने पूरे हो जाते हैं।
बस बदले में, आपको अन्नी के साथ सच्ची दोस्ती निभानी पड़ती है।
अगर किसी ने दोस्ती तोड़ दी तो?
तो उसे मिलता है, अन्नी का अभिशाप। धूम।
ज्योत्सना।
तू सुबह 4:00 बजे ही टपक गई थी।
गर्म है।
अभी भी यकीन नहीं होता कि तू अपनी पारिवारिक धरोहर किसी अजनबी को बेच रही है।
ये ले।
इसके पिछले हिस्से में मेरे ब्रोकर का कार्ड है।
उसको कॉल कर दे और बेहतर ऑफ़र दे दे।
रख ले मेरी धरोहर।
तुझे पता है न? मेरी आय में तेरा बाथरूम भी नहीं आएगा।
हाँ, पर किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में...
हेड नर्स की स्थिर जॉब हो तो ईएमआई...
तेरा कार्ड तो एक्स्पायर हो गया है।
तूने रीन्यू क्यों नहीं करवाया? वह भी समय हो गया है।
हाँ, कुछ साल पहले, मैंने छोड़ दिया।
अब मैं हेल्थ केयर में नहीं हूँ।
केजी से यही तो तेरा सपना था। नर्सिंग क्यों छोड़ी?
क्योंकि...
क्योंकि अन्नी का अभिशाप लग गया मुझे।
सर, पोर्ट ब्लेयर का 70 प्रतिशत पानी इस पाइपलाइन से आता है।
सामने संभावित महामारी है और इसे रोकने के लिए सबसे सक्षम व्यक्ति...
- अब हमारे साथ नहीं हैं। - देखिए।
डॉ. सिंह के साथ जो भी हुआ, यह वाकई बहुत दुखद था।
लेकिन इतना बड़ा स्वास्थ्य संकट हो जाएगा,
इस बात पर आपको कितना विश्वास है?
- मतलब? - मतलब, इस पैनिक का लॉजिक क्या है?
आप बोला, पानी में बैक्टीरिया है। हम मान लिए।
लेकिन बैक्टीरिया है तो एंटीबायोटिक्स देने से ख़त्म हो जाएगा।
सर, मैं यही समझाने की कोशिश कर रहा हूँ
कि यह एक सुपरबग है।
इसने एंटीबायोटिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है।
सौदामिनी के सारे मरीजों की रिपोर्ट हैं हमारे पास।
किसी भी तरह के ब्रॉड स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक का...
इस बैक्टीरिया पर असर नहीं हो पा रहा था।
पर, फिर वे मरीज ठीक कैसे हो रहे थे?
सर, क्योंकि यह बीमारी लेक्टोपायरोसिस के पैटर्न की नकल करती है।
पर इसमें पल्मनरी अभिव्यक्ति भी है।
एक मिनट, एक मिनट।
हिंदी, अंग्रेजी, बंगला, तीन भाषा जानता है हम।
किसी एक में बोलो, प्लीज़।
सर, हमें निश्चित रूप से और टेस्ट करने की ज़रूरत है।
पर ऐसा लगता है कि इस बीमारी की दो स्टेज हैं।
स्टेज एक, गर्दन में काले पैच के अलावा,
मरीज को बुखार, सिरदर्द, गले का सूखना, ऐसे लक्षण होते हैं।
फिर कुछ समय के बाद धीरे से यह लक्षण चले जाते हैं
और मरीज को ऐसा लगने लगता है कि वह ठीक हो रहा है।
पर बैक्टीरिया अभी भी उसके शरीर में है।
छिपा हुआ है, इंतज़ार कर रहा है...
- इंतज़ार कर रहा, इंतज़ार कर रहा... - हमला करने का।
हमला करने का।
स्टेज दो,
इम्यून सिस्टम पर बैक्टीरिया का पूरा हमला होता है।
मरीज को हिचकी आने लगती है।
और फिर, फेफड़े, लीवर, किडनी, कई अंगों में विफलता।
ज़्यादातर केस में, कुछ ही घंटों में,
मौत।
ये बीमारी न सिर्फ़ पानी से, बल्कि संक्रमित इंसान के वॉटर ड्रॉपलेट से भी फैल सकती है।
और सर, यह टूरिस्ट फेस्टिवल...
हमारे पास कोई अनुमान नहीं है कि अभी तक कितने लोग संक्रमित हैं।
इसका कारण क्या है?
अभी क्यों?
हमें नहीं पता, सर।
हम बस इतना जानते हैं कि सौदामिनी का शक सही था।
कम से कम, किसी ने तो इसे फॉलो करना तय किया।
इसने यह सारी रिसर्च की है।
तुम कौन हो?
सर, ऋतु गागरा।
मैं एनआईसीडी, बैंगलोर में रिसर्च फैलो हूँ।
समझा। यही समस्या है, डॉ. महाजन।
आप सब कुछ रद्द करना चाहते हैं क्योंकि एक जूनियर साथी ने चार ऑनलाइन लेख पढ़ लिए।
मैं आपसे दोबारा पूछ रहा हूँ।
आपको कितना विश्वास है?
सर, वो जूनियर बाद में है।
सबसे पहले, वो एक वैज्ञानिक है।
उसने आपके सामने अपना रिसर्च रखा है, वैज्ञानिक साक्ष्य रखे हैं।
तकनीकी तौर पर, यह सवाल मुझे आपसे पूछना चाहिए।
आपको कितना विश्वास है?
ठीक है। शिवा,
जेंकिंस पाइपलाइन को तुरंत बंद कर दो।
हेल्थ इमरजेंसी प्रोटोकॉल कितनी जल्दी शुरू कर सकते हैं?
कुछ घंटों में, सर।
पोर्ट ब्लेयर में जितने भी हेल्थकेयर कर्मचारी हैं, सक्रिय या रिटायर,
- उन्हें मेडिकल इमरजेंसी संदेश मिल जाएँगे। - ठीक है। अगला।
एयरपोर्ट और बंदरगाह को बंद कर दो। जितनी जल्दी हो सकता है, लॉकडाउन लागू करो।
डॉ. महाजन, इस बीमारी की टेस्टिंग तेज़ी से हो सकती है?
अब जबकि, हम जानते हैं कि हम क्या ढूँढ़ रहे हैं
हम शायद कर सकते हैं। साथ ही, गर्दन में उभरे काले पैच,
- वे स्पष्ट लक्षण हैं। - सही है।
भौमिक जी, डॉ. महाजन के साथ काम करो।
जितना हो सके, गैर संक्रमित लोगों को आइसोलेट करना शुरू करो।
और सज्जनो, सबसे ज़रूरी बात, जो भी यहाँ चर्चा हुई है,
इसकी खबर बाहर नहीं जानी चाहिए।
अपने मातहतों को बोलो कि यह बस एक ड्रिल है।
पर सर, लोगों को पता होना चाहिए कि कोई संकट है।
एक आखिरी बात, डॉ. महाजन,
यह बीमारी, इसे क्या बुलाते हैं,
सर, यह लेक्टोस्पाइरल हीमोरेजिक फीवर का
वेरिएंट लगता है।
तो हम इसे बुला सकते हैं एलएचएफ़।
एलएचएफ़-27।
मुझे बीमारियों को नंबर से बुलाने से नफ़रत है।
तू समझ नहीं रही है मगरमच्छ जा रहे हैं।
हाँ, मगरमच्छ जा रहे हैं, पर तू क्यों जा रहा है?
क्योंकि मगरमच्छ जा रहे हैं।
खारे पानी के मगरमच्छ अपना प्राकृतिक वास छोड़कर नहीं जाते।
ट्यूलिप द्वीप में कुछ अजीब हो रहा है और मेरी एजेंसी मुझे वहाँ भेज रही है।
वीनू, मैं तेरा सिर फोड़ दूँगी। तेरी वजह से मैंने अपनी फ्लाइट छोड़ दी।
- और अब तू ही जा रहा है। - अरे, मैं कल तक आ जाऊँगा न वापस।
और तू एक दिन एक्स्ट्रा रुक जाना न?
हद है, यार!
अगर तू मुझे सच बताएगी, तो मैं रुक जाऊँगा।
बता न, तूने नर्सिंग क्यों छोड़ी?
यार, तू फिर शुरू हो गया।
तुझे कहा था न, कोई ख़ास वजह नहीं है। बस बोर हो गई थी। बस।
आंटी, इसे समझाओ न।
पता नहीं, मेरे अंदर कौन सा दर्द ढूँढ़ना है।
वीनू, परेशान मत कर उसे। जा नहा ले।
पानी बंद हो गया है। कृष्णन के ट्यूबवेल से बाल्टी भर लेना। जा!
- पता करके रहूँगा। - जा।
यह क्या है?
इसके पापा फॉरेस्ट गार्ड थे न,
उनकी बदौलत, ओराका कबीले के कुछ लोगों से मिली थी मैं।
वहीं पर किसी ने इसकी ज़िम्मेदारी सौंपी थी मुझे।
ओराका जनजाति का चिन्ह।
उनका प्रतीक है यह।
तुम्हें पता है, 2004 में, सुनामी ने अंडमान में इतनी तबाही मचाई,
पर उसमें किसी ओराका को एक खरोंच तक नहीं आई।
हाँ? कैसे?
सुनामी आने के कुछ दिन पहले ही, उनका पूरा कबीला
जंगल छोड़कर किसी ऊँची पहाड़ी पर चला गया।
मानो जैसे उन्हें समझ आ गया हो कि कुछ गलत होने वाला है।
उन्हें कैसे पता चला?
जब उनके मुखिया से मैंने यही सवाल पूछा।
तो उन्होंने एक शब्द में जवाब दिया।
"तिननोतू।"
"तिननोतू।" मतलब?
हमारी किसी भाषा में इसका सटीक अनुवाद नहीं है।
पर इसका मतलब यह है।
किसी चीज़ को इतनी गहराई से समझ लेना
कि उसमें कितनी छोटी भी तकलीफ़ हो,
आपको उसका पूरा एहसास हो जाता है।
किसी का दर्द समझने के लिए उसका बोलना ज़रूरी नहीं होता, बेटा।
आपसे जो प्यार करते हैं,
उनको एहसास हो जाता है।
मेडिकल इमरजेंसी एसओएस मरीन हिल रजिस्ट्रेशन में रिपोर्ट करें
आंटी, यह मरीन हिल यहाँ से कितना दूर है?
आप सब अपने-अपने एरिया के लॉकडाउन के लिए जवाबदेह हैं।
- और मुझे हर घंटे आप सबसे अपडेट चाहिए। - हम्म।
सुना? क्या बोल रहे हैं, सर?
हर घंटे अपडेट चाहिए उन्हें।
और मुझे हर आधे घंटे। ठीक है?
सॉरी, सर। प्लीज़ बोलिए।
प्लीज़, याद रहे, यह शायद बस एक ड्रिल है।
- पर हम कोई भी ढील बर्दाश्त नहीं कर सकते। - कोई ढील नहीं चाहिए मुझे।
पब्लिक को कोई भी असुविधा नहीं होनी चाहिए।
ठीक है?
सर, और कुछ बोलना है? जय हिन्द।
ला, ला। ये जल्दी दे। सर!
सर। सर।
क्या हुआ, सर?
आज एलजी सर की मीटिंग मेरे बिना कर ली आपने।
आजकल तुम ऊंचे टावर पर इतनी मीटिंग जो करने लगे हो।
मैंने सोचा, बदलाव के लिए फील्ड वर्क भी कर लें।
अच्छा निर्णय, सर। सच में, मैं इसके लिए इंतज़ार ही कर रहा था।
पर सर, समझ नहीं आया।
स्वराज महोत्सव के बीचोंबीच यह लॉकडाउन ड्रिल।
दो महीने पहले ऐसा ही ड्रिल किया था न हमने।
अगर तुम्हें सीधे ऑर्डर फॉलो करने में तकलीफ़ हो रही है, केतन, तो बता दो।
तुम्हारा एरिया कोई और कवर कर लेगा।
नहीं, सर। मैं पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूँ।
बस, ये जो निर्देश हैं,
इसमें ड्रिल के समापन समय का ज़िक्र नहीं किया है आपने।
शायद छूट गया होगा, है न?
सर,
आप और मैं दोनों जानते हैं कि यह ड्रिल नहीं है।
शायद एलजी सर इसे राज़ रखना चाहते होंगे,
पर अंत में, वह तो कुर्सी में बैठने वाले राजनीतिज्ञ हैं।
ज़मीन पर हालात तो हम ही संभालते हैं न, सर।
आपको नहीं लगता कि हमें पूरी बात जानने का हक है?
बुरा लगता होगा न, केतन।
तुम पर भरोसा करने से आसान, एक राजनीतिज्ञ पर भरोसा करना है।
सर, आपको मुझ पर भरोसा करने के लिए मुझसे सहमत होने की ज़रूरत नहीं है।
डॉ. सिंह का सुना मैंने।
वाकई दुखद समाचार।
पर अपनी टीम को बताए बिना उन्हें अकेले इतना बड़ा जोखिम नहीं लेना चाहिए था।
बस उम्मीद करता हूँ कि भरोसे की कमी या जानकारी की कमी की वजह से
ऐसा कोई हादसा दोबारा न हो जाए।
परवेज़, गाड़ी चालू कर।
- किधर, सर? - मरीन हिल।
- मरीन हिल में कहाँ? - अरे, चल न, यार।
स्वराज महोत्सव
देवियों और सज्जनों, यहाँ मरीन हिल में,
स्वराज महोत्सव 2027 में आप सबका स्वागत करता हूँ।
सभी भारतीय राज्यों की विविध संस्कृति की झलक देख पाएँगे।
जो बंगाल की खाड़ी के दूसरी तरफ़ हैं।
तुमको जो खरीदना है, खरीदो। हाँ, हाँ।
ठीक है, ठीक है। रखो। हाँ।
बच्चा लोग, कौन सा पॉपकॉर्न खाएगा?
आप भैया जो खाएँगे, हम वही खाएँगे।
चलो, बोलो। कौन सा पॉपकॉर्न खाएगा?
एक चीज़ कैरमल दे दो।
ग्रांड कार्निवल नेताजी इनडोर स्टेडियम तक फैला हुआ है।
चलिये नाचते हैं, उत्सव बस समाप्त ही होने वाला है।
किसी भी जानकारी के लिए अपने पास के उत्सव समन्वयक के मिलें।
आप सभी स्वराज उत्सव में विभिन्न व्यंजन का आनंद ले सकते हैं। हमारे पास सब हैं।
बच्चों से बूढ़ों तक, सब इस महोत्सव का आनंद ले सकते हैं।
कहाँ?
कर क्या रही है? ऐसे अलग क्यों आ गई?
- होमवर्क दिया है मिस ने। - होमवर्क बाद में कर लेंगे। ले, पकड़।
हाँ, पापा। हम दोनों ठीक हैं। हर 15 मिनट में फ़ोन मत करो।
पंद्रह मिनट? दो घंटा हो गया, बेटा।
हम बोले थे न जी। कहे के लिए परेशान किया?
हम पूछ रहे हैं, पूछो।
मम्मी पूछ रही हैं, बेटा। कद्दू को दवाई खिला दिए?
हाँ, पापा। खिला दिए।
जानते हो, गुच्चू, इतना प्राकृतिक सौंदर्य मिस किए हो न तुम।
भैया लोग इतना सुंदर-सुंदर बीच दिखाया हमको।
पहले भरतपुर बीच देखे, अभी लक्ष्मणपुर देख रहे हैं, इसके बाद सीतापुर जाएँगे।
खाली तुम्हारी मम्मी का नया जूता में थोड़ा बालू लग गया।
पापा, आपको बाद में फ़ोन करता हूँ।
...यहाँ रह गई। और कुछ लेना है।
अंकल, आप लोग आगे बढ़ जाइए।
हमको थोड़ा अंदर जाना है।
अरे, उधर से ही तो आए, बेटा।
हाँ वो पापा बोले अंदर वो रूबी राइनो मैसकट है न!
उसके साथ कद्दू का फोटो लेना है।
भैया, भैया, चलो न जल्दी।
- हम लोग आधे घंटे में इधर ही मिलते हैं। - भैया, चल न।
हाँ। ठीक है, न?
- ठीक है। फिर कुछ चाहिए, तो फ़ोन करना। - जी, जी। अंकल।
- चलो न। - इसका हाथ पकड़े रहना।
हाँ, अंकल।
हाँ, पर तू तो नौकरी छोड़ चुकी है न,
- फिर क्यों जा रही है? - कोविड गाइडलाइन के हिसाब रिपोर्ट करना है।
साथ ही, उत्सुकता भी है। देखना भी चाहती हूँ कि अचानक एसओएस क्यों भेजा?
यह चीरू की दूसरी टैक्सी है।
टूरिस्ट से ज़्यादा सब्जी लाने के काम आती है।
बैठ।
सेकंड हैंड है, पर अंदर से उतनी भी बुरी नहीं है। आ जा।
क्या हुआ?
ज्यो, ज्योत्सना!
तुम ठीक हो? ज्योत्सना।
मैं पानी लेकर आता हूँ।
डीटीएच मेमोरियल हॉस्पिटल
मुझे लगता है कि यह तुम ही खा गईं।
क्या बोल रहे हो आप?
मैं नहीं जानता। पूरे पैसे दे रहा हूँ मैं।
लंच में मालपुआ चाहिए मेरे को।
कोई मालपुआ नहीं मिल रहा आपको। चलिए, शर्ट ऊपर कीजिए।
रोज़ इंसुलिन की इतनी बड़ी खुराक लेते हैं,
फिर भी मीठे से दूर नहीं रहा जाता न।
अरे, जिस ज़िंदगी में चीनी नहीं, वो ज़िंदगी ही जीनी नहीं।
और...
अब तो मुझे बिलकुल ठीक लगने लगा है।
चुनाव होने वाला है।
डॉ. अनिरुद्ध से बोलकर मेरी छुट्टी करा दो न।
जगताप जी, जब आपकी रिपोर्ट्स भी यही बोलेंगी न,
तब आपको छुट्टी दे दूँगा। वादा है। ठीक है?
जा।
पूर्वा, सर को लंच करा देना। ठीक है। ज्योत्सना।
मुझे तेरे 20 मिनट चाहिए।
अन्नी, मुझसे मत कहना कि तू अपनी एनिवर्सरी फिर से भूल गया।
- अब प्रीति के लिए उपहार भी मैं चुनूँ। - वो सब नहीं है, यार।
नीचे कोई तेरा इंतज़ार कर रही है।
हे भगवान!
हे भगवान! हे भगवान!
- कब ली? - कल।
- कल शाम को डिलीवरी हुई। - बताया क्यों नहीं?
ओय, शरलॉक, बता देता तो सरप्राइज़ कैसे होता?
रुक, रुक!
जा ना!
- बधाई हो, अनिरुद्ध। - धन्यवाद।
सबसे पहले, अपनी जिगरी दोस्त को दिखाना चाहता था।
कब से नहीं सोई है?
देख, बेड्स का इतना तनाव मत ले।
कि एक दिन तुझी को लेटना पड़ जाए। समझ गई?
अब स्टाफ़ की कमी से जूझ रहे हैं,
किसी न किसी को तो ओवरटाइम करना पड़ेगा।
- चल, समय ख़त्म हुआ। - अभी कहाँ, पाँच मिनट है न।
और सुन। हॉस्पिटल ब्लॉक का राउंड मारने में लगभग उतना ही समय लगता है।
यार, आराम से चला, ज्योत्सना। पार्किंग लॉट है, कोई रेसिंग ट्रैक नहीं।
अरे, चिंता मत करो, अनिरुद्ध। कुछ भी हुआ तो, सारी ज़िम्मेदारी तेरी।
मरीन हिल और कितना दूर है?
पास में ही है। बस आगे से बाएँ।
- तू जा। फिर मैं चली जाऊँगी। - हाँ, पक्का?
यार, वैसे तो मैं ही तुझे छोड़कर आता, पर मुझे बार-बार मैसेज आ रहे हैं।
और शाम की सारी नाव रद्द कर दी हैं।
- अभी... - तू जा। मैं चली जाऊँगी।
- बाय। - बाय।
सर जी, थोड़ा... थोड़ा पीछे करो न।
वीनू,
- आज तेरे घर के बाहर जो कुछ भी हुआ न वो... - कोई बात नहीं।
अगर नहीं चाहती तो बताने की ज़रूरत नहीं है।
नहीं, मैं बताना चाहती हूँ।
कुछ साल पहले,
कुछ हुआ था।
उस दिन के बाद से, ड्राइव करना तो छोड़,
मैं किसी कार के अंदर तक नहीं बैठ पाती।
सब कुछ एकदम परफेक्ट नहीं है, वीनू।
न तो मेरी सगाई हुई है न ही मैं काम कर रही हूँ।
वीनू, मैंने ये सब किसी को भी नहीं बताया।
पर तुझे बताऊँगी।
शायद तू मुझे जज भी करेगा।
- फिर भी बताऊँगी। - सुन, सुन।
मैं कल आऊँगा।
तेरी पूरी बात सुनूँगा और उसके बाद हम हमेशा की तरह हमारा बैडमिंटन मैच खेलेंगे।
एकमात्र चीज़ जिसके लिए तुझे जज करूँगा, तेरी बैडमिंटन स्किल के लिए।
ठीक है।
वीनू, इस बार देर मत करना।
बाय।
मैं तुम्हें खोज रहा था।
- तुम ठीक हो? - जी, सर।
बस एक बार इन्हें देखना चाहती थी।
आओ, चलें।
- सर। - हम्म।
मैं आपसे एक बात पूछूं?
हाँ।
सर...
सौदामिनी मैम, वह...
सच को खोजने की कोशिश में चल बसीं।
मुझे यह समझ नहीं रहा कि हम लोगों से सच क्यों छुपा रहे हैं?
ऋतु, एलजी सर वो सब कर रहे हैं, जो संभव है।
मेडिकल कैंप लगाए जा चुके हैं। टेस्टिंग शुरू हो चुकी है।
हम लोग गतिविधियां सीमित कर रहे हैं।
सर, जनजाग्रति हमारी सबसे पहली प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए?
लोगों को यह जानने का हक है कि उनकी जान खतरे में है।
सर, डॉक्टर खरे, एनआईसीडी के मेरे प्रोफेसर,
उनकी मीडिया और सरकार दोनों में बहुत गहरी पैठ हैं।
हमें जितनी जल्दी हो सके, मेनलैंड को बता देना चाहिए।
हमें जितनी ज़्यादा मदद मिल सके, उतनी चाहिए।
मेरे बारे में यह जान लो, ऋतु।
मैं मुझे दिए आदेशों का पालन करता हूँ।
और अपनी टीम के सभी साथियों से भी यही उम्मीद करता हूँ।
पता है,
इस हफ़्ते, तुम दूसरी इंसान हो जिससे मैं यह कह रहा हूँ।
मेरे साथ काम करो।
प्लीज़।
प्रोफेसर खरे एनआईसीडी इनकमिंग कॉल
आप जिस व्यक्ति को कॉल कर रहे हैं, वह अभी...
मिट्टी कलाकार!
जमील भाई कुछ बताया क्या, माल किधर पहुंचाना है।
साला, ऊँट का बच्चा! सुबह से कुछ छोड़ा तूने। 11-12 लीटर पी चुके हो।
नेताजी इनडोर स्टेडियम में दर्शकों से अनुरोध है कि वे मुख्य मंच की तरफ़ आयें।
भैया, यह देखो, रूबी राइनो।
- भैया, यह देखो... - हाँ, चल।
देख, कंचन। मेरा वानी से मिलना बहुत ज़रूरी है।
तेरी समस्या क्या है मुझसे, कंचन?
यही समस्या है।
मेरा नाम राजबीर है।
वो नाम तो तेरे माँ-बाप ने रखा है।
पर यह तेरी मुस्कान,
और यह तेरी जुल्फें,
मुझे मेरे एक्स की याद दिलाते हैं।
इसलिए, कंचन।
जाने दो न, बेबी।
देख कंचन, मैं ड्यूटी पर हूँ।
तू हाथ लगाएगा, तो ठीक नहीं होगा।
अगले कुछ पलों में निर्मला इन्टरनेशनल स्कूल के बच्चे आपके सामने
अंडमान के सेल्यूलर जेल की कहानी पेश करेंगे,
...काला पानी।
...वानी जी और आप।
ठीक है। दो कतार, जल्दी।
ठीक है, मैम।
- ज़रा सुनें। सुनिए। - हाँ।
- आप एटम के लिए काम करती हैं? - हाँ।
केतन कामत। एसडीपीओ दक्षिण अंडमान।
आपके बॉस मिस्टर सौरभ वानी से मुझे कुछ ज़रूरी काम है।
आप अंदर जाकर उनसे अभी मुझे फ़ोन करने को कहें।
- यह किस बारे में है? - वह जान जाएँगे।
- उफ़। सॉरी, सॉरी, सॉरी। - आह!
बहुत खेद है। क्या मैं आपके लिए...? मेरा मतलब...
आपकी कॉफ़ी के पैसे चुका दूँगा। माफ़ करें। दीजिए।
अंडमान के सेल्यूलर जेल की कहानी। ...काला पानी।
- आप सिंगापुर ऑफिस से हैं? - हाँ।
आपके सीईओ मि. ब्रैंडन शाह भी वहीं बैठते हैं न?
मुझे लगा कि इस फेस्टिवल के उद्घाटन के लिए वह खुद आने वाले थे।
हाँ, पर कुछ ज़रूरी काम आ गया।
बेशक।
मेरे पास 62 बिलियन डॉलर होते तो...
"दास्ताने काला पानी" देखना मेरी भी प्राथमिकता नहीं होती।
ब्रैंडन की कुल आय...
अब 62 नहीं, 64.7 बिलियन डॉलर है।
मुझे पता है क्योंकि पत्नी जानती हैं कि उनके पति का पैसा कहाँ है।
- तो आप ज़रूर... - स्वास्ति शाह।
एटम की डाइरेक्टर, साउथ-ईस्ट एशिया।
और मैं आपको कॉफ़ी के पैसे देने वाला था।
- थोड़ा सा दाहिने। - जी, भैया।
नंदन बेटे, यह कोई टूरिस्ट स्पॉट नहीं है।
एनजीओ की तरफ़ से हम ओराका की मदद करने आते हैं, फोटो खिंचाने नहीं।
- पहली बार है इसलिए तुम दोनों उनके साथ कोई... - सॉरी।
मैडम, यह तो पूरी बस्ती खाली है।
रुको! कहां हैं सभी?
पृथ्वी ने बड़ा शाप दिया है।
भाग जाओ या फिर सब खत्म हो जाओगे!
- तुम्हें कैसे पता? - गहन अहसास।
नंदन, तुम अभी के अभी वापस लौट जाओ।
और ट्राइबल वेलफ़ेयर के लोगों को बताना कि ओराका अपनी बस्ती छोड़कर जा रहे हैं।
- और आप नहीं चलेंगी? - नहीं।
ओराका का एक बहुत बड़ा एहसान है मुझ पर।
और अगर कोई बड़ी मुसीबत आने वाली हो, तो मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकती।
तुम जाओ।
मैं समझा नहीं।
अगर इतना बड़ी आपदा आने वाली है तो एलजी इसे राज़ क्यों रखे हुए हैं?
क्योंकि चीज़ें बदल जाती हैं, मिस्टर वानी।
देखिए, एडमिरल कादरी भारतीय नौ सेना के वॉर हीरो थे।
अब वो अपने देश को नहीं, अपनी इमेज को बचा रहे हैं।
और मैं सुझाव दूँगा कि आप भी अपने आपको बचाइए।
निकासी विमान अगले आधे घंटे में आ जाएँगे।
अगर अपने वो मिस कर दिया, तो अंडमान में लंबी छुट्टी के लिए तैयार रहिए।
पर अगर मेनलैंड में किसी को इसके बारे में जानकारी ही नहीं है।
तो वे रेस्क्यू फ्लाइट कैसे भेज रहे हैं?
अरे, बातों के ही तो राजा हैं अपने एलजी साहब।
भूकंप, सुनामी, संभावित चीनी घुसपैठ,
सेंटर के सामने कोई काल्पनिक खतरा रख दिया होगा।
हम इतना जानते हैं कि मेनलैंड को न तो बीमारी का पता है न उसकी गंभीरता का।
और स्वराज महोत्सव का क्या?
हमने इस फेस्टिवल में अच्छा-खासा पैसा निवेश किया है।
- अरे! बी-स्कूल - शांत रहो।
समंदर से दो बाल्टी पानी निकालने से वो समंदर ही रहेगा।
देखिए, फैसला आपको करना है।
आप इसे स्वाट विश्लेषण का मौका देना चाहती हैं या मुझे आपकी जान बचाने का।
इससे तुम्हें क्या मिलेगा?
बस एक ट्रांसफर वापस मेनलैंड पर?
नहीं।
मुझे यहाँ से ट्रांसफर नहीं चाहिए।
मुझे यहाँ से रिहाई चाहिए।
मेरी पोस्टिंग यहाँ हुई है क्योंकि...
मुझे सज़ा दी गई है।
सज़ा-ए-काला पानी की।
आपको क्या लगता है
उस काला पानी जेल की दीवार दस फीट ऊंची है?
उस जेल की असली दीवार तो बाहर है।
और वह ईंटों से नहीं,
पानी से बनी है।
मैं उस दीवार को तोड़कर...
यहाँ से बाहर निकलना चाहता हूँ।
और उसके लिए मुझे जो करना पड़े,
वो मैं करूँगा।
जो यह कहता है, करते हैं।
सभी नागरिक ध्यान दें कि यह आपातकालीन ड्रिल घोषणा है।
कृपया शांत रहें।
क्या तमाशा किए हुए हैं। इंडोर स्टेडियम में ताला कैसे लगा दिए आप लोग?
हमारा बच्चा अंदर है। आपने गेट कैसे बंद कर दिए?
सर, अंदर सबका चेकअप हो रहा है, उसके बाद ही उन्हें बाहर आने देंगे।
अप सब प्लीज़, वहाँ पर इंतज़ार कीजिए। वहाँ पर आप सबका टेस्ट होगा।
टेस्ट? ए, किस बात का टेस्ट, जी?
कोविड फिर से आ गया है क्या? हैं?
ड्रिल है। हमको और कुछ बताया नहीं गया है, सर।
ड्रिल गया तुम्हारे...
हम खुद जाकर देखेंगे। हमारे बच्चा लोग अंदर हैं। चलिए, आप सब।
चलिए, अरे!
अगला।
यह रहा आपका पीपी किट।
नहीं, सर। मैं बस रिपोर्ट करने आई थी।
अनिवार्य है, मैडम। अंदर टेंट है, मैडम और फिर वेटिंग एरिया।
...तब तक रहें, जब तक कि...
अगला!
...का संकेत न दे दिया जाए।
ज्योत्सना, ज्योत्सना!
तुमने लॉग चेक किया?
- हाँ? - लॉग, शॉट देने से पहले चेक किया?
- क्या? मुझे याद नहीं। - उन्हें कई शॉट दे दिए गए।
उन्हें ओवरडोज़ दिए गए। कार्डिएक अरेस्ट हुआ है। चल, जल्दी। जल्दी!
उनका बीपी गिर रहा है!
सर, सर!
ज्योत्सना!
- ज्योत्सना। - ज्योत्सना।
ज्योत्सना डे।
अम्म। मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मुझे घर जाना है।
अच्छा, तो यह फॉर्म भरकर जाइए।
अगर यह ड्रिल है, तो असली ऑक्सीज़न सिलेंडर क्यों मँगवाए?
क्या मालूम, मैडम! कुछ बता ही नहीं रहे हैं।
बस, बस। तुम मत रोओ। तुम मत रो, ज्योत्सना।
गलती नहीं है। तेरी गलती नहीं है।
तुम पर बहुत अधिक भार था, मुझे पता है।
- मेरी बात सुनो।
जगताप की पार्टी के लोग उस आदमी को ढूँढ रहे हैं, जो ज़िम्मेदार है।
- कहाँ है डॉक्टर? - क्या हुआ भाऊ को?
कैसे मरे भाऊ? बताओ, कौन है भाऊ का डॉक्टर?
ज्योत्सना, तुम्हें अभी यहाँ से जाना होगा।
- बताओ, कौन है भाऊ का डॉक्टर? - मुझे नहीं पता।
इतना पैसा देता हूँ! बता!
इतना मारूँगा, साले। हॉस्पिटल नहीं ठीक कर पाएगा तेरे को।
कौन है भाऊ का डॉक्टर? बता?
ऐसा मारूँगा न तेरे को!
- फ़ोन करके पूछ? कौन है? नंबर नहीं पता! - नंबर नहीं...
मारो साले को!
भाग, भाग। भाग!
आप सभी लोगों से अनुरोध है कि प्रशासन का सहयोग करें।
और बाहर वाले लोग बाहर ही बने रहें।
और अंदर वाले लोग अंदर रहेंगे!
सभी लोगों का टेस्ट होगा।
और उसके बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
आप सभी लोगों से अनुरोध है कि प्रशासन का सहयोग करें।
हॉल के बाहर वाले लोग बाहर ही बने रहें।
- कद्दू, सुन!
यहाँ बहुत भीड़ है। ठीक है। मैं पता करके आता हूँ।
और तू यहीं पर रहना। जब तक मैं न आऊँ, तू यहीं पर रहना।
- ठीक है। मैं आता हूँ। - हाँ।
गेट खोलो!
पीछे चलिए, पीछे चलिए।
अंकल!
अंकल, इधर!
अरे, अरे!
ये दरवाज़ा खोल!
हम तोड़ देंगे इस गेट को!
पीछे चलिए आप लोग। पीछे चलिए!
वो... वो देखो, वीआईपी लोग दूसरे गेट से निकल रहे हैं!
पुलिस वाले उनकी मदद भी कर रहे हैं! वो भाग रहे हैं! देखो!
ताला खोलो जल्दी!
कोई... किस चीज़ का टेस्ट हो रहा है?
वीआईपी लोगों को कहाँ लेकर जा रहे हैं?
- ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते आप। - वीआईपी लोग को कहाँ ले जा रहे हैं?
- पीछे हट!
पीछे हट!
कद्दू!
- गुच्चू भैया! - बस एक सेकंड। कद्दू!
गुच्चू भैया!
भाग रहा है डॉक्टर! दादा, डॉक्टर...
दादा...
ज्योत्सना, पीछे छुपो!
पीछे छुप!
- ए, किसने मारा? ए!
- सर, सर! - बोल, किसने मारा?
विपिन!
किसने... किसने मारा मेरे बाबा को?
किसकी गलती से मरा मेरा बाबा?
सर। सर, देखिए!
मुझसे गलती हो गई। मेरी गलती है। मुझे माफ़ कर दें।
साले!
मार! मार साले को!
विपिन!
खत्म कर इसे!
विपिन, रुक जा।
गया अब।
मुझे माफ़ कर दो, अनिरुद्ध। मैं बस...
मैं...
गुच्चू भैया!
- गुच्चू भैया!
कद्दू!
कद्दू!
कद्दू!
गुच्चू भैया!
गुच्चू भैया!
कद्दू! कद्दू!
कद्दू! कद्दू!
कद्दू!
कद्दू!
कद्दू, रुक। नहीं, कद्दू। रुक!
ए, संभालकर। संभालकर!
अबे, देखकर चला न!
कद्दू! ठीक है। कहीं लगी तो नहीं तुझे।
चलो यहाँ से। आ जा। आ जा।
गाड़ी में बैठो!
तुम उसे लाए। वह तुम्हारी जूनियर है।
तुम्हें उसकी ज़िम्मेदारी लेनी होगी।
मुझे नहीं लगता कि यह बताने की ज़रूरत है कि तुम यहाँ क्यों हो?
या मुझे है।
सर, हमें मदद की ज़रूरत है।
मुझे बेहद अफ़सोस है। मुझे पता है कि आपके खिलाफ़ गई...
मुझे तुम्हारी गलती की माफ़ी नहीं चाहिए।
मैं चाहता हूँ कि इसे महसूस करो।
क्यों? क्या करवाना चाहती हो?
सर, लोगों का सच जानना ज़रूरी है।
अगर कोई प्रकोप होता है, तो...
- सभी को सच जानना चाहिए... - सच...
हमेशा एक कीमत के साथ आता है।
अगर मानव जान से उसकी कीमत चुकानी पड़े,
तो आपको बहुत सावधान रहना होगा।
आपको क्या लगता है, अब जब मेनलैंड को इस बीमारी के बारे में सबकुछ पता है?
पहली चीज़ वे क्या करेंगे?
- सर... - मैं बताता हूँ।
अंडमान और निकोबार द्वीप पूरी दुनिया से अलग कर दिए जाएंगे।
कुछ और कोई भी नहीं अंदर नहीं जा सकता न बाहर।
टूरिस्ट वापस अपने घर नहीं जा पाएँगे और स्थानीय अपने घरों के बाहर नहीं जा पाएँगे।
बस इतना ही नहीं, इस वक्त हमारे अपने घरों में पानी नहीं है।
और हमारे चारों तरफ़ मीलों तक कोई ज़मीन नहीं है।
अभी नहीं तो चार घंटे, चार नहीं तो 24 घंटो के बाद ये सच सबके सामने आ ही जाता।
पर मुझे उतना वक्त मिल जाता।
कम से कम, कुछ लोगों को इस द्वीप से निकालने का।
पर सर, इस वक्त यहाँ लाखों लोग हैं।
रेस्क्यू फ्लाइट से भी हम कितनों को बचा पाएँगे।
आज सुबह जब मैंने संक्रमण के बारे में सुना।
मुझे तभी पता था।
पता था कि आज शायद मैं कोई सही निर्णय नहीं ले पाता।
पर फिर भी, अगर मैं कुछ हज़ारों को बचा सकूँ,
शायद कुछ सैकड़ों जानें,
फिर यह कम गलत निर्णय होता।
पर सर, इन द्वीपों में लाखों भारतीय नागरिक हैं।
शायद वे इतने कड़े कदम नहीं उठाएंगे।
लेंगे। मुझे पता है कि वे लेंगे।
आप इतने आश्वस्त कैसे हो सकते हैं?
आपको कैसे लगता है कि द्वीप को क्वारंटाइन करना ही उनका एकमात्र विकल्प होगा।
मुझे पता है क्योंकि...
मैं भी वही करता।
हाँ।
ठीक है।
क्या हुआ, सर?
स्विच...
उन्होंने स्विच को फ्लिप कर दिया है।
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