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[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
सीधा
जी [संगीत]
ये ये सब सजावट किस बात की है?
आप दिमाग पर जोर [संगीत] डालकर जरा सोचिए।
ये सब क्या है?
अरे अब इतना दिमाग नहीं है। बताओ ना क्या
बात है?
भैया।
अरे ये क्या है?
अरे भैया आपको काम के सिवा कुछ याद ही
नहीं रहता। आप तो ये भी भूल गए कि आज आपकी
शादी की सालगिरह है।
मैं भूल गया था भाई।
याद आया ना? अरे मोहन इस मौके पर कुछ हो
जाए यार। हो जाए। चलो ले जाओ। मैं भैया को
बुलाता हूं। चलो आओ तो सही।
कहां ले जा रहे हो?
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
भैया मेरे राम [संगीत] जैसे भाभी है खेता
इनके [संगीत] वचन जैसे रामायण और गीता
उनके वतन जय रामायण [संगीत] और गीता
मन मंदिर में
मन मंदिर में [संगीत]
इनको बिठाकर
क्यों ना करे इनकी पूजा
[संगीत] मैया मेरे राम भाभी सीताराम
भैया मेरे राम [संगीत]
भाभी सीता
मैया मेरे राम [संगीत] जैसे भाभी है सीता
जिनके [संगीत] वचन जैसे रामायण और गीता
इनके [संगीत] वचन जय जय रामायण और गीता
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
था जन्म तो दिया हमको मां बाप [संगीत] ने
हो
था जन्म [संगीत] तो दिया हमको मां बाप ने
भैया [संगीत]
भाभी ने
में
हो कोई कांटा कभी भी ना चुभने [संगीत]
दिया। बोलो जैसे संभाला हमें।
प्यार होगा [संगीत]
ना कम। कैसे भूलेंगे हम। भैया भाभी के
उपकार को।
भैया भाभी [संगीत]
के उपकार को।
मैया [संगीत] मेरे राम भाभी सीता
मैया मेरे राम भाभी सीता [संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
जो करना इन्हें वो इन्होंने [संगीत]
किया।
जो [संगीत]
करना इन्हें वो इन्होंने किया फर्ज अपना
निभाएंगे [संगीत]
हम
इनकी आंखों ने देखे जो सपने [संगीत]
यहां सच उन्हें कर दिखाएंगे
हम
प्यार [संगीत] से घर कोई स्वर्ग कैसे बने
हम [संगीत] बता देंगे संसार
को
हम [संगीत] बता देंगे संसार को
जीजा मेरे राम जैसे [संगीत] रहना है सीता
इनके वचन जैसे रामायण और गीता [संगीत]
इनके वचन जैसे रामायण अनीता [संगीत]
मन मंदिर में इनको बिठाकर
क्यों ना करे इनकी पूजा
[संगीत] भैया मेरे राम भाभी सीता
आओ [संगीत]
भैया मेरे राम भाभी सीता
आओ भैया मेरे राम भाभी [संगीत] सीता
आओ भैया मेरे राम भाभी सीता
[संगीत]
चलो सीधे बड़े भैया के पास चलो
हां तो चलो मैं क्या डरती हूं
क्या कहा तुम बड़े भैया से नहीं डरती?
उल्टी बात मत करो। मैं ये कह रही थी मैं
उनके सामने सच बोलने से नहीं डरती।
हां बदलो मत बदलो मत। तुमने कहा कि तुम
बड़े भैया से नहीं डरती वहां।
तुम झूठ बोलकर मुझे मुझे फंसाने की कोशिश
कर रहे हो। अरे तुम झूठ बोल रहे हो। तुम
झूठ बोल रहे हो।
अरे क्या है ये महोबा फिर से हो गई। देखो
बड़े भैया।
मेरी तरफ देखिए जीजा जी।
आप मेरी सुनिए बड़े।
पहले मेरी बात सुनिए जीजा जी। नहीं तो ये
फिर से झूठ बोलेगा।
झूठ तुम बोलती हो।
तुम झूठ बोलोगे। तुम झूठ बोलोगे अरे मोहन
क्या है तू क्यों गीता को साता रहता है?
हां जीजा जी। देखो ना हर वक्त मुझसे लड़ता
रहता है। ज्यादा चालाक मत बन। हर वक़्त इस
बिचारे को सताती रहती है।
अरे जिओ भाभी जिओ जिओ। इस घर में तुम ही
तो सच बोलती हो। वरना आप तो जानती हो इसकी
इतनी लंबी ज़बान है। और मेरे मुंह पे तो
ज़बान ही नहीं है। क्यों?
जीजा जी फिर से झूठ बोला। इसके मुंह में
तो दो गज़ की ज़बान है और बीवी हर वक़्त मुझे
डांटती रहती है और इस बंदर को शय मिल जाती
है।
क्या है ये?
नहीं कुछ नहीं।
अच्छा पहले बताओ। इस वक़्त ये झगड़ा किस बात
पे शुरू हुआ है?
जीजा जी। पहले मैं ना बाथरूम में जा रही
थी। और यह पता नहीं कहां से आ गया तौलिया
लेकर और कहने लगा पहले मैं नहानाऊंगा।
अबे झूठ मत बोल। क्या
इतना क्यों चिल्ला रहा है? आहिस्ता बात
कर। एकदम आहिस्ता चिल्लाना नहीं आहिस्ता।
[संगीत]
क्या बोला कुछ सुनाई जरा जरा जोर से बोल।
पहले मैं नहाने जा रहा था। पहले मैं नहाने
जा रहा था। मैं मेरा पांव बाथरूम के अंदर
ऐसा था और दूसरा ऐसा। [संगीत] कि अचानक
सड़ेले नारियल की तरह ये टपक पड़ी और कहने
लगी मैं नहाऊंगी। मैंने कहा घर में 10 और
बाथरूम है वहां चली जाओ। लेकिन ये कह रही
है कि मैं यहीं रहूंगी।
झूठ मत बोल।
झूठ मत बोल।
मेरा पांव बाथरूम के अंदर था। अबे कुछ तो
शर्म कर चप्पल समेदार आंख में घुसी आ रही
है। कुछ तो शर्म क्या हो रहा है तुम लोग
नल ऐसे लड़ रहे हो जैसे म्युनिसिपालिटी नल
काटेगी कल से घर में पानी नहीं आएगा।
देखो गीता तुम एक काम करो तुम पहले नहा लो
और तुम बाद में नहाना। [चीखने की आवाज़]
मोहन
ये क्या करती है? [हंसी]
झूठ बोले कौवा कांटे।
एक बात कहो।
आप बात पे गीता की तरफदारी मत किया कीजिए।
हम्?
उसका हर घड़ी उछलना हंसी मज़ाक करना मुझे
अच्छा नहीं लगता।
क्यों अच्छा नहीं लगता? अरे वो इस उम्र
में हंसी मज़ाक नहीं करेगी तो क्या बुढ़ापे
में करेगी? या तुम्हारा मतलब है किसी
अंधेरी कोठरी में बैठ कर सारी जिंदगी आंसू
बहती रहे। क्या बात करती हो तुम भी?
उसके भाग्य में हंसीज़ाक खेलना कूदना लिखा
ही नहीं है। [संगीत] वो बाल विधवा है।
सीता।
तुमसे मैंने हजार मर्तबा कहा है कि बाल
विधवा का शब्द बार-बार मेरे सामने मत
दोहराया करो। मुझे नफरत है इस बेहूदा और
दखनों से लफज़ से। वो एक साल की थी जब उसकी
तुम्हारे मां-बाप ने शादी कर दी। उसी उम्र
में उसका पति मर गया तो क्या वो वालविदा
हो गई? [संगीत] ये पुरानी रस्म और युवा
दुनिया से खत्म हो चुके हैं। और एक बात और
जब वो इस घर में आई थी ना तो उसकी पुरानी
जिंदगी खत्म हो गई। अब वही इस घर की बेटी
है। मेरी बेटी और मेरी बेटी बाल विधवा
नहीं है। समझ गए तुम? मत दोहराना इस लफ्ज
को। लेकिन समाज [संगीत] के रस्मो रिवाज और
सभ्यता को ठुकराया नहीं जा सकता।
मैं नहीं मानता इस समाज को और उसकी सभ्यता
को जो औरतों को अपना गुलाम समझता है। जो
समझता है कि औरत उसकी ठोकरों में रहेगी वो
ठोकरें ज्यादा खाएगी वो रोटियां कम खाएगी।
आज समाज में औरत जाति का [संगीत] बहुत
ऊंचा मुकाम है। आज वो मर्द के साथ कांधे
से कांधा मिलाकर समाज का और गृहस्ती का
बोझ उठा रही है। ऐसी छोटी बातें करके औरत
जाति का अपमान मत करो। बहुत ऊंचा मुकाम है
औरत का।
अ भैया मैंने अपने शो के टिकट्स आपको
बेचने के लिए दिए थे। उनका क्या हुआ?
क्या हुआ? मतलब बिक गए। कसम अंग्रेज की
सोल्ड कौन?
तो उसके पैसे कहां है?
अरे बेटी तू किसको टिकट देकर पैसे मांग
रही है? ये बेईमानी की गाड़ी का बिन टिकट
पैसेंजर जो अपने बाप को बेच कर खा जाए वो
तुम्हें पैसे क्या देगा?
तो पिताजी आप कैसी बात करते हैं? मैं भला
आपको कैसे बेच सकता हूं। और अगर बेचूंगा
तो कसम अंग्रेज की कौन खरीदेगा आपको? चल
अब।
अबे ये क्या है?
जी कुछ नहीं।
ये कागज दिखा।
नहीं।
अरे दिखा नहीं तो घर फोड़ दूंगा।
दरअसल ये अंग्रेजी में है।
वो क्या हुआ? मैं लंदन में पड़ा हुआ हूं
अनपढ़ नहीं हूं। ला
वो
दिखा नहीं तो जल्दी कर।
अरे तेरा बेड़ा गर्क। तू मेरे ही सिग्नेचर
की नकल कर रहा है। किस लिए? बोल किस लिए?
वो क्या है ना पिताजी कि भगवान करे कि आप
ना हो। नहीं नहीं मेरा मतलब है कि भगवान
ना करे कि आप ना हो और मुझे पैसों की
जरूरत पड़ जाए। तो [हंसी] मैं कहां आपको
सच करता ढूंढता रहूंगा। इसलिए मैं खुद
आपके साइन करके खुद ही पैसे निकाल लूंगा।
तुम चिंता ना करो मेरे लाल। मैं इतनी
जल्दी ऊपर नहीं जाने वाला। या तो तुम्हें
सुधार कर जाऊंगा या अपने साथ ही लेकर
तुम्हें ऊपर जाऊंगा। चलोगे ना
क्या करता है? चलो बेटे।
सिली ओल्ड मैन।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
कैसे कटी कैसे कटी कैसे कटी हो रामा
[संगीत]
कैसे कटी
बिन रिया कैसे कटी रचाई बिन रिया [संगीत]
कैसे कटी
कैसे कटी
कैसे
[संगीत] बिन रिया कैसे
जाए बिन रिया कैसे
[संगीत]
[संगीत]
16 बरस जिसका देखा था सपना अब के बरस साथ
होगा वो सजना
[संगीत]
एक पल छोड़ेगा
एक पल छोड़ेगा [संगीत] बलवा में दर्दी फिर
पास आएगी कैसे वो सर्दी फिर पास आएगी कैसे
[संगीत] वो सर्दी ऐसे कटी हो ऐसे कटी रजाई
बिन रिया ऐसे कटी रजाई बिन रिया [संगीत]
कैसे कटी
[संगीत]
कैसे
हो कैसे
बिन रिया [संगीत]
कैसे
नचाए बिन रिया कैसे
मछली के मेले [संगीत] वो मेले में झूले
झूले पे सुध बुध जमाने के भूले [संगीत]
लागे मई [संगीत] का महीना भूले से बलमा
बदन ये जो छू ले [संगीत]
भूले से बलमा बदन ये जो छूले ऐसे कटे हो
ऐसे कटी रजाई बिन [संगीत] रसिया ऐसे कटी
रजाई बिन रसिया ऐसे कटी
कैसे कटी [संगीत] कैसे कटी
कैसे हो रामा कैसे [संगीत]
नरिया कैसे
जाएगी [संगीत] नरिया कैसे
एक रोज फिर दर्द ऐसा उठेगा जो ना किसी भी
दवा से [संगीत] मिटेगा
ये सच के कम से ओ मां मर गई [संगीत]
यह सोच के पन से छूटे पसीना।
कैसे-कैसे
वो नौ महीना, [संगीत] कैसे कटेगा वो दो
महीना। अरे आगे तो बोल, क्या हुआ? अकेले
में बताती हूं।
[चीखने की आवाज़]
[संगीत]
[संगीत]
ऐसे कट हो ऐसे कटी रजाई बिन रिया [संगीत]
ऐसे कई
बिन रिया कैसे
बिन रिया कैसे
रिया
[चीखने की आवाज़]
ऐसे क्या देख रहे हो?
मुझे पता नहीं था कि तुम इतना अच्छा नाचते
हो। मैं तो समझता था कि तुम सिर्फ नचाना
ही जानते हो।
तो फिर क्यों नाचते हो? ब्याह कर अपने घर
क्यों नहीं लेके जाते?
इतना आसान है क्या?
क्यों नहीं? जाकर अपने भैया से कह दो हम
दोनों की शादी कर दे। कहूंगा बाबा कहूंगा
वक्त तो आने दो।
आखिर ये आपका वक्त कब आएगा?
बहुत जल्दी आएगा पर अभी मुझे देरी हो रही
है ऑफिस पहुंचना है।
अरे सुनो तो। [संगीत]
मोना
भैया आप यहां?
कसम अंग्रेज की। मैंने इस मॉडर्न लैला
मजनू की सारी बातें सुन ली है।
देखो ना भैया। ये रोज बोलते हैं कि मैं
अपने भैया से बात करूंगा, बात करूंगा।
लेकिन मालूम नहीं क्यों नहीं। अगर ये अपने
भैया से बात नहीं करता तो मैं अपने डैडी
से बात करूं।
सच भैया
लेकिन उसके बदले मुझे मिलेगा क्या?
भैया जो तुम कहो
अरे वाह तो देख मेरी बहना इस अंग्रेज
खोपड़ी का कमाल कैसे डैडी को पटाता हूं।
आ जाओ।
ठीक है चलो।
नमस्ते राम बाबू।
नमस्ते दीनदयाल जी। कहिए
जी वो
कोई खास बात है?
जी हाथ जोड़ के आपसे विनती करने आया हूं।
अरे आप कहिए तो सही क्या बात है?
जी वो मुझे ₹10,000 का कर्ज चाहिए।
कर्ज?
जी हां। उसके बदले में मैं अपना घर आपके
पास गिरवी रखने को तैयार हूं।
दीनदयाल जी।
जी।
कितने बरसों से नौकरी कर रहे हैं आप यहां
पर?
जी 15 साल से।
और 15 साल की नौकरी करने के बाद आपने मुझे
पहचाना नहीं। एक मामूली से ₹10,000 के लिए
मैं आपका मकान अपने पास गिरवी रखूंगा।
मतलब मेरी यह इज्जत है आपकी नजरों में।
गलती हो गई राम बाबू।
क्षमा कर दीजिए।
ये नया जी मैं जिसको अपना कहता हूं ना
अपने दिल से कहता हूं। जबानी जमा खर्च
नहीं है मेरे पास। खैर ये बताइए कि अचानक
अर्जी की क्या जरूरत पड़ गई आपको?
जी। मेरी एक बेटी है। शादी के योग्य हो गई
है। लड़का भी देख चुका हूं लेकिन उन्हें
दहेज चाहिए।
दीनदयाल जी पर पहले तो आपने कभी जिक्र
नहीं किया कि आपकी कोई बेटी है। शादी
योग्य हो चुकी है। नाम क्या है उसका?
जी शीला।
जी
[संगीत]
[संगीत]
नमस्ते बाबू जी
नमस्ते बेटी जी
दीनदयाल जी ये हीरा आपने कहां छुपा रखा था
भगवान की कृपा से बेटी तो काफी समझदार
लगती है आपकी
जी हां बेटी तो समझदार है लेकिन
लेकिन क्या
गरीब की बेटी कितनी ही गुणवान क्यों ना हो
मालिक उसका कोई फायदा नहीं क्योंकि आज की
दुनिया में सबसे ज्यादा गुण दौलत में होते
हैं। दहेज की चमक दिखा दो तो बुराइयां भी
अच्छाइयां दिखने लगती है।
नहीं दीनदयाल जी आपका ख्याल गलत है। आज की
दुनिया में भी ऐसे लोग मौजूद है जो
अच्छाइयों को दौलत समझते हैं और सिर्फ
दौलत को बुराई समझते हैं।
हां होंगे लेकिन मालिक मैं ऐसे लोगों को
कहां तलाश करता फिरूंगा। तो यूं समझ लीजिए
कि आपकी बेटी के लिए ऐसा घर मैंने तलाश कर
लिया है।
सच मालिक?
हां लेकिन
लेकिन क्या मालिक?
वो घर चार भाइयों की साझेदारी का घराना
है। क्या आप अपनी बेटी के लिए ऐसा घर पसंद
करेंगे?
जी मालिक अगर वो मेरी बेटी को पसंद करें
तो मैं तो गंगा नहा लूंगा। मैं कौन होता
हूं ना पसंद करने वाला।
अगर ऐसी बात है तो चलिए आज से आपकी बेटी
हमारी बेटी हुई।
ये ये आप क्या कह रहे हैं मालिक?
आपकी बेटी शीला को मैं उसी के लिए पसंद कर
रहा हूं।
बिल्कुल नहीं। पहले खबर मैं सुनाऊंगी।
बिल्कुल नहीं। सोहन भैया को Telegram
मैंने दिया है। इसलिए पहले खबर मैं
सुनाऊंगा।
अरे वाह! Telegram तुमने दिया है तो खबर
भी तुम ही सुनाओगे।
और तो क्या?
पोस्टमैन मनी ऑर्डर लाएगा तो पैसा वो रख
लेगा क्या? ऐसा होता है क्या?
देखा मुझे इरिटेट मत कर दो घुमा के। ऐसा
झापड़ मारूंगा।
शट अप।
यू शट अप।
यू श? यू शट अप। यू? आई सेड यू शट अप।
यू शट अप। श?
भैया क्यों हमेशा लड़ते रहते हो तुम दोनों।
भैया। देखिए ना। मैं तो सुबह से चुप हूं।
और ये अकेला ही बिगड़े हुए रिकॉर्ड की तरह
बजता ही जा रहा है।
मैं बिगड़ा हूं रिकॉर्ड एक अरे बंद करो।
अच्छा ये बताओ भाभी कहां है? भाभी क्यों?
आप यही जानना चाहते है ना कि मैंने आपको
Telegram क्यों भेजा? दरअसल बात ये है
भैया। क्या है?
आपकी शादी पक्की हो गई।
क्या?
शादी और मेरी?
हां। क्यों? क्या हुआ?
अरे मैं नहीं करना चाहता शादी वादी।
क्यों? क्यों? क्यों क्यों? अरे अभी मेरी
पढ़ाई बाकी है। मैं नहीं पढ़ना चाहता इस
जंजाल में।
आ हा हा पढ़ाई बाकी है। जंजाल में नहीं
पढ़ना चाहते। अरे यहां क्या रोप झाड़ रहे हो
भैया? अगर हिम्मत है तो जाकर बड़े भैया से
कहो कि आप शादी नहीं करना चाहते।
हिम्मत है?
अभी क्या कर रहा था? [हंसी]
भैया हिम्मत मत छोड़ना।
अब बड़ा मजा आएगा।
[संगीत]
एडियट।
यू इडियट।
भैया!
अरे
आजा। ह
जीते रहो।
अरे जीता रे। ये क्या अचानक छुट्टी मिल
गई?
अरे अभी तो शादी की खबर मिली तो दौड़ा चला
आया। जब शादी हो जाएगी तो घर से बाहर
निकलने का नाम नहीं लेगा।
मेरी शादी तय करने से पहले मुझसे पूछ लेना
चाहिए था।
पूछ लेना था। बुआ ये कैसी बात कर रहा है
ये?
सोहन,
अब क्या छोटों की शादी के लिए बड़ों को
छोटों से पूछना पड़ेगा? ठीक है बुआ ठीक है
इसका मतलब मैं समझ रहा हूं पन्नालाल जी
मैं आपसे [संगीत] माफी मांगता हूं ले जाइए
इन सब चीजों को
ऐसी बात नहीं है भैया आप मुझे गलत समझ रहे
हैं [संगीत] मैं मैं तो मैं तो अपने
सिद्धांत की बात कर रहा था
हां भाई बहुत बड़ी गलती हो गई तुम्हारे
सिद्धांतों को जाने बगैर मैं अपने अधिकार
समझकर अपना हक समझ कर तुम्हारा ब्याह
पक्का कर बैठा [संगीत]
लेकिन मैं कमबख्त भूल गया कि मेरे हक और
मेरे अधिकारों की भी एक सीमा है और मैं
जज्बात के रोह में बहते-बहते उस हाथ की
सीमा को पार करके चला गया। कोई बात नहीं
मैं जाकर अभी लड़की वालों से कह देता हूं
और रिश्ते को तुड़वा देता हूं। अब फिर
क्या होगा? मैं उनके सामने झूठा ही तो पड़
जाऊंगा। दुनिया कहेगी कि राम के दिन क्या
फिर उसकी बुद्धि फिर गई। चार पैसे क्या
अकल चली गई उसकी। अपने छोटे भाइयों पे ऐसे
अधिकार जमाता फिरता है जैसे वो उसके भाई
नहीं उसके बेटे हैं। उसकी औलाद है। मगर
[संगीत]
सही बात ये है बेटा कि मैं वाकई जज्बात के
रूप में बहते-बहते अपनी
अपनी औकात भुला बेटा। [संगीत] अरे इन
हाथों से तुम्हें पाला तो क्या हुआ? मैं
तुम्हारा पिता तो नहीं हूं ना। तुम्हारा
सिर्फ बड़ा भाई हूं। मेरा ये जो सर है ना
ये तुम्हारा गुनहगार है। इसको दुनिया के
कदमों में झुक जाने दो। [संगीत]
ठोकरे खाने दो उसको। मुझे माफ कर दो बेटा।
नहीं बड़े भैया। फिर कभी दोबारा अपनी
जुबान पर ऐसी बात मत लाना। ये सर हमारे
भगवान का है। हम [संगीत] अपना सर काट के
दुनिया की ठोकरों में डाल देंगे। लेकिन
अपने भाई का सर कभी झुकने नहीं देंगे।
यह कौन कहता है कि आप हमारे बड़े भाई हैं।
मां बाप, रिश्तेदार, भाई जो कुछ भी हैं आप
हैं। और कोई नहीं। [संगीत]
मैं जो मैं जो अपने सिद्धांत की बात कर
रहा था तो मेरा सिद्धांत मेरा धर्म मुझे
यह कहता है कि आपको मुझे तार देकर बुलाने
की भी कोई जरूरत नहीं थी।
बाप बेटों को हुक्म दिया करते हैं। तार
देकर उनकी आज्ञा नहीं लिया करते भैया।
[संगीत]
अरे तू कहां जा रही है?
वहां तिलक लगाने।
वहां तो बड़ी-बूढ़ी औरतों का काम है।
तुम्हें वहां नहीं जाना चाहिए बिटिया।
क्यों नहीं जा सकती?
अब मैं तुम्हें कैसे समझाऊं?
समझाने की क्या जरूरत है बुआ? तुम चाहती
हो मैं नहीं जाऊं?
हां।
मैं तो जाऊंगी। [हंसी]
[संगीत]
भाभी को तलक मैं लगाऊंगी।
[संगीत]
क्यों सोहन भैया शादी के लिए कैसे ना कर
रहे थे और फेरों के वक्त ऐसे भाग रहे थे
जैसे ओलंपिक की रेस में दौड़ रहे हो।
[हंसी]
चलो चलो भैया ये तो बोलती रहेगी। आइए चलिए
साहब चलिए।
[संगीत]
[घंटी की आवाज़]
[संगीत]
[हंसी]
सुंदर अति सुंदर कैसी चांद जैसी बहू आई है
इस घर में सारा घर रोशन हो गया मगर इस शुभ
अवसर पर एक अपशगुन हो गया अच्छा नहीं हुआ
अपशगुन कैसा अपशगुन अब क्या कहूं बहनों
बहू की चौखट पर पैर रखते ही वो बाल विधवा
है ना गीता आके बहू को तिलक लगा गई राम
राम ये तो बहुत बुरा हो गया अरे उसे रोका
क्यों नहीं? उसे रोकने की हिम्मत किसे है
जी?
क्यों? क्यों नहीं रोक सकते उसे?
वो सीता की लाडली ठहरी।
लाडली है तो क्या हुआ? किसी सुहागन का सजा
सजाया घर थोड़ी ना उजाड़ेगी।
[संगीत]
ये क्या हो रहा है? अरे तुम लोग धक्का
क्यों मार रहे हो?
अरे धक्का कौन मार रहा है भैया?
ये क्या जबरदस्ती है?
जबरदस्ती कैसे नहीं। इतनी मुश्किल से भाग
रहे हो। अब चलो। [हंसी]
तुम लोग
अरे भैया घबरा के बाहर मत भागना।
होता है। होता है भैया होता है। [हंसी]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
क्या मैं
इस चांद से चेहरे को देखने की हिम्मत कर
सकता हूं। [संगीत]
[घंटी की आवाज़]
[संगीत]
अरे
क्या हुआ? जिस चांद को तुम देखने आए हो
उसे तो आते ही इस घर की चौखट पर ग्रहण लग
गया। [संगीत]
ग्रहण
कैसी बात कर रही हो? कोई उल्टी सीधी बात
हो गई क्या?
हो नहीं गई। जानबूझ कर की गई। घर में कदम
रखते ही उस मनुष्य ने मेरी किस्मत को अब
शुभगुनी का दाग लगा दिया।
कौन? [संगीत]
किसकी बात कर रही हो?
वही जिसने मेरी आरती उतारी। जिसने गौना
होने से पहले अपना सुहाग खो दिया। वो बाल
विधवा गीता
शीला [संगीत]
[संगीत]
शीला
कैसी बात कर रही हो? वो तो बच्ची है। उसे
तो आज तक अपने जीवन के दुर्भाग्य के बारे
में कुछ भी नहीं मालूम।
ओह उसे नहीं मालूम। लेकिन घरवाले तो जानते
थे ना क्या आपकी भाभी का धर्म नहीं बनता
कि उस बाल विधवा का साया भी नौ ब्याहता
जोड़े से दूर रखें। [संगीत]
देखो शीला
आज हमारी सुहागर रात है।
इस रात सबसे पहले तुम्हें एक बात बता दूं।
जाओ अपने भेजे के गिर में गांठ बांध कर रख
लो। भाभी के सामने या [संगीत] उनकी पीठ पर
कभी कोई गलत बात मत कहना। क्योंकि भाभी
हमारी भाभी नहीं हमारी मां है। और अपनी
मां के खिलाफ हम एक शब्द भी नहीं सुन
सकते।
इसका मतलब मैं
एक बात और इस घर का उसूल है बड़ों की
इज्जत और छोटों को प्यार और इस घर में
रहने वाले हर इंसान को ये उसूल मानना
पड़ेगा।
साफ-साफ क्यों नहीं कहते कि मैं इस घर में
नौकरानी बनकर आई हूं। लेकिन एक बात कान
खोल कर सुन लीजिए। अगर आपकी भाभी इस घर की
बहू है तो [संगीत] मैं भी इस घर में बहू
बनकर आई हूं। नौकरानी नहीं।
वाह! वाह वाह वाह। घर में कदम रखे की रात
नहीं हुई और अपना हक जताना शुरू कर दिया।
क्यों नहीं जताऊंगी? आज तो सिर्फ गीता ने
किया है। कल कोई और मेरे साथ कुछ भी कर
सकता है। तो क्या मैं चुप रहूंगी?
अपनी पागल घोड़े जैसी जुबान को लगाम दो।
तुम्हारी जली कटी बेहूदा बातें अगर किसी
ने सुन ली तो।
तो क्या करेंगे?
तुम मेरी किस्मत पर रोएंगे। कहेंगे सोहन
की किस्मत की अर्थी उठ रही है।
अरे अर्थी तो मेरी किस्मत की उठ रही है।
मेरे भाग उठे जो मैं इस घर में आई।
बस बस बस। ये सुहागर रात नहीं दुर्भाग्य
रात है। लानत है मुझ पर। मैंने भी
क्या-क्या सोचा था। मां तो बचपन में मर गई
थी। उसकी शक्ल तक याद नहीं मुझे। हां।
सिर्फ भाभी को देखा। अपनी मां के ही रूप
में देखा। भाभी का स्वभाव और चरित्र देखकर
ऐसा लगा कि सारी दुनिया की औरतें ऐसी
होंगी।
[संगीत]
लेकिन आज तुम्हें देखकर, तुम्हारी जहरीली
जुबान देखकर, उससे गिरते हुए कांटों जैसे
शब्द सुनकर [संगीत] मुझे औरत जा से नफरत
होने लगी है। नफरत।
[संगीत]
[संगीत]
हम भी हैं। तुम भी हो। ओ दोनों है सामने
सामने
देख लो
क्या
अरे क्यों फटे हुए बांस की तरह चिल्ला कर
मोहल्ले वालों का सर दुखा रहे हो
देख लो
क्या सर
ए मोहन
कर लिए
बेचारे हारमोनियम पर तरस खाओ बेचारे
कबूतरों पर तरस खाओ सबको बुखार चढ़ा जा
रहा है
अरे जा ना यार गधा क्या जाने जाफरान की
कदर बाजार में ₹1000 तोला मिलता है लेकिन
गधा तो उसे घास समझ कर खा लेता है।
हम भी हैं।
तुम भी
संगीत सम्राट पंडित मोहन यूं पेटी बाजे
में मुंह डालकर हिन हिनाने से कौवा कोयल
तो नहीं बन जाता। इसके लिए गले में सुर
चाहिए, सोच चाहिए, आवाज चाहिए जो आपके पास
तो है नहीं।
अरे ओ सांस और आवाज वाली। जरा सुर लगा के
दिखा। अभी पता चल जाएगा कौन कौवा है और
कौन कोयल है। हां। अरे ओ
हां
बाजे का सुर मिलाकर तो गूंगा भी गा सकता
है। बगैर सुर लगाए गा तो माने।
अच्छा
हम तो ठीक है चल मेरे साथ।
कहां?
तुझे गाने से मतलब है चल मेरे साथ गाना
सुनाता हूं।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
मैं तुमसे प्यार करता हूं। कहां [संगीत]
के प्यार करता हूं दीवाना वार करता हूं।
मैं तुमसे [संगीत] प्यार
करता हूं।
ना [संगीत]
[संगीत]
छोड़ो
मैं तुमसे प्यार करता [संगीत] हां हां जी
प्यार करता दीवाना वार करता हूं मैं
[संगीत] तुमसे प्यार
करता हूं
दीवाना बोलो मेरे आना
[संगीत]
छोड़ा
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
ये [संगीत] दिल चाहे मत तुझको देखा करूं
बिना [संगीत] दे तुझको मैं जी ना सकूं
ये दिल चाहे मत तुझको [संगीत]
क्या करूं बिना देखे तुझको मैं जी [संगीत]
ना सकूं
हुआ प्यार तो प्यार क्यों [संगीत] ना करूं
किया प्यार तो क्यों किसी से [संगीत]
डरो
मेरी बात ना मानो पहले यार छोड़ो पहली बात
[संगीत] मेरी
छोड़ो ना छोड़ो मैं तुमसे प्यार [संगीत]
करता हूं। हां प्यार करता दीवाना वार करता
हूं। मैं तुमसे प्यार [संगीत]
करता हूं।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
तुम्हें पूजता है दीवाना ये [संगीत] दिल
मोहब्बत के मंदिर की मूरत हो तुम्हें
[संगीत]
पूजता है दीवाना [संगीत]
ये दिल मोहब्बत के मंदिर की मूरत हो तुम।
[संगीत] तुम्हें देख कर हो जाए [संगीत]
तुम। कयामत से पहले कयामत हो तुम। जा होश
में [संगीत] आओ लालू मुझको बहकाऊं
कैसे [संगीत]
छोड़ो
मैं तुमसे प्यार करता हूं [संगीत] कहां
प्यार करता हूं दीवाना वार करता हूं
[संगीत] मैं तुमसे प्यार
करता हूं [संगीत]
ऐसी बात ना बोलो दिल की याद ना
[संगीत]
होम
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
अरे अरे बहू ये क्या कर रही हो? तुम्हारे
पैर भारी है। जाओ कमरे में जाकर आराम करो।
ओफो दीदी आप हमेशा यही कहते रहते हो जाओ
अपने कमरे में आराम करो। मेरा भी तो कोई
कर्तव्य बनता है ना। अपना कर्तव्यवर्तव्य
झाड़ू मारते समय कचरे के साथ घर से बाहर
फेंक दिया करो। इनके होते हुए किसी की कुछ
नहीं चलेगी। इनको हमारा काम अच्छा नहीं
लगता, बहुत बुरा लगता है।
[संगीत]
अब खुद ही देख लो। मैं इसीलिए मना कर रही
थी कि यहां मत आया करो। कितनी मेहनत से
बनाए थे ये लड्डू। सब नाश हो गए ना?
हां हां। आप तो हर वक्त यही इल्जाम लगाती
रहती हैं कि मैं इस घर का नाश करने आई
हूं। अरे जरा से लड्डू क्या गिर गए? आप
लगे ताना मारने, बुरा भला बोलने। बहू क्या
कह रही हो तुम? मैंने कुछ गलत कहा क्या?
और नहीं तो क्या? आपके इशारों की जबान
[संगीत] मैं समझ सकती हूं। आपके नरम भाषा
के अंदर छुपे हुए भालों को देख सकती हूं।
आप क्या समझते हैं? मुझे रसोई का काम नहीं
आता। माफ करना भाभी। मेरा बाप गरीब जरूर
है लेकिन भिखारी नहीं। बस करो शीला बस
करो। मैंने तो साधारण सी बात कही थी।
तुमने तो बात का वतनगढ़ बना दिया।
हां हां। बात का वतन गढ़ बनाना तो सिर्फ
मुझे ही आता है। आप तो सिर्फ यही चाहती
हैं कि लोग आप ही के गुण गाएं और हमारी
सिर्फ बुराइयां करें। अगर आपके जुल्म के
छत्रछाया में रहकर हमें यही दिन गुजारने
हैं तो यही सही।
चलो दीदी।
[संगीत]
चलो। [संगीत]
शीला [संगीत] बहन ये तुमने अच्छा नहीं
किया। बड़ी भाभी बिल्कुल ऐसी नहीं है।
उनके दिल में हमारे लिए कोई मैल नहीं
[संगीत] है। वो हमें साफ दिल से चाहती है।
दिल से चाहती है। अरे अगर दिल से चाहती ना
तो हमारे घर आते ही दूसरे दिन चाबियों का
गुच्छा तुम्हारे हाथ में दे देती। दी
चाबियां तुम्हारे हाथ में ठेंगा मेरा।
दर्शन तक नहीं कराए उसके। बस अपनी कमर में
ठोसे मटकती रहती है महारानियों की तरह।
दिल में मैल नहीं है। अरे उनका दिल तो
सिर्फ मैल से भरा हुआ है। सारी दुनिया का
साबुन मिलाकर उस मैल को साफ नहीं कर सकती।
छोटी वैसे तुम बकब-बक बहुत करती हो। लेकिन
यह जो चाबियों वाली बात तुमने कही कुछ-कुछ
ठीक लग रही है। [संगीत]
भाभी
अरे सोहन तू कब आया?
अभी आया हूं। भैया की तबीयत अब कैसी है?
तबीयत वो तो ठीक है।
ठीक है। तो फिर मुझे Telegram किसने भेजा
था?
Telegram
किसने भेजा था? श्याम तुमने तो नहीं भेजा।
मैंने? नहीं तो?
मैंने भेजा है।
आपने?
हां। क्योंकि मैंने फैसला किया कि सोहन अब
यहीं रहेगा और कारोबार में मेरा हाथ
बटाएगा।
मैं भैया?
हां तुम।
लेकिन भैया यह हक तो श्याम भैया का है।
भैया का जो भी आदेश है वो हमारे लिए धर्म
और फर्ज है। तुम्हें भैया की बात माननी
पड़ेगी।
लेकिन ये मेरी पढ़ाई का आखिरी साल है।
भाभी भैया का हुकुम मेरे सर आंखों पर
लेकिन एक ही साल की तो बात है।
सोहन ठीक कह रहा है।
जब मैंने फैसला कर लिया है कि सोहन यहीं
रहेगा मतलब वो यहीं रहेगा। बस
जिद मत कीजिए। विद्या की कीमत एक अनपढ़ से
पूछिए।
इस दौलत के बिना इंसान अपने आप को बहुत
गरीब महसूस करता है। मेरी बात मानिए। सोहन
को डॉक्टरी पूरी कर लेने दीजिए।
भाभी ठीक कह रही है भैया। भाभी की बात मान
लीजिए। और फिर मैं हूं ना आपकी सेवा करने
के लिए।
ठीक है। लेकिन तुम अकेले और मैं चाहता हूं
कि सोहन मेरे साथ रहे। इसलिए मुझे कोई
फज़ूल बहस नहीं चाहिए क्योंकि बुजुर्गों ने
कहा है एक से दो भले होते हैं। सुनहन या
मुझे [संगीत] तुमसे काम है।
एक काम करो पहले जाकर शीला से मिल लो।
[संगीत]
तुम्हारा इंतजार कर रही है। मैं कह रहा
हूं ना जाओ।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
कैसी हो शीला?
सब कुछ खत्म होने के बाद मुझसे पूछते हो।
कैसी हो शीला?
आपके पास जरा सी अकल नहीं थी तो मुझसे पूछ
लेना था।
क्या पूछ लेना था? इतना बड़ा कारोबार हाथ
से निकल गया और मुझसे पूछ रहे हो। अब मुझे
पूरा विश्वास [संगीत] हो गया है कि आप में
रति भर की अकल नहीं है। खुद भी डूबेंगे और
साथ मुझे भी डूबाएंगे। वहां सबके सामने कह
दिया कि कारोबार चलाने का हक तो मजले का
है। उसे ही चलाने दो।
[संगीत]
एक बात कान खोल कर सुन लो शीला। हक किसी
का भी हो। लेकिन इस घर के मामलात में
बोलने का तुम्हारा कोई अधिकार नहीं। समझी?
हां हां। मुझे क्यों होने लगा? इस घर का
हक अधिकार तो सिर्फ आपकी उस भाभी का है।
वही आपके लिए सब कुछ है। मैं तो कुछ नहीं
हूं। पैर की जूती नहीं जूती के धूल के
बराबर नहीं।
क्यों हर वक्त जहर उगलती रहती हो। देख
लेना एक दिन इसी लगाई बुझाई की आग में
जलकर तुम खुद राख हो जाओगी।
अब और क्या राख होंगी? मैं तो उसी दिन
जलकर भस्म हो गई थी। जिस दिन मेरे पिताजी
ने मुझे आपके बल्ले बांध दिया था।
अगर ऐसी बात है तो और क्यों जल रही हो?
चली जा वापस अपने बाप के घर।
मैं क्यों जाऊं? हम शरीफ घराने की
लड़कियां हैं। डोली में आती है और अर्थी
पर जाती है। [संगीत]
अर्थी पर खुद नहीं जाती बल्कि घर की इज्जत
की अर्थी निकालती है। सुख और शांति को
अर्थी पर लिटा कर भेजती है।
अगर मैं इतनी ही बुरी हूं तो अपने हाथों
से मेरा गला घोट कर मुझे मार क्यों नहीं
देते?
मैं क्यों मारूं? मेरे लिए तुम उसी दिन मर
गई थी। जब पहली रात को अपनी गंदी जुबान से
इस घर के लिए जहर उगला था। मैं ही बेशर्म
हूं जो आज तक तुम्हारे लिए जीता रहा। सो
शायद वक्त के साथ दिल का मैल और जुबान का
जहर खत्म हो जाएगा। मगर नहीं। आज से मैं
तुम्हारे लिए मर गया और तुम तुम मेरे लिए
मर गई। [संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
एंगल टू द थर्ड एंगल।
अरे मोहन।
मत सुनो मुझे तुमसे कुछ
[संगीत]
अरे अरे मालूम है मालूम है बड़े किताब के
कीड़े हो जरा सी पाउ सेकंड मेरी बात भी
नहीं सुन सकते
पाऊ सेकंड
बातें कर कर के मेरी पाऊ जिंदगी चबा कर खा
गई है जब भी आती है एक मिनट बात का बहाना
बनाती है और 1 घंटे बिना रुके बक बकबक कर
के मेरी दिमाग को दही बड़े की तरह चाट कर
चली जाती है और इडियट बोलती है पाउ सेकंड
इडियट
तो ठीक है अगर मेरी बातों से तुम्हारे
दिमाग की दही बन जाती आती है तो मैं जाती
हूं।
हां जा।
देखो मैं चली जाऊंगी।
अरे जा ना भाई तू जा तू।
अरे एक बार रोक कर तो देखो। कसम से बड़ी
जबरदस्त खबर लाई हूं।
लगता है इस साल मैं पास नहीं होऊंगा। नहीं
होऊंगा पास।
कोई बात नहीं। अगले साल हो जाना।
अच्छा बाबा बोल जल्दी बोल। जल्दी बोल।
आ हां ये हुई ना बात। हां तो सुनो। वो
तुम्हारे दो नंबर के भाई है ना? श्याम
भैया। अरे दिन हो या रात। एक बार अपने
बेडरूम [संगीत] में घुस जाते हैं तो बाहर
आना ही भूल जाते हैं। और भाई नंबर तीन
यानी [संगीत] सोहन भैया अव्वल तो वो अपने
बेडरूम में घुसते ही नहीं। और अगर भूले
भटके घुस भी जाते हैं [संगीत] तो घुसते ही
फौरन बाहर भाग आते हैं। अरे ऐसे भागते हैं
कि शहर ही छोड़ जाते हैं।
तेरी बात तो सच है। [संगीत]
ए
[संगीत]
ए एडियट
हां
क्या सोच रही
मुझे नंबर चार की चिंता है वो क्या करेगा
नंबर चार नंबर चार तो मैं हूं मैं क्या
करूंगा
क्यों ब्लडी एडिया मुझे सताती है मुझे
पढ़ने नहीं देती तेरा टाइम खराब करती है
मार खाएगी आज छोडूंगा नहीं भागेगी तू मार
दूंगा
मैं सोहन का एक करीबी दोस्त आपको यह खत
लिख रहा हूं हम दोनों एक ही कॉलेज में
पढ़ते हैं बड़े दुख के साथ आपको सूचित कर
रहा हूं कि सोहन गलत रास्ते पर भटक गया
उसने बुरी तरह शराब पीनी शुरू कर दी है।
[संगीत]
आ [संगीत]
[संगीत]
भैया
आप [संगीत]
क्या है बहुत दिन हो गए अपने छोटे भाई
सोहन को देखा नहीं था ना बहुत याद आ रही
थी उसके तो ऐसे ही चला आया
और फिर मैंने अपने छोटे भाई का यह चेहरा
तो देखा ही नहीं था कभी।
मैं कभी सोच भी नहीं सकता था मेरा भाई ऐसा
भी हो सकता है।
पढ़ाई के बहाने हॉस्टल में आ के रहा और
अच्छी पढ़ाई कर रहे हो बेटा। लेकिन एक बात
बताओ ये पढ़ाई कौन से कॉलेज में किससे
हासिल कर रहे हो?
भैया
[संगीत]
आप मुझे गलत समझ रहे हैं।
अब समझने को राय है क्या सोहन? और फिर
इंसान समझता तो तब जब उसे कुछ दिखाई नहीं
देता। यहां तो सब कुछ मेरी आंखों के सामने
है। तुम्हारे होठों से आती हुई शराब की
बू, हाथों में लगे हुए ये कोठे के फूल
ये सब मेरे छोटे भाई की गुमराही का सबूत
दे रहे हैं।
नहीं भैया आप जो देख रहे हो वो [संगीत]
सच्चाई नहीं है। आप नहीं जानते कि असलियत
क्या है?
तुम अभी बच्चे हो स्वर्ण मैं जानता हूं।
एक-एक बात जानता हूं।
शीला के हाथों तुम्हारा दिल टूटा है।
[संगीत] इसीलिए तुम तुम अपनी जिंदगी
बर्बाद कर रहे हो।
[संगीत] यही बात है ना?
हां भैया तो गलत कर रहे हो। मैं मानता हूं
कि शीला ने तुम्हारे जज्बात, तुम्हारे
एहसास को ठेस पहुंचाई है। तुम्हें वो
इज्जत नहीं दी जो एक पत्नी के हाथों पति
को मिलनी चाहिए। [संगीत] मगर वो तो बेवकूफ
है। तुम तो समझदार थी ना?
तुमने भी जिद का जवाब जिद से दिया। मेरे
भाई मेरे इस दुनिया में जिद का जवाब जिद
से नहीं होता और अगर होता तो दुनिया कब की
बर्बाद हो गई होती? जिद का एक ही जवाब है
और वो है समझौता। [संगीत]
आप उसे नहीं जानते भैया। मैंने उसे समझाने
की बहुत कोशिश की। उसकी जुबान से शब्द
नहीं जहर गिरता है। लोग किसी को तलवार से
इतना घायल नहीं कर सकते जितना वो अपने
शब्दों से कर सकती है। आप देखना भैया। आप
गवाह रहना। यह जहरीली औरत एक दिन हमारे
पूरे खानदान के टुकड़े-टुकड़े करके रख
देगी। सबको बर्बाद करके रख देगी। तू एक
काम कर सुहान
तेरा ये भाई जितने दिनों तक जिंदा है ना
थोड़े ही दिन बाकी है शायद।
तब तक अपने आप को हर बुराई से बचा के
रखना।
जिस दिन ये मर जाए तो अपने हाथ से कफन में
लपेट के चिता पर लेटा देना। फिर जो मन है
सो करना। भैया नहीं भैया मुझे और शर्मिंदा
मत कीजिए [संगीत] मुझे माफ कर दीजिए भैया
मुझे माफ कर दीजिए मैं कसम खाकर कहता हूं
मैं आज के बाद शराब कभी नहीं पिऊंगा कभी
नहीं पिऊंगा भैया
[संगीत]
सच
तो चल
चल घर चलते हैं आज के बाद तू यहां नहीं
रहेगा चल
नहीं भैया मैं इज्जत की ऊंचाई से बेइज्जती
की खाई में गिर गया हूं
और जब तक उस ऊंचाई को फिर से हासिल नहीं
कर लेता मैं अपना कलंकित चेहरा आपको नहीं
दिखाऊंगा भैया। हां भैया मुझे आशीर्वाद
दीजिए। क्या मैं अपना वचन निभा सकूं? मुझे
आशीर्वाद दीजिए भैया।
[संगीत]
मोना दीदी, तुम वहां जा तो रही हो, लेकिन
वहां जाकर बैठ नहीं जाना, गोद भरते ही
वापस चली आना।
अब ये सब तो भगवान के हाथ में है शीला।
कोई मेरे बस की बात थोड़ी है।
अरे हां बात पर से बात याद आई। तुम्हें
पता है मेरे सुहागरात के समय तुम्हारे
देवर और मेरे पति ने सख्ती से मुझे क्या
आर्डर दिया था? क्या आर्डर दिया था? यही
कि नई बहू को अगर इस घर में रहना है और
सुख की जिंदगी गुजारना है तो मेरी भाभी के
चरणों की धूल बनकर रहना होगा।
क्या? हां दीदी। तुम्हारी कसम झूठ बोलूं
तो मरते वक्त पानी नसीब ना हो। उन्होंने
तो यहां तक भी कहा था कि बड़े तो एक तरफ
यहां तो छोटों का भी हुकुम मानना पड़ेगा।
जिसने बुलाया दौड़ कर पहुंच जाना। एक मिनट
की भी देरी होने ना पाए। सर झुका कर सबका
हुकुम मानते रहना।
अच्छा सर झुका कर। तो इन लोगों को बहू
नहीं गुलाम चाहिए।
अरे दीदी गुलाम भी हजार गुना अच्छे होते
हैं। यह तो सिर्फ आप हैं जो सब चुपचाप सह
कर भी मुंह नहीं खोलती। अब मुझे तुम्हारी
एक-एक बात समझ में आने लगी है छोटी बहू।
हां [संगीत] 11:00 बज गए। अरे ये क्या
गाड़ी का समय हो रहा है और मोहन अभी तक
नहीं आया।
लो आप मोहन के इंतजार में थी। अरे उस
लफंगे को तो हम लोगों के लिए एक मिनट की
फुर्सत भी नहीं। बस 24 घंटे गीता के साथ
उछल कूद मौज मस्ती में मगन रहता है।
मौसम ये सुहाना
है।
मेरा [संगीत] दिल भी दीवाना
है।
मौसम ये सुहाना
है। [संगीत]
मेरा दिल भी दीवाना
है। [संगीत]
आज जाने की जिद ना करो।
आज जाने की [संगीत] जिद ना करो। हाय दिल
को मुश्किल मनाना है।
दिल को मुश्किल मनाना है। [संगीत]
मौसम को बहाना
है।
तुम्हें [संगीत] मुझको सताना है।
मुझे रोको ना जाने भी तो
मुझे रोको ना जाने भी दो है दिल का दुश्मन
[संगीत]
जमाना है
दिल का दुश्मन जमाना है [संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
तेरी चाहत की खुशबू हवाओं में है। तेरी
उल्फत की रंगत फिजाओं में है।
[संगीत]
तेरी चाहत की खुशबू हवाओं में है, तेरी
उल्फत की रंगत [संगीत] फिजाओं में है।
ये पता
लगे [संगीत]
क्या
तेरी निगाहों में है, निगाहों में है।
मुझे रोको ना जाने [संगीत] दे दो
मुझे रोको ना जाने दो हाय का दुश्मन
[संगीत] जमाना है
दिल का दुश्मन जमाना
है
[संगीत]
मौसम ये सुहाना
है
मेरा दिल भी [संगीत] दीवाना
ओम
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[चीखने की आवाज़]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
सबसे कह देगी फूलों भरी बादियां
चुगली खाएंगी ये [संगीत] महंगी तनहाइयां
[घंटी की आवाज़]
[संगीत]
सबसे कह देंगी फूलों पर ये वादिगियां
चुगली खाएगी ये महंगी [संगीत] तनहाइयां
बाद मुद्दत के मिलने [संगीत] का मौका
मिला। फिर दोबारा ये मौका मिलेगा कहां
मिलेगा कहां? आज जाने की जिद ना करो।
आज जाने की जिद [संगीत] ना करो। हाय दिल
को मुश्किल मनाना [संगीत]
है।
दिल को मुश्किल मनाना है। [संगीत]
मौसम तो बहाना
है।
तुम्हें [संगीत] मुझको सताना है।
आज रोको [संगीत] ना जाने भी दो।
मुझे रोको ना जाने भी दो हायर दिल का
दुश्मन जमाना है
दिल को [संगीत] मुश्किल मनाना
है
दिल [संगीत] का दुश्मन जमाना
है
दिल [संगीत] को मुश्किल मनाना
है
[संगीत]
अरे सुन तो हम्।
अ एक बात कहूं, बुरा तो नहीं मानेंगे?
अगर बुरा मान भी गई, तब भी बुरा नहीं
मानूंगी। क्या है?
अच्छा, रुक-रुक।
अ
नहीं शर्म आती है मुझे।
हां? तो, ठीक है, मैं जाती हूं।
अरे, सुन, सुन, अरे, कहां जा रही है? अ
तुम
भाभी मां से बात करो ना।
कैसी बात?
अरे, सुन तो पहले बात तो सुन। अ हमारी
शादी की?
शादी की बात? मैं करूं दीदी से।
ओ नहीं नहीं मुझसे नहीं होगा। तुम ही भैया
से बात करो ना।
मैं मैं भैया से
इसमें घबराने की क्या बात है? अच्छा ये
बताओ हम दोनों में से बहादुर दिलेर और
ताकतवर कौन है?
जाहिर है मैं हूं और कौन है?
तो फिर मर्दानगी किसमें होनी चाहिए?
मुझ में
तो फिर बात किसे करनी चाहिए?
मुझे हां
अरे ओ बदमाश। [संगीत]
[हंसी]
लो आ गई दोनों।
मोहन इधर आओ।
आया जी आया। जी भाभी
मोहन मैंने तुम्हें रामू के जरिए कहलवाया
था ना कि मुझे 2:00 बजे स्टेशन छोड़कर
आना।
हां हां हां कहलवाया तो था लेकिन मैं
स्टेशन नहीं जा सकता। वो कल क्या है मेरी
क्रिकेट मैच है ना इसलिए उसकी जरा नेट
प्रैक्टिस करनी इसलिए नहीं जा सकता।
तो पहले कह देते कि नहीं जा सकते?
मैं आपसे बात नहीं कर रहा हूं। मछली भाभी
से बात कर रहा हूं। मछली भाभी मैं नहीं जा
सकता। नहीं जा सकता।
अरे कैसे नहीं जा सकते। तुम्हारे फरिश्ते
भी जाएंगे। hm चलो दीदी। चल कर भाभी से
इसकी शिकायत करते हैं।
हां हां जाओ जाओ कर लो शिकायत। लगाओ 21 की
100-100। इसके अलावा और आता ही क्या है आप
लोगों को? लेकिन मेरी बड़ी भाभी आप जैसी
नहीं है।
मां है मां।
बोल ना।
दीदी
एक बात बताइए। क्या हमें इसलिए इस घर में
ब्याह कर लाया गया है कि हर छोटा बड़ा
हमारी बेज्जती करता रहे। जिसके मन में आए
हमारा अपमान करता रहे।
क्या हुआ? किसने तुम्हारा अपमान किया?
देखो मेरे साथ एक्टिंग मत करो। मैंने भी
कॉलेज के ड्रामे में बहुत एक्टिंग की है।
सब कुछ जानती हो और फिर भी पूछ रही हूं
किसने अपमान किया।
मजली दीदी ये तो दुनिया का दस्तूर है कि
आप सीधे मुंह बात नहीं करेंगी तो दूसरे
आपसे सीधे मुंह बात कैसे करेंगे?
तुम चुप रहो गीता। बड़ों के बीच बोलोगी तो
अच्छा नहीं होगा।
अरे रे आज क्या झगड़ा करने का इरादा लेकर
आई हो?
इरादा लेकर नहीं आए। मजबूर होकर आए हैं।
सिर्फ यह पूछने आए हैं कि इस घर में हमारी
क्या औकात है?
औकात क्या बहू? तुम सबके सर आंखों पर हो।
खाक सर आंखों पर है, जूतों में है, पैरों
की धूल में है। छोटे-छोटे अधिकार तक तो
हमसे छीन लिए गए हैं। यहां तक कि रसोई घर
में आने की भी मनाही है। दीदी, जरा ठंडे
दिल से सोचिए। कितनी बार रसोई घर में आकर
आपका सर चकराने लगा। कभी कहर आने लगी। ऐसी
हालत में तो कोई दुश्मनी ही आपको रसोई घर
में आने देगा। आपको तो कमरे से बाहर नहीं
जाना चाहिए। तुम थोड़ी देर चुप नहीं रह
सकती। बात इनसे की जा रही है। तुम खामखा
अपनी जुबान तलवार की तरह चलाई जा रहे हो।
अभी-अभी मैंने छोटे देवर जी से कहा कि मैं
घर जा रही हूं। मुझे स्टेशन पर छोड़ कर
आओ। तो आंखें निकाल कर कहने लगे मेरे पास
समय नहीं है। मैं नहीं जाऊंगा। और क्या
बेइज्जती सुननी है आपको?
अच्छा अच्छा। तो मोहन ने तुम्हें नाराज
किया है। फिक्र मत करो। हम सब उससे बात
नहीं करेंगे। अभी राजू के पिताजी आएंगे तो
मैं कह दूंगी कि वो तुम्हें स्टेशन छोड़
आए। बस।
हां हां जाहिर बात है। तुम जेठ जी से
कहोगी तभी तो वो मुझे स्टेशन पर छोड़ कर
आएंगे। वरना तुम्हारे हुक्म के बगैर इस घर
की आवाज तक बाहर नहीं जा सकती। लेकिन मैं
जाऊंगी। मैं तुम्हारे हुक्म को तोड़
दूंगी। मेरे मन में जो आएगा मैं वही
करूंगी।
अरे भाभी कैसी कड़वी कड़वी बातें कर रही
हैं आप। दीदी से ऐसी बातें करना आपको शोभा
देता है क्या? अरे चुप कर रही हो शोभा का
पाठ सिखाने वाली। और जो तू हरकतें करती
है, वह तुझे शोभा देती है क्या? यूं तो
इनके छत्रछाया में बैठी हो। तभी तो इतने
ऐश और मजे कर रही हो। अगर किसी और के घर
में होती तो 24 घंटे किसी कोने में बैठकर
अपनी तकदीर को कोसती। सारी दुनिया हंसती
है तुझ पर। माथे पर बिंदी, आंखों में
काजल, बालों में फूल। अरे कोई कुंवारी
लड़की भी इतने नखरे नहीं करती होगी जितने
की तू बाल विधवा होकर करती है। [संगीत]
बाल विधवा होकर करती है। तू बाल विधवा
होकर करती है। तू बाल विधवा होकर करती है।
[संगीत]
नहीं।
चलो दीदी। ये सब तो नाटक है इनका। विधवा
को कुंवारी बनाकर रखा हुआ है। इनका बस चले
तो दूसरा ब्याह कर दे इसका। चलो।
[संगीत]
नहीं
बेटी [संगीत]
[संगीत]
मालकिन गीता बिटिया ने खाना लौटा दिया है।
मालकिन सुना आपने? गीता बिटिया ने खाना
लौटा दिया है। रामू काका उसे कहिए मैंने
बुलाया है।
जी बहुत अच्छा
आपने मुझे बुलाया दीदी
गीता खाना खा ले दीदी आज मेरा उपवास है।
उपवास
[संगीत]
ये क्या गीता? हां।
मैं अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहती
हूं दीदी। [संगीत]
विधवा होकर भी कुंवारी लड़की की तरह
जिंदगी बिताती रही।
[संगीत]
अनजाने में सही मगर मगर मुझसे पाप हुआ है।
पैदा होते ही जिसकी मां गुजर जाए उसे
हंसने का खुश रहने का कोई अधिकार नहीं।
[संगीत]
इस पाप के लिए मुझे मुझे जिंदगी भर उपवास
रखने पड़ेंगे दीदी।
[रोने की आवाज़]
जिंदगी भर उपवास रखने पड़ेंगे
गीता
[संगीत]
सुनो गीता गीता ये सब क्या है गीता ने
विधवाओं का लिबास क्यों पहना है किसने कहा
उसे मैं तुमसे पूछ रहा हूं मुझे जवाब दो
[संगीत]
गीता बच्ची नहीं रही जवान हो गई है और
समाज की रीत के अनुसार उसे विधवा के कपड़े
पहनने चाहिए। विधवाओं की तरह जिंदगी
गुजारनी चाहिए।
आग लगे ऐसे समाज को जो मां-बाप की बेवकूफी
की सजा मासूम औलाद को देता है। मैं नहीं
मानता इस समाज को और उसके जालिमाना उसूल
को और पर और पर और पर और पर और पर और पर
और पर और पर और पर और पर और गीता को ये
बात बताई किसने? अरे मेरे लाख मना करने के
बावजूद तुमने तुमने ये बात गीता को कही
कैसे?
नहीं बताया तो हमने गलती की।
अच्छा हुआ। आज मोना और शीला ने उसे सच्चाई
बता दी।
[संगीत]
क्या हुआ? क्या हुआ?
[संगीत]
सीधा
जाने क्यों
ऐसे लग रहा है जैसे
ये घर
मां-बाप के अरमानों की इमारत
जिसकी दीवारों को बनाने के लिए
मैंने अपना बचपन
जवानी
ईंट उगारे की तरह इसकी टूटी हुई दीवारों
में लगा दिया। उसमें दरारें नजर आ रही
हैं।
प्रेम की जमीन पर खड़ी हुई इस मकान की
बुनियादें मुझे हिलती हुई नजर आ रही है।
वचन के धागों से जो मैंने परिवार के
मोतियों को इकट्ठा किया था।
वो माला मुझे टूटती हुई नजर आ रही है।
[संगीत] ऐसे मत कहिए।
[सीटियों की आवाज़]
अरे कि
अरे ओ मेरी इडियट तू यहां बैठी हुई है देख
मैं तेरे लिए क्या लाया हूं
ओ ए तेरे तेरी आंखों में आंसू
ये कपड़े क्या पहने हुए हैं ये क्या नाटक
है गीता [रोने की आवाज़]
ये कोई नाटक नहीं है ये मेरी जिंदगी की
हकी हकीकत है।
हकीकत
कैसी हकीकत?
जब मैं छोटी थी मेरे मां-बाप ने मेरी शादी
कर दी थी। फिर बचपन में ही उनका देहांत हो
गया और मैं बाल विधवा हो गई। [संगीत]
और तूने उसे मान लिया।
तुझे वो शादी याद है? तुझे अपने उस पति की
सूरत याद है जिसके साथ पल्लू बांध कर तूने
सात फेरे लगाए थे। अरे आज के जमाने में
ऐसी ढोंगी रस्म रिवाजों को कौन मानता है?
उसमें कौन चलता है?
नहीं मोहन, जमाना बदल गया होगा। जमाने के
संस्कार नहीं बदले, समाज की रस्में नहीं
बदली।
कौन कहता है कि नहीं बदली? और अगर नहीं
बदली तो मैं बदलूंगा इन ढकोसलों को। मैं
करूंगा तुम्हारे साथ शादी। मैं भी जाकर
बड़े भैया से बात करता हूं।
भगवान के लिए मोहन। बड़े भैया को मत
बताना। अगर उन्हें पता चल गया कि तुम एक
विधवा से शादी करना चाहते हो तो वो ये
सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। यह तो
नाइंसाफी है।
मुझ पर सारी जिंदगी इस घर के एहसान रहे
हैं। उनके बदले मैं इस घर की शांति में आग
नहीं लगाना चाहती।
मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूं मोहन। आज
के बाद भूल कर भी मेरा नाम मत लेना। ये
समझना गीता नाम की लड़की तुम्हें मिली थी।
तुम्हें उससे प्यार था। आज के बाद वो
लड़की तुम्हारे लिए मर गई।
गीता
ये ये तुम क्या कह रही हो गीता?
तुम्हें अपने प्यार की कसम है मोहन।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[चीखने की आवाज़]
भैया अब मैं उस घर में वापस नहीं जाऊंगी।
मुझे किसी भी तरह उस गैर से आजादी दिला
दो। मुझे नफरत है उन लोगों से मगर डरती
हूं तो सिर्फ अपने पति से कि कहीं वो
मुझसे नाराज ना हो जाए।
व्हाट मोना? तुम अपने पति से डरती हो? अरे
इस शीतल की बहन होकर अपने हस्बैंड से डरती
हो? जानती हो हस्बैंड का मतलब क्या होता
है? जब पत्नी अपने पति का हंसना बंद कर दे
तो उसे कह दे हस्बैंड।
कसम अंग्रेज की जिसकी बेईमानी का मैं
दीवाना हूं। माना तुमने अपने पति से डर के
मेरा फेस ब्लैक कर दिया। आई मीन मेरा मुंह
काला कर दिया।
क्या करूं भैया?
मैं मजबूर हूं।
नो नो मजबूर। कीप मजबूरी एट तू ही। अरे
मेरी प्यारी बहना, तुम्हारे इस भाई का
अंग्रेजी दिमाग किस दिन काम आएगा? व्हिच
डे? सुनो, लिसन।
नहीं, नहीं, भैया, अगर पिताजी को पता चल
गया तो?
पिताजी को कैसे पता चलेगा? वो तो 3 मंथ्स
के बाद आएंगे। देखो, मैं जैसा कहता हूं,
तुम वैसा ही करो। बेडरूम में जाओ, जाओ,
जाओ। अब मैं जीजा जी को टेलीफोन करता हूं।
हम
[संगीत]
मोना
मोना
कैसी तबीयत है?
ठीक हूं।
डॉक्टर क्या हुआ इसे?
आप जरा इधर आइए।
[संगीत]
मिस्टर श्याम आपकी पत्नी की हालत बहुत ही
नाजुक स्टेज पर पहुंच गई है। अगर इनका
ख्याल ना रखा गया या इन्हें जरा सा भी
दिमागी टेंशन पहुंचा तो इन्हें दुनिया का
कोई भी डॉक्टर नहीं बचा सकता।
क्या बात करती हैं आप?
मैं बिल्कुल सही कह रही हूं। इसलिए फौरन
बल्कि आज ही इन्हें लेकर कुछ दिनों के लिए
किसी हिल स्टेशन पर पहुंच जाइए। वहां जाने
के बाद इनकी सेहत सुधर सकती है।
ओह माय गॉड। जीजा जी डॉक्टर साहब बिल्कुल
ठीक कह रही हैं। आप दीदी को लेकर फौरन इसी
वक्त किसी हिल स्टेशन चले जाइए। मुझे डैडी
बहुत सारे काम देंगे वरना मैं भी आपके साथ
चलता।
अभी तो मेरे पास बहुत काम है। एक आद दो
दिन में मौका निकाल कर।
जीजा जी मौके के चक्कर में रहेंगे तो बीवी
हाथ से निकल जाएगी। और जिंदगी की बहार का
मजा पत्नी के साथ है। अगर पत्नी हाथ से
निकल गई तो काम की चटनी बनाकर चाटेंगे।
क्यों डॉक्टर साहब?
जी ये बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। शी इस वेरी
सीरियस।
जीजा जी। यह मेरी बहन और होने वाले भांजे
की जिंदगी का सवाल है।
ओके ठीक है। मैं मोना को लेकर आज ही चला
जाता हूं। शीतल तुम मेरा एक काम कर देना।
ये कुछ कागजात है। जाकर बड़े भैया को दे
देना और कहना कि
मैं सब कह दूंगा जीजा जी कसम अंग्रेज की।
डोंट वरी आई विल टेक केयर ऑफ एवरीथिंग। आप
फौरन दीदी को लेकर चलिए। प्लीज फॉरगॉट
सेक।
ओके शीतल।
जीजा जी पहुंचते ही खबर देना। दीदी अपनी
सेहत का ख्याल रखना।
हां भैया।
ओके। बाय।
बाय।
शीतल
जी। वो कागजात भैया तक पहुंचा देना आप।
जीजा जी, मैं अब भी यह पेपर लेकर बड़े
भैया के पास ही जा रहा हूं।
अब चलो भी। [संगीत]
देखूं तो सही कागजात में है क्या?
फिर दोबारा डॉक्टर की एक्टिंग करने कब
आऊं?
अब तेरी कोई जरूरत नहीं है। ये ले। चल।
अब तेरी एक्टिंग खत्म।
यहां से मेरी एक्टिंग शुरू।
श्याम तुम्हारे दस्तखत बहुत आसान है।
कसम अंग्रेज की इन दस्तखत के जरिए अब
देखना मैं क्या हंगामा खड़ा करता हूं। ऐसा
हंगामा करूंगा कि तुम्हारे घर की दीवारें
गिर जाएंगी।
शीतल तुम कौन सी कथा सुना रहे हो? तुम
साफ-साफ कहो कहना क्या चाह रहे हो तुम?
अरे आप अभी भी नहीं समझे। आप अपनी सारी
जायदाद और सारे कारोबार को चार हिस्सों
में डिवाइड कर दीजिए। यानी के बंटवारा
अगर तुम उस महात्मा के बेटे ना होते
जिन्होंने मुझे सहारा दिया मुझे जीने का
रास्ता दिखाया तो मैं तुम्हें धक्के मार
मार के इस घर से बाहर निकाल देता।
लीजिए, आप तो खामखा मुझ पर नाराज हो रहे
हैं। जैसे कि ये सब मैंने ही कहा। यह राय
तो श्याम बाबू की है। [संगीत]
श्याम
मेरे भाई ने कहा है ये।
जी हां जी हां। उन्होंने ये खत देकर मुझे
यहां भेजा है। भैया आप खुद ही पढ़ लीजिए
ना।
[संगीत]
मुझे विश्वास नहीं होता। कि मेरा बच्चा
मेरा भाई चिट्ठी में ऐसी बेहूदा बंटवारी
की बात लिखकर मुझे भेजेगा। मैं नहीं
मानता। ये झूठे है
भैया कसम अंग्रेज की जमाना बदल गया है। आज
तो श्याम बाबू ने ये खत भिजवाया है। अगर
आपने उनकी बात ना मानी तो कल वकील कोर्ट
के पेपर लेकर यहां पर आ जाएगा। भैया ये
मैं नहीं कह रहा हूं। श्याम बाबू ने कहा
है। हां श्याम बाबू ने। और यही तो
उन्होंने इस खत में लिखा है। आप खुद ही
पढ़ [संगीत] लीजिए ना भैया।
मैं अपने जीती जी तो ये नौबत कभी नहीं आने
दूंगा।
क्या मामूली से बंटवारे के लिए मेरे
भाइयों को कोर्ट और कचहरी जाना पड़े?
मैंने अपने भाइयों का दिल कभी नहीं तोड़ा
है। हमेशा उनकी तमन्ना पूरी की है। हमेशा
उनकी बात मानी है।
तो ये जायदाद क्या चीज है? बाबू सी चीज
है।
मंजूर है मुझे।
वाह भैया वाह। कसम अंग्रेज की जैसा आपके
बारे में सुना था बिल्कुल वैसा ही पाया।
शहर की ये कोठी जिसमें रामलाल रहता है। आज
से श्यामलाल, सोहनलाल और मोहन कुमार की
जायदाद समझी जाएगी। इस पर रामलाल का कोई
निजी अधिकार नहीं होगा। मैं रामलाल जो
सबसे बड़ा भाई हूं। सिर्फ गांव का पुराना
आबाही मकान मेरा है। और आज के बाद वहीं
जाकर रहूंगा।
अरे आगे पढ़िए वकील साहब। जो बचा है वो भी
सुना दीजिए।
बस
[संगीत] जो कुछ मेरे पास था उसका बंटवारा
हो चुका है।
एक टूटा हुआ दिल बचा है।
उसका बंटवारा नहीं हो सकता।
[संगीत]
[संगीत]
बड़े भैया
जिसने पीठ में छुरा घोंपा उसे राजगद्दी दे
दी मैंने तो कुछ नहीं किया तो मुझे सजा
क्यों दे रहे हैं आप
बड़े भैया मुझे धन दौलत जायदाद कुछ नहीं
चाहिए कुछ नहीं मुझे मेरा भैया चाहिए
उनका साया मेरी जायदाद है उनके चरण मेरी
दौलत है। ये असली दौलत छोड़कर मुझे नकली
दौलत नहीं चाहिए भैया। नहीं चाहिए।
एक बार
नहीं भैया राम के साथ लक्ष्मण भी वनवास
गया था। अरे आप तो मेरे राम है। अपने इस
लक्ष्मण को इस लंका में अकेला छोड़कर ना
जाना भैया। मुझसे नहीं जिया जाएगा। मुझे
छत ले चलो भैया। वरना वरना मैं मर जाऊंगा
भैया। मर जाऊंगा।
[संगीत]
ओम
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
राम सीता को [संगीत] देता है यूं एक दिन
राम [संगीत] सीता को देता है यूं एक दिन
हर जन्म में ये [संगीत] बनवास
जो
है वो भगवान तो कैसा भगवान है [संगीत]
मुझे क्यों ऐसे भगवान
को
क्यों [संगीत] कलेजा ये धरती का हटता नहीं
[संगीत]
टूटता क्यों नहीं आसमान
टूटता ला नहीं आसमान। [संगीत]
तुम ही इस ऑफिस के अकाउंटेंट हो?
जी मालिक। नाम क्या है तुम्हारा?
जी ढोंगीराम हिसाब लगा के। ढोंगी राम गुड।
ये नाम तो हमारे रजवाड़े में फिट होने
जैसा।
सुनो। तुम सिर्फ नाम के ही ढोंगी हो या के
काम के भी?
जी जी दोनों के।
पांच का 50 करना जानते हो?
मालिक एक दफा जरा मौका देकर देखिए। वेरी
गुड। तुम्हारी तनख्वाह कितनी है?
₹1,000।
कल से तुम्हारी तनख्वाह ₹20,000।
सच?
यस। मगर पहले ये बताओ कि इस फर्म में
रामलाल एंड ब्रदर्स का बैंक बैलेंस कितना
है?
₹4 लाख। हिसाब लगा के।
₹4 लाख।
तो हिसाब लगा कर तुम एक काम करो।
ढोंगीराम। ₹3 लाख रामलाल एंड ब्रदर्स के
अकाउंट में से निकाल कर श्यामलाल एंड
कंपनी के अकाउंट में जमा करा दो। रामलाल
एंड कंपनी के अकाउंट में ये कौन सी कंपनी
है मालिक?
यह एक नई कंपनी है ढोंगीराम। इस कंपनी को
गवर्नमेंट से ₹1 लाख का लोन मिलने वाला है
और इसी कंपनी के अकाउंट में तुम्हें हर
महीना ₹2000 की सैलरी मिलेगी।
अच्छा
मालिक
3 लाख क्यों? पूरे 4 लाख क्यों नहीं जमा
करा देते हिसाब लगा के? कसम अंग्रेज की तू
तो मेरे से भी बड़ा फंदेबाज है। मेरा मतलब
समझदार निकला। एक बात बता तू मुझे पहले
क्यों नहीं मिला?
मालिक अब मिल गया हूं ना। अब आपकी पांचों
उंगलियां गी
नो नो नो नो नो घी। घी मुझे कभी भी हजम
नहीं होता। मेरी तो पांचों उंगलियां
विस्की में है। [हंसी]
[संगीत]
[संगीत]
गीता गीता गीता मैं गीता मैं तुमसे बात
करना चाहता हूं और तुम दूर-दूर जा रही हो।
देखिए मोहन बाबू मेरे मुकद्दर में दूर
रहना ही लिखा है।
क्या बहकी बहकी बातें कर रही हो। देखो मैं
तुम्हारे लिए क्या लाया हूं। चलो आंखे बंद
करो। आंखें बंद करो। अच्छा चलो कोई बात
नहीं। आंखे मत बंद करो।
देख मैं तुम्हारे लिए क्या लाया?
चूड़ियां। एक-एक पैसा बचा कर मैंने खरीदी
थे। हां सिर्फ तेरे लिए। ये ले पहन।
[संगीत]
विधवा और से चूड़ियां नहीं पहना करती।
[संगीत]
आज से तुम मेरे लिए अजनबी हो और मैं
तुम्हारे लिए। इसलिए मेलजोल बंद करना
होगा। इसी में हमारी भलाई है।
[संगीत]
गीता
गीता गीता मैं तुम्हारे बगैर नहीं जी
पाऊंगा गीता
भगवान के लिए ऐसी बातें मत करो जब मैं
अकेले जीने का हौसला कर सकती हूं तो तुम
क्यों नहीं कर सकते
गीता
देखिए मोहन बाबू शीशा जब एक बार टूट जाता
है तो फिर वो नहीं जुड़ता
झूठे ही हमदमी दो जनी देहू
होई गए चार मत मत देहु रघुकुल रीत सदा चली
आई प्राण जाई पर वचन न जाई
रामबाबू
आपकी चिट्ठी
मेरी चिट्ठी बेटा
जी
जरा चिट्ठी लाना तो
लीजिए पिताजी
[संगीत]
[संगीत]
कैसे हो सकता है? नहीं नहीं। [संगीत] ये
नहीं हो सकता।
क्या बात है? किसकी चिट्ठी है? ये गीता के
ससुराल वालों की चिट्ठी है। ये लिखा उसका
जेट उसको लेने के लिए आ रहा है। ये अचानक
इतने बरसों बाद उन्हें गीता का ख्याल कैसे
आया? कहीं तुमने तो कोई चिट्ठी नहीं लिखी
उनको।
नहीं
शायद गीता ने लिखी हो।
गीता
गीता
[संगीत]
गीता
जी
[संगीत]
तुम्हारे ससुराल से ये खत आया है तुमने
कोई चिट्ठी लिखी थी उनको [संगीत]
जी हां
किससे पूछ के लिखी थी अरे क्या हम लोगों
का इतना भी अधिकार नहीं रह गया है कि
चिट्ठी लिखने से पहले मुझसे पूछ दो या
अपनी दीदी से पूछ लो हैं
[संगीत]
जाने दीजिए। उसने अपनी जिंदगी से समझौता
कर लिया है। उसको अपने ससुराल जाने से मत
रोकिए।
कैसे चले जाने दूं? ससुराल उस घर को कहते
हैं जहां लड़की ब्याह कर बिदा होकर जाती
है। ना ये कभी विदा होकर गई। ना उनकी सूरत
देखी ना उन लोगों ने इसकी सूरत देखी है।
वो ससुराल नहीं ढोग है। समझते क्यों नहीं
हो तुम लोग?
[संगीत]
पर सीता मैं अपनी इस बच्ची को उस घर में
कैसे चले जाने दूं? जिन लोगों को मैंने
खुद नहीं देखा पता नहीं वो लोग कैसे हैं
क्या हैं क्या करते हैं [संगीत]
भैया
लगता है भाभी के पेट में हाथी घोड़े हैं
कैसे लपक लपक के लड्डू खा रही है
अरे चुप रह बे कहीं उसने सुन लिया तो इतने
जूते मारेगी कि सर पे एक बाल नहीं बचेगा
अरे भाई साहब
अरे चलो ना भाई साहब क्या है? [हंसी]
आ गए?
पैसे वैसे लाए हो या खाली झोला हिलाते आए
हो?
कैसी बातें करती हो रानी? भला मैं खाली
हाथ झोला लटकाए घर आने की हिम्मत कर सकता
हूं भला।
हां भाभी खाली झोला लाएंगे तो मार नहीं
खाएंगे।
क्या?
नहीं नहीं मेरा मतलब कभी-कभी ऐसा हो जाता
है ना। कमाई नहीं हो तो पब्लिक का पॉकेट
मार के।
अरे यार, आज क्या खाने की जगह जूते
खिलवाने का इरादा है? [हंसी]
ये लो रानी। पूरे ₹99 ले आया हूं मैं।
लड्डू
मेरा मतलब है इतने सारे लड्डू आए कहां से?
पड़ोस में कोई मर गया है क्या?
हटो जी। मैं मरे हुए मुर्दों के खैरात के
लड्डू क्यों खाने लगी? वो तो तुम लोगों ने
आने में देर कर दी। मुझे बहुत जोरों की
भूख लगी थी। मैंने ठोकरमल हलवाई की दुकान
से थोड़े से लड्डू मंगवा लिए।
थोड़े से।
क्या?
नहीं, नहीं। मेरा मतलब यह है कि हम दोनों
के लिए खाना तो बनाया होगा ना। अच्छा तो
मैं बनाऊंगी। अरे मेरे भाग इतने फूट गए
हैं कि अभी खाना पकाना भी मैं शुरू कर
दूं। रसोई खुली पड़ी है। सब्जी काट कर
चूल्हा जलाकर आटा गूंद कर रोटी और भाजी
बना लो। जरा ज्यादा बनाना। मुझे भी भूख
लगी है। हां।
हां हां वो तो ठीक है लेकिन एक आधा लड्डू
है।
क्यों मरे जा रहे हो? बड़ी मुश्किल से
मैंने 2 किलो लड्डू मंगवाए हैं। अभी तो
मेरा ही पेट नहीं भरा। मुझे लड्डू दो।
मुझे लड्डू दो। हट। अरे पेट है कि गोदाम
क्या कहा मैं मैं गोदाम हूं मैं गोदाम हूं
गोदाम नहीं गोदाम नहीं गोदान
गोदान
गोदान
वो भाभी क्या हुआ रास्ते में गोदान में
खाना बंट रहा था तो मैंने भाई साहब को
बोला खा लेते अच्छा होता मगर माने नहीं
माने नहीं अरे भाभी भाभी लड्डू में मक्खी
लड्डू में मक्खी हट हट हट [हंसी] आधा मुझे
दे ना
भाभी ये मक्खी वाला लड्डू मांग रहा है भाई
चुप कर ना यार तेरी भाभी की आंखो में तो
वैसे भी सिकड़ी भड़क रही है इससे पहले कि वो
हमें कबाब की तरह सेक डाले यहां से चल
पड़ते चल चल चल चल चल
मोहे पनघट पे नंदलाल
छेड़ गयो रे मोहे मेरे पनघट पे सब्जी पकाए
गयो रे
भाई साहब
ये पनघट के साथ एक लंबा सा घूंघट भी डाल
लोगे ना तो गाने में बहुत मजा आएगा।
ओए क्या बकता है रे तू
सच कहता हूं कान में बाली नाक में नथनी,
मांग में सिंदूर, कमीज की जगह चोली, धोती
की जगह साड़ी पहन लो, तो आधे मर्द से पूरी
औरत बन जाओगे।
देख तू बकवास बंद कर वरना सर फोड दूंगा।
पिल-पिला टमाटर तो फोड़ नहीं सकते। मेरा
सर क्या फोड़ोगे? हां? जब से मां मरी है
हमारी तकदीर ही फूट गई। बाहर गाना गाते
हैं। घर में आकर खाना पकाते हैं। बाहर
हमको पब्लिक पैसे देती है। और यहां यहां
घर में आकर तुम्हारी पत्नी से रोटी के लिए
भीख मांगनी पड़ती है।
देख बोले देखूं क्या? अरे तुम्हारे पास
दिखाने को रखा ही क्या है? देखो भाई साहब,
मैं तुम्हारी इन आंखों से डरने वाला नहीं
हूं। अरे इनसे ज्यादा गुस्सा तो मरे हुए
आदमी की आंख में होता है।
अजी सुनते हो भोले के भैया।
खानावाना पकाया भी या सिर्फ गप्पे ही
हाकते जाओ।
हिल गए? हिल गए।
अरे चल ना यार वरना शामत आ जाएगी। आया आया
रानी? रानी तुम बहार जाकर खुली हवा में
आराम से बैठो। मैं 10 मिनट में गरमा गरम
पूरी तुम्हारे हुजूर में पेश करता हूं।
बड़ा बेशरम भाई है मेरा। पत्नी का पति
कहीं का।
क्या बकता है तू? तुमने मुझसे कुछ कहा?
अरे नहीं रानी मैं तुम्हें कुछ कहने की
हिम्मत कर सकता हूं ना। [हंसी]
अच्छा मैंने सुबह तुम्हें जो कुछ कहा था
वो याद है?
क्या कहा था?
तुम्हारा सर वो अपने जैसा सर है उसमें
चींटी जितना भेजा नहीं है। क्या कहा था?
बिल्कुल सही कहा भाभी आपने। अगर इनको भेजा
होता तो आज इस घर का नक्शा ही कुछ और होता
है। होता।
अरे तू अपनी बकवास बंद करता या नहीं।
क्या कहा था तुमने?
मैंने कहा था बचपन में जो तुम्हारा छोटा
भाई मर गया था ना उसकी पत्नी को लेके आना
है। आ ये लो पैसे और उसे ले आओ।
लेकिन इतने थोड़े से पैसों में आना जाना
कैसे होगा रानी?
क्यों नहीं होगा? जाते वक्त तुम ट्रेन के
ऊपर बैठ के जाना। उसे घर से स्टेशन तक
टांगे में बिठा कर लाना। फिर उसे भी ट्रेन
की छत पर बिठा कर ले आना। समझ गए ना? चलो
जाओ।
ओह हो। एक और मुसीबत आ रही है। वो भी अगर
भाभी की टक्कर की निकली ओो तो तीन की जगह
चार का खाना बनाना पड़ेगा।
अरे चुप भी कर जब भी सोचता है उल्टा सोचता
है। जा मेरे कपड़े निकाल।
कौन से? वो जो धोबे घाट से चुरा के लाए
थे।
हां वही
ये
आप फिक्र ना करें रामबाबू। आपने इसे बेटी
बना कर रखा। मेरे घर भी ये बेटी ही बनकर
रहेगी। अब आज्ञा दीजिए। चलो बेटी।
ला
[संगीत]
रहो बेटी।
क्यों श्राप देती हो बुआ? इस जिंदगी में
अब जीने को रखा है क्या?
[हंसी]
[संगीत]
पहली बार तुमसे बिछड़ रही हूं दीदी।
कभी-कभी मुझ बदनसीब को याद जरूर कर लेना।
कैसी बातें कर रही हो तू? तू हमेशा के लिए
थोड़ी ही जा रही है। आना जाना तो लगा ही
रहेगा। अब आना कैसा दीदी? इस घर से तो
नाता टूट ही गया ना।
चलती हूं जीजा जी
राजू [रोने की आवाज़]
दीदी
[हंसी]
देख अच्छी तरह से पढ़ाई करना और किसी को
परेशान मत करना।
[संगीत]
और तू भी किसी को परेशान ना करना।
[संगीत]
मैंने आज तक तुम्हें बहुत सताया ना।
मेरे कारण तुम्हें हमेशा परेशानी झेलनी
पड़ी।
अब तुम्हें कोई नहीं सताएगा।
अनजाने में मुझसे कोई भूल हो गई हो तो माफ
कर देना। [संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
आ
अरे शीतल भैया आप
आ शीला बहन कैसी हैं आप? हाउ आर यू?
बस आपकी मेहरबानी कैसे आना हुआ?
बस सुबह शाम आप लोगों की भलाई के बारे में
ही सोचता रहता हूं। राम भैया एक दुकान
खोलकर सोचते हैं कि बहुत बड़ा तीर मार
दिया उन्होंने। मैंने सोचा कि आप लोगों का
कारोबार पूरे हिंदुस्तान में फैला दूं।
[हंसी]
सच
यस।
नहीं नहीं भैया आप जरूर मजाक कर रहे हैं।
ओह नो। अरे मैंने तो सरकार से बात भी कर
दी। सरकार बोली आप कहे और हम ना करें। यू
से एंड वी डोंट डू। फौरन ₹1 लाख का कर्ज
देने के लिए तैयार हो गई। अब तो थोड़े
दिनों में तुम लोग नोट ही नोट छापने वाले
हो। नोट ही नोट। घर की दीवारों पे रंग की
जगह 100-100 के नोट चिपका देना। ₹100 नोट।
आपके मुंह में घी शक्कर।
नो नो नो नो नो। आई डोंट लाइक घी शक्कर।
आई वांट सिग्नेचर। ये कागजात दस्तखत करके
सरकार को देने हैं। शाम ने तो दस्तखत कर
दिए। सोहन की तरफ से अगर तुम कर देती तो
काम फटाफट हो जाता। कारोबार जल्दी शुरू हो
जाता।
हां जरूर जरूर।
एक मिनट। ये कलम। चाहो तो पढ़ लो।
नहीं भैया इसमें पढ़ने की क्या जरूरत है?
आप जो करेंगे [संगीत] हमारी भलाई के लिए
तो करेंगे ना।
कसम अंग्रेज की आई ऑलवेज डू मलाई। नेवर
टेक एनी मलाई। मेरे बुजुर्गों ने यही मुझे
सिखाई।
अच्छा दीदी बाय-बाय।
अच्छा।
ओ भैया भाई हो तो ऐसा।
[संगीत]
भैया
भैया।
[संगीत]
भैया भैया भैया बाबूजी भाभी भाभी भैया मां
को जल्दी मां भैया उठिए भैया होश में आइए
क्या भैया बेटा [संगीत]
क्या हुआ
क्या हुआ इन्हें
बेचारे बेहोश क्यों हो गए
बुआ वो मुझे जाना होगा
हां हां बेटा चले जाना
नहीं जल्दी जाना होगा अभी
लेकिन ऐसी हालत में कैसे जाओगी बेटा
अरे अब इससे ज्यादा बुरी हालत और क्या
होगी बुआ
बर्बाद हो गए
हमारी कंपनी का दीवाना निकल गया।
क्या?
वहां कर्जदारों की भीड़ लगी होगी।
इज्जतदारों की दहलीज पर पहली बार
कर्जदारों ने कदम रखा है। बुआ [संगीत] वो
दुकान मेरी औलाद की तरह है। मैं उसे कैसे
करदारों की ठोकर में छोड़ दूं।
मुझे उसकी इज्जत बचतानी पड़ेगी। बुआ। मुझे
कुछ ना कुछ करना पड़ेगा।
आप आप चिंता मत कीजिए। मैं कुछ इंतजाम
करती हूं।
[संगीत]
भैया भैया [नाक से की जाने वाली आवाज़] आप
एक बार मुझे आज्ञा दीजिए। मुझे एक बार
अकेला छोड़ दीजिए। मैं उन सबको जेल की हवा
ना खिला दी। मैं आपका भाई मोहन नहीं हूं।
ना बेटा बुरे वक्त में दिमाग पे काबू रखना
इंसान की सबसे बड़ी जागीर होती है। ऐसे
वक्त में उठा हुआ एक कदम इंसान को सारी
जिंदगी के लिए बर्बादी के दलदल में फेंक
देता है।
नहीं भैया आप आप कब तक अकेले हैं?
हो जाएगा। तेरा भाई है ना? तू काहे को
जिंदा करता है?
नहीं भैया नहीं। [हंसी]
आप कब तक सहते रहेंगे?
ये लीजिए। इसमें [संगीत] मेरे सारे गहने
हैं। इसे बेचकर लोगों का हिसाब अदा कर
दीजिए। [संगीत]
वक्त बुरा है। इसलिए दो तरफा तमाचा तो मत
मारो।
दुनिया इज्जत उतार रही है। तुम अपने जेवर
उतार के दे रही हो। दुकान का पर्दा उतारने
के लिए मैं तुम्हारा गला नोच डालूं। ये
मुझसे नहीं होगा।
आपने औरत जात को भी पहचाना ही नहीं। मर्द
से मांगकर उसकी जेब काट काट कर औरत जेवर
उसी दिन के लिए बनाती है ताकि वही जेवर
उसके पति की इज्जत बचा ले। उनको पहनना और
सजना दरअसल एक दिखावा होता है। जेवर बिक
कर फिर आ सकता है। मगर इज्जत चली जाए तो
वापस नहीं आ सकती। लीजिए।
हां तुम ले लो बेटा।
[संगीत]
[संगीत]
दोस्तों
आज मेरी शादी की सालगिरह है। मैं आप लोगों
का शुक्रगुजार हूं कि आप लोग इस खुशी में
शामिल हुए। अब मैं इस मौके पर सोहन कुमार
से रिक्वेस्ट करता हूं कि वो एक खूबसूरत
सा गीत सुनाकर इस महफिल की खुशियों को
दोबाला करें। [प्रशंसा]
क्या बात है सर गाइए ना।
अबे कहां कांटों में खुशबू तलाश कर रहा
है।
मैं तो एक दिलजला आदमी हूं। मुझसे या मेरे
गीतों से खुशी की उम्मीद मत करना। महफिल
का मजा किरगरा कर दूंगा। कोई परवाह नहीं।
कलाकार जब तक दिलजला होता नहीं उसके गीतों
में मजा आता नहीं।
देखो
मैं कड़वे बोल बोलूंगा
तो तुमसे सुना नहीं जाएगा।
साहब आप सुनाइए तो सही हम सब सह लेंगे।
देखिए प्लीज
मैं
खैर
जैसे आपकी मर्जी।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
हंसी हो जवा हो नशा हो तुम [संगीत] हंसी
हो जवा हो नशा हो तुम मगर [संगीत] खूबसूरत
बना हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा [संगीत]
हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम [संगीत]
हसीन हो जवा हो नशा हो तुम मगर खूबसूरत
फना हो तुम बेवफा [संगीत]
बेवफा बेवफा हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा हो
तुम [संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
अरे संग दिल ये सितम क्या किया ना मैं जी
[संगीत] सका और ना मैं मर सका
[संगीत]
अरे संग दिल ये सितम क्या किया ना मैं जी
सका और ना मैं मर सका [संगीत]
सितम करने वाले बुरा हो तेरा कभी माफ
[संगीत]
तुझको करे ना बुरा बेवफा बेवफा [संगीत]
बेवफा हो तुम बेवफा
बेवफा बेवफा हो तुम [संगीत] हंसी हो जहां
हो नशा हो तुम मगर खूबसूरत [संगीत]
भला हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम
[संगीत] बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
क्षमा बनके जब से [संगीत] तू घर में जली
जला मैं जला दिल जली [संगीत] जिंदगी
शमा [संगीत] बनके जब से तू घर में जली जला
मैं जला दिल जली [संगीत] जिंदगी
कयामत तलक तू भी यूं ही जले मगर [संगीत]
वो हम नाए कभी बेवफा बेवफा [संगीत] बेवफा
हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम [संगीत]
हंसी हो जवा हो नशा हो तुम मगर खूबसूरत
भला हो तुम बेवफा [संगीत]
बेवफा बेवफा हो तुम बेव बेवफा बेवफा
[संगीत] बेवफा हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा
हो तुम
[संगीत]
[संगीत]
[हंसी]
बहुत
[प्रशंसा]
ये क्या है?
भैया मैं मैं दिल्ली जा रहा हूं।
दिल्ली
जी काहे के लिए?
नौकरी करने के लिए। [संगीत]
मेरे होते हुए
मेरे होते मेरा बच्चा नौकरी करेगा। अरे
पिता समान तेरा ये भाई मर गया है क्या?
नहीं भैया। ऐसा मत कहिए भैया भगवान रहती
दुनिया तक आपका साया हमारे सरों पर रहे
लेकिन भैया आपने इस बच्चे को बड़ा किया है
तो उसे खुद अपने पैरों पर खड़ा भी तो होना
चाहिए जिंदगी की टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडियों पर
चलना सीखना चाहिए
बच्चे बड़े होकर बाप की सेवा करते हैं
क्या आप मुझे ये मौका नहीं देंगे भैया आइए
मुझे जाने दीजिए
अरे भैया आपने तो बचपन में ही गठरी में
जिंदगी का बोझ बांधकर अपने कंधों पर ले
लिया था। मैं कोई बच्चा नहीं हूं। मैं मैं
बड़ा हो गया हूं। क्या मैं अपने भाई भाभी
का बोझ नहीं उठा सकता? जाने दीजिए ना
भैया। [संगीत]
श्याम और सुहन
पहले ही मुझे छोड़ कर चले गए।
एक तू बचा है। अब तू भी जाना चाहता है।
[संगीत]
भैया मैं तो सिर्फ आंखों से दूर जा रहा
हूं। दिल से कभी नहीं जाऊंगा।
क्योंकि मेरे खून की एक-एक कतरे पर आपके
नाम की, आपके प्यार की मोहर लगी हुई है।
[संगीत]
भैया
ये खोटा सिक्का खड़ा होकर दिखाएगा। जो
इज्जत बड़े भाई ने कमाई है वही इज्जत कमा
कर दिखाएगा। अब आप सिर्फ मुझे आशीर्वाद
दीजिए भैया। आशीर्वाद दीजिए।
[संगीत]
[संगीत]
अरे ओ छमक छल्लो तेरे हाथ टूट गए हैं या
इनमें छाले पड़े हैं? जरा जल्दी से हाथ
चला। सुबह से शाम होने आई और अभी तक तुझसे
5 किलो गेहूं तक नहीं पीसे गए?
पीस तो रही हूं दीदी।
क्या पीस तो रही हूं? जबान चलाती है मुंह
क्या देखती है मेरा?
भाभी बहुत कसकर भूख लगी है। कुछ खाने को
दो ना।
खाना?
हां।
जहां ऐसी हरामखोर कामचोर लड़कियां घर में आ
जाए, वहां चूल्हा नहीं जल सकता तो खाना
कहां से पकेगा? चल जितना आटा पिसा है उसे
गूंद के रोटियां बना ले।
दीदी, मुझे बुखार है।
अच्छा, तो बगल में प्याज रखकर बुखार भी
चढ़ा लिया। चल अंदर जाके काम कर। वरना
मार-मार के हाल के साथ तेरा बुखार भी उतार
दूंगी।
अरे रे रे जाने दो ना भाभी। इसको बुखार
है। आज तुम ही खाना बना दो ना।
मैं बनाऊं? तू इसकी तरफदारी में मुझसे काम
करवाएगा।
लो। इसमें तरफदारी की क्या बात है? छोटी
भाभी को बुखार है।
अरे बुखार क्या कोड हो जाए इसे। मगर तू
इसकी इतनी हमदर्दी क्यों करता है? अजी
सुनते हो? कहां हो तुम?
[संगीत]
आया।
अजी सुनते हो?
जैसे बैठा था वैसे ही उठ के आ गया। हाथ तक
नहीं धोए। कुकुम क्या करना है?
अरे इस कुलक्षणी के लक्षण तो देखो। वहां
थी तो अपने जीजा के भाई के साथ नजरें मिला
रही थी। यहां आई तो मेरे देवर पे डोरे डाल
रही है। इश्क फरमा रही है इससे।
भाभी जबान संभाल कर बात करो। ये मेरी भाभी
नहीं छोटी बहन भी है। और भाई-बहन के
रिश्ते को बदनाम किया ना तो अच्छा नहीं
होगा।
क्या? तू इस चुड़ैल के लिए मुझे आंखें दिखा
रहा है? मुझे? मेरा ये पति आज तक मुझे
आंखे नहीं दिखा सका। तू दो कौड़े की लौंग,
इसके लिए मुझे आंखे दिखा रहा है। आज तो
मैं इसे नहीं छोडूंगी।
अरे, भाभी? नहीं
तेरी वजह से अशांति हो गई है। मेरा दे
मुझे आगे दिखाने लगा है।
तुम खड़े फारसी के पुतले की तरह बेजान
क्यों? अरे कुछ बोलती क्यों नहीं? गीता
बहन को बचाती क्यों नहीं?
भैया।
हमको बर्बाद करने आई है। खबरदार जो किसी
की तरह गंदी नजर करके देखा तो। करेले की
तरह छीन के रख दूंगी। समझी? चल जा रसोई घर
में और अपना काम कर।
[संगीत]
आज तक तो मैंने अत्याचार नहीं किया मगर आज
के बाद जरूर करूंगी। अगर किसी ने बीच में
बोलने की कोशिश की तो मैं जिंदगी हराम
करके रख दूंगी। समझे?
तू इस तरह घूर-घूर के मुझे क्या देख रहा
है? मुझसे कुछ नहीं होगा भाई। बकरी शेर के
माने में घुसकर उसे सींग मारे ये मुमकिन
है। लेकिन मैं उसे टोक दूं। ये नामुमकिन
है।
हे भगवान
ये क्या मां आज भी सूखा खाना क्या सब्जी
नहीं बनाई?
भगवान जो भी रुखा-सखा देता है। शुक्र अदा
करके खा लिया कर।
लेकिन मां तुम्हें तो पता है मुझे और
पिताजी को बिना सब्जी के खाना अच्छा नहीं
लगता। क्या पिताजी खाना खा चुके हैं?
[संगीत]
ये लो मां।
[संगीत]
तू ये पैसा कहां से लाया?
बस मिल गए। तुम रख लो ना मां। [संगीत]
मैं पूछती हूं। तू ये पैसे कहां से लाया?
बोलता क्यों नहीं? कहां से लाया? बोल जवाब
दे। जवाब दे [संगीत] तूने तूने चोरी की?
चोरी की? बोल बोलता क्यों नहीं? जवाब देने
चोरी की तूने बोल बोल ना। मैंने मजदूरी
[संगीत] की है मां।
मैंने चोरी नहीं की है। मैंने ये पैसा
मजदूरी करके कमाया है।
क्या? हां मां। मैं दो दिन से स्कूल भी
नहीं जा रहा हूं। घर से स्कूल जाने के लिए
निकलता हूं और जाकर मजदूरी करता हूं। और
जो पैसे मिले हैं वही तुम्हें दे रहा हूं।
मुझे माफ कर दे बेटा। मुझे माफ कर दे।
मुझे माफ कर दे बेटा। मुझे माफ कर दे।
ओम
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
श्री राम
[चीखने की आवाज़]
[संगीत]
मोती
[संगीत]
अरे ये तो राम की छड़ी है। क्या बात है
बुआ? ये देखो मोती राम की छड़ी ले आया है।
हां मगर वो कहां है?
अरे क्या पक्का?
मोती हमसे कुछ कहना चाहता है। जरूर कोई
बात है।
हां अरे मोती मैं चलती हूं बाबा। चल
[संगीत] मैं भी चलती हूं।
राम बेटे
[संगीत]
बेटे। हे भगवान।
ये तो बेहोश है। जरा [संगीत] मदद कीजिए।
डॉक्टर साहब ये बोलते क्यों नहीं हैं?
जब जज्बाती इंसान को गहरा सदमा पहुंचता है
तो अक्सर ऐसा होता है वो खामोश हो जाता
है। उसकी बोलने की शक्ति चली जाती है।
तो उन्हें ठीक होने में कितना वक्त लगेगा?
यह बताना तो मुश्किल है क्योंकि डॉक्टर के
पास बीमारी का इलाज तो होता है। सदमे का
नहीं। फिर भी उस पर भरोसा रखिए और इनका
ख्याल रखिए। इन्हें खुश रखिए और जहां तक
हो सके इन्हें परेशानियों से दूर रखिए।
यह मैं कुछ दवाइयां लिख के दे रहा हूं।
इन्हें फौरन मंगवा लीजिए।
लेकिन ये दवाइयां यहां नहीं मिलेंग। शहर
से मंगवानी पड़ेगी।
अच्छा मैं चलता हूं। नमस्ते।
[संगीत]
घर में पैसे नहीं है। ये दवाइयां कहां से
मंगवाऊंगी?
ये आप क्या जुल्म कर रहे हैं शीतल भैया?
आप मुझे घर खाली करने को कह रहे हैं?
नहीं। एक दिन आप ही ने कहा था कि आप मुझे
इस घर की मालकिन बनाएंगे। और आज आप मुझे
इस घर से बाहर निकाल रहे हैं।
बात दरअसल ये है मिसेस।
क्या नाम है तुम्हारा?
अच्छा। तो आज मेरा नाम भी भूल गए।
अरे भाई क्या करें? मजबूरी है। लोग बाग तो
अपने सगे मां-बाप का नाम भूल जाते हैं।
तुम तो फिर भी पराई हो लेकिन अरे हां याद
आया। मिसेस सोहन तो तो क्या है मिसेस
सोहन? तुमने मेरे ऊपर भरोसा किया। मैंने
मेहनत की, मेहनत फ्लॉप हो गई। भरोसा टूट
गया। अरे ऐसा तो चलता ही रहता है। नेक्स्ट
टाइम तुम फिर मेरे ऊपर भरोसा करना। मैं
मेहनत करूंगा। हो सकता है कि इस बार पूरा
भरोसा ना टूटे थोड़ा कम टूटे और फिर ऐसा
घर क्या है? दोबारा बनवा लेंगे। घर क्या
है? तकदीर की खेती है। फिर तकदीर की बारिश
होगी। दोबारा ऐसा घर उगाएगा।
लेकिन मैं इस घर को छोड़कर कहां जा सकती
हूं? मुझ पर तरस खाओ। मुझ पर रहम करो
भैया। ये ये अचानक तुम्हारी नियत कैसे बदल
गई? तुम इतने क्यों बदल गए?
अरे नहीं नहीं दीदी। मैं नहीं बदला। दरअसल
तुम्हारा वक्त बदल गया है। अरे कसम
अंग्रेज की आप इंडियन लोग ऐसे खड़े क्यों
हैं? चलिए चलिए जल्दी कीजिए। इनका सामान
निकाल कर बाहर फेंकिए। जल्दी क्विक जो
सरकारी काम है वो तो करना ही पड़ेगा।
[संगीत]
[संगीत]
एहसान फरामोश तू अपनी औकात भूल गई। अरे
रामबाबू ने तुझे इस झोपड़े से निकाल कर बड़े
घर की बहू बनाया।
अनपढ़ गवार जाहिल होते हुए भी एक डॉक्टर से
तेरी शादी करवाई और तूने तूने उस घर में
खुशियां बिखेरने के बजाय मेरे देवता
स्वरूप मालिक को बर्बाद करके रख दिया।
ये दिन देखने से पहले मैं मर क्यों नहीं
गया?
मुझे क्षमा कर दीजिए पिताजी। मुझसे बहुत
बड़ी भूल हो गई। [हंसी]
मुझे माफ़ कर दीजिए पिताजी।
बर्बादी फैलाने के बाद माफी मांगने से
क्या होता है?
तू जा चली जा। मेरे घर में तेरे लिए कोई
जगह नहीं।
नहीं चाहिए मुझे ऐसी औलाद। तू जा यहां से।
ऐसा मत कहिए पिताजी। ऐसा मत कहिए। आप मेरा
सर काट दीजिए। मुझे जो सजा देनी हो दे
दीजिए। मुझे माफ कर दीजिए पिताजी। एक बार
मुझे माफ़ कर दीजिए।
मैं कौन होता हूं तुझे माफ़ करने वाला?
अगर तुझे माफी मांगनी है तो मेरे साथ उस
देवता के घर चल। उसके पैर पकड़ के माफी
मांग। अगर उसने माफ किया तो ठीक नहीं तो
मैं वही तेरा गला दबाकर तुझे मार डालूंगा।
खुद भी अपनी जान दे दूंगा।
रमू काका आप यहां
आपको खबर करने आया हूं। शीतल बाबू ने धोखा
देकर छोटी मालकिन से मकान छीन लिया है और
उन्हें घर से बाहर निकाल [संगीत] दिया है।
मुझे भी नौकरी से बाहर कर दिया है। मालकी।
क्या? तू बहू कहां है?
अपने मायके पे।
हे [संगीत] भगवान। ये भी क्या इसी समय
इनकी बीमारी के वक्त होना था? मालिक क्या
[संगीत] हुआ है मालिक को?
देखो ना कैसे बेहोश पड़े हैं और दवाई के
लिए पैसे भी नहीं है। [संगीत]
ये लो रामू काका
मालकिन इसे बेचकर इनकी दवाई ले आओ।
नहीं नहीं मालकिन ये आपके सुहाग की निशानी
है। भगवान का आशीर्वाद है। मैं इसे नहीं
बेच पाऊंगा। ना काका अपने भगवान को बचाने
के लिए मैं भगवान के आशीर्वाद को बेच सकती
हूं।
लेकिन अपने भगवान को इस हालत में नहीं देख
सकती।
रमू काका इस मंगलसूत्र को बेच दो।
नहीं दीदी। आप मंगलसूत्र नहीं बेचेंगी?
हां दीदी। आप देवी हैं। देवी की सुहाग की
निशानी बिक जाए [हंसी] तो कयामत आ जाएगी।
आपने कई बार मेरे सुहाग की रक्षा की। मगर
मैं अभागन हमेशा आपको गलत समझती रही। आप
मुझे अपनी सेवा करने का मौका दीजिए दीदी।
आपके सुहाग की रक्षा के लिए मैं अपना सब
कुछ कुर्बान कर दूंगी। ये लीजिए। ये
लीजिए। [संगीत] इसे बेचकर इसे बेचकर
दवाइयां ले आइए।
बहु ये क्या कर रही हो? दीदी ये सब कुछ जो
दिया हुआ है आप ही का तो है। अगर मैं अगर
मैं खून बेचकर भी बाबूजी के लिए कुछ कर
पाऊं तो मैं अपने आप को भाग्यशाली
समझूंगी।
मुझे अपना कर्तव्य निभाने दीजिए दीदी।
मुझे अपनी मुझे अपने पापों की सजा मिल
चुकी है। मैं घर से बेघर हो गई। जलील हो
गई। ये दिन जो आप लोगों को देखना पड़ा।
सिर्फ मेरी वजह से
मैं आपकी बहुत बड़ी गुनहगार हूं दीदी।
मुझे माफ कर दीजिए दीदी। मुझे माफ कर
दीजिए दीदी। मुझे माफ कर दीजिए।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
मैं तुमसे प्यार करता हूं। हां जी प्यार
करता हूं। [संगीत] दीवाना पार करता हूं।
मैं तुमसे प्यार [संगीत]
करता हूं।
आ
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
करने वादा
कर [संगीत] दिया। ऐ मालिक मेरे तूने क्या
कर दिया। लबों से मेरे हो [संगीत]
क्यों आ
मेरा भर दिया
[संगीत]
मेरे साथ
जा [संगीत]
कैसे
हो जाना [संगीत] जाना
मैं तुमसे प्यार करता हूं प्यार प्यार
करता हूं दीवाना पार [संगीत] करता हूं मैं
तुमसे प्यार
करता हूं [संगीत]
[संगीत] आ
[संगीत]
जुदा हो के तुझसे [संगीत] किधर जाएंगे
कसम तेरी जीतेगी [संगीत]
मर जाएंगे
मेरा रास्ता मेरी मंजिल [संगीत] है तू सनम
भर के पीछे तेरे आएंगे
[संगीत]
तेरा जाना
[संगीत]
तुमसे प्यार [संगीत] करता हूं हां हां जी
प्यार करता हूं दीवाना वार करता हूं मैं
[संगीत] तुमसे प्यार
करता हूं
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
बेशर्म बेहया तेरी तेरी इतनी हिम्मत कि आज
तू मेरे सामने खड़ा होकर सिगरेट पी रहा है
लो मैं क्या तुमसे डरता हूं क्या अरे आज
तो मैं सिगरेट पी रहा हूं। कल से मैं
तुम्हारे सामने शराब पऊंगा। घर में चंपा
बाई को लाकर नाच कराऊंगा। दुनिया भर की
बदमाशियां करूंगा। अरे तुम देखते तो जाओ।
क्या तू तू मेरे सामने बदमाशियां करेगा?
हां जुआ खेलूंगा। गुंडागर्दी करूंगा। मैं
किसी के बाप से डरता हूं क्या?
तूवर तू मेरे सामने दुनिया की हर बुराई
करेगा और मैं देखता रहूंगा। मैं तुझे जान
से मारूंगा। [संगीत]
वाह भैया आज तुमने पहली बार हाथ उठाया है।
इस उठे हुए हाथ को गिरने मत देना। ये
मदानगी का झंडा है। आज पहली बार तुमने
सबूत दिया है कि तुम बुज़दिल नहीं हो। मर्द
हो। इस मदानगी के हथियार को तलवार की तरह
चलाओ। भैया। घर की चार दीवारी में बहुत
जुल्म बन रहा है। उसका सर्वनाश कर डालिए।
अपनी मासूम बेजुबान भाभी अत्याचार की
चक्की में सुबह शाम पीस रही है। उसे बचा
लो भैया। उसे बचा लो। वो बड़े घर की बच्ची
है। गरीबों के घर में उस पर जुल्म होगा तो
गरीबी बदनाम हो जाएगी। आज गरीबों की इज्जत
तुम्हारे हाथ में है। जय बजरंगबली बोलकर
हमला कर दीजिए और गरीबी की इज्जत को दाग
लगने से बचा लो भैया बचा लो।
[संगीत]
अरे वाह भोले तूने मेरे हाथ की बेधारी
तलवार को धार लगा दी बेटे।
उस बिल्ली की पट्टी से बंद मेरी आंखें खोल
दी। अब देखना इस तलवार का वार घरवाली का
व्यवहार कैसे बदलता है। तू भी चल के देख
लेना। वहां जाके घबराना नहीं भैया। रास्ते
में बजरंगबली का नारा लगाते चलो।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली। जय बजरंगबली।
[नाक से की जाने वाली आवाज़]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
दीदी क्या है?
दीदी ये तार कब आया?
परसों आया था।
परसों? आपने मुझे बताया क्यों नहीं?
ए
आवाज नीची कर और ये आंखें है ना जरा छोटी
करके बात कर वरना दो उंगलियों से तेरी
आंखें निकाल डालूंगी समझी
आज आप मेरी जान क्यों ना ले ले मैं ये पूछ
कर रहूंगी कि आपने मुझे इस तार के बारे
में बताया क्यों नहीं
रुक जाओ बजरंगबली
जय बजरंगबली
जय बजरंगबली जय बजरंगबली
खबरदार जो तुम लोग मेरे बीच में बोले तो
ये कमी नहीं दिन रात यहां बैठकर हराम की
रोटियां तोड़ती है और तड़पती है अपनी जीजा
की बीमारी के लिए आज तो मैं इसकी हड्डियां
तोड़ के ही रखूंगी।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
आज तो मैं तेरी ऐसी मरम्मत करूंगा।
ठो, ठो, ठो। ये डंडे का झंडा मुझे देना।
आज मरम्मत मैं करूंगा।
जय बजरंगली।
हड्डियां मैं तोडूंगा।
जय बजरंगबली।
तुम्हारे हाथों में इतना दम है कि डंडा भी
उठा सको।
अरे ये बरसो से सोया हुआ हाथ हाथ जागा है।
ऐ लौड़की इधर आ। अब देखना। ये हाथ का डंडा
क्रिकेट बैट की तरह कैसे काम करता है। लाओ
मुझे दो। ये लो और आज इसकी ऐसी मरम्मत करो
कि इसकी हड्डियों का पानी पानी हो जाए।
बिल्कुल पहले तो हड्डियों का पानी
बनाऊंगा।
हम फिर उस पानी से नहाऊंगा। वाह फिर चमड़े
का तौलिया बना के उससे अपना बदन
पहुंचूंगा।
वाह क्यों बोले?
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
तोड़ दुश्मन की नली।
तोडू
ये क्या कर रहे हो? मुझे क्यों मार रहे
हो? अरे मुझे क्यों मार रहे हो?
अरे मत मारो। ना तेरे गिरे तेरे।
ये क्या कर रहे हो? तुम्हारा दिमाग तो
ख़राब नहीं हो गया? दिमाग खराब नहीं हुआ
है। [हंसी] आज पहली बार दिमाग है।
ओह मेरी मां।
हर बार आराम करती रहती है। तेरी लड्डू
खाएगी।
साली घर भर भर के लड्डू खाएगी। और जानवरों
की तरह काम करने वाली उस मासूम लड़की पर
दिन भर जुल्म करेगी। करेगी जुल्म।
अरे करेगी जुल्म। वाह।
ये दीदी के साथ ठीक नहीं कर रहे हैं।
अरे तुम किस मिट्टी की बनी हुई हो? उस
मिठाई वाले के पैसे चुकाते चुकाते हमारी
कमर टूट गई। थोड़ा बहुत ब्याज तो वसूल करने
दो। वाह भाई साहब ना
तुझसे तो मुझे 12 साल के बदले लेने हैं।
अब 12 साल में से सिर्फ 5 मिनट के बदले
लिए मैंने। 5 मिनट के। तीन साल तक तुझे
इसी तरह लगातार मारता रहूंगा। तब कहीं
जाके मेरे दिल के 1 करोड़ छालों में से
10-12 छाले सूखेंगे।
बता
मुझे माफ [हंसी] कर दो। क्षमा कर दो मुझे।
तुम जो कहोगे मैं करूंगी।
इस घर की नौकरानी बन कर रहूंगी। मत मारो
मुझे। मत मारो।
माफी [हंसी] मुझसे नहीं।
उस मासूम लड़की से मांग। जा।
मुझे माफ कर दे बेटी। माफ कर।
नहीं नहीं।
अब मैं तुझ पर जुल्म कभी नहीं करूंगी। कभी
नहीं करूंगी। नहीं दीदी, आप तो बड़ी हैं।
ये आप क्या कह रही हैं?
तो खाओ कसम कि आज के बाद तुम्हारे ये सारे
नखरे नटक बंद। एक सीधी साधी घरेलू औरत
बनके इस घर में रहोगी और शाम जैसी लंबी
जबान को अपने मुंह के बिल में हमेशा के
लिए कैद करके रखोगी। खाओ कसम।
मैं कसम खाती हूं। आज के बाद मैं सुधर
जाऊंगी। जैसा आप कहेंगे वैसा करूंगी।
ठीक है।
हां बोल बेटी। तू क्या कहती है?
अरे भैया मुझे मेरे जीजा जी के पास ले
चलिए।
उनकी तबीयत बहुत खराब है। मैं आपसे हाथ
जोड़कर प्रार्थना करती हूं। मुझे उनके पास
बस जाने दीजिए।
नहीं नहीं बहन हाथ नहीं जोड़ते। हुकुम
करो। अरे बहनें अपने भाइयों से भीख थोड़ी
मांगती है। अधिकार मांगती है। मैं खुद
तुमको तुम्हारे घर पर बड़ी इज्जत से छोड़
के आऊंगा क्या भाई साहब?
हां भोला बिल्कुल ठीक कह रहा है। जाओ जाकर
तैयार हो जाओ। और सुनो अपना चेहरा थोड़ा
साफ कर लो। आंसुओं के साथ नाक बह कर पूरा
चेहरा गीला कर लिया है। जाओ। [हंसी]
और तुम खड़े खड़े मुंह क्या देख रही हो?
आप जाओ ठोकरमल हलवाई के पास और मेरे लिए
दो किलो लड्डू ले आओ जाओ जाओ
ये क्या किया भाई साहब आपने
क्यों अरे फिर लड्डू खाने भेज दिया उसको
अरे हट आज से लड्डू हम खाएंगे
जीजा जीजा
जी मैं आ गई जीजा जी मैं आ गई
[हंसी] आप ठीक हो जाइए जीजा जी मैं आपको
छोड़कर कभी नहीं जाऊंगी जीजा जी कभी नहीं
जाऊंगी जीजा जी बस आप ठीक हो जाइए।
गीता [रोने की आवाज़] रो मत रो मत गीता सब
ठीक हो जाएगा।
डॉक्टर ने कहा है दो-चार दिन में अच्छे हो
जाएंगे। आओ आओ मेरे साथ। [संगीत]
ये ड्राइवर कहां चला गया?
मैं देखता हूं।
कौन हो तुम लोग? छोड़ो मुझे।
[संगीत]
[चीखने की आवाज़]
श्याम भैया
[संगीत]
[चीखने की आवाज़]
भाई
[संगीत]
[संगीत]
किसने भेजा तुझे? किसने भेजा तुझे? बता
दूंगा।
चेतन चेतन
अरे मोहन भैया
अरे शाह का भैया कैसा भैया घर के तो
बंटवारा करा दिया भाइयों में फूट डाल दी
उसके बाद शर्म नहीं आती मुझे भाई कहते हुए
मैंने कोई बंटवारा नहीं कराया ये क्या कह
रहे हो तुम अब झूठ बोलकर अपने गुनाहों पर
पर्दा मत डालो क्या तुमने शीतल के हाथ से
जायदाद का बंटवारा कराने की चिट्ठी नहीं
बजाई थी
एक मिनट मोहन एक मिनट ये सारे फसाद की जड़
शीतल है उसी ने मेरे कान भरे और मुझे
मजबूर किया कि मैं इन्हें लेकर किसी हिल
स्टेशन पर चली जाऊं ताकि पीछे से वो अपनी
मनमानी कर सके। मोहन शीतल का साथ देकर जो
मैंने पाप किया है उसकी सजा तो भगवान ने
मुझे दे दी है।
मैंने अपना [हंसी] बच्चा खो दिया है।
शीतल
क्या? वो दोनों बच गए। अबे उल्लू के पट्टो
तुम
[संगीत]
मर यार वो दोनों साले कहीं अगर पुलिस के
पास पहुंच गए तो अपना तो बैंड क्या है?
पुलिस तो बाद में डंडे लगाएगी बेटे। पहले
हम जूतों से तेरा हिसाब पूरा करेंगे।
अरे जीजा जी, अच्छा हुआ आप आ गए। ये तो
मुझे जूतों से मारने की बात करता है।
ए जीजा जी आप क्या ये भी कोई तरीका है
अपने साले को मारने का?
हां हां इस साले की तो बोटी बोटी करके
कुत्तों को खिलाना चाहिए। [संगीत]
मोना कसम अंग्रेज की मैंने ये सब कुछ तेरे
लिए ही तो किया है मेरी बहन।
अरे अरे भाभी ऐसे थोड़ी मारते। मारते हैं।
ऐसे मारते हैं। ऐसे मारते हैं साले को।
ऐसे मारते हैं। अंग्रेज की
अंग्रेज की नाजायज औलाद। ये है मेरे भैया
का दिल तोड़ने के लिए। और ये है मेरी भाभी
को रुलाने के लिए। ये है श्याम भैया के
लिए। अबे इधर आ। बहुत सगाया तूने। और ये
है मेरी।
[संगीत]
डैडी आप
डैडी देखिए ना ये लोग किस बेदर्दी से मुझे
खमखमे मार रहे हैं।
पिताजी ये भाई नहीं कसाई है।
शैतान सच बता। तूने कौन सा नया गुल खिलाया
है? अरे शैतान तूने इसी घर में जन्म लेना
था।
चाचा जी इसे जान से मार डालिए। इसने हमारे
घर को तबाह किया है। इसे मत छोड़िएगा।
चाचा जी।
इस शैतान ने जाली चिट्ठी बनाकर हमारे घर
का बंटवारा करवाया। दुकान का दीवाना निकाल
दिया। हम सबको गांव जाना पड़ा। मुझे शहर
जाकर नौकरी करनी पड़ी। पता नहीं राम भैया
अब किस हाल में होंगे।
मोहन। राम की तबीियत ठीक नहीं है। [संगीत]
भैया की तबीियत ठीक नहीं है?
हां हां मुझे टेलीग्राम आया है। इसलिए मैं
यहां आया हूं।
लेकिन पहले वहां चलो और इस शैतान को भी ले
चलो। चल चल [संगीत] चली चाचा आओ भैया
आ चलो
भैया
[संगीत] भैया भैया आंखे खोलो भैया भैया
भैया आंखे खोलो भैया देखो कौन आया है
भैया मैं आया हूं भैया भैया देखो श्याम
आया श्याम भैया
राम बेटे देखो तुम्हारे सभी यहां आ गए
[संगीत]
यह अपने किए पर बहुत शर्मिंदा है। इसे माफ
कर दो। [संगीत]
अरे माफी मांग
चल चल
राम भैया
मुझे [संगीत] माफ कर दीजिए। मैं आपका
गुनहगार हूं। मैं पापी हूं। मुझे माफ कर
दीजिए। भैया
[संगीत]
लगता है भैया तकलीफ में है। मुझे जाना
होगा।
देखिए अगर आप दवाई नहीं पिएंगे तो ठीक
कैसे होंगे?
[संगीत]
[संगीत]
वो सब है [संगीत]
सोहन वो भी अभी आता होगा उसे खबर मिल गई
होगी
भैया भाभी [संगीत]
भाभी ये सब क्या है मेरे पिता समान भाई और
मां समान भाभी का क्या हाल हो गया है भैया
भैया
ये सब क्या हो गया? आप लोगों का यह हाल
देखने से पहले मैं मर क्यों नहीं गया
भैया? मर क्यों नहीं गया? [संगीत]
मैं शहर के घर में गया तो पता चला अब लोग
यहां आ गए और यहां आया तो
आखिर बता तो सही भाभी हुआ और क्या है?
कुछ नहीं बेटा। जब बुरे दिन आते हैं तो
बदनसीबी रूप बदल बदल कर आती है। इन्हें ना
जाने कौन सा दिली सदमा पहुंचा कि इनकी
बोलने की शक्ति ही चली गई। हर घड़ी जैसे
किसी गहरे सदमे में खोए रहते हैं।
चिंता मत करो भाभी। ये सब
मेरी कमजोरी और बुजदिली की वजह से हुआ है।
वरना यह दिन देखना नसीब ना होता।
भाभी
सारा सामान ले आई हूं।
तुम
[संगीत]
[संगीत]
वहीं रुक जाओ।
[संगीत]
तुम इस घर में क्या कर रही हो?
जो एक बहू को अपने ससुराल में आकर करना
चाहिए।
बहू कैसी बहू? किसकी बहू?
तुम बहू नहीं नूसत हो। बर्बादी हो तबाही
हो। तुमने इस घर में कदम रखते ही इस बसे
बसाए घर को उजाड़ दिया। इस परिवार को
बर्बाद कर दिया। मेरे भैया और भाभी को
कहां से कहां पहुंचा दिया? आज मेरा भाई एक
जिंदा लाश बनकर पड़ा हुआ है तो सिर्फ
तुम्हारी वजह से। और अब तुम इस घर में बहू
का हाथ तलाश करने आई हो। निकल जाओ यहां
से।
सोहन ये तू कैसी बातें कर रहा है?
भाभी तुम बीच में मत बोलो। मैं इस औरत की
शक्ल भी नहीं देखना चाहता। ये मनुष्य है।
ये पहले दिन ही अपने कदमों में बहूसत के
पांव लेकर आई थी। यह मेरी बहू है, मेरी
बेटी है।
ये अपने बाप की बेटी नहीं बन सकी तो
तुम्हारी बेटी क्या बनेगी? ये नागिन सांप
है। इसे अपने ममता के आंचल में सहारा मत
दो भाभी। वरना ये तुम्हारे कलेजे को डस
लेगी। अरे तू अब यहां आगे खड़ी है। निकल
जा यहां से निकल।
मैं कसूरवार हूं। आपको जो सजा देनी हो
मुझे दे दीजिए। लेकिन मैं इस घर से नहीं
जाऊंगी।
तुम्हें हर हालत में इस घर से जाना
पड़ेगा।
जीतेजी तो नहीं जाऊंगी।
डोली पर बैठकर आई थी। अर्थी पर लेट कर ही
जाऊंगी।
तुम जैसी औरतों को डोली पर बैठने का हक
नहीं होता। अगर अपने पापों का प्रायश्चित
करना है तो जाओ। जाकर अपनी अर्थी खुद जला
कर लेट जाओ उस पर।
सोहन ये तू क्या कह रहा है?
मैं ठीक कह रहा हूं भाभी। ऐसे लोगों का
यही असर होना चाहिए।
ठीक है। अगर आपकी यही इच्छा है तो यही
सही।
[संगीत]
ये क्या कर रही हो?
अरे भाभी तुम हट जाओ।
ये क्या कर रहा है?
मैं कहता हूं भाभी हट जाओ। ये ढोंगी
नाटकबाज है। ये अपने आप को क्या जलाएगी?
ये दूसरों का सुख चैन जलाती है। दूसरों का
घर जलाती है।
शीरा ये क्या कर रही हो? बेटी सुनो क्या
कर रही हो? [संगीत]
अरे जल जाने दो भाभी।
ये पाप है।
अरे पाप बाप कुछ नहीं भाभी। ऐसी डायन जले
तो कुछ पाप नहीं होता। जा भाभी रुक जाओ मत
करो [संगीत]
चलने दो इसको क्या कर रही है
रुक जाओ भाभी रुक जाओ
चलने दो
चले तो ये अच्छा है क्या चलने दो इसको
नहीं भाभी मैं नहीं जाने चलने दो इसको
बचाओ इसे बचाओ हे भगवान ये क्या हो रहा है
क्या हो जाएगी शिया
ये क्या हो रहा है? हे भगवान ये क्या हो
रहा है?
छोड़ देंगे।
[संगीत]
[संगीत]
शीला तू ठीक है ना बेटी तू ठीक है ना
[संगीत]
बेशर्म बेहया
नालायक तू मेरा भाई है। अरे तू मेरे जीते
जी मेरी आंखों के सामने मेरी बहू की जान
ले रहा है। कमबख्त आज मेरी सिर्फ जुबान
चली गई तो तू अपनी मनमानी कर रहा है। कल
अगर मैं मर गया तो नहीं भैया नहीं। ऐसा मत
कहिए। आपकी जिंदगी के लिए ही मैंने ये कदम
उठाया।
मेरे लिए।
हां भैया।
आपने अपने इस भाई को डॉक्टर बनाया और इस
डॉक्टर ने अपने बेजुबान [संगीत] भाई को
बिस्तर से उठा दिया।
तू क्या कह रहा है? मेरी कुछ समझ में नहीं
आ रहा है।
भैया [संगीत]
जैसे ही मैंने शीला को यहां देखा तो एक
तजुर्बे का ख्याल मेरे मन में आया।
आप प्यार की बोली बोलते हैं, जज्बात की
भाषा समझते हैं और जज्बात के झटके से ही
आपको बिस्तर से उठाया जा सकता है।
तो [संगीत] मैंने ऐसा माहौल पैदा कर दिया
कि शीला यह कदम उठाने पर मजबूर हो गई।
[संगीत]
भैया
अगर फिर भी आप समझते हैं कि मैंने कुछ गलत
किया है तो मुझे माफ कर दीजिए भैया।
[संगीत]
ये तो ऐसे लगता है ऐसे लगता है जैसे मेरी
सारी जिंदगी की मेहनत मेरी तपस्या
[संगीत]
मेरे सारे कर्मों का मुझे फल मिल गया आज
मेरा भाई मेरा बच्चा इतना बड़ा डॉक्टर हो
गया कि अपने बेजुबान भाई को बोलना सिखा
दिया मरते हुए भाई को पैरों पे खड़ा कर
दिया
बेटा
तूने वाकई अपने भाई को जिंदगी तोहफे में
दी है रे मेरे बेटे
एक एहसान और कर दे मेरे बेटे। हुक्म कीजिए
भैया। ये जो मेरी बहू है ना
ये बहुत दुखी है बेचारी। इसे क्षमा कर दे।
इसे अपना ले बेटा। माफ कर दे [संगीत]
बेटा।
[संगीत] भैया अब आप हमें एक तोहफा दीजिए।
नहीं?
हां। गीता को इस घर की बहू बना दीजिए। मैं
उनसे शादी करके। अरे बेटा मैं तू कब से
खुद ये हुज्जत कर रहा हूं। मगर तेरी ये
भाभी नहीं मानती उसको राजी कर।
हां कह दीजिए ना भाभी। जैसे तुम लोगों की
मर्जी है।
[संगीत]
एक चोटी काटी है। ओम जय जय मंगल महाकाली।
[संगीत]
शर्मा रही है [हंसी]
माटी एडियट
यूं एडियट खबरदार जो मुझे हाथ लगाया तो
तुम्हारी उंगली करने की आदत नहीं गई अब तक
हां शर्म नहीं आती एक अकेली लड़की को कमरे
में देख कर उसे छेड़ते हो
लड़की किधर है लड़की कहां है लड़की किधर
है
लो इधर तुम्हारे सामने
तुम लड़की [चीखने की आवाज़] हो अरे
हां
अरे तुम तुम तो मेरी पत्नी हो और तुम्हारे
साथ वो सब कुछ करने का मुझे परमिशन मिल
गया अब
वो सब कुछ क्या है?
लो पूछ रही है अगर मैंने कुछ नहीं किया ना
तो वो लोग वहां बैठे पर्दे में घुसकर मुझे
मारेंगे। समझी? [चीखने की आवाज़]
वो कौन लोग?
लो इडियट है।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
जो था करना इन्हें वो इन्होंने किया।
[संगीत]
जो था करना इन्हें वो इन्होंने किया। बस
अपना निभाएंगे
हम।
इनकी आंखों ने देखे जो सपने यहां सच
उन्हें कर दिखाएंगे [संगीत] हम।
प्यार से घर कोई स्वर्ग [संगीत] कैसे बने
हम बता देंगे संसार को
हम बता देंगे संसार को
[संगीत]
जीजा मेरे राम जैसे रहना है सीता इनके
[संगीत] वचन जैसे रामायण सीता
इनके वचन [संगीत]
जैसे जय जय रामायण हरी
मन मंदिर में [संगीत] इनको बिठाकर
क्यों ना करे इनकी पूजा
भैया मेरे राम भाभी [संगीत]
सीता
आ भैया मेरे राम भाभी सीता
आ भैया मेरे [संगीत] राम भाभी सीता
आ भैया मेरे श्री राम श्री राम
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