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Original subtitles

येर 2009 केरला के कासर गोड डिस्ट्रिक के रहने वाली 25 यर ओल्ड पुष्पा हर

रोज की तरह अपने काम पर जा रही थी वो एक हॉस्टल मेस में एज़ा कुक काम किया करती थी

पुष्पा एक लोवर मिडल क्लास बैगराउंड से बिलॉंग करती थी सोसाइटी का एक ऐसा हिस

हमेशा के लिए बदलने वाली थी क्योंकि जब वो काम पे जा रही थी तो उसने ये चीज नोटिस

करी कि एक आदमी उसे कोने से काफी देर से घूर रहा था तो इससे पहले कि वो इस बात पर

रियाक कर पाती वो आदमी खुद चल कर पुष्पा के पास आया और उसने

खुद

क एक highly educated और well doing background से belong करता है nothing

about him seemed fishy and he did not look like a creep at all इसलिए पुष्पा

उसे देखकर काफी जादा confused हो गई थी मोहन पुष्पा के पास आया और एक flattering

tone में उससे कहा कि वो उससे इतने देर से इसलिए देख रहा था किकी पहली नजर में ही

मोहन उससे प्यार कर बैठा था ये बात सुनक

था जब उससे किसी ने ऐसा कुछ कहा था मोहन ने पुष्पा को ये भी बताया कि वो एक

government teacher था और आपको तो पता ही है इंडिया में government service से

belong करना कितना जादा credibility बढ़ा देता एक इंसान की so from this point

onwards पुष्पा इस आदमी से frequently मिलने लगी थी और बहुत जल्द पुष्पा ने

इस

तरह रहने लगे थे लेकिन आप लोगों ने देखा होगा कि अक्सर relationship में

especially लड़कियों को ये चिंता होती है कि कहीं उनका partner उन्हें कहीं सिर्फ

बस use करने के लिए तो नहीं रख रहा है वो उन्हें use करने के बाद कहीं उसे छोड़ तो

नहीं देगा और पुष्पा को भी

इसी

पुष्पा के

परिवार

को बताया था

और उसने ये तक बता दिया था कि वो पुष्पा को पसंद करता है और उससे शादी करना चाता

है Now, being from a lower middle class family पुष्पा के parents के लिए उनकी

बेटी की शादी करवा इस चीज को

पूरा करने से उन्हें जो चीज रोक रही थी वो था पैसा They knew this thing की अपनी

बेटी की शादी कराने के लिए सबसे पहली बात तो arrangement में बहुत सारे पैसे लग

जाएंगे और दूसरी बात ये भी थी की अगर एक सरकारी नौकरी वाला इंसान मेरी बेटी से

शादी कर �

पोजल रखा तो उसने दहेज लेने से साफ मना कर दिया था ये चीज पुष्पा के परिवार के लिए

किसी सपने से कम नहीं थी और उन्होंने मन ही मन पुष्पा और मोहन के इस रिष्टे को हाँ

बोल दिया था इसे एक्सेप्ट कर लिया था ओन 8 जुलाई 2009 पुष्पा अपने घर से अराउंड 60

किरमेटर दूर सूलिय के एक मंदिर के लि

रियालिटी वो मनोज के साथ बैंगलोर एक ट्रिप पर जा रही थी मंदिर में मिलने के बाद मनोज

और पुष्पा दोनों ने बस पकड़ी और बैंगलोर के मैजिस्टिक सिटी के उपर पेट एरिया पर

पहुँच चुके थे वो दोनों वही पास में एक होटेल लेकर उन्हो

which is very typical for committed people और इतने दिनों तक मनोज के साथ

अकेले रहकर पुष्पा को ये लगने लगा था कि मनोज को वो काफी जादा करीबी से जानने लगी

है वो इस बात को सोचकर खुश थी कि जिस आदमी से वो इतना जादा प्यार करने लगी थी उसी के

साथ उसकी शादी भी होने वाल

पुष्पा और मनोज इस ट्रिप को एंड करके फाइनली वापस लोटने वाले थे क्योंकि इतना

ही दिनों तक बिना बताए घर से लिकले रहने पर ओविसली पुष्पा के परिवार वाले भी काफी

जादा वरड होने लगेंगे लेकिन अनफॉर्चिनेटली पुष्पा

कभी

और तब मनोज ने उन्हें बताया था कि वो पुष्पा के साथ घूमने के लिए बैंगलॉर आया

हुआ था लेकिन उसके बाद से ही वो उससे कॉंटैक्ट नहीं कर पा रहा था ऐसे करते करते

पूरे दू महीने बीद गए थे और पुष्पा का कुछ भी पता नहीं चल रहा

थ

रहे थे न्यूज में बता रहे थे कि मनोज अब अरेस्ट हो चुका था और जब पुष्पा की बेहन

को उसके अरेस्ट होने का रीजन पता चला तो उसके पैरों तले जमीन निकल गई क्योंकि जिस

आदमी को ये लोग मनोज के नाम से जानते थे वो कोई गॉर्मेंट टीचर �

था जो कि इतनी सारी औरतों की जान ले चुका था उस पॉइंट पर कि वो खुद उन औरतों का

अकाउंट भूल लिया था इसका असली नाम न्यूस चैनल पर एट लीस्ट मोहन बताय जा रहा था और

वो ओरिजिनली करनाटका का था पर आखिर ये मोहन इंसान है कौन और आखि

मोहन का पूरा नाम मोहन कुमार विवेकानन था उसका जन्म 1963 में करनाटका के

दक्षिना कन्नडा डिस्ट्रिक्ट में हुआ था ये एक बेहद रिमोट विलिज था जो कि नॉर्मल

सिविलाइजेशन से काफी दूर हुआ करता था यहाँ पर रहने वाले लोगों के पास पैसे कम

कमाया करते थे और जो बाकी बचेवे लोग थे इस गाउं में वो इन लोग की जमीन पर एजा लेबर

काम करा करते थे तो जो मोहन का परिवार था वो इस दूसरी कैटिगरी को बिलॉंग करता था

being born in a Hindu Dalit family मोहन society के ladder के सबसे निचले हिस्से

में पला बड़ा था माईलपा मोग तुक्रू डेली वेज लेबरर्स थे

जिनके उपर चार बच्चों को पालने की जिम्मदारी थी मुहन उसके दो भाई और एक बड़ी

बहन सिंस ये गाउं सिविलाइजेशन से काफी जादा डिसकनेक्टेट था तो इस गाउं के जो लोग

थे वो यहां से बाहर निकलने के

बा

करके निकाल दिया करते थे लेकिन मोहन और उसके भाई बहन बाकी गाउं वालों से काफी

जादा अलग थे मोहन और उसके सिबलिंग बच्चपन से ही पढ़ाई लिखाई में काफी जादा होशियार

थे और ये काफी जादा रेर चीज थी इस गाउं में क्योंकि जो गाउं के �

जो वहाँ सरकारी स्कूल था वो सिर्फ आठवी कक्षा तक था अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर

इस गाउं को देखते हुए मोहन के पेरिंट्स स्पेशली उसकी मदर ने उन्हें सपोर्ट किया

और उन्हें ढंग से पढ़ने के लिए उन्हें जितना प्रोवाइड कर स

जब मोहन सिर्फ 14 साल का था तब उसके फादर माईलपा ने उन सब को छोड़ दिया था जिसके

कारण परिवार की पूरी जिम्मेदारी अब मोहन की मदर तुकुरू और उसके एल्डेस्ट सन रमेश

पर आ गई थी और इस चीज के कारण रमेश ने अपनी खुद की

पढ़ाई

गाउं से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मोहन पहली बार अपनी स्टडीज को कंटिन्यू करने के

लिए गाउं से बाहर गया था और वो दक्षिना कनड़ा में शिफ्ट हो गया था वहीं से उसने

अपनी स्कूलिंग खतम करी और स्कूल के दौरान मोहन ने अपनी एक स्

नहीं करता था बल्कि काफी अच्छा परफॉर्म भी क्या करता था वो इसलिए उसके स्कूल के

दोस्त उसके टीचर लोग भी यही एक्सपेक्ट कर रहे थे उनसे या फिर यही उम्मीद कर रहे थे

उससे कि स्कूल खतम होने के बाद वो आगे जाकर स्पोर्ट के फील्ड में ह

बनने वाली थी और उसके sports में अच्छी performance और knowledge के कारण उसके

graduate होते ही मोहन को contractual basis पर एक government school में

physical education teacher की नौकरी भी मिल गई थी वैसे तो एक government teacher

बनने के लिए उस वक्त पर teaching diploma की जर्रत हुआ करती थी लेकिन मोहन को एक

government scheme के थूँ बिना किसी diploma के ये job मिल गय थी क्योंकि वो

तलि

जितने भी sacrifices करे थे जितने भी मेहनत करी थी उनका फल उन्हें मिलने वाला

था क्योंकि मोहन की नौकरी लगने के साथ साथ उसके भाई की भी के आर सीटी सी में एक बस

कंडक्टर की नौकरी लग गई थी और यहां तक कि उसकी बैहन की भी postal office में नौकरी

लग गई थी इस परि�

जैसे कि आप लोग देखी सकते हो कि हमारी वीडियो कितनी जादा डीटेल्ड पैक होती है और

इने बनने में कितना जादा टाइम लगता है तो अगर तुम्हें हमें सपोर्ट करना है हमारी

मेहनत को सपोर्ट करना है तो प्लीज जॉइन दे मेंबर्शिप जब तुम लोग में

हो तो भी it's fine. Liking this video, sharing this video, commenting on this

video is more than enough for algorithm ताकि हम और भी ऐसी अच्छी videos बना सकें.

So thank you for joining our membership और इसे के साथ अब हम लोग continue करते

हैं अपने case के उपर.

अब स्कूल में बच्चों का अपने टीचर के उपर क्रश होना कोई नई बात नहीं है और लाइक आ

सेड मोहन फिजिकली काफी ज़्यादा फिट और अथलेटिक दिखता था जिसके कारण वो अपने

फीमेल स्टूडेंट के बीच में काफी ज़्यादा पॉपिलर था मनोर

ने

7th class में बढ़ाई कर रहे थी and I know this thing कि जो मैं अभी बताने वाला हूँ

वो बहुत ही जादा weird चीज है क्योंकि यहाँ पे हम एक adult की बात कर रहे हैं और

एक 7th class की literally बच्ची की बात कर रहे हैं लेकिन मोहन को अपनी ही student

मैरी पसंद आने लगी थी not As a student, बलकि as a potential romantic partner.

And Mary, she also had a crush on him. Mohan हमेशा Mary को class में special

attention दिया करता था. उसे बाकी students से differently वो treat करा

करता था. And he did not even hesitate to make a move on a literal child.

Mary यहाँ पर सिर्फ और सिर्फ एक बच्ची थी. और बच्चे काफी ज़ादा impressionable होते

हैं. उन्हें manipulate करना, उन्हें influence करना काफी ज़ादा आसान होता है.

और इसी चीज़ का फाइदा उठा कर मोहन मैरी के साथ एक relationship में आ गया था अब ये

चीज़ सिर्फ और सिर्फ illegal ही नहीं थी ये चीज़ काफी ज़्यादा immoral भी थी लेकिन

इन सारी चीज़ों के बावजूद भी मोहन ने काफी सारे सालों तक मैरी के साथ ये रिष्टा

continue रखा

till she turned 18 that sounds so wrong on so many levels but yes he waited till

she turned 18 और जैसे ही ये चीज हुई जैसे ही मैरी का 18th birthday आया उसने मैरी

के साथ शादी कर ली थी लेकिन इन लोग का जो ये रिष्टा था इन लोग की जो ये शादी थी ये

शुरुवात से ही doom थी क्योंकि मुहन ने मैरी के साथ शादी तो कर ली थी लेकिन वो

और वो था कल्चरल गैप जहां मोहन एक हिंदू दलित था मैरी एक क्रिस्टियन फैमिली से

बिलॉंग करती थी और ये चीज इन दोनों के बीच फ्रिक्षन का एक बहुत बड़ा पॉइंट बनने वाली

थी क्योंकि मोहन चाहता था कि उसकी वाइफ उसकी ही तरह

हिंदूइज

को निभा रहे थे बलकि थोड़े ही समय में मैरी प्रेगनेंट भी हो गई थी और किसी भी

कपल के लिए प्रेगनेंसी एक ऐसा समय होता है जहां पर वो लोग अपने डिफरेंसेस भुला कर

अपने लड़ाईयां भुला कर अपने जो गुस्सा है उसको हटा कर एक दूसरे की

स्

लेकिन मोहन के केस में इस चीज का बिलकुल opposite हुआ जहां मोहन को इस वक्त मैरी

के साथ रहना चाहिए था उसकी देखभाल करनी चाहिए थी उसकी हर जरूरत को पूरा करना

चाहिए था वो उल्टा उससे अब और भी जादा दूर जाने लगा था It was almost like की मैरी

को लेकर उसके अंदर अब कोई emotion नहीं था, उसके अंदर कोई interest नहीं था मैरी

को लेकर अब, वो अक्सर घर से गायब रहता था, और मैरी को pregnancy के problem से

जूंजने के लिए अकेले छोड़ दिया करता था, at this point मैरी भी मोहन से काफी जादा

चिरने लगी थी, क्योंकि एक तो

उस

पर बस यही लगता था कि हाँ हमारी लड़ाई हो रही है हमारे बीच में अन्बन है इसलिए मोहन

या तो मुझसे बात नहीं कर रहा है या फिर घर पे जादा नहीं रहता है लेकिन इसके पीछे की

सच्चाई काफी जादा डाग थी सच्चाई यह थी कि मोहन के लिए मैरी की

ज

उस समय पर मोहन के लिए मैरी एक burden जैसी feel होनी लगी थी क्योंकि उसे वो सब

कुछ नहीं मिल रहा था जिसके लिए उसने मैरी को चुना था या फिर जो उसे चाहिए था

क्योंकि अब pregnancy के time पर मोहन के physical needs पूरे नहीं हो रहे थे और

जहां एक पती को अपनी पतनी का emotional support बनना

चा

इसका मैरी पर चीट करना सिर्फ एक immoral act नहीं था वल्कि this was the first

evidence जो मोहन के अंदर दबे उसके dark mentality की तरफ हिंट कर रही थी जिस तरह

से मोहन ने इतने casually उस मैरी के ऊपर चीट किया जिसके साथ आने के लिए उसने इतना

कुछ किया था this course just shows you कि उसके lust के सामने प्यार और रिष्

इन सारी की सारी चीजों से तंग आगी थी, और उसने मोहन को divorce देने का फैसला किया

था, और ये फैसला उसने तब लिया था, जब बहुत ही जादा recently उसका बच्चा पैदा हुआ था,

so you could imagine this thing कि वो कितनी जादा desperate रही होगी, इस

relationship से, इस शादी से भागने के लिए, according to reports, मैरी �

affair के बारे में पता चल या होगा

Now, Mary और उसके बच्चे के जिन्दिगे से चले जाने के बाद, Mohan वापस से अकेला हो

गया था. लेकिन इस बात से एक बाब को बिल्कुल भी, Mohan को बिल्कुल भी फरक नहीं

पड़ा. Because he had Vedavati जो की उसकी desires को पूरा कर रही थी. पर अब जब

Mohan एक तरीके से किसी भी

रिष्टे म मैरी वेदावती

बल्कि उसने अब वेदावती के साथ दूसरी औरतों के साथ भी अफेयर करना शुरू कर दिया था इन

1991 उसने अमीना नाम की एक दूसरी औरत के साथ अफेयर शुरू करा और अब ये चीज धीरे

धीरे एक पैटन बनती जा रही थी क्योंकि मोहन के physical needs इतने

ज

फैमिली वालों ने भी ये नोटिस कर लिया था और अब मोहन के फ्यूचर को लेकर उन्हें

चिंता होने लगी थी उन्हें डर था कि अगर मोहन ऐसा ही करता रहा तो वो कभी भी एक

स्टेबल जिंदगी नहीं जी पाएगा और कभी भी वो एक हैपी फैमिली शुरू नहीं कर

प

और यही सोचते हुए उन्होंने डिसाइड किया कि वो लोग एक बार मोहन की शादी कराएंगे और

इस बार यह शादी सेम कास्ट और सेम रिलिजन में होगी यही सोचते हुए मोहन की फैमिली ने

1992 में उसकी शादी मंजुला नाम की औरत से करवा दी जो कि उसके ही तरह एक

हिंदू दलित खांदान से बिलॉंग करती थी मोहन की फैमिली को यह लगता था कि क्योंकि ये

दोनों फैमिली लड़की की फैमिली भी और मोहन की फैमिली भी सेम कमिनिटे से बिलॉंग करते

हैं तो इन दोनों के

बीच

क्योंकि मन्जुल से शादी करने के बाद मोहन की जिन्दिगी में सच में काफी सारे changes

आये थे उसकी contractual नौकरी अब permanent हो चुकी थी वो मन्जुल और अपने

दो बच्चे के साथ एक घर में रहा करता था और जो happy couple के सपने मोहन के परिवारें

देगे थे वो कहीं ना कहीं सच हो �

लेकिन ये grass is green और on the other side ये एक happy family की सिर्फ image

थी जो दूर से लोगों को दिखा करती थी reality उनके घर के अंदर इससे काफी जादा

अलग थी मोहन की जो job थी वो permanent तो हो गए थी लेकिन उसकी नौकरी के अंदर काफी

जादा irregularities थे वो अकसर अपने job से absent रहा करता था और उसके बहुत

frequently transfer भी हो जाया करते थे due to some misconduct जो ये अपने job

में किया करता था इन misconduct के बारे में हम आगे बात करेंगे second half में

बात करेंगे लेकिन यहाँ पर �

अपने घर से अक्सर कहीं दिनों तक गायब रहा करता था और इसका reason वो ये बता कर जाता

था कि उसके job में कोई जरूरी काम आ गया है या फिर उसका कहीं दूसरे district में

transfer हो गया है अब Manjula और Mohan के बाकी घरवालों को जादा knowledge नहीं

थी कि वो अपने job में specifically क्या करता था और इसल

की पीठ पीछे मोहन उन्हें कितना बड़ा धोका दे रहा था मोहन की नई शादी को देखकर उसके

दो बच्चों को देखकर उनके परिवार को देखकर मोहन की फैमिली को यह लगने लगा था कि मोहन

अब सुधर गया है और अब वो बाहर पर जैसे पहले लड़कियों के

उपर

अब अपनी बीवी अपने परिवार के पीट पीछे अपने ही colleagues के साथ hook up करा

करता था so earlier it was his students लेकिन अब वो colleagues पर भी try मारा

करता था क्योंकि उसकी bottom line बस यही थी कि उसे किसी तरह अपनी needs पूरी करनी

होती है पर हद तो तब पार हो गई जब मोहन ने अपनी एक colleague जिसका नाम �

एक शादी उसकी already हो रही थी जिसमें उसके दो बच्चे थे और उसने secretly एक

दूसरी औरत के साथ भी शादी कर ली थी उसने मंजुला को divorce नहीं दिया था in fact

मंजुला को तो इन सारी चीजों के बारे में पता भी नहीं था तो वो एक ही वक्त पर दू

लोगों से married था और उसके �

और मोहन एक गवर्मेंट टीचर होकर आखिर दो दो फैमिली इसको कैसे समाल रहा था, कैसे मैनेज

कर रहा था, और अभी भी दो शादिया करने के बाद भी एक्स्ट्रा मेरिटल अफेर करा करता

था, तो इन सारी जीजों का खर्चा एक गवर्मेंट टीचर की सैलरी पर करना

त

अपने वो dark fantasies में इतना जादा घुस चुका था कि उससे बाहर निकलना या फिर

उन्हें बंद करना simply उसके लिए कोई option नहीं था इसका just like narcotics

ये चीज करना उसके लिए अब एक नशे की तरह थी और इस चीज को करने के लिए वो किसी भी हद

तक जा सकता था इसलिए जब पैसे कम पढ़ने लगे थे उसके पास तब उसने एक के बाद एक बहुत ही

जादा desperate measures लेने शुरू कर दिये थे पहले उसने अपने पास

रखे

तुम लोग यह बताऊंगा तब तुम लोग भी हिल जाओगे थोड़ा सा

अपनी नौकरी में इतने साल काम करते हुए मोहन ने अपने स्कूल के हेड मास्टर की नकली

स्टैम्स और फेक सिगनेचर्स करना सीख लिया था इनकी मदद से वो अब डॉक्यूमेंट्स फोर्ज

करने लगा था जिससे वो इलीगल तरीके से पैसे बना सकता था जब उसकी

सैलर

पैसा कैश करने लगा था यहां तक की अपने principal और बाकी colleagues के

signature copy करके उसने multiple loans भी ले रखे थे उनके नाम पर और कभी कभी वो

इन colleagues को अपना केरेंटर बनाया करता था और इसी तरीके से वो काफी सारा पैसा

लिया करता था बैंक से जिसकी मदद से वो अपनी इस अतरंगी लाइफ को जिया करता था और

दुक्की बात यहाँ पर यह थी कि उसके कॉलीग्स को उसके जो टीचर दोस्ते उन लोग को पता ही

नहीं

थ

कर गाएब हो जाया करता था ऐसा करते करते सालों बीद गए और मोहन बिना किसी प्रॉब्लम

के इसी तरह फ्रॉर्ट करता रहा और अपनी लाइफ स्टाइल कंटिन्यू करता रहा लेकिन उसकी इस

मूद जिन्दिगी में एक बहुत बड़ी रुकावट आने वाली थी जिसका �

इस दोरान उसकी मुलाकात एक रतना नाम की औरत से हुई रतना के साथ भी बहुत जल्द मोहन

का अफेर शुरू हो गया था यहां तक तो मोहन के लिए चीजे काफी जादा नॉर्मल थी लेकिन

उसके लिए प्रॉब्लम तब आना शुरू ही जब रतना मोहन से धीरे धीरे

अट

रतना के साथ उसका जो रिष्टा था वो अलग ही direction में जा रहा था like I said

before मोहन अपने ऐसे affairs को सिर्फ अपनी जरूरत तक ही सीमित रखता था वो उनसे

अपनी जो personal चीजे होती थी उने बिलकुल भी share नहीं करा करता था लेकिन रतना के

साथ तीन साल तक अपना रिष्टा

रखने

चीज मोहन के backfire करने वाली थी क्योंकि रतना ने तो बिलकुल mind बना लिया

था कि वो मोहन के साथ शादी करेगी जब उसे मोहन की दो बीवियों के बारे में पता चला

तो रतना काफी जादा desperate हो गई और मोहन को कहा कि वो उन दोनों को छोड़ कर

रतना से शादी कर ले लेकिन मो

तक successfully दो दो शादियां secretly maintain की थी इतने सारे frauds बिना

पकड़े करे थे और वो अपने spot पर काफी जादा comfortable हो चुका था just because

रथना उससे शादी करना चाती थी मोहन अपने comfort zone से निकल कर अपनी पूरी life

risk में नहीं डालना चाता था इसलिए उसने रथना के साथ शादी करने से मना कर

जवाब में ना सुनने के लिए तैयार नहीं थी जब मोहन ने उससे मना करा तब रतना ने एक

जिद पकड़ ली उसने मोहन से कहा कि अगर वो उससे शादी नहीं करेगा तो वो जाकर उसकी

दोनों बीवियों को सच बता देगी और रतना के मूँसे ये सब कुछ सुनते ही मोहन

बिल्कुल नहीं होने देने वाला था इसी लिए उसने रतना से बात करने के लिए उससे समझाने

के लिए उससे करनाटका के नैतरवती रिवर के ऊपर बने एक ब्रिज पर बुलाया पर जब ये

दोनों ब्रिज पर पहुंचे और उनकी बाते शुरू थी तब ये जो बाते

थी

लेकिन उस दिन रतना की किस्मत काफी जादा अच्छी थी

जब ये सब हुआ तब उस नदी में कुछ लड़के तैर रहे थे और जैसे ही उन्होंने रतना को पानी

में गिरते वे देखा वो तुरंत उसके पास पहुँचे और उसे डूबने से बचा लिया उन्होंने

और इस तरह रतना की जान बाल बाल बच गई थी जब उसे होश आया

के accusations लगाय थे रतना के accusation को support करते हुए एक

fisherman सामने आया जिसने गवाई दी कि उसने मोहन को रतना को धक्का देते हुए देखा

था और इस ही गवाई के basis पर police ने मोहन को arrest करा और jail में डाल दिया

था

अब क्यूंकि इस incident को लेकर कोई concrete proof या फिर evidence नहीं था

तो मोहन के पास एक बहुत ही जादा realistic chance था इस case से बाहर निकरने के लिए

इसलिए मोहन ने तुरंत bail के लिए appeal की और अब ये case court में जा चुका था जब

court की hearing हुई तब मोहन ने argue किया कि उसने रतना को धक्का नहीं दिया �

और जब मोहन ने इस बात से मना कर दिया तब रतना ने बृत से खुद कूद कर अपनी जान

लेने की कोशिश करी और सबसे ज़्यादा शॉकिंग बात इस केस में ये थी कि इस केस के जो की

विटनस थे वो फिशरमेन उसने कोट में जाकर अपनी स्टेटमेंट चेंज कर दी

उस

पूरा टेकावा था तो उसके स्टेटमेंट चेंज होते ही कोड ने मोहन के फेवर में रूल कर

दिया था जजमेंट और उससे बाईज़त बरी कर दिया गया था सिंस वो क्लीन चिट के साथ

निगला था तो उससे उसकी नौकरी भी वापस मिल गई और मोहन वापस अपनी

पुर

लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ surprisingly पहले तो मोहन सिर्फ frauds और extra

marital affairs करा करता था लेकिन इस case से बाहर निकलने के बाद उसका

confidence इतना ज़्यादा बढ़ गया था कि अब वो चूरियां भी करने लगा in 2003 मोहन हर

बार की तरह मैंगलोर में एक नई औरत से मिलने गया था जिसका नाम गंगा मा था गंगा

मा के साथ भी उसने अफेर किया लेकिन अब मोहन के नीट फिजिकल के साथ साथ

मेटीरियलिस्टिक भी हो चुके थे तो इस बार उसे गंगा मा की बॉडी नहीं चाहिए थी बलकि

उसके थूँ वो �

जब भी तैयार होकर बाहर निकला करती थी तो वो अपने महंगे सोने के जेवर पहन कर निकला

करती थी और इसी चीज का फाइदा मोहन उठाना चाहता था एक दिन मोहन ने गंगा मा को

मैंगलोर के कादरी पार्क में मिलने के लिए बुलाया प्रायर टे हिस मीटिंग उसने

गं

तो she trusted him और उन्होंने ये पिल्स consume कर लिये थे लेकिन ये पिल्स

consume करते ही गंगा मा की आखों के सामने अंधेरा सा चा गया था and before she could

do anything वो सीधा पेहोश हो गई क्योंकि गंगा मा failed to realize this thing कि

मोहन ने उन्हें जो पिल्स दिये थे वो contraceptive पिल्स नहीं थे बलकि

sleeping पिल्स थे जैसे ह

छोड़ कर वो वहां से भाग गया ये चीज करने के बाद मोहन ने गंगा मा को अपनी जिन्दगी

से पूरी तरह काट दिया था thinking कि उसने बिना किसी consequences के काफी बड़ा हाथ

मार लिया है लेकिन मोहन के इस elaborate plan में एक बहुत बड़ा loophole था जिसके

बारे में वो जल्द ही जानने व

चीज को हुए अब तीन महने हो चुके थे और मोहन प्रॉबिली अब इस चीज के बारे में जो

उसने गंगा मा के साथ करा था उस चीज के बारे में उसको वो पूरी तरीके से भूल चुका

था क्योंकि इट वास एन एवरी डे थिंग फॉर हिम एड दिस पॉइंट लेकिन

एक

चोरी और धोके के बारे में सब को चीक चीक कर बताने लगी वो, बहुत चल्द ये मैटर पुलिस

तक पहुंच गया, और एक बार फिर मोहन अरेस्ट होने की गगार पर पहुंच चुका था, लेकिन

मोहन ने पुलिस के सामने बहुत जादा रिक्वेस्ट की, सबसे माफी

मांग

ने 15 दिनों के अंदर गंगा मा के गहने वापस कर भी दिये थे और उसने अपने उपर कोई भी

केस होने से खुद को बचा लिया था लेकिन इस चीज के होने के बाद गंगा मा के ऐसे

रैंडमली उससे सड़क में मिलने के बाद मोहन काफी जादा सोच में पढ़ गया था मोहन क

तरीका चाहे था कुछ ऐसा method चाहे था जिससे कि ये पूरा का पूरा risk eliminate

हो जाए he simply just could not kill them क्योंकि फिर उसके लिए problems फिर

और भी जादा बढ़ जाती इसलिए मोहन ने एक ऐसा तरीका अपनाया जिससे सांप भी मर जाता और

लाठी भी ना टूपती

दरसल जब रतना का केस हुआ था उसके उपर तब मोहन ने पूरा एक महिना जेल में बिताया था

इसी दोरान उसकी मुलाकात एक दूसरे कैदी से हुई जो की एक गोल्ड स्मिथ हुआ करता था उस

कैदी के साथ उसकी अच्छी खासी बातचीत हो गई थी और इनी बातों में मो

poison भी है क्योंकि एक बहुत छोटे dose में भी किसी adult की चान ले सकता है और

इससे किसी इंसान के system में detect करना भी आसान नहीं होता and this was

perfect for Mohan क्योंकि इस cyanide का use करके वो अपने सारे के सारे victims को

अपने रास्ते से हटा सकता था बिना किसी problem के वो उन्हें हमेशा के लिए सुला

सकता था and the scary thing was that he could do this thing without getting

himself involved in this लेकिन ये सब कुछ करने के लिए उसे बहुत यादा specific kind

of victims को पकड़ना था क्योंकि एक छोटी सी गलती सी�

for this reason only अपने victims को लेकर मोहन काफी जादा hyper specific हो

गया था अब वो सिर्फ unmarried औरतों को target किया करता था जो कि एक बहुत ही

lower economic background से belong करती थी the reason वो इन औरतों को ही चुनता था

was because इनकी families इनकी शादी करने के लिए काफी जादा desperate हुआ करते थे

क्योंकि उस दोरान dowry लेना देना काफी

के कारण वो चाहकर भी अपनी daughters की शादी नहीं कर पाते थे इसके अलावा अपने

victims को choose करते वक्त मोहन उनके dressing sense और उनके behavior पे काफी

जादा observe करा करता था उसका माना था कि जो लड़कियां well dressed होती हैं जो

औरते well dressed होती हैं और हमेशा अपना सर जुका कर चलती हैं उन्हें फसान

they are minding their own business.

लेकिन असल में इनसे बात करना, इनसे conversation करना, और इन्हें अपने जहासे

में फसाना, उसके लिए काफी जादा आसान हुआ करता था. And in his words only, ऐसी

लड़कियां अंदर से चाहती थी, कि कोई उनसे आकर बात करे. तो 22 year old Vanitha,

दक्षिन कनड़ा की रहने वाली थी. In 2004, �

जो मोहन अपने victims में डूनता था इसलिए unfortunately वो मोहन की इस case spree

की सबसे पहली victim बनने वाली थी बस कुछ ही मुलाकातों के बाद मोहन ने वनिथा को

अपने प्यार के जहांसे में फसा लिया था उसमें उससे बड़े बड़े वादे के थे जैसे कि

वो दोनों साथ रहेंगे वो

उ

कुछ ही समय में वनिथा मोहन पर इतना जादा भरूसा करने लगी थी कि अब मोहन उससे कुछ भी

करवा सकता था और जब मोहन ने ये बात रियलाइस कर ली थी कि वनिथा उसपे पूरा का

पूरा ट्रस करती है तब मोहन ने वनिथा को एक ट्रिप आफर करी वनिथा के

परिवा

मोहन से भाग कर शादी करने वाली थी इसलिए वो अपने साथ अपने पैसे और अपने महंगे जेवर

लेके आई थी thinking कि वो अपनी जिन्दगी की एक नई शुरुवात करेगी मोहन के साथ मोहन

उसे दक्षिना करनाडा district से बाहर लेकर गया और ये लोग हसन नाम के टाउन में �

Mohan's plans क्योंकि इसी बात का excuse देकर वो बाद में अपने असली काम को अंजाम

देने वाला था अगले दिन जब वो लोग इस टाउन से निकल रहे थे तब हसन बस स्टैंड में मोहन

ने वनिथा को कॉंटरसेप्टिव पिल्स दी और उससे कहा कि वो वुमिन्स बाथरूम में जाकर

ये पिल्स कंज्यूम कर ले क्योंकि इसके तुरंत साइड एफेक्स हो सकते हैं जिससे वो

और वो नीचे गिर गई उसके मूँ से सफेद फोम लिकलने लगा और सिर्फ कुछ ही सेकंड में

वनिता की मुथ हो गई जैसे ही मोहन को समझा गया कि उसका काम हो चुका था वो तुरंत वहां

से निकला वापस अपने लॉज गया और वहां से वनिता के सारे गहने और उसके द�

जादा effective था seeing this thing कि सिर्फ एक victim से वो कितने सारे पैसे

कमा सकता है मोहन के अंदर का लालज अब उसके sex addiction से काफी जादा बढ़ चुका था

पैसों के लिए knowing this thing कि एक victim से ही वो इतने सारे पैसे कमा सकता

है और इतने सारे पैसे वो अपनी normal job में कभी भी नहीं कमा पाएगा उसने �

मोहन खुद को एज़ ज्वेलर बता कर बल्क में साइनाइड खरीदा करता था प्रम अ केमिकल डीलर

नेम्ड अब्दूल सलाम और अपने घर पर वो हमेशा एर टाइट कंटेनर्स के अंदर साइनाइड स्टोर

करके रखा करता था और जब भी वो बाहर निकलता तो एक

छोटे

स तो उसके family members ने पुलिस में उसकी missing complaint कराई लेकिन दूसरी

तरफ हसन में कुछ दिनों बाद वनीथा की dead body report की गई थी और पुलिस ने उसकी

death को investigate करने के जगा उसे एक destitute woman की लाश बता कर उसे bury

करवा दिया था without any investigation और ये कोई एक दो बारी की बात नहीं थी ये

एक pattern था पुलिस का जिसका use करके मोहन ने काफी सारे लोगों को मारा था

क्योंकि

पुलिस की लापरवाही के कारण मोहन इतना ज़्यादा फ्री हो गया था और बिना किसी

consequences के वो एक के बाद एक करे जा रहा था जिसको भी वो मारता उनका फोन और वो

सिम कार्ड अपने पास लख लिया करता था और उसका यूज करके वो अपने नेक्स्ट विक्टम को

फसाया करता था इसी तरह से मोहन को डिजिटली ट्रेस कर पाना बहुत ज़्यादा मुश्किल हो

गया था from 2004 to 2008 मोहन ने 20

जिनकी family को मोहन के बारे में पता होता था जैसे की पुष्पा जिसके बारे में

मैंने आपको शुरुवात में बताया था और ऐसे cases में मोहन अपने victims के family के

साथ काफी जादा friendly हो जाया करता था और ये कहकर गुमरा करता था उन्हें कि उनकी

बेटी को वो अपने साथ शादी के �

दूसरे शहर में और वो दोनों काफी खुशी से अपनी जिन्दगी बिता रहे हैं वहाँ ऐसा लगने

लगा था कि मोहन ने एक ऐसा साइकल क्रेट कर दिया था जिसका कोई अंत नहीं था पर 2009

में किसमत ने एक ऐसा खेल खेला जिसकी वज़स से मोहन के सारी काली कर्तूतों

से पर्दाफास होने वाला था अनिता मूल्या एक 22 येर ओल्ड पीडी बनाने वाली थी जो कि

कर्नाटिका के बारिमार विलिज में रहा करती थी और वो अनिता को

फसाने के लिए मोहन ने उससे अपना नाम सुधाकर कुलाल बताया और वो अनिता

को

अनिता को भी उसके घर से भगाया और उससे ये कहा कि हम लोग भाग के शादी कर लेंगे और

वही same उसने trip offer करी थी अनिता को जो उसने वनीता को offer करी थी जो उसने

बाकी लड़कियों को offer करी थी जहां वो इन औरतों को हसना ले जाया करता था on 18th

June 2009 मोहन अनिता को उसी same public toilet के

प

और इस बीच जब अनिता के मिसिंग होने की खबर आई तब राइट विंग के लोगों ने इससे एक लव

जिहाद का एंगल दे दिया था उन्होंने कहा कि अनिता जो लड़की है वो लव जिहाद का शिकार

हो गई है इस चीज की वज़े से ही पुलिस के ऊपर काफी ज़्यादा प्रेशर बन गया था इस केस

को सॉल्व करने के लिए लेकिन दक्षिणा कन्नाडा के पुलिस को ये नहीं पता था कि

वहां से 160 किलोमेटर दूर हस्ना में पुलिस को अनिता की अन आइडेंटिफाइड बॉडी

अल

कर ली होगी and they completely failed to कनेक्ट इस थिंग कि ये जो मिसिंग रिपोर्ट

थी जो दक्षिना कनाडा से आई थी वहाँ से इस चीज को कनेक्ट करना वो लोग बिलकुल मिस

मैनेज कर रहे थे इस चीज पर इस केस को इन्वेस्टिकेट कर रहे इंस्पेक्टर के

अनगोवडा ने पबलिक प्रेशर में

आ

call details record को scan करना शुरू करा, उसके phone records को analyze करने

पर, उन्हें एक सक्ष के बारे में पता चला, जिसे वो frequently, और कभी-कभी गंटों तक,

दिन के unusual hours में, बात किया कर दी थी, इस सक्ष का नाम, श्रीधर पता चला, और

ये, मधिकर का रहने वाला था, लेकिन जब अनिता के भाई से,

इ

और जानती थी कि इस श्रीधर आदमी का आनिता के गायब होने से उसके मरने से कोई ना कोई

तो लेना देना है इसलिए नेक्स्ट चीज उन्होंने श्रीधर को इंवेस्टिगेट करना शुरू

करा और तब उन्हें एक काफी ज्यादा शॉकिंग चीज पता चली

श्रीदर की बेहन कावेरी भी कुछ महीनों पहले ऐसे ही मिस्टीरियस्ली गायब हो गई थी ये

चीज कोईंसिडेंस तो बिलकुल भी नहीं लग रही थी उन्हें इसलिए पुलिस ने नेक्स्ट कावेरी

के फोन रिकॉर्ड्स निकाले और उसमें उन्हें एक और मिसिंग

वु

लग गया है इस चीज के कारण पुलिस वालों को ये चीज समझ आ गई थी कि जो कोई भी इन औरतों

को गायब कर रहा है वो उनके सिम कार्ड लेकर उनका फोन लेकर अपने नेक्स्ट विक्टम को

कॉंटाक करता था और वो अपने विक्टम के सिम कार्ड को कॉंस्टेंटली स्�

कट्टा में 16 येर ओड लड़के तक पहुँची और जब उससे पूछता शुई कि उसके पास ये फोन

कैसे आया तो लड़के ने बड़े इलोसेंटली पुलिस को बताया कि उसके मोहन नाम के अंकल

ने उसे ये फोन गिफ्ट में दिया था और जब उन्होंने इस मोहन के

बारे

और अब वो अपने इस रूटीन के साथ काफी जादा comfortable हो चुका था public places

जैसे bus stands पर वो टहला करता था और अपनी next victim को ढूंडा करता था उनके

साथ बड़े charming बन कर वो conversations बनाया करता था और उन्हें अपने जाल में

फसाया करता था वो उन्हें dowry free marriage के सपने दिखाया करता था

औ

पूलिस को मोहन के बारे में पता चल गया था लेकिन उसे पकड़ना इतना जादा

स्ट्रेटफॉरवर्ड नहीं था इसलिए पूलिस वालों ने एक प्लान बनाया उन्हें सुमित्रा नाम की

एक औरत मिली जिसे मोहन ने अपने जान में पहले फसाने की कोशिश करी थी लेकिन क

कर दिया था, इसलिए जब अगले दिन मोहन ने उसे contraceptive offer किये, तब

सुमित्रा ने इन्हें लेने से मना कर दिया, क्योंकि मोहन ने protection use की थी,

realizing this thing कि सुमित्रा उसके जाल में नहीं फसने वाली है, मोहन ने धीरे

धीरे करके सुमित्रा से एक तरीके से detach करना शुरू कर दिया था

और उसे मोहन को मिलने के लिए बुलाने के लिए कहा जब सुमित्रा का कॉल आया मोहन को

तब उसे यही लगा कि सुमित्रा भी फाइनली उसके ट्राप में फस चुकी थी लेकिन जब वो

बस्टैंड आया तो पुलिस ने तुरंत उसे एमबुश कर लिया था और उसे वही पर

अ

साइनाइड मिला जब उससे interrogation के वक्त पुलिस ने पूछा कि उसने कितनी औरतों

के साथ ये सब कुछ किया था तब उसने बदले में casually almost in a chilling manner

पुलिस से उल्टा सवाल पूछा कि क्या तुम्हें कल नाश्टे में क्या खाया है याद है तो

मुझे कैसे याद होगा कि कितनी

औरत

पुरिस वालों को ये तो figure out कर लिया था उन्होंने कि मोहन ने कम से कम 30 3

औरतों को तो पक्का मारा है लेकिन ये चीज कोट में प्रूव करना पुलिस वालों के लिए

बहुत ही जादा चैलेंजिंग होने बाली थी क्योंकि लोकल जो पुलिस था जैसे मैंने आपको

पहले भी बताया था उन्होंने बिना किसी इंवेस्टिगेशन के इन औरतों की

जो

दलीलों में लूप होल्स ढूंडा करता था खुद को बचाने के लिए तरीके ढूंडा करता था

दूसरी तरफ पुलिस मोहन के बिछाएवे लाशों के जाल में सर्वाइवर ढूंड रहे थे और

सप्राइजिंगली अपने पाँच सालों के टन्यॉर में मोहन ने कई लूस एं

case court में गया और जब court का trial शुरू हुआ था मोहन ने काफी ज़्यादा absurd

और weird चीज़े बोली थी court में उसने forensic evidence को ही question कर दिया

था और उसने ये कहा कि ये सारी की सारी बातें जो forensics से आई हैं वो गलत है

क्योंकि उसने कभी भी उन्हें cyanide poisoning नहीं दी थी बलकि उन्हें उसने

insecticide poisoning

द

before committing on the victim. The very same police stated that I made

victims to consume

उसने यह तक कह दिया कोर्ट में कि पुलिस ने उससे frame करने की कोशिश करी थी और सारे

के सारे evidence यहाँ पर पुलिस के द्वारा ही plant करे गए थे लेकिन इन सारे की सारी

चीज़ों का कोई भी फाइदा नहीं हुआ क्योंकि पुलिस वाले यहाँ पर ऐसे दो witness लाए थे

इसके

बा

मोहन को बिलकुल भी ख़वर नहीं थी मोहन ने उसे भी contraceptive pills दिये थे और

उसे bathroom में भेजा था लेकिन उसने कभी ये pills consume ही नहीं किये थे और वो

survive कर चुकी थी और दूसरा witness एक temple priest था जिसके पास मोहन अनिता को

मारने के बाद अपने पापद होने के लिए गया था

इन

दोनों क बहुत ही ज़्यादा खतरनाक New Age Serial Killer पकड़ा गया था इंडिया में

ये केस इसलिए ज़्यादा important है क्योंकि ये

90s 90s से पहले जो murder होते थे न उनसे काफी ज़्यादा अलग है ये थोड़ा सा new age

का है तो इस age में भी ऐसे murder होना काफी बड़ी बात थी उस समय पर but with that

ये case अभी के लिए यहीं पर समाप्त होता है guys and with that I hope that you

guys are happy I hope that you guys are healthy please be close to your loved

ones guys and I'll see you very very soon

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