Afrikaans
Akan
Albanian
Amharic
Arabic
Armenian
Azerbaijani
Basque
Belarusian
Bemba
Bengali
Bihari
Bosnian
Breton
Bulgarian
Cambodian
Catalan
Cebuano
Cherokee
Chichewa
Chinese (Simplified)
Chinese (Traditional)
Corsican
Croatian
Czech
Danish
Dutch
Esperanto
Estonian
Ewe
Faroese
Filipino
Finnish
French
Frisian
Ga
Galician
Georgian
German
Greek
Guarani
Gujarati
Haitian Creole
Hausa
Hawaiian
Hebrew
Hindi
Hmong
Hungarian
Icelandic
Igbo
Indonesian
Interlingua
Irish
Italian
Japanese
Javanese
Kannada
Kazakh
Kinyarwanda
Kirundi
Kongo
Korean
Krio (Sierra Leone)
Kurdish
Kurdish (Soranî)
Kyrgyz
Laothian
Latin
Latvian
Lingala
Lithuanian
Lozi
Luganda
Luo
Luxembourgish
Macedonian
Malagasy
Malay
Malayalam
Maltese
Maori
Marathi
Mauritian Creole
Moldavian
Mongolian
Myanmar (Burmese)
Montenegrin
Nepali
Nigerian Pidgin
Northern Sotho
Norwegian
Norwegian (Nynorsk)
Occitan
Oriya
Oromo
Pashto
Persian
Polish
Portuguese (Brazil)
Portuguese (Portugal)
Punjabi
Quechua
Romanian
Romansh
Runyakitara
Russian
Samoan
Scots Gaelic
Serbian
Serbo-Croatian
Sesotho
Setswana
Seychellois Creole
Shona
Sindhi
Sinhalese
Slovak
Slovenian
Somali
Spanish
Spanish (Latin American)
Sundanese
Swahili
Swedish
Tajik
Tamil
Tatar
Telugu
Thai
Tigrinya
Tonga
Tshiluba
Tumbuka
Turkish
Turkmen
Twi
Uighur
Ukrainian
Urdu
Uzbek
Vietnamese
Welsh
Wolof
Xhosa
Yiddish
Yoruba
Zulu
ओम
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
सीता
जी
[संगीत]
[प्रशंसा]
ये ये सब सजावट किस बात की है?
आप दिमाग पर जोर डालकर जरा सोचिए। ये सब
क्या है?
अरे अब इतना दिमाग नहीं है। बताओ ना क्या
बात है?
भैया।
अरे ये क्या है?
अरे भैया आपको काम के सिवा कुछ याद ही
नहीं रहता। आप तो ये भी भूल गए कि आज आपकी
शादी की सालगिरह है।
मैं भूल गया था भाई।
याद आया ना? अरे मोहन इस मौके पर कुछ हो
जाए यार।
हो जाए। चलो ले जाओ मैं भैया को लुता हूं।
चलो चलो चलो। आओ तो कहां ले जा रहे हो?
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
भैया मेरे राम जैसे भाभी है सीता इनके वचन
जैसे रामायण और गीता इनके के वचन जय
रामायण और गीता
मन मंदिर में
हो मन मंदिर में इनको मिटाकर
क्यों ना करें इनकी पूजा।
भैया मेरे राम भाभी सीता।
मैया मेरे राम भाभी सीता
[प्रशंसा]
भैया मेरे राम जैसे भाभी है सीता इनके वचन
जैसे रामायण और गीता इनके वचन जैसे रामायण
और गीता
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
था जन्म तो दिया हमको मां बाप ने
[संगीत]
था जन्म तो दिया हमको माप ने भैया भाभी ने
पाला हमें
ओ कोई कांटा कभी भी ना चुभने दिया फूलों
जैसे संभाला हमें
प्यार होगा ना कम कैसे भूलेंगे हम भैया
भाभी के उपकार को
भैया भाभी के उपकार को
मैया मेरे राम भाभी सीता
मैया मेरे राम भाभी सीता
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
जो था करना इन्हें वो इन्होंने किया
जो था करना इन्हें वो इन्होंने किया फर्ज
अपना निभाएंगे
हम
इनकी आंखों ने देखे जो सपने यहां सच
उन्हें कर दिखाएंगे
हम
प्यार से घर कोई स्वर्ग कैसे बने हम बता
देंगे संसार को
हम बता देंगे संसार को
जीजा मेरे राम कैसे रहना है सीता इनके वचन
जैसे रामायण
इनके वचन जैसे रामायण
मन मंदिर में इनको बिठाकर
क्यों ना करे इनकी पूजा
भैया मेरे राम भाभी सीता
भैया मेरे राम भाभी सीता
भैया मेरे राधा भी सीता
भैया मेरे राधा भी सीता
चलो सीधे बड़े भैया के पास चलो
हां तो चलो मैं क्या डरती हूं
क्या कहा तुम बड़े भैया से नहीं डरती
उल्टी बात मत करो मैं ये कह रही थी मैं
उनके सामने सच बोलने से नहीं डरती
हा बदलो मत बदलो मत तुमने कहा कि तुम बड़े
भैया से नहीं डरती हो
तुम झूठ बोलकर मुझे मुझे फंसाने की कोशिश
कर रहे हो अरे तुम झूठ बोल रहे हो तुम झूठ
बोल रहे अरे, क्या है यह? महावारी फिर
शुरू हो गई।
देखो बड़े भैया।
मेरी तरफ देखिए जीजा जी।
आप मेरी सुनिए बड़े।
पहले मेरी बात सुनिए जीजा जी, नहीं तो ये
फिर से झूठ बोलेगा।
झूठ तुम बोलती हो।
तुम झूठ बोलती हो। तुम झूठ बोलोगे।
अरे मोहन क्या है तू क्यों गीता को सताता
रहता है?
हां जीजा जी। देखो ना हर वक़्त मुझसे लड़ता
रहता है। ज्यादा चालाक मत बन। हर वक़्त इस
बिचारे को सताती रहती है।
अरे जिओ भाभी, जिओ जिओ। इस घर में तुम ही
तो सच बोलती हो। वरना आप तो जानती है इसकी
इतनी लंबी ज़बान है। और मेरे मुंह पे तो
ज़बान ही नहीं है। क्यों?
जीजा जी, फिर से झूठ बोला। इसके मुंह में
तो दो गज़ की जबान है और बीवी हर वक़्त मुझे
डांटती रहती है और इस बंदर को शय मिल जाती
है।
नहीं क्या है यह?
नहीं कुछ नहीं।
अच्छा पहले यह बताओ इस वक़्त ये झगड़ा किस
बात पे शुरू हुआ है?
जीजा जी पहले मैं ना बाथरूम में जा रही थी
और यह पता नहीं कहां से आ गया तौलिया लेकर
और कहने लगा पहले मैं नहूंगा।
अबे झूठ मत बोल। क्या है?
इतना क्यों चिल्ला रहा है? आहिस्ता बात
कर। एकदम आहिस्ता चिल्लाना। आहिस्ता।
क्या बोला कुछ सुनाई दे रहा है? जरा जोर
से बोल।
पहले मैं नहाने जा रहा था। पहले मैं नहाने
जा रहा था। मेरा पांव बाथरूम के अंदर ऐसा
था और दूसरा ऐसा कि अचानक सड़ेले नारियल की
तरह यह टपक पड़ी और कहने लगी मैं नहाऊंगी।
मैंने कहा घर में 10 और बाथरूम है वहां
चली जाओ। लेकिन यह कह रही है कि मैं यहीं
रहूंगी।
झूठ मत बोल भैया।
झूठ मत बोल। मेरा पांव बाथरूम के अंदर था।
अबे कुछ तो शर्म कर। चप्पल समय आंख में
घुस आ रही है। कुछ तो शर्म
क्या हो रहा है? तुम लोग नल।
पहले पांव मेरा था।
ऐसे लड़ रहे हो जैसे म्युनिसिपालिटी नल काट
रही है कि कल से घर में पानी नहीं आएगा।
देखो गीता। तुम एक काम करो। पहले नहा लो
और तुम बाद में नहाना।
मोहन।
ये क्या करती है?
क्या करें?
भाभी
झूठ बोले कौवा कांटे
एक बात कहूं
आप बात पे गीता की तरफदारी मत किया कीजिए
उसका हर घड़ी उछलना हंसी मज़ाक करना मुझे
अच्छा नहीं लगता
क्यों अच्छा नहीं लगता अरे वो इस उम्र में
हंसी मज़ाक नहीं करेगी तो क्या बुढ़ापे में
करेगी या तुम्हारा मतलब है किसी अंधेरी
कोठरी में बैठ कर सारी जिंदगी आंसू बहाती
रहे क्या बात करती हो तुम भी
उसके भाग्य में हंसी मजाक
खेलना कूदना लिखा ही नहीं है।
वो बाल विधवा है।
सीधा
तुमसे मैंने हजार मर्तबा कहा है कि बाल
विधवा का शब्द बार-बार मेरे सामने मत
दोहराया करो। मुझे नफरत है इस बेहूदा और
दैनों से लफज़ से। वो एक साल की थी जब उसकी
तुम्हारे मां-बाप ने शादी कर दी। उसी उम्र
में उसका पति मर गया तो क्या वो बालविदा
हो गई? ये पुराने रस्म और युवा दुनिया से
खत्म हो चुके हैं। और एक बात और जब वो इस
घर में आई थी ना तो उसकी पुरानी जिंदगी
खत्म हो गई। अब वो इस घर की बेटी है। मेरी
बेटी और मेरी बेटी बाल विद्वान नहीं है।
समझ गए तुम? मत दोहराना इस लफज़ को।
लेकिन समाज के रस्म और रिवाज और सभ्यता को
ठुकराया नहीं जा सकता।
मैं नहीं मानता इस समाज को और उसकी सभ्यता
को जो औरतों को अपना गुलाम समझता है। जो
समझता है कि औरत उसकी ठोकरों में रहेगी वो
ठोकरे ज्यादा खाएगी और रोटियां कम खाएगी।
आज समाज में औरत जाति का बहुत ऊंचा मुकाम
है। आज वो मर्द के साथ कांधे से कांधा
मिलाकर समाज का और गृहस्ती का बोझ उठा रही
है। ऐसी छोटी बातें करके और जाति का अपमान
मत करो। बहुत ऊंचा मुकाम है औरत का।
अ भैया मैंने अपने शो के टिकट्स आपको
बेचने के लिए दिए थे। उनका क्या हुआ?
क्या हुआ? मतलब बिक गए। कसम अंग्रेज की
सोल्ड कौन?
तो उसके पैसे कहां है?
अरे बेटी तू किसको टिकट देकर पैसे मांग
रही है? ये बेईमानी की गाड़ी का बिन टिकटन
पैसेंजर जो अपने बाप को बेच कर खा जाए वो
तुम्हें पैसे क्या देगा?
पिताजी आप कैसी बात करते हैं? मैं भला
आपको कैसे बेच सकता हूं और अगर बेचूंगा तो
कसम अंग्रेज की कौन खरीदेगा आपको?
चल अबे
भैया क्या है?
जी कुछ नहीं।
ये कागज दिखा।
नहीं नहीं।
अरे दिखा नहीं तो सर फोड़ दूंगा।
दरअसल ये अंग्रेजी में है।
वो क्या हुआ? मैं लंदन में पड़ा हूं पढ़
नहीं हूं ला। वो
देखा नहीं तो जल्दी कर
[संगीत]
अरे तेरा बेड़ा गर्क तू मेरे जग नेचर की
नकल कर रहा है किसलिए
बोल किस लिए
वो क्या है ना पिताजी के भगवान करे कि आप
ना हो नहीं मेरा मतलब है कि भगवान ना करे
कि आप ना हो और मुझे पैसों की जरूरत पड़
जाए तो मैं कहां आपको सच करता ढूंढता
रहूंगा इसलिए मैं खुद आपके साइन करके खुद
ही पैसे निकाल लूंगा।
तुम चिंता ना करो मेरे लाल। मैं इतनी
जल्दी ऊपर नहीं जाने वाला। या तो तुम्हें
सुधार कर जाऊंगा या अपने साथ ही लेकर
तुम्हें ऊपर जाऊंगा। चलोगे ना?
नहीं। क्या करता है?
चलो बेटी आओ।
सिली ओल्ड मैन।
देख रहे हो?
मुझे पता नहीं था कि तुम इतना अच्छा नाचती
हो। मैं तो समझता था कि तुम सिर्फ नचाना
ही जानती हो।
तो फिर क्यों नाचते हो? ब्याकर अपने घर
क्यों नहीं ले जाते?
इतना आसान है क्या?
क्यों नहीं? जाकर अपने भैया से कह दो कि
हम दोनों की शादी कर दे।
कहूंगा बाबा कहूंगा वक्त आने दो।
आखिर ये आपका वक्त कब आएगा?
बहुत जल्दी आएगा पर अभी मुझे देरी हो रही
है। ऑफिस पहुंचना है।
अरे सुनो तो
मोना।
भैया आप यहां
कसम अंग्रेज की। मैंने इस मॉडर्न लैला
मजनू की सारी बातें सुन ली हैं।
देखो ना भैया ये रोज बोलते हैं कि मैं
अपने भैया से बात करूंगा बात करूंगा।
लेकिन मालूम नहीं क्यों नहीं।
अगर ये अपने भैया से बात नहीं करता तो मैं
अपने डैडी से बात करूं।
सच भैया।
लेकिन उसके बदले मुझे मिलेगा क्या?
भैया जो तुम कहो
अरे वाह तो देख मेरी बहना इस अंग्रेज
खोपड़ी का कमाल कैसे डैडी को पटाता हूं।
अच्छा
ठीक है चलो।
नमस्ते रामबाबू।
नमस्ते दीनदयाल जी। कहिए।
जी वो
कोई खास बात है? जी हाथ जोड़ के आपसे
विनती करने आया हूं।
अरे आप कहिए तो सही क्या बात है?
जी वो मुझे ₹10,00 का कर्ज चाहिए।
कर्ज?
जी हां। उसके बदले में मैं अपना घर आपके
पास गिरवी रखने को तैयार हूं।
दीनदयाल जी।
जी।
कितने बरसों से नौकरी कर रहे हैं आप यहां
पर?
जी 15 साल से।
और 15 साल की नौकरी करने के बाद आपने मुझे
पहचाना नहीं। एक मामूली से ₹100 के लिए
मैं आपका मकान अपने पास गिरवी रखूंगा।
मतलब मेरी यह इज्जत है आपकी नजरों में।
गलती हो गई रामबाबू।
क्षमा कर दीजिए।
ये नया जी मैं जिसको अपना कहता हूं ना
अपने दिल से कहता हूं। जबानी जमा खर्च
नहीं है मेरे पास।
खैर ये बताइए कि अचानक अर्ज की क्या जरूरत
पड़ गई आपको?
जी मेरी एक बेटी है। शादी के योग्य हो गई
है। लड़का भी देख चुका हूं लेकिन उन्हें
दहेज चाहिए।
दीनदयाल जी पर पहले तो आपने कभी जिक्र
नहीं किया कि आपकी कोई बेटी है। शादी
योग्य हो चुकी है। नाम क्या है उसका?
जी शीला
जी
नमस्ते बाबू जी
नमस्ते बेटी जी
[संगीत]
दीनदयाल जी ये हीरा आपने कहां छुपा रखा था
भगवान की कृपा से बेटी तो काफी समझदार
लगती है आपकी
जी हां बेटी तो समझदार है लेकिन
लेकिन क्या
गरीब की बेटी कितनी ही गुणवान क्यों ना हो
मालिक उसका कोई फायदा नहीं क्योंकि आज की
दुनिया में सबसे ज्यादा गुण
दौलत में होते हैं। दहेज की चमक दिखा दो
तो बुराइयां भी अच्छाइयां दिखने लगती है।
नहीं दीदयाल जी आपका ख्याल गलत है। आज की
दुनिया में भी ऐसे लोग मौजूद है जो
अच्छाइयों को दौलत समझते हैं और सिर्फ
दौलत को बुराई समझते हैं।
हां होंगे लेकिन मालिक मैं ऐसे लोगों को
कहां तलाश करता फिरूंगा।
तो यूं समझ लीजिए कि आपकी बेटी के लिए ऐसा
घर मैंने तलाश कर लिया है।
सच मालिक?
हां लेकिन लेकिन क्या मालिक? वो घर चार
भाइयों की साझेदारी का घराना है। क्या आप
अपनी बेटी के लिए ऐसा घर पसंद करेंगे?
चिमालिक अगर वो मेरी बेटी को पसंद करें तो
मैं तो गंगा नहा लूंगा। मैं कौन होता हूं
ना पसंद करने वाला।
अगर ऐसी बात है तो चलिए आज से आपकी बेटी
हमारी बेटी हुई।
ये ये आप क्या कह रहे हैं मालिक?
आपकी बेटी शीला को मैं उसी के लिए पसंद कर
रहा हूं।
बिल्कुल नहीं। पहले खबर मैं सुनाऊंगी।
बिल्कुल नहीं। सोहन भैया को Telegram
मैंने दिया है। इसलिए पहले खबर मैं
सुनाऊंगा।
अरे वाह! Telegram तुमने दिया है तो खबर
भी तुम ही सुनाओगे।
और नहीं तो क्या?
पोस्टमैन मनी ऑर्डर लाएगा तो पैसे वो रख
लेगा क्या? ऐसा होता है क्या?
देखा मुझे इरिटेट मत करे। घुमा के ऐसा
झाबड़ मारूंगा।
शट अप।
यू शट अप।
यू श यू शट अप।
यू श? आई सेड यू शट अप।
यू शट अप।
शट अप?
भैया। क्यों हमेशा लड़ते रहते हो तुम
दोनों।
भैया! देखिए ना मैं तो सुबह से चुप हूं।
और ये अकेला ही बिगड़े हुए रिकॉर्ड की तरह
बजता ही जा रहा है।
मैं बिगड़ा हुआ रिकॉर्ड एक अरे बंद करो।
अच्छा ये बताओ भाभी कहां है? भाभी क्यों?
आप यही जानना चाहते है ना कि मैंने आपको
Telegram क्यों भेजा? दरअसल बात ये है
भैया। क्या है?
आपकी शादी पक्की हो गई।
क्या?
शादी और मेरी?
हां। क्यों? क्या हुआ?
अरे मैं नहीं करना चाहता शादी वादी।
क्यों? क्यों? क्यों क्यों? अरे अभी मेरी
पढ़ाई बाकी है। मैं नहीं पढ़ना चाहते जंजाल
में।
आ हा हा पढ़ाई बाकी है। जंजाल में नहीं
पढ़ना चाहते। अरे यहां क्या रोप झाड़ रहे हो
भैया? अगर हिम्मत है तो जाकर बड़े भैया से
कहो कि आप शादी नहीं करना चाहते।
हिम्मत है?
अभी क्या कर रहा था?
भैया हिम्मत मत छोड़ना।
अब बड़ा मजा आएगा।
एडियट।
यू इडियट।
भैया।
अरे
आजा। ह
जीते रहो।
अरे जीता रे। यह क्या अचानक छुट्टी मिल
गई?
अरे अभी तो शादी की खबर मिली तो दौड़ा चला
आया। जब शादी हो जाएगी तो घर से बाहर
निकलने का नाम नहीं लेगा।
मेरी शादी तय करने से पहले मुझसे पूछ लेना
चाहिए था।
पूछ लेना था। बुआ ये कैसी बात कर रहा है?
सोहन,
अब क्या छोटों की शादी के लिए बड़ों को
छोटों से पूछना पड़ेगा? ठीक है बुआ ठीक है
इसका मतलब मैं समझ रहा हूं पन्नालाल जी
मैं आपसे माफी मांगता हूं ले जाइए इन सब
चीजों को
ऐसी बात नहीं है भैया आप मुझे गलत समझ रहे
हैं मैं मैं तो मैं तो अपने सिद्धांत की
बात कर रहा था
हां भाई बहुत बड़ी गलती हो गई तुम्हारे
सिद्धांतों को जाने बगैर मैं अपने अधिकार
समझकर अपना हक समझ कर तुम्हारा ब्याह
पक्का कर बैठा
लेकिन मैं कमबख्त भूल गया कि मेरे हक और
मेरे अधिकारों की भी एक सीमा है और मैं
जज्बात के रोह में बहते-बहते उस हाथ की
सीमा को पार करके चला गया। कोई बात नहीं
मैं जाकर अभी लड़की वालों से कह देता हूं
और रिश्ते को तुड़वा देता हूं। अब फिर
क्या होगा? मैं उनके सामने झूठा ही तो पड़
जाऊंगा। दुनिया कहेगी कि राम के दिन क्या
फिर उसकी बुद्धि फिर गई। चार पैसे क्या
अकल चली गई उसकी। अपने छोटे भाइयों पे ऐसे
अधिकार जमाता फिरता है जैसे वो उसके भाई
नहीं उसके बेटे हैं। उसकी औलाद है। मगर
सही बात ये है बेटा कि मैं वाकई जज्बात के
रूप में बहते-बहते अपनी
अपनी औकात भुला बैठा। अरे इन हाथों से
तुम्हें पाला तो क्या हुआ? मैं तुम्हारा
पिता तो नहीं हूं ना? तुम्हारा सिर्फ बड़ा
भाई हूं। मेरा ये जो सर है ना ये तुम्हारा
गुनहगार है। इसको दुनिया के कदमों में झुक
जाने दो। ठोकरे खाने दो उसको। मुझे माफ कर
दो बेटा।
नहीं बड़े भैया। फिर कभी दोबारा अपनी
जुबान पर ऐसी बात मत लाना। ये सर हमारे
भगवान का है। हम अपना सर काट के दुनिया की
ठोकरों में डाल देंगे। लेकिन अपने भाई का
सर कभी झुकने नहीं देंगे।
यह कौन कहता है कि आप हमारे बड़े भाई हैं?
मां, बाप, रिश्तेदार, भाई जो कुछ भी हैं
आप हैं और कोई नहीं।
मैं जो मैं जो अपने सिद्धांत की बात कर
रहा था तो मेरा सिद्धांत, मेरा धर्म मुझे
यह कहता है कि आपको मुझे तार देकर बुलाने
की भी कोई जरूरत नहीं थी।
बाप बेटों को हुक्म दिया करते हैं। तार
देकर उनकी आज्ञा नहीं लिया करते भैया।
[संगीत]
अरे गीता तू कहां जा रही है?
वहां तिलक लगाने।
वहां तो बड़ी-बूढ़ी औरतों का काम है।
तुम्हें वहां नहीं जाना चाहिए बिटिया।
क्यों नहीं जा सकती?
अब मैं तुम्हें कैसे समझाऊं?
समझाने की क्या जरूरत है बुआ? तुम चाहती
हो मैं नहीं जाऊं?
हां।
मैं तो जाऊंगी।
[प्रशंसा]
भाभी को तिलक मैं लगाऊंगी।
[प्रशंसा]
[संगीत]
क्यों सोहन भैया शादी के लिए कैसे ना कर
रहे थे और फेरों के वक्त ऐसे भाग रहे थे
जैसे ओलंपिक की रेस में दौड़ रहे हो।
चलो चलो भैया ये तो बोलती रहेगी। आइए आइए
चलिए साहब चलिए।
[संगीत]
सुंदर अति सुंदर कैसी चांद जैसी बहू आई है
इस घर में सारा घर रोशन हो गया मगर इस शुभ
अवसर पर एक अपशगुन हो गया अच्छा नहीं हुआ
अपशगुन कैसा अपशगुन
अब क्या कहूं बहनों बहू की चौखट पर पैर
रखते ही वो बाल विधवा है ना गीता आके बहू
को तिलक लगा गई
राम राम ये तो बहुत बुरा हो गया अरे अरे
उसे रोका क्यों नहीं? उसे रोकने की हिम्मत
किसे है जी?
क्यों? क्यों नहीं रोक सकते उसे?
वो सीता की लाडली बहन जो ठहरी
लाडली है तो क्या हुआ? किसी सुहागन का सजा
सजाया घर थोड़ी ना उजाड़ेगी।
अरे अरे ये क्या हो रहा है? अरे तुम लोग
धक्का क्यों मारो?
अरे धक्का कौन मार रहा है भैया?
ये क्या जबरदस्ती है?
जबरदस्ती कैसे नहीं? इतनी मुश्किल से तो
भाग रहे हो। अब चलो।
तुम लोग
[संगीत]
अरे भैया, घबरा के बाहर मत भागना।
होता है। होता है भैया होता है।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
क्या मैं
इस चांद से चेहरे को देखने की हिम्मत कर
सकता हूं।
[संगीत]
अरे
क्या हुआ?
जिस चांद को तुम देखने आए हो उसे तो आते
ही इस घर की चौखट पर ग्रहण लग गया।
ग्रहण
कैसी बात कर रही हो? कोई उल्टी सीधी बात
हो गई क्या?
हो नहीं गई। जानबूझ कर की गई। घर में कदम
रखते ही उस मनुष्य ने मेरी किस्मत को
अपशुग्नी का दाग लगा दिया।
कौन? किसकी बात कर रही है?
वही जिसने मेरी आरती उतारी। जिसने गौना
होने से पहले अपना सुहाग खो दिया। वो बाल
विधवा गीता
शीला
[संगीत]
शीला
कैसी बात कर रही हो? वो तो बच्ची है। उसे
तो आज तक अपने जीवन के दुर्भाग्य के बारे
में कुछ भी नहीं मालूम।
ओह उसे नहीं मालूम। लेकिन घरवाले तो जानते
थे ना कि आपकी भाभी का धर्म नहीं बनता कि
उस बाल विवाह का साया भी नौ ब्याहता जोड़े
से दूर रखें।
देवशीला
आज हमारी सुहागरात है। इस रात सबसे पहले
तुम्हें एक बात बता दूं। जाओ अपने भेजे के
गिरे में गांठ बांध के रख लो। भाभी के
सामने या उनकी पीठ पर कभी कोई गलत बात मत
कहना। क्योंकि भाभी हमारी भाभी नहीं हमारी
मां है। और अपनी मां के खिलाफ हम एक शब्द
भी नहीं सुन सकते।
इसका मतलब मैं
एक बात और इस घर का उसूल है बड़ों की
इज्जत और छोटों को प्यार और इस घर में
रहने वाले हर इंसान को ये उसूल मानना
पड़ेगा।
साफ-साफ क्यों नहीं कहते कि मैं इस घर में
नौकरानी बनकर आई हूं। लेकिन एक बात कान
खोल कर सुन लीजिए। अगर आपकी भाभी इस घर की
बहू है तो मैं भी इस घर में बहू बनकर आई
हूं। नौकरानी नहीं।
वाह वाह वाह वाह। घर में कदम रखे एक रात
नहीं हुई और अपना हक जताना शुरू कर दिया।
क्यों नहीं जताऊंगी? आज तो सिर्फ गीता ने
किया है। कल कोई और मेरे साथ कुछ भी कर
सकता है। तो क्या मैं चुप रहूंगी?
अपनी पागल घोड़े जैसी जुबान को लगाम दो।
मेरे भाग फूटे जो मैं इस घर में आई।
बस बस बस। ये सुहागर रात नहीं दुर्भाग्य
रात है।
लानत है मुझ पर। मैंने भी क्या-क्या सोचा
था। मां तो बचपन में मर गई थी। उसकी शक्ल
तक याद नहीं मुझे। हां। सिर्फ भाभी को
देखा। अपनी मां के ही रूप में देखा। भाभी
का स्वभाव और चरित्र देखकर ऐसा लगा कि
सारी दुनिया की औरतें ऐसी ही होंगी।
लेकिन आज तुम्हें देखकर, तुम्हारी जहरीली
जुबान देखकर, उससे गिरते हुए कांटों जैसे
शब्द सुनकर मुझे औरत जा से नफरत होने लगी
है। नफरत
[संगीत]
हम भी है, तुम भी हो,
दोनों हैं आमनेसामने।
एक
[संगीत]
क्या
अरे क्यों फटे हुए बांध की तरह चिल्ला कर
मोहल्ले वालों का सर दुखा रहे हो?
देख लो
क्या सर
ए मोहन कर लिए
बेचारे हारमोनियम पर तरस खाओ बेचारे
कबूतरों पर तरस खाओ सबको बुखार चढ़ा जा
रहा है
अरे जा ना यार गधा क्या जाने जाफरान की
कदर बाजार में ₹1000 तोला मिलता है लेकिन
गधा तो उसे घास समझ कर खा लेता है
हम भी हैं
तुम भी
संगीत सम्राट पंडित मोहन यूं पेटे बाजे
में मुंह डालकर हिन हिनाने से कौवा कोयल
तो नहीं बन जाता। इसके लिए गले में सुर
चाहिए, सोर्स चाहिए, आवाज चाहिए जो आपके
पास तो है नहीं।
अरे ओ सांस और आवाज वाली। जरा सुर लगा के
दिखा। अभी पता चल जाएगा कौन कौवा है और
कौन कोयल है। हां।
अरे ओ
हां।
बाजे का सुर मिला कर तो गूंगा भी गा सकता
है। बगैर सुर लगाएगा तो माने।
अच्छा।
हम्म।
तो ठीक है। चल मेरे साथ।
कहां?
तुझे गाने से मतलब है चल मेरे साथ गाना
सुनाता हूं।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
मैं तुमसे प्यार करता हूं। कहां की प्यार
करता हूं दीवाना वार करता हूं। मैं तुमसे
प्यार
करता हूं।
[प्रशंसा]
मेरी बात ना बोलो दिल की याद ना बोलो मेरे
पाना
छोड़ो
मैं तुमसे प्यार करता हूं कहां की प्यार
करता दीवाना वार करता हूं मैं तुमसे प्यार
करता हूं
ऐसी बात बोलो दिल
मेरे आरती
छाना छोड़ा
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
ये दिल चाहे मस्त तुझको देखा करूं बिना
देखे तुझको मैं जी ना सकूं
ये दिल चाहे बस तुझको
क्या करूं बिना देखे तुझको मैं जी ना सकूं
हुआ प्यार तो प्यार क्यों ना करूं किया
प्यार तो क्यों किसी से डरो
ऐसी बात ना पहले प्यार हो जाना ऐसी पागल
हो छोड़ो ना छोड़ो मैं तुमसे प्यार करता
हूं। हां जी प्यार करता हूं। दीवाना वार
करता हूं। मैं तुमसे प्यार
करता हूं।
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
तुम्हें पूजता है दीवाना ये दिल मोहब्बत
के मंदिर की मूरत हो तुम्हें
पूजता है दीवाना ये दिल मोहब्बत के मंदिर
की मूरत हो तुम। तुम्हें देखकर होश हो जाए
तुम। कयामत से पहले कयामत हो तुम। जान होश
में आओ लालू मुझको बहकाऊं
कैसे पागल प्रेमी हो छोड़ो ना छोड़ो ना
मैं तुमसे प्यार करता हूं हां जी प्यार
करता हूं दीवाना पार करता हूं मैं तुमसे
प्यार
करता हूं
ऐसी बात ना बोलो दिल की आत्मा
आरती हो
[संगीत]
[प्रशंसा]
अरे अरे बहू ये क्या कर रही हो? तुम्हारे
पैर भारी है जाओ कमरे में जाकर आराम करो।
ओफो दीदी आप हमेशा यही कहते रहते हो जाओ
अपने कमरे में आराम करो। मेरा भी तो कोई
कर्तव्य बनता है ना। अपना कर्तव्यवर्तव्य
झाड़ू मारते समय कचरे के साथ घर से बाहर
फेंक दिया करो। इनके होते हुए किसी की कुछ
नहीं चलेगी। इनको हमारा काम अच्छा नहीं
लगता। बहुत बुरा लगता है।
अब खुद ही देख लो। मैं इसीलिए मना कर रही
थी कि यहां मत आया करो। कितनी मेहनत से
बनाए थे ये लड्डू। सब नाश हो गए ना?
हां हां। आप तो हर वक्त यही इल्जाम लगाती
रहती हैं कि मैं इस घर का नाश करने आई
हूं। अरे जरा सा लड्डू क्या गिर गए? आप
लगे ताना मारने, बुरा भला बोलने।
बहु क्या कह रही हो तुम? मैंने कुछ गलत
कहा क्या?
और नहीं तो क्या? आपके इशारों की जुबान
मैं समझ सकती हूं। आपके नरम भाषा के अंदर
छुपे हुए भालों को देख सकती हूं। आप क्या
समझते हैं? मुझे रसोई का काम नहीं आता।
माफ करना भाभी। मेरा बाप गरीब जरूर है
लेकिन भिखारी नहीं।
बस करो शीला बस करो। मैंने तो साधारण सी
बात कही थी। तुमने तो बात का वतनगढ़ बना
दिया।
हां हां। बात का वतनगढ़ बनाना तो सिर्फ
मुझे ही आता है। आप तो सिर्फ यही चाहती
हैं कि लोग आप ही के गुण गाए और हमारी
सिर्फ बुराइयां करें। अगर आपके जुल्म के
छत्रछाया में रहकर हमें यही दिन गुजारने
हैं तो यही सही।
चलो दीदी
चलो
[संगीत]
शीला बहन ये तुमने अच्छा नहीं किया। बड़ी
भाभी बिल्कुल ऐसी नहीं है। उनके दिल में
हमारे लिए कोई मैल नहीं है। वो हमें साफ
दिल से चाहती है। दिल से चाहती है। अरे
अगर दिल से चाहती ना तो हमारे घर आते ही
दूसरे दिन चाबियों का गुच्छा तुम्हारे हाथ
में दे देती। दी चाबियां तुम्हारे हाथ में
ठेंगा मेरा। दर्शन तक नहीं कराए उसके। बस
अपनी कमर में ठोसे मटकती रहती है
महारानीयों की तरह। दिल में मैल नहीं है।
भाभी।
और सोहन तू कब आया?
अभी-अभी आया हूं। भैया की तबीयत अब कैसी
है?
तबीयत वो तो ठीक है।
ठीक है।
तो फिर मुझे Telegram किसने भेजा था?
Telegram किसने भेजा था? क्या? तुमने तो
नहीं भेजा।
मैंने? नहीं तो? मैंने भेजा है।
आपने?
हां। क्योंकि मैंने फैसला किया कि सोहन अब
यहीं रहेगा और कारोबार में मेरा हाथ
बटाएगा।
मैं भैया?
हां तुम। लेकिन भैया यह हक तो श्याम भैया
का है।
भैया का जो भी आदेश है वह हमारे लिए धर्म
और फर्ज है। तुम्हें भैया की बात माननी
पड़ेगी।
लेकिन यह मेरी पढ़ाई का आखिरी साल है।
भाभी भैया का हुकुम मेरे सर आंखों पर
लेकिन एक ही साल की तो बात है।
सोहन ठीक कह रहा है।
जब मैंने फैसला कर लिया है कि सोहन यहीं
रहेगा मतलब वो यहीं रहेगा। बस
जिद मत कीजिए। विद्या की कीमत एक अनपढ़ से
पूछिए।
इस दौलत के बिना इंसान अपने आप को बहुत
गरीब महसूस करता है। मेरी बात मानिए। सोहन
को डॉक्टरी पूरी कर लेने दीजिए।
भाभी ठीक कह रही है भैया। भाभी की बात मान
लीजिए। और फिर मैं हूं ना आपकी सेवा करने
के लिए।
ठीक है लेकिन तुम अकेले और मैं चाहता हूं
कि सोहन मेरे साथ रहे। इसलिए मुझे कोई
फज़ूल बहस नहीं चाहिए क्योंकि बुजुर्गों ने
कहा है एक से दो भले होते हैं। सोहन
मुझे तुमसे कम है।
एक काम करो पहले जाकर शीला से मिल लो।
तुम्हारा इंतजार कर रही है। मैं कह रहा
हूं ना जाओ।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
कैसी हो शीला?
सब कुछ खत्म होने के बाद मुझसे पूछते हो।
कैसी हो शीला?
आपके पास जरा सी अकल नहीं थी तो मुझसे पूछ
लेना था।
क्या पूछ लेना था? इतना बड़ा कारोबार हाथ
से निकल गया और मुझसे पूछ रहे हो। अब मुझे
पूरा विश्वास हो गया है कि आप में रत्ती
भर की अकल नहीं है। खुद भी डूबेंगे और साथ
मुझे भी डूबाएंगे। वहां सबके सामने कह
दिया कि कारोबार चलाने का हक तो मजले का
है। उसे ही चलाने दो।
एक बात कान खोल कर सुन लो शीला। हक किसी
का भी हो। लेकिन इस घर के मामलात में
बोलने का तुम्हारा कोई अधिकार नहीं। समझी?
हां हां। मुझे क्यों होने लगा? इस घर का
हक, अधिकार तो सिर्फ आपकी उस भाभी का है।
वही आपके लिए सब कुछ है। मैं तो कुछ नहीं
हूं। पैर की जूती नहीं जूती के धूल के
बराबर नहीं।
क्यों हर वक्त जहर उगलती रहती हो। देख
लेना एक दिन इसी लगाई बुझाई की आग में
जलकर तुम खुद राख हो जाओगी।
अब और क्या राख होंगी? मैं तो उसी दिन
जलकर भस्म हो गई थी। जिस दिन मेरे पिताजी
ने मुझे आपके बल में बांध दिया था।
अगर ऐसी बात है तो और क्यों जल रही हो?
चली जा वापस अपने बाप के घर।
मैं क्यों जाऊं? हम शरीफ घराने की
लड़कियां हैं। डोली में आती है और अर्थी
पर जाती है।
अर्थी पर खुद नहीं जाती बल्कि घर की इज्जत
की अर्थी निकालती है। सुख और शांति को
अर्थी पर लिटा कर भेजती है।
अगर मैं इतनी ही बुरी हूं तो अपने हाथों
से मेरा गला घोट कर मुझे मार क्यों नहीं
देते?
मैं क्यों मारूं? मेरे लिए तुम उसी दिन मर
गई थी। जब पहली रात को अपनी गंदी जुबान से
इस घर के लिए जहर उगला था। मैं ही बेशर्म
हूं जो आज तक तुम्हारे लिए जीता रहा। सो
शायद वक्त के साथ दिल का मैल और जुबान का
जहर खत्म हो जाएगा। मगर नहीं। आज से मैं
तुम्हारे लिए मर गया और तुम तुम मेरे लिए
मर गई।
[संगीत]
एंगल टू द थर्ड एंगल इज्जत।
अरे मोहन?
थरम। मौत सुनो मुझे तुमसे कुछ
अरे अरे मालूम है मालूम है बड़े किताब के
कीड़े हो जरा सी पाऊ सेकंड मेरी बात भी
नहीं सुन सकते
पाऊ सेकंड
बातें कर कर के मेरी पाऊस जिंदगी चबा कर
खा गई है जब भी आती है एक मिनट बात का
बहाना बनाती है और एक घंटे बिना रुके बक
बक बक करके मेरे दिमाग को दही बड़े की तरह
चाट कर चली जाती है और इडियट बोलती है पाव
सेकंड
इडियट
तो ठीक है अगर मेरी बातों से तुम्हारे
दिमाग की दही बन जाती है तो मैं जाती हूं।
हां जा।
देखो मैं चली जाऊंगी।
अरे जा ना भाई तू जा तू।
अरे एक बार रोक कर तो देखो। कसम से बड़ी
जबरदस्त खबर लाई हूं।
लगता है इस साल मैं पास नहीं होऊंगा। नहीं
होऊंगा पास।
कोई बात नहीं अगले साल हो जाना।
अच्छा बाबा बोल जल्दी बोल। जल्दी बोल।
आ हां ये हुई ना बात। हां तो सुनो। वो
तुम्हारे दो नंबर के भाई है ना? श्याम
भैया। अरे दिन हो या रात। एक बार अपने
बेडरूम में घुस जाते हैं तो बाहर आना ही
भूल जाते हैं। और भाई नंबर तीन यानी सोहन
भैया अव्वल तो वो अपने बेडरूम में घुसते
ही नहीं। और अगर भूले भटके घुस भी जाते
हैं तो घुसते ही फौरन बाहर भाग आते हैं।
अरे ऐसे भागते हैं कि शहर ही छोड़ जाते
हैं।
तेरी बात तो सच है।
ए
ए एडियट
हां
क्या सोच रही
मुझे नंबर चार की चिंता है वो क्या करेगा
नंबर चार नंबर चार तो मैं हूं मैं क्या
करूंगा
क्यों फ्लारी एड़िया रोज मुझे सताती है
मुझे पढ़ने नहीं देती तेरा पैर खराब करती
है मार खाएगी आज छोडूंगा नहीं भली तू मार
आऊंगा
मैं सोहन का एक करीबी दोस्त आपको यह खत
लिख रहा हूं हम दोनों एक ही कॉलेज में
पढ़ते हैं बड़े दुख के साथ आपको सूचित कर
रहा हूं कि सोहन गलत रास्ते पर भटक गया
उसने बुरी तरह शराब पीनी शुरू कर दी है।
[संगीत]
आ
[संगीत]
[प्रशंसा]
भैया
आप
क्या है बहुत दिन हो गए अपने छोटे भाई
सोहन को देखा नहीं था ना बहुत याद आ रही
थी उसके तो ऐसे ही चला आया
और फिर मैंने अपने छोटे भाई का यह चेहरा
तो देखा ही नहीं था कभी।
मैं कभी सोच भी नहीं सकता था मेरा भाई ऐसा
भी हो सकता है।
पढ़ाई के बहाने हॉस्टल में आ के रहा और
अच्छी पढ़ाई कर रहे हो बेटा। लेकिन एक बात
बताओ ये पढ़ाई कौन से कॉलेज में किससे
हासिल कर रहे हो?
भैया
आप मुझे गलत समझ रहे हैं।
अब समझने को राय क्या है? सोहन
आप जो देख रहे हो वो सच्चाई नहीं है। आप
नहीं जानते कि असलियत क्या है?
तुम अभी बच्चे हो स्वर्ण मैं जानता हूं।
एक-एक बात जानता हूं।
शीला के हाथों तुम्हारा दिल टूटा है
इसीलिए तुम
अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हो।
यही बात है ना?
हां भैया।
तो गलत कर रहे हो। मैं मानता हूं कि शीला
ने तुम्हारे जज्बात, तुम्हारे एहसास को
ठेस पहुंचाई है। तुम्हें वो इज्जत नहीं दी
जो एक पत्नी के हाथों पति को मिलनी चाहिए।
मगर वो तो बेवकूफ है। तुम तो समझदार थी
ना।
तुमने भी जिद का जवाब जिद से दिया। अरे
भाई मेरे इस दुनिया में जिद का जवाब जिद
से नहीं होता और अगर होता तो दुनिया कब की
बर्बाद हो गई होती। जिद का एक ही जवाब है
और वो है समझौता।
आप उसे नहीं जानते भैया। मैंने उसे समझाने
की बहुत कोशिश की। उसकी जुबान से शब्द
नहीं जहर गिरता है। लोग किसी को तलवार से
इतना घायल नहीं कर सकते जितना वो अपने
शब्दों से कर सकती है। आप देखना भैया आप
गवाह रहना ये जहरीली औरत एक दिन हमारे
पूरे खानदान के टुकड़े-टुकड़े करके रख
देगी। सबको बर्बाद करके रख देगी। तू एक
काम कर सुहन। तेरा ये भाई जितने दिनों तक
जिंदा है ना
थोड़े ही दिन बाकी है शायद।
तब तक अपने आप को हर बुराई से बचा के
रखना।
जिस दिन ये मर जाए तो अपने हाथ से कफ़न में
लपेट के चिता पे लेटा देना। फिर जो मन है
सो करना
भैया नहीं भैया मुझे और शर्मिंदा मत
कीजिए। मुझे माफ कर दीजिए भैया। मुझे माफ
कर दीजिए। मैं कसम खाकर कहता हूं मैं आज
के बाद शराब कभी नहीं पूंगा। कभी नहीं
पूंगा भैया।
सच
तो चल
चल घर चलते हैं। आज के बाद तू यहां नहीं
रहेगा। चल
नहीं भैया मैं इज्जत की ऊंचाई से बेइज्जती
की खाई में गिर गया हूं। और जब तक उस
ऊंचाई को फिर से हासिल नहीं कर लेता मैं
अपना कलंकित चेहरा आपको नहीं दिखाऊंगा
भैया।
हां भैया। मुझे आशीर्वाद दीजिए। क्या मैं
अपना वचन निभा सकूं? मुझे आशीर्वाद दीजिए
भैया।
मोना दीदी तुम वहां जा तो रही हो लेकिन
वहां जाकर बैठ नहीं जाना गोद भरते ही वापस
चली आना।
अब ये सब तो भगवान के हाथ में है शीला।
कोई मेरे बस की बात थोड़ी है?
अरे हां बात पर से बात याद आई। तुम्हें
पता है मेरे सुहागरात के समय तुम्हारे
देवर और मेरे पति ने सख्ती से मुझे क्या
आर्डर दिया था?
क्या आर्डर दिया था? यही कि नई बहू को अगर
इस घर में रहना है और सुख की जिंदगी
गुजारना है तो मेरी भाभी के चरणों की धूल
बनकर रहना होगा।
क्या?
हां दीदी तुम्हारी कसम झूठ बोलूं तो मरते
वक्त पानी नसीब ना हो। उन्होंने तो यहां
तक भी कहा था कि बड़े तो एक तरफ यहां तो
छोटों का भी हुकुम मानना पड़ेगा। जिसने
बुलाया दौड़ कर पहुंच जाना। एक मिनट की भी
देरी होने ना पाए। सर झुका कर सबका हुकुम
मानते रहना।
अच्छा। सर झुका कर। तो इन लोगों को बहू
नहीं गुलाम चाहिए।
अरे दीदी गुलाम भी हजार गुना अच्छे होते
हैं। यह तो सिर्फ आप हैं जो सब चुपचाप सह
कर भी मुंह नहीं खोलती। अब मुझे तुम्हारी
एक-एक बात समझ में आने लगी है छोटी बहू।
हां। 11:00 बज गए। अरे ये क्या? गाड़ी का
समय हो रहा है और मोहन अभी तक नहीं आया।
लो आप मोहन के इंतजार में थी। अरे उस
लफंगे को तो हम लोगों के लिए 1 मिनट की
फुर्सत भी नहीं। बस 24 घंटे गीता के साथ
उछल कूद मौज मस्ती में मगन रहता है।
मौसम ये सुहाना
है।
मेरा दिल भी दीवाना
है।
मौसम ये सुहाना
है।
मेरा दिल भी दीवाना है।
आज जाने की जिद ना करो।
आज जाने की जििद ना करो। हाय दिल को
मुश्किल मनाना है।
दिल को मुश्किल मनाना है।
मौसम तो बहाना
है।
तुम्हें मुझको सताना है।
आज रोको ना जाने भी दो।
मुझे रोको ना जाने दो। हाय दिल का दुश्मन
जमाना है।
दिल का दुश्मन जमाना है।
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
तेरी चाहत की खुशबू हवाओं में है। तेरी
उल्फत की रंगत फिजाओं में है।
[प्रशंसा]
[संगीत]
तेरी चाहत की खुशबू हवाओं में है, तेरी
उल्फत की रंगत फिजाओं में है।
ये कदम दर्द लगे क्या नशा
तेरी निगाहों में है निगाहों में है अजी
रोको ना जाने भी दो
मुझे रोको ना जाने भी दो हाय दिल का
दुश्मन जमाना है
दिल का दुश्मन जमाना
है
मौसम ये सुहाना
है
मेरा दिल भी दीवाना
है
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
आ
[संगीत]
फूलों पर ये वादियां
चुगली खाएगी ये महंगी तनहाइयां
सबसे कह देंगी फूलों भरी वादियां
चुगली खाएंगी ये महंगी तनहाइयां
बाद मुद्दत के मिलने का मौका मिला फिर दबा
ये मौका मिलेगा कहां मिलेगा कहां आज जाने
की जिद ना करो
आज जाने की जिद ना करो हाय दिल को मुश्किल
मनाना
है
दिल को मुश्किल मनाना है
मौसम को बहाना
है
तुम्हें मुझको सताना है
आज रोको ना जाने भी दो
मुझे रोको ना जाने भी दो हाय दिल का
दुश्मन जमाना है
दिल को मुश्किल मना
है
दिल का दुश्मन जमाना
है
दिल को मुश्किल मनाना
है।
अरे सुन तो
हम
एक बात कहूं बुरा तो नहीं मानेगी?
अगर बुरा मान भी गई तब भी बुरा नहीं
मानूंगी। क्या है?
अच्छा रुक रुक रुक।
अह
नहीं शर्म आती मुझे।
हां? तो ठीक है। मैं जाती हूं।
अरे सुन सुन। अरे कहां जा रही है? अ तुम
भाभी मां से बात करो ना।
कैसी बात?
अरे सुन तो पहले बात तो सुन अ हमारी शादी
की?
अच्छा
शादी की बात?
मैं करूं दीदी से?
नहीं नहीं नहीं। मुझसे नहीं होगा। तुम ही
भैया से बात करो ना।
मैं मैं भैया से
इसमें घबराने की क्या बात है? अच्छा ये
बताओ हम दोनों में से बहादुर दिलेर और
ताकतवर कौन है?
जाहिर है मैं हूं और कौन है?
तो फिर मर्दानगी किसमें होनी चाहिए?
मुझ में
तो फिर बात किसे करनी चाहिए? मुझे
हां आईडिया
नहीं अरे ओ बदमाश तू
[संगीत]
[हंसी]
लो आ गए दोनों
मोहन इधर आओ
आया जी आया जी भाभी
मोहन मैंने तुम्हें रामू के जरिए कहलवाया
था ना कि मुझे 2:00 बजे स्टेशन छोड़ कर
आना
हां हां कहलवाया तो था लेकिन मैं स्टेशन
नहीं जा सकता वो कल क्या है मेरी क्रिकेट
मैच है ना इसलिए उसकी जरा नेट प्रैक्टिस
करनी है इसलिए नहीं जा सकता
तो पहले कह देते कि नहीं जा सकते
मैं आपसे बात नहीं कर रहा हूं मछली भाभी
से बात कर रहा हूं मछली भाभी मैं नहीं जा
सकता नहीं जा सकता
अरे ऐसे नहीं जा सकते। तुम्हारे फरिश्ते
भी जाएंगे। hm चलो दीदी। चल कर भाभी से
इसकी शिकायत करते हैं।
हां हां जाओ जाओ कर लो शिकायत। लगाओ एक ही
100-100 इसके अलावा और आता ही क्या है आप
लोगों को। लेकिन मेरी बड़ी भाभी आप जैसी
नहीं है।
मां है मां।
बोल ना।
दीदी।
एक बात बताइए। क्या हमें इसलिए इस घर में
ब्याह कर लाया गया है कि हर छोटा बड़ा
हमारी बेइज्जती करता रहे। जिसके मन में आए
हमारा अपमान करता रहे? क्या हुआ? किसने
तुम्हारा अपमान किया? देखो, मेरे साथ
एक्टिंग मत करो। मैंने भी कॉलेज के
ड्रामों में बहुत एक्टिंग की है। सब कुछ
जानती हो और फिर भी पूछ रही हूं किसने
अपमान किया?
मजली दीदी, यह तो दुनिया का दस्तूर है कि
आप सीधे मुंह बात नहीं करेंगी तो दूसरे
आपसे सीधे मुंह बात कैसे करेंगे?
तुम चुप रहो गीता। बड़ों के बीच बोलोगी तो
अच्छा नहीं होगा।
अरे रे आज क्या झगड़ा करने का इरादा लेकर
आई हो?
इरादा लेकर नहीं आए। मजबूर होकर आए हैं।
सिर्फ यह पूछने आए हैं कि इस घर में हमारी
क्या औकात है?
औकात क्या बहू? तुम सबके सर आंखों पर हो।
खाक सर आंखों पर है, जूतों में है, पैरों
की धूल में है। छोटे-छोटे अधिकार तक तो
हमसे छीन लिए गए हैं। यहां तक कि रसोई घर
में आने की भी मनाही है।
दीदी, जरा ठंडे दिल से सोचिए। कितनी बार
रसोई घर में आकर आपका सर चकराने लगा, कभी
कैर आने लगी। ऐसी हालत में तो कोई दुश्मन
ही आपको रसोई घर में आने देगा। आपको तो
कमरे से बाहर नहीं जाना चाहिए। तुम थोड़ी
देर चुप नहीं रह सकती। बात इनसे की जा रही
है। तुम खामखा अपनी जुबान तलवार की तरह
चलाई जा रही हो। अभी-अभी मैंने छोटे देवर
जी से कहा कि मैं घर जा रही हूं। मुझे
स्टेशन पर छोड़ कर आओ। तो आंखें निकाल कर
कहने लगे मेरे पास समय नहीं है। मैं नहीं
जाऊंगा और क्या बेइज्जती सुननी है आपको।
अच्छा अच्छा। तो मोहन ने तुम्हें नाराज
किया है। फिक्र मत करो। हम सब उससे बात
नहीं करेंगे। अभी राजू के पिताजी आएंगे तो
मैं कह दूंगी कि वो तुम्हें स्टेशन छोड़
आए। बस।
हां हां जाहिर बात है। तुम जेठ जी से
कहोगी तभी तो वो मुझे स्टेशन पर छोड़ कर
आएंगे। वरना तुम्हारे हुक्म के बगैर इस घर
की आवाज तक बाहर नहीं जा सकती। लेकिन मैं
जाऊंगी। मैं तुम्हारे हुक्म को तोड़
दूंगी। मेरे मन में जो आएगा मैं वही
करूंगी।
अरे भाभी कैसी कड़वी कड़वी बातें कर रही
हैं आप। दीदी से ऐसी बातें करना आपको शोभा
देता है क्या?
सारी दुनिया हंसती है तुझ पर। माथे पर
बिंदी, आंखों में काजल, बालों में फूल।
अरे कोई कुंवारी लड़की भी इतने नखरे नहीं
करती होगी जितने कि तू बाल विधवा होकर
करती है।
बाल विधवा होकर करती है। तू बाल विधवा
होकर करती है। तू बाल विधवा होकर करती है।
नहीं
[संगीत]
चलो दीदी। ये सब तो नाटक है इनका। विधवा
को कुंवारी बना कर रखा हुआ है। इनका बस
चले तो दूसरा ब्याह कर दे इसका। चलो।
गीता बेटी
उसे कहिए मैंने बुलाया है।
जी बहुत अच्छा
आपने मुझे बुलाया दीदी?
गीता खाना खा ले। नहीं दीदी। आज मेरा
उपवास है।
उपवास?
[संगीत]
[प्रशंसा]
ये क्या गीता? हां।
मैं अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहती
हूं दीदी।
विधवा होकर भी कुंवारी लड़की की तरह
जिंदगी बिताती रही।
अनजाने में सही मगर मगर मुझसे पाप हुआ है।
पैदा होते ही जिसकी मां गुजर जाए उसे
हंसने का खुश रहने का कोई अधिकार नहीं।
इस पाप के लिए मुझे मुझे जिंदगी भर उपवास
रखने पड़ेंगे दीदी।
[संगीत]
जिंदगी भर उपवास रखने पड़ेंगे।
गीता
सुनो गीता सीता ये सब क्या है गीता ने
विधवाओं का लिबास क्यों पहना है किसने कहा
उसे मैं तुमसे पूछ रहा हूं मुझे जवाब दो
गीता बच्ची नहीं रही जवान हो गई है और
समाज की रीत के अनुसार उसे विधवा के कपड़े
पहनने चाहिए विधवाओं की तरह जिंदगी
गुजारनी चाहिए आग लगी है ऐसे समाज को जो
मां-बाप की बेवकूफी की सजा मासूम औलाद को
देता है। मैं नहीं मानता इस समाज को और
उसके जालिमा उसूल को और गीता को ये बात
बताई किसने? अरे मेरे लाख मना करने के
बावजूद तुमने तुमने ये बात गीता को कही
कैसे?
नहीं बताया तो हमने गलती की। अच्छा हुआ।
आज मोना और शीला ने उसे सच्चाई बता दी।
क्या हुआ? क्या हुआ?
[प्रशंसा]
सीधा
जाने क्यों
ऐसे लग रहा है जैसे
ये घर
मां-बाप के अरमानों की इमारत
जिसकी दीवारों को बनाने के लिए
मैंने अपना बचपन
जवानी
ईंट उगाने की तरह इसकी टूटी हुई दीवारों
में लगा दिया उसमें दरारें नजर आ रही हैं।
प्रेम की जमीन पर खड़ी हुई इस मकान की
बुनियादें मुझे हिलती हुई नजर आ रही है।
वचन के धागों से जो मैंने परिवार के
मोतियों को इकट्ठा किया था
वो माना मुझे टूटती हुई नजर आ रही है।
ऐसे मत कहिए।
[संगीत]
अरे किटा
अरे ओ मेरी इडियट तू यहां बैठी हुई है देख
मैं तेरे लिए क्या लाया हूं
ओ ए तेरे तेरी आंखों में आंसू
ये कपड़े क्या पहने हुए ये क्या नाटक है
गीता
ये कोई नाटक नहीं है ये मेरी जिंदगी की
हकीकत है
हकीकत
कैसी हकीकत?
जब मैं छोटी थी, मेरे मां-बाप ने मेरी
शादी कर दी थी। फिर बचपन में ही उनका
देहांत हो गया और मैं बाल विधवा हो गई।
और तूने उसे मान लिया।
तुझे वो शादी याद है? तुझे अपने उस पति की
सूरत याद है जिसके साथ पल्लू बांध कर तूने
सात फेरे लगाए थे। अरे आज के जमाने में
ऐसी ढोंगी रस्मो रिवाजों को कौन मानता है?
उस पे कौन चलता है? नहीं मोहन जमाना बदल
गया होगा। जमाने के संस्कार नहीं बदले।
समाज की रस्में नहीं बदली।
कौन कहता है कि नहीं बदली? और अगर नहीं
बदली तो मैं बदललूंगा इन ढकोसों को। मैं
करूंगा तुम्हारे साथ शादी। मैं भी जाकर
बड़े भैया से बात करता हूं।
भगवान के लिए मोहन बड़े भैया को मत बताना।
अगर उन्हें पता चल गया कि तुम एक विधवा से
शादी करना चाहते हो तो वो यह सदमा
बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। ये तो नाइंसाफी
है।
मुझ पर सारी जिंदगी इस घर के एहसान रहे
हैं। उनके बदले मैं इस घर की शांति में आग
नहीं लगाना चाहती।
मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूं मोहन। आज
के बाद भूल कर भी मेरा नाम मत लेना। ये
समझना गीता नाम की लड़की तुम्हें मिली थी।
तुम्हें उससे प्यार था। आज के बाद वो
लड़की तुम्हारे लिए मर गई।
गीता
ये ये तुम क्या कह रही हो गीता?
तुम्हें अपने प्यार की कसम है मोहन।
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
भैया अब मैं उस घर में वापस नहीं जाऊंगी।
मुझे किसी भी तरह उस गैस से आजादी दिला
दो। मुझे नफरत है उन लोगों से मगर डरती
हूं तो सिर्फ अपने पति से कि कहीं वो
मुझसे नाराज ना हो जाए। व्हाट मोना? तुम
अपने पति से डरती हो? अरे इस शीतल की बहन
होकर अपने हस्बैंड से डरती हो? जानती हो
हस्बैंड का मतलब क्या होता है? जब पत्नी
अपने पति का हंसना बंद कर दे तो उसे कहते
हैं हस्बैंड।
कसम अंग्रेज की जिसकी बेईमानी का मैं
दीवाना हूं। माना तुमने अपने पति से डर के
मेरा फेस ब्लैक कर दिया। आई मीन मेरा मुंह
काला कर दिया।
क्या करूं भैया?
मैं मजबूर हूं। नो नो मजबूर कीप मजबूरी एट
तू ही।
अरे मेरी प्यारी बहना तुम्हारे इस भाई का
अंग्रेजी दिमाग किस दिन काम आएगा? विच डे
सुनो लिसन।
नहीं नहीं भैया अगर पिताजी को पता चल गया
तो?
पिताजी को कैसे पता चलेगा? वो तो 3 मंथ्स
के बाद आएंगे। देखो मैं जैसा कहता हूं तुम
वैसा ही करो। बेडरूम में जाओ। जाओ जाओ। अब
मैं जीजा जी को टेलीफोन करता हूं। हम
मोना
मोना
कैसी तबीयत है?
ठीक हूं।
डॉक्टर क्या हुआ इसे?
आप जरा इधर आइए।
मिस्टर श्याम, आपकी पत्नी की हालत बहुत ही
नाजुक स्टेज पर पहुंच गई है। अगर इनका
ख्याल ना रखा गया या इन्हें जरा सा भी
दिमागी टेंशन पहुंचा तो इन्हें दुनिया का
कोई भी डॉक्टर नहीं बचा सकता।
क्या बात करती हैं आप?
मैं बिल्कुल सही कह रही हूं। इसलिए फौरन
बल्कि आज ही इन्हें लेकर कुछ दिनों के लिए
किसी हिल स्टेशन पर पहुंच जाइए। वहां जाने
के बाद इनकी सेहत सुधर सकती है।
ओह माय गॉड। जीजा जी डॉक्टर साहब बिल्कुल
ठीक कह रही हैं। आप दीदी को लेकर फौरन इसी
वक्त किसी हिल स्टेशन चले जाइए। मुझे डैडी
बहुत सारे काम देंगे वरना मैं भी आपके साथ
चलता।
अभी तो मेरे पास बहुत काम है। एक आद दो
दिन में मौका निकाल कर।
अरे जीजा जी मौके के चक्कर में रहेंगे तो
बीवी हाथ से निकल जाएगी। और जिंदगी की
बहार का मजा पत्नी के साथ है। अगर पत्नी
हाथ से निकल गई तो काम की चटनी बनाकर
चाटेंगे। क्यों डॉक्टर साहब?
जी बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। शी इज़ वेरी
सीरियस।
जीजा जी। ये मेरी बहन और होने वाले भांजे
की जिंदगी का सवाल है।
ओके ठीक है। मैं मोना को लेकर आज ही चला
जाता हूं। शीतल तुम मेरा एक काम कर देना।
यह कुछ कागजात है जाकर बड़े भैया को दे
देना और कहना कि
मैं सब कह दूंगा जीजा जी कसम अंग्रेज की
डोंट वरी आई विल टेक केयर ऑफ एवरीथिंग आप
फौरन दीदी को लेकर चलिए प्लीज फॉरगॉट से
ओके शीतल
जीजा जी पहुंचते ही खबर देना दीदी अपनी
सेहत का ख्याल रखना
हां भैया
ओके बाय
बाय
शीतल
जी वो कागजात भैया तक पहुंचा देना आप।
जीजा जी मैं अब भी ये पेपर लेकर बड़े भैया
के पास ही जा रहा हूं।
अब चलो भी।
देखूं तो सही कागजात में है क्या?
फिर दोबारा डॉक्टर की एक्टिंग करने कब
आऊं?
अब तेरी कोई जरूरत नहीं है। ये ले चल।
अब तेरी एक्टिंग खत्म।
यहां से मेरी एक्टिंग शुरू।
श्याम तुम्हारे दस्तखत बहुत आसान है।
दसम अंग्रेज की इन दस्तखत के जरिए अब
देखना मैं क्या हंगामा खड़ा करता हूं। ऐसा
हंगामा करूंगा कि तुम्हारे घर की दीवारें
गिर जाएंगी।
झूठे ही हमदमी दो जनी देहु
गए चार मत मत देहु रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाई पर वचन न जाई
राम बाबू
आपकी चिट्ठी
मेरी चिट्ठी बेटा
जी
जरा चिट्ठी लाना तो
लीजिए पिताजी
[प्रशंसा]
कैसे हो सकता है? नहीं नहीं।
ये नहीं हो सकता।
क्या बात है? किसकी चिट्ठी है?
ये गीता के ससुराल वालों की चिट्ठी है।
लिखा उसका जेट उसको लेने के लिए आ रहा है।
ये अचानक इतने बरसों बाद उन्हें गीता का
ख्याल कैसे आया? कहीं तुमने तो कोई चिट्ठी
नहीं लिखी उनको।
नहीं
शायद गीता ने लिखी हो।
गीता
गीता
[संगीत]
गीता
जी
तुम्हारे ससुराल से ये खत आया है तुमने
कोई चिट्ठी लिखी थी उनको?
जी हां
किससे पूछ के लिखी थी? अरे क्या हम लोगों
का इतना भी अधिकार नहीं रह गया है कि
चिट्ठी लिखने से पहले मुझसे पूछो या अपनी
दीदी से पूछो। हैं?
जाने दीजिए। उसने अपनी जिंदगी से समझौता
कर लिया है। उसको अपने ससुराल जाने से मत
रोकिए।
कैसे चले जाने दूं? ससुराल उस घर को कहते
हैं जहां लड़की ब्याह कर विदा होकर जाती
है। नहीं कभी विदा होकर गई। ना उनकी सूरत
देखी है ना उन लोगों ने इसकी सूरत देखी
है। वो ससुराल नहीं ढोक है। समझते क्यों
नहीं हो तुम लोग?
और सीता मैं अपनी इस बच्ची को उस घर में
कैसे चले जाने दूं? जिन लोगों को मैंने
खुद नहीं देखा। पता नहीं वो लोग कैसे हैं,
क्या हैं, क्या करते हैं।
[प्रशंसा]
भैया लगता है भाभी के पेट में हाथी घोड़े
हैं। कैसे लपक लपक के लड्डू खा रही है।
अरे चुप रह बे। कहीं उसने सुन लिया तो
इतने जूते मारेगी कि सर पे एक बाल नहीं
बचेगा।
अरे भाई साहब
अरे चलो ना भाई साहब। क्या है?
आ गए।
पैसेवैसे लाए हो या खाली झोला हिलाते आए
हो?
कैसी बातें करती हो रानी? भला मैं खाली
हाथ झोला लटकाए घर आने की हिम्मत कर सकता
हूं भला।
हां भाभी खाली झोला लाएंगे तो मार नहीं
खाएंगे।
क्या?
नहीं नहीं। मेरा मतलब कभी-कभी ऐसा हो जाता
है ना। कमाई नहीं हो तो पब्लिक का पॉकेट
मार के। अरे यार आज क्या खाने की जगह जूते
खिलवाने का इरादा है?
ऐसे
ये लो रानी पूरे ₹99 ले आया हूं मैं।
मेरा मतलब है इतने सारे लड्डू आए कहां से?
पड़ोस में कोई मर गया है क्या?
हटो जी। मैं मरे हुए मुर्दों के खैरात के
लड्डू क्यों खाने लगी? वो तो तुम लोगों ने
आने में देर कर दी। मुझे बहुत जोरों की
भूख लगी थी। मैंने ठोकरमल हलवाई की दुकान
से थोड़े से लड्डू मंगवा लिए।
थोड़े से।
क्या?
नहीं, नहीं, नहीं। मेरा मतलब यह है कि हम
दोनों के लिए खाना तो बनाया होगा ना।
अच्छा। तो मैं बनाऊंगी। अरे मेरे भाग इतने
फूट गए हैं कि अभी खाना पकाना भी मैं शुरू
कर दूं। रसोई खुली पड़ी है। सब्जी काट कर,
चूल्हा जलाकर, आटा गूंद कर रोटी और भाजी
बना लो। जरा ज्यादा बनाना। मुझे भी भूख
लगी है, हां। हां हां वो तो ठीक है लेकिन
एक आधा लड्डू
क्यों मरे जा रहे हो बड़ी मुश्किल से
मैंने 2 किलो लड्डू मंगवाए हैं अभी तो
मेरा ही पेट नहीं भरा मुझे लड्डू दो मुझे
लड्डू दो हट
अरे पेट है कि गोदाम
क्या कहा मैं मैं गोदाम हूं मैं गोदाम हूं
गोदाम नहीं गोदाम नहीं गोदान गोदान
गोदान
वो भाभी क्या हुआ रास्ते में गोदान में
खाना बंट रहा था तो मैंने भाई साहब को
बोला खा लेते हैं अच्छा होता मगर माने
नहीं माने नहीं अरे भाभी भाभी लड्डू में
मक्खी लड्डू में मक्खी हट हट हट हट
आधा मुझे देना।
भाभी ये मक्खी वाला लड्डू मांग रहा है।
भाई
चुप कर ना यार। तेरी भाभी की आंखों में तो
वैसे भी सिकड़ी भड़क रही है।
इससे पहले कि वो हमें कबाब की तरह सेक
डाले। यहां से चल पड़ते हैं। चल चल चल चल
चल।
मोहे पनघट पे नंदलाल
छेड़ गयो रे मोहे मेरे पनघट पे सब्जी पकाए
गयो रे
भाई साहब
ये पनघट के साथ एक लंबा सा घूंघट भी डाल
लोगे ना तो गाने में बहुत मजा आएगा।
ओए क्या बकता है रे तू? सच कहता हूं। कान
में बाली, नाक में नथनी, मांग में सिंदूर,
कमीज की जगह चोली, धोती की जगह साड़ी पहन
लो, तो आधे मर्द से पूरी औरत बन जाओगे।
देख तू बकवास बंद कर वरना सर फोड़ दूंगा।
पिल-पिला टमाटर तो फोड़ नहीं सकते। मेरा
सर क्या फोड़ोगे? हे? जब से मां मरी है,
हमारी तकदीर ही फूट गई। बाहर गाना गाते
हैं। घर में आ कर खाना पकाते हैं। बाहर
हमको पब्लिक पैसे देती है। और यहां यहां
घर में आकर तुम्हारी पत्नी से रोटी के लिए
भीख मांगनी पड़ती है।
देख भोले? हां देखूं क्या? अरे तुम्हारे
पास दिखाने को रखा ही क्या है? देखो भाई
साहब मैं तुम्हारी इन आंखों से डरने वाला
नहीं हूं। अरे इनसे ज्यादा गुस्सा तो मरे
हुए आदमी की आंख में होता है।
अजी सुनते हो भोले के भैया।
खाना वाना पकाया भी या सिर्फ गप्पे ही हाथ
पे जा रहे हो।
हिल गए हिल गए। चल ना यार वरना शामत आ
जाएगी। आया आया रानी रानी तुम बहार जाकर
खुली हवा में आराम से बैठो। मैं 10 मिनट
में गरमा गरम पूरी तुम्हारे हुजूर में पेश
करता हूं।
बड़ा बेशर्म भाई है मेरा। पत्नी का पति
कहीं का।
क्या बकता है तू?
तुमने मुझसे कुछ कहा?
अरे नहीं नहीं रानी मैं तुम्हें कुछ कहने
की हिम्मत कर सकता हूं भला।
अच्छा मैंने सुबह तुम्हें जो कुछ कहा था
वो याद है?
क्या कहा था?
तुम्हारा सर। वो अपने जैसा सर है उसमें
चींटी जितना भेजा नहीं है। क्या कहा था?
बिल्कुल सही कहा भाभी आपने। अगर इनको भेजा
होता तो आज इस घर का नक्शा ही कुछ और होता
है। होता।
अरे तू अपनी बकवास बंद करता या नहीं?
क्या कहा था तुमने?
मैंने कहा था बचपन में जो तुम्हारा छोटा
भाई मर गया था ना उसकी पत्नी को लेके आना
है। आ ये लो पैसे और उसे ले आओ।
लेकिन इतने थोड़े से पैसों में आना जाना
कैसे होगा रानी?
क्यों नहीं होगा? जाते वक्त तुम ट्रेन के
ऊपर बैठ के जाना। उसे घर से स्टेशन तक
टांगे में बिठा कर लाना। फिर उसे भी ट्रेन
के छत पर बिठा कर ले आना। समझ गए ना? चलो
जाओ।
ओह हो। एक और मुसीबत आ रही है। वो भी अगर
भाभी की टक्कर की निकली
ओो तो तो तीन की जगह चार का खाना बनाना
पड़ेगा।
चुप भी कर जब भी सोचता है उल्टा सोचता है।
जा मेरे कपड़े निकाल।
कौन से? वो जो धोती घाट से चुरा के लाए
थे।
हां वही।
ये आप फिक्र ना करें रामबाबू। आपने इसे
बेटी बना कर रखा। मेरे घर भी ये बेटी ही
बनकर रहेगी। अब आज्ञा दीजिए। चलो बेटी
लाओ।
[संगीत]
येते रहो बेटी
क्यों श्राप देती हो बुआ इस जिंदगी में अब
जीने को रखा है क्या
[संगीत]
[हंसी]
[संगीत]
पहली बार तुमसे बिछड़ रही हूं दीदी।
कभी-कभी मुझ बदनसीब को याद जरूर कर लेना।
कैसी बातें कर रही है तू? तू हमेशा के लिए
थोड़ी ही जा रही है। आना जाना तो लगा ही
रहेगा। अब आना कैसा दीदी? इस घर से तो
नाता टूट ही गया ना।
[संगीत]
चलती हूं जीजा जी
[संगीत]
राजू दीदी
देख अच्छी तरह से पढ़ाई करना और किसी को
परेशान मत करना
और तू तू भी किसी को परेशान ना करना।
[संगीत]
मैंने आज तक तुम्हें बहुत सताया ना।
मेरे कारण तुम्हें हमेशा परेशानी झेलनी
पड़ी।
अब तुम्हें कोई नहीं सताएगा।
अनजाने में मुझसे कोई भूल हो गई हो तो माफ
कर देना।
[संगीत]
आ हा
अरे शीतल भैया आप
आ शीला बहन
कैसी हैं आप?
हाउ आर यू?
बस आपकी मेहरबानी कैसे आना हुआ?
बस सुबह शाम आप लोगों की भलाई के बारे में
ही सोचता रहता हूं। राम भैया एक दुकान
खोलकर सोचते हैं कि बहुत बड़ा तीर मार
दिया उन्होंने। मैंने सोचा कि आप लोगों का
कारोबार पूरे हिंदुस्तान में फैला दूं।
सच
यस।
नहीं नहीं भैया आप जरूर मजाक कर रहे हैं।
ओह नो। अरे मैंने तो सरकार से बात भी कर
दी। सरकार बोली आप कहे और हम ना करें। यू
से एंड वी डोंट डू। फ़ौरन ₹1 लाख का कर्ज
देने के लिए तैयार हो गई। अब तो थोड़े
दिनों में तुम लोग नोट ही नोट छापने वाले
हो। नोटी नोट। घर की दीवारों पे रंग की
जगह 100-100 के नोट चिपका देना। ₹100 नोट।
आपके मुंह में घी शक्कर।
नो नो नो नो नो। आई डोंट लाइक घी शक्कर।
आई वांट सिग्नेचर। ये कागजात दस्तखत करके
सरकार को देने हैं। शाम ने तो दस्तखत कर
दिए। सोहन की तरफ से अगर तुम कर देती तो
काम फटाफट हो जाता। कारोबार जल्दी शुरू हो
जाता।
जरूर जरूर।
एक मिनट। ये कलम। चाहो तो पढ़ लो।
नहीं भैया इसमें पढ़ने की क्या जरूरत है?
आप जो करेंगे हमारी भलाई के लिए तो करेंगे
ना।
कसम अंग्रेज की आई ऑलवेज डू भलाई। नेवर
टेक एनी मलाई। मेरे बुजुर्गों ने यही मुझे
सिखाई।
अच्छा दीदी बाय-बाय।
अच्छा।
ओ भैया भाई हो तो ऐसा।
भैया।
भैया।
भैया जी भैया भाभी जी
भाभी भाभी बुआ मां को बड़ा जल्दी मां भैया
उठिए भैया होश में आइए क्या भैया
क्या हुआ भैया क्या हुआ इन्हें
अचानक बेहोश क्यों हो गए
बुआ बू मुझे जाना होगा
हां हां बेटा चले जाना
नहीं जल्दी जाना होगा अभी
लेकिन ऐसी हालत में कैसे जाओगी बेटा
अरे अब इससे ज्यादा बुरी हालत और क्या
होगी बुआ
हम बर्बाद हो गए
हमारी कंपनी का दीवाना निकल गया।
क्या?
वहां कर्जदारों की भीड़ लगी होगी।
इज्जतदारों की दहलीज पर पहली बार
कर्जदारों ने कदम रखा है। बुआ
वो दुकान मेरी औलाद की तरह है। मैं उसे
कैसे करदारों की ठोकरों में छोड़ दूं।
मुझे उसकी इज्जत बचतानी पड़ेगी। बुआ। मुझे
कुछ ना कुछ करना पड़ेगा।
आप आप चिंता मत कीजिए। मैं कुछ इंतजाम
करती हूं।
भैया भैया आप एक बार मुझे आज्ञा दीजिए।
मुझे एक बार अकेला छोड़ दीजिए। मैं उन
सबको जेल की हवा ना खिला दी। मैं आपका भाई
मोहन नहीं हूं।
ना बेटा बुरे वक्त में दिमाग पे काबू रखना
इंसान की सबसे बड़ी जागीर होती है। ऐसे
वक्त में उठा हुआ एक कदम इंसान को सारी
जिंदगी के लिए बर्बादी के दलदल में फेंक
देता है।
नहीं भैया आप आप कब तक अकेले हैं?
हो जाएगा। तेरा भाई है ना? तू काहे को
चिंता करता है?
नहीं भैया नहीं।
आप कब तक सहते रहेंगे?
ये लीजिए। इसमें मेरे सारे गहने हैं। इसे
बेचकर लोगों का हिसाब अदा कर दीजिए।
वक्त बुरा है। इसलिए दो तरफा तमाचा तो मत
मारो।
दुनिया इज्जत उतार रही है। तुम अपने जेवर
उतार के दे रही हो। दुकान का कर्जा उतारने
के लिए मैं तुम्हारा गला नोच डालूं। यह
मुझसे नहीं होगा।
आपने औरत जात को भी पहचाना ही नहीं। मर्द
से मांग कर उसकी जेब काट काट कर
औरत जेवर उसी दिन के लिए बनाती है ताकि
वही जेवर उसके पति की इज्जत बचा ले। उनको
पहनना और सजना दरअसल एक दिखावा होता है।
जेवर बिक कर फिर आ सकता है। मगर इज्जत चली
जाए तो वापस नहीं आ सकती। लीजिए।
हां तुम ले लो बेटा।
[प्रशंसा]
[संगीत]
दोस्तों
आज मेरी शादी की सालगिरह है। मैं आप लोगों
का शुक्रगुजार हूं कि आप लोग इस खुशी में
शामिल हुए। अब मैं इस मौके पर सोहन कुमार
से रिक्वेस्ट करता हूं कि वो एक खूबसूरत
सा गीत सुनाकर इस महफिल की खुशियों को
दोबाला करें।
क्या बात है सर गाइए ना।
अबे कहां कांटों में खुशबू तलाश कर रहा
है।
मैं तो एक दिलजला आदमी हूं। मुझसे या मेरे
गीतों से खुशी की उम्मीद मत करना। महफिल
का मजा किरगरा कर दूंगा। कोई परवाह नहीं।
कलाकार जब तक दिलजला होता नहीं उसके गीतों
में मजा आता नहीं।
देखो
मैं कड़वे बोल बोलूंगा
तो तुमसे सुना नहीं जाएगा।
साहब आप सुनाइए तो सही हम सब सह लेंगे।
देखिए प्लीज
मैं
खैर
जैसे आपकी मर्जी।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
हंसी हो जवा हो नशा हो तुम हंसी हो जवा हो
नशा
हो तुम मगर खूबसूरत
बला हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम
बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम हंसी हो जवा हो
नशा हो तुम मगर खूबसूरत
पला हो तुम बेवफा बेवफा
बेवफा हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
अरे संग दिल ये सितम क्या किया ना मैं जी
सका और ना मैं मर सका
अरे संग दिल ये सितम क्या किया ना मैं जी
सका और ना मैं मर सका सितम करने वाले बुरा
हो तेरा कभी माफ तुझको करे ना खुदा बेवफा
बेवफा बेवफा हो तुम बेवफा
बेवफा बेवफा हो तुम हंसी हो जवा हो नशा हो
तुम मगर खूबसूरत
भला हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम
बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
क्षमा बनके जब से तू घर में जली जला मैं
जला दी गली जिंदगी
[प्रशंसा]
[संगीत]
शमा बनके जब से तू घर में चली
जला मैं जला दिल जली जिंदगी
कयामत तलक तू भी यूं ही जले मगर वो कयामत
ना आए कभी बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम बेवफा
बेवफा बेवफा हो तुम ऐसी हो जवा हो नशा हो
तुम मगर खूबसूरत
भला हो तुम बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम
बेवफा बेवफा बेवफा हो तुम बेवफा बेवफा
बेवफा
हो तुम
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
बहुत
[प्रशंसा]
ये क्या है?
भैया मैं मैं दिल्ली जा रहा हूं।
दिल्ली
जी काहे के लिए? नौकरी करने के लिए।
मेरे होते हुए
मेरे होते मेरा बच्चा नौकरी करेगा? अरे
पिता समझ तेरा ये भाई मर गया है क्या?
नहीं भैया ऐसा मत कहिए भैया भगवान रहती
दुनिया तक आपका साया हमारे सरों पर रहे
लेकिन भैया आपने इस बच्चे को बड़ा किया है
तो उसे खुद अपने पैरों पर खड़ा भी तो होना
चाहिए जिंदगी की टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडियों पर
चलना सीखना चाहिए
बच्चे बड़े होकर बाप की सेवा करते हैं
क्या आप मुझे ये मौका नहीं देंगे भैया
भैया मुझे जाने दीजिए
अरे भैया आपने तो बचपन में ही गठरी में
जिंदगी का बोझ बांधकर अपने कंधों पर ले
लिया था। मैं कोई बच्चा नहीं हूं। मैं मैं
बड़ा हो गया हूं। क्या मैं अपने भाई भाभी
का बोझ नहीं उठा सकता? जाने दीजिए ना
भैया।
श्याम और सुहन
पहले ही मुझे छोड़ कर चले गए।
एक तू बचा है। अब तू भी जाना चाहता है।
भैया मैं तो सिर्फ आंखों से दूर जा रहा
हूं। दिल से कभी नहीं जाऊंगा
क्योंकि मेरे खून की एक-एक कतरे पर आपके
नाम की आपके प्यार की मोहर लगी हुई है।
भैया
ये खोटा सिक्का खड़ा होकर दिखाएगा। जो
इज्जत बड़े भाई ने कमाई है वही इज्जत कमा
कर दिखाएगा। अब आप सिर्फ मुझे आशीर्वाद
दीजिए भैया। आशीर्वाद दीजिए।
[संगीत]
अरे ओ छमक छल्लो तेरे हाथ टूट गए हैं या
इनमें छाले पड़े हैं? जरा जल्दी से हाथ
चला। सुबह से शाम होने आई और अभी तक तुझसे
5 किलो गेहूं तक नहीं पीसे गए?
पीस तो रही हूं दीदी।
क्या पीस तो रही हूं। जबान चलाती है मुंह
क्या देखती है मेरा। चला।
भाभी, बहुत कसकर भूख लगी है, कुछ खाने को
दो ना।
खाना?
हां।
जहां ऐसी हरामखोर कामचोर लड़कियां घर में आ
जाए, वहां चूल्हा नहीं जल सकता, तो खाना
कहां से पकेगा? चल, जितना आटा पिसा है,
उसे गूंद के रोटियां बना ले।
दीदी, मुझे बुखार है।
अच्छा, तो बगल में प्याज रखकर बुखार भी
चढ़ा लिया। चल अंदर जाके काम कर। वरना मार
मार के हाल के साथ खराब बुखार भी उतार
दूंगी। अरे रे रे जाने दो ना भाभी। इसको
बुखार है। आज तुम ही खाना बना दो ना।
मैं बनाऊं? तू इसकी तरफदारी में मुझसे काम
करवाएगा।
लो। इसमें तरफदारी की क्या बात है? छोटी
भाभी को बुखार है।
अरे बुखार क्या कोड हो जाए इसे। मगर तू
इसकी इतनी हमदर्दी क्यों करता है? अजी
सुनते हो? कहां हो तुम?
आया।
अजी सुनते हो?
जैसे बैठा था वैसे ही उठ के आ गया। हाथ तक
नहीं धोए। हुकुम क्या करना है?
अरे इस कुलक्षणी के लक्षण तो देखो। वहां
थी तो अपने जीजा के भाई के साथ नजरें मिला
रही थी। यहां आई तो मेरे तेवर पे डोरे डाल
रही है। इश्क फरमा रही है इससे।
भाभी जबान संभाल कर बात करो। ये मेरी भाभी
नहीं छोटी बहन भी है।
क्या? तू इस चुड़ैल के लिए मुझे आंखें दिखा
रहा है? मुझे? मेरा ये पति आज तक मुझे
आंखें नहीं दिखा सका। तू दो कौड़ी की लौंग
इसके लिए मुझे आंखें दिखा रहा है। आज तो
मैं इसे नहीं छोडूंगी।
अरे भाभी
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
राम बेटे
[प्रशंसा]
बेटे भगवान
ये तो बेहोश है।
जरा मदद कीजिए।
[संगीत]
डॉक्टर साहब ये बोलते क्यों नहीं है?
जब जज्बाती इंसान को गहरा सदमा पहुंचता है
तो अक्सर ऐसा होता है। वो खामोश हो जाता
है। उसकी बोलने की शक्ति चली जाती है।
तो उन्हें ठीक होने में कितना वक्त लगेगा?
यह बताना तो मुश्किल है क्योंकि डॉक्टर के
पास बीमारी का इलाज तो होता है सदमे का
नहीं। फिर भी उस पर भरोसा रखिए और इनका
ख्याल रखिए। इन्हें खुश रखिए और जहां तक
हो सके इन्हें परेशानियों से दूर रखिए।
ये मैं कुछ दवाइयां लिख के दे रहा हूं।
इन्हें फौरन मंगवा लीजिए।
लेकिन ये दवाइयां यहां नहीं मिलेंगी। शहर
से मंगवानी पड़ेगी।
अच्छा मैं चलता हूं। नमस्ते।
घर में पैसे नहीं है। ये दवाइयां कहां से
मंगवाऊंगी?
ये आप क्या जुल्म कर रहे हैं शीतल भैया?
आप मुझे घर खाली करने को कह रहे हैं।
नहीं। एक दिन आप ही ने कहा था कि आप मुझे
इस घर की मालकिन बनाएंगे। और और आज आप
मुझे इस घर से बाहर निकाल रहे हैं।
बात दरअसल ये है मिज।
क्या नाम है तुम्हारा?
अच्छा तो आज मेरा नाम भी भूल गए।
अरे भाई क्या करें? मजबूरी है। लोग बाग तो
अपने सगे मां-बाप का नाम भूल जाते हैं।
तुम तो फिर भी पराई हो। लेकिन अरे हां याद
आया। मिसेज सोहन। तो तो क्या है मिज सोहन?
तुमने मेरे ऊपर भरोसा किया। मैंने मेहनत
की, मेहनत फ्लॉप हो गई। भरोसा टूट गया।
अरे ऐसा तो चलता ही रहता है। नेक्स्ट टाइम
तुम फिर मेरे ऊपर भरोसा करना। मैं मेहनत
करूंगा। हो सकता है कि इस बार पूरा भरोसा
ना टूटे, थोड़ा कम टूटे।
और फिर ऐसा घर क्या है? दोबारा बनवा
लेंगे। घर क्या है? तकदीर की खेती है। फिर
तकदीर की बारिश होगी।
दोबारा ऐसा घर उगाएगा।
लेकिन मैं इस घर को छोड़कर कहां जा सकती
हूं? मुझ पर तरस खाओ। मुझ पर रहम करो
भैया। यह अचानक तुम्हारी नियत कैसे बदल
गई? तुम इतने क्यों बदल गए?
अरे नहीं नहीं दीदी मैं नहीं बदला। दरअसल
तुम्हारा वक्त बदल गया है। अरे कसम
अंग्रेज की आप इंडियन लोग ऐसे खड़े क्यों
हैं? चलिए चलिए जल्दी कीजिए। इनका सामान
निकाल कर बाहर फेंकिए। जल्दी क्विक जो
सरकारी काम है वो तो करना ही पड़ेगा।
[प्रशंसा]
एहसान फरामोश तू अपनी औकात भूल गई। अरे
रामबाबू ने तुझे इस झोपड़े से निकाल कर बड़े
घर की बहू बनाया।
अनपढ़ गवार जाहिल होते हुए भी एक डॉक्टर से
तेरी शादी करवाई और तूने तूने उस घर में
खुशियां बिखेरने के बजाय मेरे देवता
स्वरूप मालिक को बर्बाद करके रख दिया।
फिर ये दिन देखने से पहले मैं मर क्यों
नहीं गया?
मुझे क्षमा कर दीजिए पिताजी। मुझसे बहुत
बड़ी भूल हो गई। मुझे माफ कर दीजिए
पिताजी।
बर्बादी फैलाने के बाद माफी मांगने से
क्या होता है? तू जा चली जा। मेरे घर में
तेरे लिए कोई जगह नहीं।
नहीं चाहिए मुझे ऐसी औलाद। तू जा यहां से।
ऐसा मत कहिए पिताजी। ऐसा मत कहिए। आप मेरा
सर काट दीजिए। मुझे जो सजा देनी हो दे
दीजिए। मुझे माफ कर दीजिए पिताजी। एक बार
मुझे माफ कर दीजिए।
मैं कौन होता हूं तुझे माफ करने वाला?
अगर तुझे माफी मांगनी है तो मेरे साथ उस
देवता के घर चल उसके पैर पकड़ के माफी
मांग। अगर उसने माफ किया तो ठीक। नहीं तो
मैं वहीं तेरा गला दबा कर तुझे मार
डालूंगा। खुद भी अपनी जान दे दूंगा।
रमू काका आप यहां?
आपको खबर करने आया हूं। शीतल बाबू ने धोखा
देकर छोटी मालकिन से मकान छीन लिया है और
उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है। मुझे भी
नौकरी से बाहर कर दिया है। मालकी
क्या तो बहू कहां है?
अपने मायके में।
हे भगवान ये भी क्या इसी समय इनकी बीमारी
के वक्त होना था।
मालकी क्या हुआ है मालिक को।
देखो ना कैसे बेहोश पड़े हैं और दवाई के
लिए पैसे भी नहीं है।
ये लो रामू काका।
मालकिन
इसे बेचकर इनकी दवाई ले आओ।
नहीं नहीं मालकिन ये आपके सुहाग की निशानी
है। भगवान का आशीर्वाद है। मैं इसे नहीं
बेच पाऊंगा।
बाबू काका अपने भगवान को बचाने के लिए मैं
भगवान के आशीर्वाद को बेच सकती हूं।
लेकिन अपने भगवान को इस हालत में नहीं देख
सकती।
प्रभु काका
इस मंगलसूत्र को बेच दो।
नहीं दीदी आप मंगलसूत्र नहीं बेचेंगी?
हां दीदी आप देवी हैं। देवी के सुहाग की
निशानी बिक जाए तो कयामत आ जाएगी। आपने कई
बार मेरी सुहाग की रक्षा की। मगर मैं
अभागल हमेशा आपको गलत समझती रही। आप मुझे
अपनी सेवा करने का मौका दीजिए दीदी। आपके
सुहाग की रक्षा के लिए मैं अपना सब कुछ
कुर्बान कर दूंगी। ये लीजिए। ये लीजिए।
इसे बेचकर इसे बेचकर दवाइय ले आई।
बहु ये क्या कर रही हो?
दीदी ये सब कुछ जो दिया हुआ है आप ही का
तो है। अगर मैं अगर मैं खून बेचकर भी
बाबूजी के लिए कुछ कर पाऊं तो मैं अपने आप
को भाग्यशाली समझूंगी।
मुझे अपना कर्तव्य निभाने दीजिए दीदी।
मुझे अपने मुझे अपने पापों की सजा मिल
चुकी है। मैं घर से बेघर हो गई, जलील हो
गई। ये दिन जो आप लोगों को देखना पड़ा,
सिर्फ मेरी वजह से।
मैं आपकी बहुत बड़ी गुनाहगार हूं दीदी।
मुझे माफ कर दीजिए दीदी। मुझे माफ कर
दीजिए दीदी। मुझे माफ कर दीजिए।
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
मैं तुमसे प्यार करता हूं। हां हां जी
प्यार करता हूं। दीवाना पार करता हूं। मैं
तुमसे प्यार
करता हूं।
[संगीत]
आ
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
मुकदर ने हमको जुदा कर दिया। ऐ मालिक मेरे
तूने क्या कर दिया। लबों से मेरे वो हंसी
छीन कर यू आशिकों से दामन मेरा भर दिया
[संगीत]
[प्रशंसा]
मेरे साथ
जाओ ना जाओ कैसे
हो जाओ ना जाओ ना
मैं तुमसे प्यार करता हूं कहां प्यार करता
हूं। दीवाना पार करता हूं। मैं तुमसे
प्यार
करता हूं।
[संगीत]
[संगीत]
जुदा हो के तुझसे किधर जाएंगे
कसम तेरी जीतेगी मर जाएंगे
मेरा रास्ता मेरी मंजिल है तू सनम भर के
पीछे तेरे आएंगे
पास ना आऊं फिर ना दूर जाऊं कैसे मां मेरी
हो जाओ ना जाना
तुमसे प्यार करता हूं हां हां जी प्यार
करता हूं दीवाना वार करता हूं मैं तुमसे
प्यार
करता हूं।
[संगीत]
[संगीत]
बेशर्म बेहया तेरी तेरी इतनी हिम्मत कि आज
तू मेरे सामने खड़ा होकर सिगरेट पी रहा है?
लो मैं क्या तुमसे डरता हूं क्या? अरे आज
तो मैं सिगरेट पी रहा हूं। कल से मैं
तुम्हारे सामने शराब पिऊंगा। घर में चंपा
बाई को लाकर नाच कराऊंगा। दुनिया भर की
बदमाशियां करूंगा। अरे तुम देखते तो जाओ।
क्या? तू तू मेरे सामने बदमाशियां करेगा?
हां। जुआ खेलूंगा। गुंडागर्दी करूंगा। मैं
किसी के बाप से डरता हूं क्या? तूवर तू
मेरे सामने दुनिया की हर बुराई करेगा और
मैं देखता रहूंगा। मैं तुझे से मारा।
वाह भैया आज तुमने पहली बार हाथ उठाया है।
इस उठे हुए हाथ को गिरने मत देना। ये
मदानगी का झंडा है। आज पहली बार तुमने
सबूत दिया है कि तुम बुज़दिल नहीं हो। मर्द
हो। इस मदानगी के हथियार को तलवार की तरह
चलाओ। भैया। घर की चार दीवारी में बहुत
जुल्म बनता है। उसका सर्वनाश कर डालिए।
अपनी मासूम बेजुबान भाभी अत्याचार की
चक्की में सुबह शाम पिस रही है। उसे बचा
लो भैया उसे बचा लो। वो बड़े घर की बच्ची
है। गरीबों के घर में उस पर जुल्म होगा तो
गरीबी बदनाम हो जाएगी। आज गरीबों की इज्जत
तुम्हारे हाथ में है। जय बजरंगबली बोलकर
हमला कर दीजिए और गरीबी की इज्जत को दाग
लगने से बचा लो भैया। बचा लो।
अरे वाह भोले। तूने मेरे हाथ की बेधारी
तलवार को धार लगा दी बेटे।
उस बिल्ली की पट्टी से बंद। मेरी आंखें
खोल दी। वहां जाके घबराना नहीं भैया।
रास्ते में बजरंगबली का नारा लगाते चलो।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली। जय बजरंगबली।
[संगीत]
[प्रशंसा]
दीदी क्या है?
दीदी ये तार कब आया? परसों आया था।
परसों? आपने मुझे बताया क्यों नहीं?
ए
आवाज़ नीची कर। और ये आंखें है ना जरा छोटी
करके बात कर। वरना दो उंगलियों से तेरी
आंखे निकाल डालूंगी। समझी? आज आप मेरी जान
क्यों ना ले लें। मैं यह पूछ कर रहूंगी कि
आपने मुझे इस तार के बारे में बताया क्यों
नहीं।
रुक जाओ। बजरंगबली
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली। जय बजरंगबली।
खबरदार जो तुम लोग मेरे बीच में बोले तो।
ये कमीनी दिन रात यहां बैठकर हराम की
रोटियां तोड़ती है और तड़पती है अपनी जीजा
की बीमारी के लिए। आज तो मैं इसकी
हड्डियां तोड़ के रखूंगी।
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
आज तो मैं तेरी ऐसी मरम्मत करूंगा। ठो ये
डंडे का झंडा मुझे देना आज मरम्मत मैं
करूंगा
जय बजरंगली
हड्डियां मैं तोडूंगा
जय बजरंगबली
तुम्हारे हाथों में इतना दम है कि डंडा भी
उठा सको
अरे ये बरसों से सोया हुआ हाथ आज जागा है
ऐ लड़की इधर आ अब देखना ये हाथ का डंडा
क्रिकेट बैट की तरह कैसे काम करता है लाओ
मुझे दो
ये लो और आज इसकी ऐसी मरम्मत करो कि इसकी
हड्डियों का पानी पानी हो जाए
बिलकुल पहले तो हड्डियों का पानी बनाऊंगा
हम्म फिर उस पानी से नहाऊंगा वाह फिर
चमड़े का तौलिया बना के उससे अपना अपना
बलंग पहुंचूंगा।
वाह। क्यों बोले?
जय बजरंगबली।
जय बजरंगबली।
तोड़ दुश्मन की गली।
तोडू
ये क्या कर रहे हो? मुझे क्यों मार रहे
हो? अरे मुझे क्यों मार रहे हो?
अरे मत ना तेरे तेरे धीरे धीरे धीरे जा।
ये क्या कर रहे हो? तुम्हारा दिमाग तो
ख़राब नहीं हो गया।
दिमाग खराब नहीं हुआ है। आज पहली बार
दिमाग
ओ मेरी मां।
करती रहती है।
लड़की खाएगी।
साले घर भर के खाएगी। और क्या बोलूं की
तरह काम करने वाली उस मासूम लड़की पर दिन
भर जुल्म करेगी? करेगी जुल्म। जुल्म। वाह।
ये दीदी के साथ ठीक नहीं कर रहे हैं।
अरे तुम किस मिट्टी की बनी हुई हो? उस
मिठाई वाले के पैसे चुकाते चुकाते हमारी
कमर टूट गई। थोड़ा बहुत ब्याज तो वसूल करने
दो। वाह भाई साहब ना
तुझसे तो मुझे 12 साल के बदले लेने हैं।
अब 12 साल में से सिर्फ 5 मिनट के बदले
लिए मैंने 5 मिनट के। तीन साल तक तुझे इसी
तरह लगातार मारता रहूंगा। तब कहीं जाके
मेरे दिल के एक करोड़ छालों में से 10-12
छाले सूखेंगे।
मतलब
मुझे माफ कर दो। क्षमा कर दो मुझे। तुम जो
कहोगे मैं करूंगी।
इस घर की नौकरानी बनकर रहूंगी। मत मारो
मुझे। मत मारो।
माफी मुझसे नहीं।
उस मासूम लड़की से मांग। जा।
मुझे माफ कर दे बेटी। माफ कर।
नहीं नहीं।
अब मैं तुझ पर जुल्म कभी नहीं करूंगी। कभी
नहीं करूंगी।
नहीं नहीं दीदी। आप तो बड़ी हैं। ये आप
क्या कह रही हैं?
तो खाओ कसम कि आज के बाद तुम्हारे ये सारे
नखरे नाटक बंद। एक सीधी साधी घरेलू औरत
बनके इस घर में रहोगी और सांप जैसी लंबी
जबान को अपने मुँह के बिल में हमेशा के
लिए कैद करके रखोगी। खाओ खतम।
मैं कसम खाती हूं। आज के बाद मैं सुधर
जाऊंगी। जैसा आप कहेंगे वैसा करूंगी।
ठीक है।
हां बोल बेटी। तू क्या कहती है?
बड़े भैया। मुझे मेरे जीजा जी के पास ले
चलिए।
उनकी तबीयत बहुत खराब है। मैं आपसे हाथ
जोड़कर प्रार्थना करती हूं। मुझे उनके पास
पहुंचा दीजिए।
नहीं नहीं नहीं बहन हाथ नहीं जोड़ते।
हुक्म करो। अरे बहनें अपने भाइयों से भीख
थोड़ी मांगती है। अधिकार मांगती है। मैं
खुद तुमको तुम्हारे घर पर बड़ी इज्जत से
छोड़ के आऊंगा। क्यों भाई साहब?
हां भोला बिल्कुल ठीक कह रहा है। जाओ जाकर
तैयार हो जाओ। और सुनो अपना चेहरा थोड़ा
साफ कर लो। आंसुओं के साथ नाक बह कर पूरा
चेहरा गीला कर लिया है। जाओ।
और तुम खड़े खड़े मुंह क्या देख रही हो?
जाओ ठोकरमल हलवाई के पास और मेरे लिए 2
किलो लड्डू ले आओ। जाओ। जाओ।
ये क्या किया भाई साहब आपने?
क्यों?
अरे फिर लड्डू खाने भेज दिया उसको।
अरे हट आज से लड्डू हम खाएंगे।
जीजा जीजा
जी मैं आ गई जीजा जी। मैं आ गई।
आप ठीक हो जाइए जीजा जी। मैं आपको छोड़ कर।
कभी नहीं जाऊंगी जीजा जी। कभी नहीं जाउंगी
जीजा जी। बस आप ठीक हो जाइए।
गीता
रो मत। रो मत गीता सब ठीक हो जाएगा
डॉक्टर ने कहा है दो चार दिन में अच्छे हो
जाएंगे आओ आओ मेरे साथ
ये ड्राइवर कहां चला गया
मैं देखता हूं
[संगीत]
कौन हो तुम लोग? छोड़ो मुझे।
[संगीत]
श्याम भैया
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
भाई
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
किसने भेजा तुझे? किसने भेजा तुझे? पता
नहीं कैसे मैं दूंगा। बता
चेतन चेतन
अरे मोहन भैया
अरे शाह का भैया कैसा भैया? घर के तो
बंटवारा करा दिए। भाइयों में फूट डाल दी।
उसके बाद शर्म नहीं आती मुझे भाई कहते
हुए। मैंने कोई बंटवारा नहीं कराया। ये
क्या कह रहे हो तुम?
अब झूठ बोलकर अपने गुनाहों पर पर्दा मत
डालो। क्या तुमने शीतल के हाथ से जायदाद
का बंटवारा कराने की चिट्ठी नहीं भेजाई
थी?
एक मिनट मोहन एक मिनट। ये सारे फसाद की
जड़ शीतल है। उसी ने मेरे कान भरे और मुझे
मजबूर किया कि मैं इन्हें लेकर किसी हिल
स्टेशन पर चली जाऊं। ताकि पीछे से वो अपनी
मनमानी कर सके। मोहन शीतल का साथ देकर जो
मैंने पाप किया है उसकी सजा तो भगवान ने
मुझे दे दी है।
मैंने अपना बच्चा खो दिया है।
[संगीत]
शीतल
क्या? वो दोनों बच गए। अबे उल्लू के पट्टो
तुम।
[संगीत]
[प्रशंसा]
मगर यार वो दोनों साले कहीं अगर पुलिस के
पास पहुंच गए तो अपना तो बैंड क्या है?
पुलिस तो बाद में डंडे लगाएगी बेटे। पहले
हम जूतों से तेरा हिसाब पूरा करेंगे।
अरे जीजा जी, अच्छा हुआ आप आ गए। ये तो
मुझे जूतों से मारने की बात करता है।
अरे जीजा जी आप क्या ये
ये भी कोई तरीका है अपने साले को मारने
का?
हां हां इस साले की तो बोटी बोटी करके
कुत्तों को खिलाना चाहिए।
मोना कसम अंग्रेज की मैंने ये सब कुछ तेरे
लिए ही तो किया है मेरी बहन।
अरे रे भाभी ऐसे थोड़ी मारते। मारते हैं।
ऐसे मारते हैं। ऐसे मारते साले को ऐसे
मारते हैं। कसम अंग्रेज के
अंग्रेज की नाजायज औलाद। ये है मेरे भैया
का दिल तोड़ने के लिए। और ये है मेरी भाभी
को रुलाने के लिए। ये है श्याम भैया के
लिए। अबे इधर आ। बहुत सका है तूने। और ये
है मेरी।
डैडी आप
डैडी देखिए ना ये लोग किस बेदर्दी से मुझे
खमखामे मार रहे हैं।
पिताजी ये भाई नहीं कसाई है।
मोना।
शैतान।
सच बता। तूने कौन सा नया गुल खिलाया है।
अरे शैतान तुझे इसी घर में जन्म लेना था।
बोल।
चाचा जी इसे जान से मार डालिए। इसने हमारे
घर को तबाह किया है। इसे मत छोड़िएगा।
चाचा जी
इस शैतान ने जाली चिट्ठी बनाकर हमारे घर
का बंटवारा करवाया। दुकान का दीवाना निकाल
दिया। हम सबको गांव जाना पड़ा। मुझे शहर
जाकर नौकरी करनी पड़ी। पता नहीं राम भैया
अब किस हाल में होंगे।
मोहन राम की तबीयत ठीक नहीं है।
भैया की तबीियत ठीक नहीं है?
हां हां मुझे टेलीग्राम आया है। इसलिए मैं
यहां आया हूं।
लेकिन पहले वहां चलो और इस शैतान को भी
साथ ले चलो। चल चल।
चलिए क्या आओ भैया हां चलो
भैया
भैया भैया आंखे खोलो भैया भैया
भैया आंखे खोलो भैया देखो कौन आया है भैया
मैं आया हूं
भैया
राम बेटे देखो तुम्हारे सभी यहां आ गए
ये अपने किए पर बहुत शर्मिंदा है इसे माफ
कर तो
अरे भाभी मांग
चल चल
[संगीत]
राम भैया
मुझे माफ कर दीजिए मैं आपका गुनहगार हूं
मैं पापी हूं मुझे माफ कर दीजिए
भैया
[संगीत]
लगता है भैया तकलीफ में है मुझे मुझे जाना
होगा।
देखिए अगर आप दवाई नहीं पिएंगे तो ठीक
कैसे होंगे?
[संगीत]
वो सब हैं।
[संगीत]
सोहन वो भी अभी आता होगा। उसे खबर मिल गई
होगी।
भैया भाभी
[संगीत]
[प्रशंसा]
भाभी ये सब क्या है? मेरे पिता समान भाई
और मां समान भाभी का क्या हाल हो गया?
भैया
भैया
ये सब क्या हो गया? आप लोगों का ये हाल
देखने से पहले मैं मर क्यों नहीं गया
भैया? मर क्यों नहीं गया?
मैं शहर के घर में गया तो पता चला अब लोग
यहां आ गए। और यहां आया तो
आखिर बताओ तो सही भाभी हुआ क्या है?
कुछ नहीं बेटा जब पूरे दिन आते हैं तो
बदनसीबी रूप बदल बदल कर आती है। इन्हें ना
जाने कौन सा दिली सदमा पहुंचा कि इनकी
बोलने की शक्ति ही चली गई। हर घड़ी जैसे
किसी गहरे सदमे में खोए रहते हैं।
चिंता मत करो भाभी। यह सब
मेरी कमजोरी और बुजदिली की वजह से हुआ है।
वरना यह दिन देखना नसीब ना होता।
भाभी
सारा सामान ले आई हूं।
तुम
[संगीत]
वही रुक जाओ।
तुम इस घर में क्या कर रही हो?
जो एक बहू को अपने ससुराल में आकर करना
चाहिए।
बहू कैसी बहू? किसकी बहू? तुम बहू नहीं
नूसत हो, बर्बादी हो, तबाही हो। तुमने इस
घर में कदम रखते ही इस बसे बसाए घर को
उजाड़ दिया। इस परिवार को बर्बाद कर दिया।
मेरे भैया और भाभी को कहां से कहां पहुंचा
दिया? आज मेरा भाई एक जिंदा लाश बनकर पड़ा
हुआ है तो सिर्फ तुम्हारी वजह से और अब
तुम इस घर में बहू का हक तलाश करने आई हो।
निकल जाओ यहां से।
सोहन ये तू कैसी बातें कर रहा है?
भाभी तुम बीच में मत बोलो। मैं इस औरत की
शक्ल भी नहीं देखना चाहता। ये मनुष्य है।
ये पहले दिन ही अपने कदमों में महूसत के
पांव लेकर आई थी।
ये मेरी बहू है। मेरी बेटी है।
ये अपने बाप की बेटी नहीं बन सकी तो
तुम्हारी बेटी क्या बनेगी? ये नागिन सांप
है। इसे अपने ममता के आंचल में सहारा मत
दो भाभी। वरना ये तुम्हारे कलेजे को डस
लेगी। अरे तू अब तैयार खड़ी है निकल जा
यहां से। निकल।
[संगीत]
मैं कसूरवार हूं। आपको जो सजा देनी हो
मुझे दे दीजिए। लेकिन मैं इस घर से नहीं
जाऊंगी।
तुम्हें हर हालत में इस घर से जाना
पड़ेगा।
जीते जी तो नहीं जाऊंगी। डोली पर बैठ कर
आई थी। अर्थी पर लेट कर ही जाऊंगी।
तुम जैसी औरतों को डोली पर बैठने का हक
नहीं होता। अगर अपने पापों का प्रायश्चित
करना है तो जाओ। जाकर अपनी अर्थी खुद जला
कर लेट जाओ उस पर।
सोहन ये तू क्या कह रहा है?
मैं ठीक कह रहा हूं भाभी। ऐसे लोगों का
यही असर होना चाहिए।
ठीक है। अगर आपकी यही इच्छा है तो यही
सही।
ये क्या कर रही हो?
अरे भाभी तू हट जाओ।
ये क्या कर रहा है?
मैं कहता हूं भाभी हट जाओ। ये ढोंगिया
नाटकबाज है। ये अपने आप को क्या जलाएगी?
ये दूसरों का सुख चैन जलाती है। दूसरों का
घर जलाती है।
शीला ये क्या कर रही हो? बेटी सुनो क्या
कर रही हो?
अरे जल जाने दो भाभी।
ये पाप है।
अरे पाप कुछ नहीं भाभी ऐसी डाईन जले तो
कोई पाप नहीं होता। जाओ भाभी रुक जाओ।
शीला ऐसे मत करना। शीला चलने दो इसको।
क्या कर रही है?
रुक जाओ भाभी रुक जाओ।
मुझे चलने दो।
ऐसी लाइन चले तो ही अच्छा है।
ये क्या कर रही है?
चलने दो इसको
नहीं
रुक जाएंगे मैं नहीं जाएंगी चलने दो इसको
बचाओ मुझे बचाओ हे भगवान ये क्या हो रहा
है सुहाग
मुझे
ये क्या हो रहा है हे भगवान ये क्या हो
रहा है सुहागने
छोड़
जा
[संगीत]
[संगीत]
शीला तू ठीक है ना बेटी तू ठीक है ना
बेशर्म बेहया
नालायक तू मेरा भाई है। अरे तू मेरे जीते
जी मेरी आंखों के सामने मेरी बहू की जान
ले रहा है। कमबख्त आज मेरी सिर्फ जुबान
चली गई तो तू अपनी मनमानी कर रहा है। कल
अगर मैं मर गया तो
नहीं भैया नहीं। ऐसा मत कहिए। आपकी जिंदगी
के लिए ही मैंने ये कदम उठाया।
मेरे लिए हां भैया।
आपने अपने इस भाई को डॉक्टर बनाया और इस
डॉक्टर ने अपने बेजुबान भाई को बिस्तर से
उठा दिया।
तू क्या कह रहा है? मेरी कुछ समझ में नहीं
आ रहा है।
भैया
जैसे ही मैंने शीला को यहां देखा तो एक
तजुर्बे का ख्याल मेरे मन में आया।
आप प्यार की बोली बोलते हैं, जज्बात की
भाषा समझते हैं और जज्बात के झटके से ही
आपको बिस्तर से उठाया जा सकता है।
तो मैंने ऐसा माहौल पैदा कर दिया कि शीला
यह कदम उठाने पर मजबूर हो गई।
भैया
अगर फिर भी आप समझते हैं कि मैंने कुछ गलत
किया है तो मुझे माफ कर दीजिए भैया।
अरे वाह
ये तो ऐसे लगता है ऐसे लगता है जैसे मेरी
सारी जिंदगी की मेहनत मेरी तपस्या
मेरे सारे कर्मों का मुझे फल मिल गया आज
मेरा भाई मेरा बच्चा इतना बड़ा डॉक्टर हो
गया कि अपने बेजुबान भाई को बोलना सिखा
दिया मरते हुए भाई को पैरों पर खड़ा कर
दिया
बेटा तूने वाकई अपने भाई को जिंदगी तोहफे
में दी है मेरे बेटे
बे एक एहसान और कर दे मेरे बेटे।
हुक्म कीजिए भैया। ये जो मेरी बहू है ना
ये बहुत दुखी है बेचारी। इसे क्षमा कर दे।
इसे अपना ले बेटा। माफ कर दे बेटा।
[संगीत]
भैया अब आप हमें एक तोहफा दीजिए।
मैं?
हां। गीता को इस घर की बहू बना दीजिए। मैं
उनसे शादी करके। अरे बेटा मैं तो कब से
खुद ये हुज्जत कर रहा हूं। मगर तेरी ये
भाभी नहीं मानती है। उसको राजी कर।
हां कह दीजिए ना भाभी। जैसे तुम लोगों की
मर्जी है।
[संगीत]
ये चोटी काटी है।
[संगीत]
[संगीत]
शर्मा रही है
माटी एडियट
यूं एडियट खबरदार जो मुझे हाथ लगाया तो
तुम्हारी उंगली करने की आदत नहीं गई अब तक
हां शर्म नहीं आती एक अकेली लड़की को कमरे
में देख कर उसे छेड़ते हो
लड़की किधर है लड़की कहां है लड़की किधर
है
लो इधर तुम्हारे सामने
तुम लड़की हो अरे
हां हां?
अरे तुम तो मेरी पत्नी हो और तुम्हारे साथ
वो सब कुछ करने का मुझे परमिशन मिल गया।
अब
वो सब कुछ क्या?
लो पूछ रही है। अगर मैंने कुछ नहीं किया
ना तो वो लोग वहां बैठे पर्दे में घुसकर
मुझे मारेंगे। समझी?
वो कौन लोग?
लो।
इडियट है।
[संगीत]
[संगीत]
जो था करना इन्हें वो इन्होंने किया।
जो था करना इन्हें वो इन्होंने किया। फर्ज
अपना निभाएंगे
हम।
इनकी आंखों ने देखे जो सपने यहां सच
उन्हें कर दिखाएंगे
हम।
प्यार से घर कोई स्वर्ग कैसे बने हम बता
देंगे संसार को
हम बता देंगे संसार को
जीजा मेरे राम जैसे कहना है सीता इनके वचन
जैसे रामायण और गीता
इनके वचन जैसे रामायण अनीता
मन मंदिर में इनको बिठाकर
क्यों ना करे इनकी पूजा
भैया मेरे राम भाभी सीता
आ भैया मेरे राम भाभी सीता
आ भैया मेरे राधा सीता
आ भैया मेरे श्री राम सीता
Can't find what you're looking for?
Get subtitles in any language from opensubtitles.com, and translate them here.