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This subtitle is a fan-made translation and not affiliated with the original content creators.
ये फ़िल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध से प्रेरित एक काल्पनिक रचना है।
इस फ़िल्म निर्माण के समय किसी भी प्राणी को क्षति नहीं पहुँचाई गई है।
ये फ़िल्म भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के देश के लिए अटूट समर्पण के प्रति हमारी श्रद्धांजलि है।
[वॉइसओवर] 1971…
वो साल जिसने दुनिया का नक्शा और इतिहास, दोनों बदल दिए।
1971 की शुरुआत में पाकिस्तानी आर्मी द्वारा किए जाने वाले क़त्ल-ए-आम से बचने के लिए,
पूर्वी पाकिस्तान से लाखों शरणार्थी भारत आने लगे थे।
जब इस मसले को सुलझाने की सारी कोशिशें नाकाम हो गईं,
तो भारत ने पूर्वी पाकिस्तान की जनता को इस काबिल बनाना चाहा,
कि वो पाकिस्तानी आर्मी से खुद अपनी सुरक्षा कर सकें।
इस वजह से भारत और पूर्वी पाकिस्तान की सीमा पर
तनाव बढ़ने लगा।
भारत का ध्यान पूर्वी पाकिस्तान पर देखकर
पाकिस्तान ने पश्चिम से भारत पर हमला कर के,
राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में घुसने की रणनीति बनाई।
तीन दिसंबर को शुरू हुई इस जंग में,
पश्चिमी मोर्चे पर बहुत सारी लड़ाइयाँ लड़ी गईं।
इनमें अहम थी अरब महासागर की लड़ाई।
अरब महासागर
श्रीनगर की हवाई जंग…
श्रीनगर
पठानकोट जम्मू सेक्टर में शकरगढ़ बल्ज में लड़ी गई, बैटल ऑफ बसंतर।
और जम्मू सेक्टर में हुई मनावर तवी की जंग।
मनावर तवी
और इन सब लड़ाइयों की हार-जीत पर निर्भर था,
1971 की जंग का आखिरी फैसला।
जनाब, नौ बज गए।
देर हो गई तो सीओ साहब गुस्सा करेंगे।
गुस्सा नहीं करेंगे, मुनीर।
बल्कि, इस नक्शे को देखकर बहुत खुश होंगे।
अगर हम लोग तेज़-तेज़ चलें,
तो आधे घंटे में बॉर्डर पार कर लेंगे।
चलो।
आ जाओ।
मैं करा दूँ बॉर्डर पार?
[पक्षियों की आवाज़]
पीछे हट जा!
कवर दे! कवर दे!
इस पेड़ के पीछे। जल्दी!
फायर करता रह।
अजीत!
राम सिंह!
जी।
अजीत!
फायर!
साहब जी, भाग रहे हैं!
-भाईजान, निकलो यहाँ से! -चलो!
919 पाक
[किसी चीज़ से टकराने की आवाज़]
तुम्हारा वक़्त आ गया पार जाने का।
पाकिस्तान आर्मी
जनाब…
अपने फौजियों को यहाँ से ले जाओ!
हम तुम्हें कुछ नहीं कहेंगे!
पर एक बात गौर से सुन लो!
अपनी हद में रहना सीख लो!
वरना ना तो ये सरहद रहेगी,
ना तुम!
बाईं ओर भाई दाईं ओर भाई
हम एक साथ खड़े हैं हम एक साथ लड़ते हैं
जम्मू सेक्टर में हमारी पोज़िशन की सारी इन्फॉर्मेशन है, सर।
यानि हमें जो इंटेलिजेंस मिली है वो सही है।
कौन सी इंटेलिजेंस, सर?
इस सेक्टर में ऐसे दो पॉइंट्स हैं,
जहाँ से दुश्मन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुँचना सबसे आसान है।
शकरगढ़ बल्ज और मनावर तवी के वेस्ट पर सीज़ फायर लाइन?
हाँ।
और इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक…
मनावर तवी के उस पार दुश्मन का बड़ा बिल्डअप हो रहा है।
इसलिए पिछले कुछ दिनों में उनके स्काउट ज़्यादा एक्टिव हो गए हैं।
तो फिर हमें फ़ौरन हमारे डिफेंस लाइन को मजबूत करना चाहिए, सर।
[अंग्रेज़ी में] बिल्कुल।
दढ़, रायपुर और छंब में बटालियन पहले ही भेज दी गईं हैं।
तुम्हें मंडियाला साउथ भेजा जा रहा है।
वहाँ ब्रिज पर जो कंपनी तैनात है, तुम उनको सपोर्ट करोगे।
दुश्मन की स्ट्रेंथ कितनी होगी, सर?
[अंग्रेज़ी में] एक इंफेंट्री डिवीजन जिसे एक…
[अंग्रेज़ी में] आर्मर्ड रेजिमेंट का सपोर्ट है।
[अंग्रेज़ी में] जानता हूँ, फतेह। इतनी बड़ी फोर्स को रोकने के लिए और ट्रूप्स चाहिए।
लेकिन हेडक्वार्टर का फोकस ईस्टर्न फ्रंट पर है।
इस जंग की हार जीत का फैसला ईस्ट में होने वाला है।
सर, दुश्मन के फोर्सेस देखकर लगता है,
कि फैसला वेस्टर्न फ्रंट पर होगा।
[अंग्रेज़ी में] हमें बस इतना ही पता है, फतेह।
अगर उन्होंने मनावर तवी को पार कर लिया,
तो बहुत जल्द वो जम्मू और फिर श्रीनगर पहुँच जाएँगे।
ऐसा नहीं होगा, सर।
[पंजाबी में] आने दो उनको!
[पंजाबी में] अच्छी तरह उनकी खातिरदारी करेंगे।
अब ना फैसला ईस्ट में होगा ना वेस्ट में।
फैसला… यहाँ होगा।
[एक आदमी] मेरे ख्याल से दो बटालियन से ज़्यादा भेजना मुनासिब नहीं होगा।
[दूसरा आदमी] लेकिन जनरल नियाज़ी ने पूरी डिवीजन की दरख़्वास्त की है।
और एयर सपोर्ट भी।
पूरी की पूरी डिवीजन अगर ईस्ट पाकिस्तान भेज देंगे,
-तो यहाँ जंग कैसे फतेह करेंगे, जनरल साहब? -तो यूँ ही बैठे रहें?
सर, हिंदुस्तानी मोबिलाइज़ कर रहे हैं वहाँ।
जिस कौम से लड़ने जा रहे हो, उसकी साइकोलॉजी समझो, हामिद।
इंडियन आर्मी ईस्ट में बॉर्डर पार करने की जुर्रत कभी नहीं करेगी।
अमेरिका और चीन का बड़ा खौफ़ है उन्हें।
ये बंगाली, हिंदुस्तानी, बड़ी ही डरपोक किस्म की कौम है।
दस-पंद्रह हज़ार मार देंगे, तो पता है ना बाकी क्या करेंगे?
जनाब, मैं बस इतना कह रहा हूँ कि हमें दुश्मन को कम नहीं समझना चाहिए।
दुश्मन कितना भी बहादुर क्यों ना हो,
योजना सही हो तो उसे भी मात दी जा सकती है।
क्या हम…
ऑपरेशन चंगेज़ के लिए तैयार हैं, ज़फ़र?
[अंग्रेज़ी में] मेरे फाइटर्स तैयार हैं और लोडेड हैं, सर।
आप बस तारीख और वक़्त बताएँ।
[पंजाबी संगीत बजता है]
साहब जी, इंजन गर्म हो गया है।
रेडिएटर में पानी डालना पड़ेगा।
ओए! रुक!
ओ तेरी!
ओए, रुक जा!
-वहीं रुक जा। -नीचे कर। नीचे कर।
रुक जा वहीं पर!
छाती खोल दूँगा, नीचे कर!
-पीछे हो जा! -पीछे हो!
बहरा है क्या?
माथे पर गोली मारूँगा! नीचे कर!
-निशान सिंह! -ओए, पीछे हट!
बंदूक नीचे करो, निशान सिंह।
-रुक जा वहीं! -पीछे हो जाओ!
रोक लो साहब को!
एक बात बोलो, निशान सिंह…
ये पानी से उस तरफ के पेड़ कितनी दूर होंगे?
करीब सात-आठ सौ मीटर, साहब जी।
और यहाँ से हमारे जवान?
कौन, साहब जी?
अरे, रोड पर खड़ी हमारी पलटन कितनी दूर होगी यहाँ से?
ढाई सौ मीटर, साहब जी।
अगर ये हमें गोली मार के भागेंगे, तो उन पेड़ों तक पहुँचने में इन्हें कितना टाइम लगेगा?
कम से कम तीन मिनट, साहब जी।
और हमारे लड़कों को यहाँ तक?
एक मिनट।
तो बाकी के बचे हुए दो मिनट में,
इनके पिछवाड़े में कितनी गोलियाँ लगेंगी?
150-200 राउंड तो हमारे छोरे छोड़ ही देंगे, साहब जी।
ए, रुक जाओ।
अपने सर को बोलो वहीं रुक जाओ!
रुक जा वहीं! यहाँ पर मत आना!
गोली मार दूँगा!
कोई इसको रोक लो!
पीछे हट जा!
-पीछे हो जा। -वहीं पर रह…
आगे मत आ, गोली चला देंगे!
चल पीछे।
आगे मत बढ़!
-रुक जा वहीं पर। -रुक जा।
-आगे मत आना! रुक जा वहीं! -पीछे हटो!
ए, रुक!
हाँ भई, जवानों, क्या रैंक है मेरा?
अरे फीते की पहचान तो सिखाई होगी ना?
रैंक क्या है मेरा?
मेजर।
मेजर सर!
मेजर सर।
नाम क्या है तुम्हारा?
अशफ़ाक़ अली, सर।
कितना वक़्त हो गया आर्मी में, अशफ़ाक़?
जी, तीन महीने।
तो तीन महीने में इतना ना सीखा कि अफसर को देखकर सलाम किया जाता है,
चाहे वो किसी भी आर्मी का हो?
सीखा कि नहीं?
[अंग्रेज़ी में] मेरी तरफ देखो, जवान!
जंग अभी शुरू नहीं हुई।
बंदूक नीचे करो और सलाम करो, जवान!
घर पे कौन-कौन है, अशफ़ाक़?
जी, अम्मी, अब्बू और एक छोटा भाई, जनाब।
अम्मी-अब्बू की अगली चिट्ठी पढ़नी है?
पढ़नी है कि नहीं?
जी, पढ़नी है।
तो चुपचाप पानी लो और जाओ।
जल्दी करो, जवान!
सर…
ए, तुझे अलग से न्योता दूँ क्या? चल निकल।
सर!
[अंग्रेज़ी में] निशान, बलम! पीछे हो जाओ!
[अंग्रेज़ी में] ठीक है, सर।
-जय हिन्द, सर। -जय हिन्द, सर।
[अंग्रेज़ी में] रिलैक्स, बॉयज। रिपोर्ट क्या है?
सर, हमने सारे प्लेन्स टेस्ट कर लिए हैं।
सिर्फ छह पूरी तरह ऑपरेशनल हैं।
[अंग्रेज़ी में] इतना काफी नहीं होगा।
अगर जंग हुई तो श्रीनगर को सुरक्षित रखने के लिए और फाइटर्स की ज़रूरत पड़ेगी।
-छह से क्या होगा? -बिल्कुल, सर।
छह से क्या होगा?
मैं अकेला ही काफी हूँ।
मैं तो कह रहा हूँ, जी मैन को घर भेज दीजिए।
तुम्हारा बस चले सेखों, तो तुम तो मुझे भी घर भेज दो।
[अंग्रेज़ी में] शैतान।
भले ही हमारी तादाद कम हो, सर, लेकिन ताकत किसी से कम नहीं है।
ये आसमान हमारा है, हमारा ही रहेगा।
एनजेएस सेखों
मेस में मिलता हूँ, भाई।
ओके।
उत्तर अरब सागर ओखा गुजरात से 15 नौटिकल मील दूर
स्पीडो मीटर रेडिएटर मीटर
[अंग्रेज़ी में] फ़्लीट कमांडर को भेज दो।
सर।
[अंग्रेज़ी में] सर, क्षितिज पर सब कुछ साफ है।
[अंग्रेज़ी में] अच्छी बात है।
[अंग्रेज़ी में] ब्रिज पर रहो, रावत। और 12 नॉट्स की गति बनाए रखो।
[अंग्रेज़ी में] मुझे सोनार रूम जाना है।
[अंग्रेज़ी में] जी, कैप्टन।
बोल, रंगा।
सर?
अपने साथियों को अच्छी तरह जानता हूँ मैं।
क्या परेशानी है?
एमएस रावत
हमें स्पीड बढ़ानी चाहिए।
12 नॉट्स के ऊपर सोनार काम नहीं करेगा।
तुम जानते हो ना, रंगा?
सोनार तो पहले से ही खराब है सर और उसकी रेंज भी लिमिटेड है।
दुश्मन अगर दूर से हमला करेगा, तो हमारे टॉरपीडोज़ किसी काम के नहीं।
इसलिए, स्पीड अगर ज़्यादा होगी तो सर हमें टार्गेट करना इतना आसान नहीं होगा।
हमारा मिशन दुश्मन से भागना है या उन्हें ढूँढकर ख़त्म करना है?
ख़त्म करना, सर।
ताकि हमारे पोर्ट्स पर हमला ना हो पाए।
तो फिर ये रिस्क लेना पड़ेगा।
बिना सोनार के हम उनके सबमरीन्स डिटेक्ट नहीं कर पाएँगे।
मुझे सोनार पर भरोसा नहीं है, सर।
-मुझ पर है? -[अंग्रेज़ी में] बिल्कुल, सर।
अभिनव रंगा
और मुझे इन पर है।
इन पानियों में हिंदुस्तान का बॉर्डर हैं हम, रंगा।
चाहे कुछ भी हो जाए, दुश्मन ये बॉर्डर कभी पार नहीं कर पाएगा।
[सिग्नल]
देख, रंगा।
माँ भी हमारे साथ है।
अब तो जीत पक्का हमारी होगी।
सर!
अजीत।
चाचा।
कहाँ से आ रहे हैं आप लोग?
चक पीरा से, साहब।
हमारा गाँव है तवी के उस पार।
क्या हुआ वहाँ पर?
सरहद के उस तरफ दुश्मन के फौजी आकर बैठे हैं।
और इस तरफ हमारे।
हम समझ गए, साहब। जंग होने वाली है।
रातों-रात गाँव छोड़ना पड़ा।
फिर अब कहाँ जाओगे, चाचा?
पता नहीं, साहब।
हमने तो अपनी सारी ज़िंदगी गाँव में ही गुज़ारी है।
हमारे गाँव में एक पीर बाबा की एक दरगाह है।
कहते हैं, खोए हुए मुसाफिरों को रास्ता दिखाता था।
वहाँ दिया जलाकर आए हैं…
इस उम्मीद में कि शायद हमें भी वापसी का रास्ता दिखाएँगे।
चाचा, रास्ता दिखाने के लिए एक दिया ही काफी होता है।
चाचा, आप फिक्र मत करें।
आप अपने गाँव ज़रूर वापस जाएँगे।
ये हमारा वादा है।
-जय हिन्द, सर। -जय हिन्द।
ये वहाँ रख दो।
बॉर्डर पिलर 53 के पास जो वॉटर बॉडी है ना,
वहीं नो-मैन्स लैंड में सामना हुआ था।
रेंजर्स?
नहीं, सर। पाकिस्तानी आर्मी के रेगुलर थे।
[अंग्रेज़ी में] इसका मतलब वो लोग एक्टिव हो रहे हैं।
मेरे गाँव में एक कहावत है, सर।
जब झींगुर ज़्यादा ऊँची बोलने लगे ना,
समझो रात होने वाली है।
आज बॉर्डर के पास आए हैं।
कल आगे भी बढ़ सकते हैं।
हमें एक्शन लेना चाहिए, सर।
लेकिन पहला वार हम नहीं कर सकते, होशियार।
[अंग्रेज़ी में] तुम पॉलिसी अच्छे से जानते हो।
आज इसलिए रोक लिया, सर।
लेकिन जब दुश्मन सामने हो,
तो अपने जवानों को रोकना उनकी हिम्मत पर शक करने के बराबर होता है।
अगर जंग हुई, तो तुम्हें मौका ज़रूर दिया जाएगा, होशियार।
[अंग्रेज़ी में] मेरा वादा है।
सर।
[एक जवान] साहब जी!
मुझे तो लगा था, आज गोलियाँ चल जाएँगी।
लेकिन होशियार साहब ने दुश्मन को घर वालों की चिट्ठी की जो गोली खिलाई है ना,
साला, दुश्मन भी सलाम ठोक कर गया है।
साहब ने रोक दिया, वरना गर्दन पकड़कर निचोड़ देता सालों की।
बस, बंदूकें साफ़ कर रहे हैं दो महीने से।
आज मौका मिला था, वो भी निकल गया हाथ से।
[गीता का श्लोक पढ़ता है]
दुश्मन से जीतने से बड़ी वीरता है, अपने मन को जीतना।
ओ मेरे भाई,
सिपाही से संत बन जाएगा तू।
तेरी माँ ने ये पढ़ने को दिया है, घोलकर पीने को नहीं।
दुश्मन के बच जाने की तकलीफ़ तो सबको है।
लेकिन आज अपने बलम सिंह का दुख सब से बड़ा है।
-कैसे, भाई? -हाँ, कैसे, भाई?
यहाँ तो इसकी दाल नहीं गलेगी।
उनके पीछे-पीछे पाकिस्तान चला जाता तो शायद कोई रिश्ता मिल जाता इसको।
ज़्यादा बकवास ना कर!
-निशान साहब! -हाँ।
वो जो हिसार वाली थी ना? सुना है, उसका भी ब्याह हो गया है।
हद तेरी की!
ये जिस छोरी को भी पसंद करता है महीने के अंदर-अंदर ब्याह हो जाता है उसका।
अरे, चुप कर जा चिमट्टे।
मार दूँगा नहीं तो!
मेरे पूरे इलाके में चर्चा है इसका।
ये जिस लड़की को भी देखता है, उसके हाथ पीले हो जाते हैं।
-जय हिन्द, साहब। -जय हिन्द।
सुनो, एक बार क्या हुआ…
-इसके घर छोरी वाले आए छोरी लेकर। -अच्छा।
-छोरी को बिठाया, घूँघट उठाया। -फिर?
फिर क्या, अंदर बुड्ढी मौसी थी उनकी!
कहने लग गए, बाबा बलम सिंह, एक नज़र इस बुड्ढी पर भी डाल दो।
तो इसका भी ब्याह हो जाएगा।
साले! मेरा नाम भी बलम सिंह है।
-आज खैर नहीं तेरी… -बाबा बलम सिंह की जय!
बाबा बलम सिंह की जय!
नेशनल वॉर अकेडमी
नेशनल वॉर अकेडमी
जेंटलमैन, आज आपको वो मौका मिल रहा है,
जो सिर्फ किस्मत वालों को मिलता है।
हिंदुस्तान का फौजी बनने का मौका।
आज से आपका नया जन्म शुरू होने जा रहा है।
क्योंकि जो भी इस अकेडमी में कदम रखता है,
वो अपनी पुरानी ज़िंदगी पीछे छोड़ आता है।
आज से आप सब कुछ भूल जाएँगे।
आपके दोस्त, आपका परिवार, आपका घर।
क्योंकि अब ये साथी ही आपके दोस्त हैं,
ये फौज आपका परिवार,
और ये देश आपका घर।
-[फतेह सिंह] हम आपको तोड़ेंगे… -आगे बढ़ो!
-और फिर से बनाएँगे। -[अंग्रेज़ी में] बढ़ो!
ऐसा बनाएँगे कि आपको फिर कभी कोई तोड़ नहीं पाएगा।
मैं उम्मीद करता हूँ कि आप जी-जान से मेहनत करेंगे।
और खुद को हिंदुस्तान का फौजी कहलाने के लायक बनाएँगे।
बैलेंस वॉक
एनडबल्यूए बैटल इन्कुलेशन ट्रेनिंग
और जैसे कि हमारी रिवायत है,
जो बेस्ट कैडेट होगा, वो स्वॉर्ड ऑफ ऑनर जीतेगा।
जीतेगी तो एयर फोर्स ही।
और कौन जीतेगा?
पॉस्चर मेंटेन करें, कैडेट!
भाई…
भई, तुम तो पानी में तैरते नहीं, उड़ते हो।
कमाल है।
कैसे कर लेते हो?
हमारे गाँव में ना एक तालाब था।
उस में दुर्गा माँ की पुरानी मूर्ति थी।
पिताजी से 10 पैसे मिलते थे माँ के पैर छूने के।
बचपन में बहुत डुबकियाँ मारता था मैं।
पानी में जाना मतलब माँ के दर्शन करना।
-हमें तो पापा से डाँट ही मिलती थी बचपन में। -क्यों?
वो मैं कॉपियों के कागज फाड़कर जहाज बना देता था ना।
ओ, हैलो, भाई। आजा।
क्या शिकारी कुत्ते की तरह भागते हो जी!
लेकिन आर्मी जितना मर्ज़ी तेज़ भाग ले,
एयर फोर्स को पीछे तो नहीं छोड़ सकती।
हैं, भाई?
आ जाओ, आ जाओ।
क्या हुआ…
ये क्या शह है, भाई?
ये क्यों इतनी अकड़ में रहता है?
पता नहीं।
किसी से ज़्यादा बात नहीं करता।
ये थैले से लड़ने में कौन सी बहादुरी है, भाई?
एयर फोर्स से दो-दो हाथ करो, हिम्मत है तो।
अरे, क्या कर रहा है यार, सेखों?
इंग्लिश क्लास शुरू होने वाली है अभी।
अबे, अंग्रेज़ी से माथा मारने में उतना मज़ा कहाँ है, जितना इसको चुनौती देने में है।
-तुझे तकलीफ़ क्या है उस से? -तकलीफ़ उससे नहीं है।
हारने से है।
मेरे गाँव में एक कहावत है।
जब शरीर काकड़ी जैसा हो ना तो बातें भीम वाली नहीं करनी चाहिए।
चल, हार मन ले, नहीं तो नाक तुड़वा लेगा।
चल।
चाहे, गर्दन टूट जाए, भाई…
हार नहीं मानता।
चल फिर। आजा।
क्यों? बन गया ना बोर?
लोग ऊपर देखते हैं तो उन्हें भगवान दिखता है।
और दुश्मन को सेखों।
मिलाता हूँ तुझे भगवान से फिर।
चल।
सर आ गए!
-आ, मार ना। -सर आ गए।
-सेखों… -बताता हूँ तुझे…
ये क्या हो रहा है?
सर!
हम यहाँ तीनों फोर्सेस के कैडेट को एक साथ इसलिए ट्रेन करते हैं,
ताकि आपस में दोस्ती बढ़े।
इस तरह झगड़ने के लिए नहीं।
ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दस मील की दौड़ दमतोड़ हिल पर।
अभी के अभी, इक्कों!
सर!
यार, तुम दोनों के चक्कर में ना बिना बात के मैं भी फँस गया।
मार पड़ी और सज़ा भी मिली।
मेरी क्या गलती थी?
हैलो, भाई।
बड़े ही चालाक हो यार भाई आप!
आपको लगता है आप पहले भागोगे तो हम से जीत जाओगे?
रेस में तो आज तक नहीं हारा।
सालों, ये रेस नहीं है, सज़ा है।
जो भी है।
सज़ा में भी इसको जीतने नहीं दूँगा।
कोशिश कर के देख ले।
और अगर हरा दिया तो?
तो सबके सामने सैल्यूट मरूँगा तुझे।
तू भी भाग ले।
अरे, सेखों, मत कर, यार।
अरे…
तुम दोनों की वजह से मैं फँस जाऊँगा!
प्लीज़, यार! तुम दोनों की वजह से फिर से…
जो हारेगा वो सैल्यूट मारेगा।
दोनों कभी सुनते ही नहीं हो!
वापस सज़ा मिलेगी!
मेजर फतेह सिंह कलेर लेटर बॉक्स
जय हिन्द, सर!
जेंटलमैन कैडेट अंगद सिंह रिपोर्टिंग, सर!
-ओए, जॉइनिंग लेटर मिल गया? -हाँ।
अरे, ये तो मिलना ही था।
फौजी के बेटे को फौज जॉइन करने से कौन रोक सकता है?
मम्मी।
मम्मी?
तूने मम्मी को नहीं बताया?
आप बताओ ना।
तू अपनी मम्मी को बताने से डरता है?
अरे, फौजी कैसे बनेगा? दुश्मन का सामना कैसे करेगा?
डर तो आप भी रहे हो मम्मी से।
ठीक है, ठीक है।
डैडी…
देख लो कमरा।
एक कपड़ा पहनने के लिए पचास कपड़े निकालता है ये।
माँ जो ठहरी नौकर, पीछे-पीछे सफ़ाई करने के लिए।
कल को जब बीवी आएगी ना, वो सीधा करेगी तुझे।
हाँ जी, दस मिनट दे दो।
ये सब समेट लूँ, फिर चलते हैं गुरुद्वारे।
नाटक बंद करो और मुद्दे की बात पर आओ।
किस चीज़ की इजाज़त चाहिए बाप-बेटे को?
चल बेटा। शेर बन।
क्या हुआ?
मेरा जॉइनिंग लेटर आ गया, मम्मी।
मैं आर्मी में जाना चाहता हूँ।
[पंजाबी में] मैंने मना किया था।
तूने फॉर्म क्यों भरा?
-मेरी बात नहीं सुनता? -मम्मी!
मैं डैडी की तरह फौजी बनना चाहता हूँ।
मैं बचपन से देखता आ रहा हूँ, मम्मी।
डैडी जब भी वर्दी पहनकर निकलते हैं ना,
आप उनको बड़े फ़क्र के साथ जय हिन्द बोलकर विदा करते हैं।
मैं चाहता हूँ कि…
आप मुझ पर भी उतना ही फ़क्र करो।
[पंजाबी में] आपको पता था?
[पंजाबी में] अगर तुझे बता देता,
[पंजाबी में] तो तू फॉर्म भरने नहीं देती।
अगर बाप-बेटे ने पहले ही फैसला ले लिया है, तो मुझ से पूछने की क्या ज़रूरत है?
डैडी…
[पंजाबी में] मैं बात करता हूँ।
सिमी…
सिमी…
अभी तो वर्दी भी नहीं पहनी है,
अभी से बेगाना हो गया माँ से।
[पंजाबी में] इकलौता बेटा है।
कैसे जाने दूँ मैं?
हिंदुस्तान की हर माँ इस तरह से सोचने लगी ना,
तो देश की रक्षा कौन करेगा?
ज़िंदगी और मौत वाहेगुरु जी के हाथ में है।
वाहेगुरु जी पर भरोसा रख।
[पंजाबी] खुशी-खुशी छोड़ दे अपने बेटे को।
उल्लू के पट्ठे, यहाँ आ।
माँ का आशीर्वाद ले।
मम्मी…
[पंजाबी में] माँ का आशीर्वाद है।
[पंजाबी में] माँ का आशीर्वाद है।
[पंजाबी में] डैडी को भूल गया?
डैडी…
वाहेगुरु
गुरुद्वारा साहिब [सिख मंदिर]
युद्ध जीतने के लिए एक ही सैनिक काफी है और वो सैनिक
तुम हो
सिमी।
घर जाकर कड़ा बना देना।
[पंजाबी में] क्या बोल रहे हो?
[पंजाबी में] वहाँ लोग थोड़ा सा ही तो देते हैं।
वो देख।
भगा-भगा कर हमारा बैल बना दिया।
और खुद मोटरसाइकिल पर मज़े कर रहे हैं।
[अंग्रेज़ी में] सुंदरी और दानव।
थोड़ा धीरे से नहीं बोल सकता था?
अब फिर से सज़ा मिलेगी।
कान बड़े पतले हैं इनके!
सिमी, उतरना ज़रा।
कुछ कहा तुमने?
कुछ नहीं, सर।
इक्के, क्या बोला?
[अंग्रेज़ी में] सुंदरी और दानव।
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी बीवी को दानव बुलाने की?
-मैम को तो-- -[अंग्रेज़ी में] माफ़ी माँगो उनसे!
अभी के अभी, इक्कों!
सॉरी, मैम!
इस से पहले कि मैं तुम्हें एक और सज़ा दूँ,
-[अंग्रेज़ी में] दूर हो जाओ मेरी नज़रों से! -सर।
दौड़ते हुए जाना बैरेक्स तक।
हमें सुंदरी और दानव कह रहे थे।
और आपने मुझे दानव बना दिया।
मैं खुद भी तो सुंदरी बन गया ना।
आपने कुछ ज़्यादा ही नहीं डराकर रखा अपने इक्कों को?
डिसिप्लिन बहुत ज़रूरी होता है फौजियों के लिए।
जोश अगर गलत जगह इस्तेमाल किया जाए तो बेवकूफी होती है।
सही जगह किया जाए तो बहादुरी।
बस, यही तो सिखा रहा था इनको।
जब तक नहीं सीखेंगे सज़ा मिलती जाएगी इन तीनों को।
तीनों कौन?
एक तीसरा भी है।
अच्छा ऑफिसर बन सकता है।
बस, एक बात समझ जाए तो।
कम ऑन, जेंटलमैन।
[अंग्रेज़ी में] मुझे जवाब चाहिए।
डिसिप्लिन, सर।
आवाज़ में दम नहीं है क्या?
आवाज़ कहाँ तक जानी चाहिए?
लाहौर, सर!
कहाँ तक?
लाहौर, तक!
कहाँ तक!
लाहौर, तक!
फिर से पूछता हूँ…
एक अच्छा फौजी बनने के लिए सबसे ज़रूरी क्या होता है?
हिम्मत, सर।
ओके।
सर… ट्रेनिंग, सर!
ट्रेनिंग में पसीना जितना ज़्यादा बहेगा,
जंग में खून उतना ही कम बहेगा।
[अंग्रेज़ी में] और कोई?
-होशियार? -सर!
आत्मनिर्भरता, सर!
एक फौजी को अपने आप को इतना काबिल बनाना चाहिए कि उसे किसी और की ज़रूरत ना पड़े!
ये सब बातें भी ज़रूरी हैं, कैडेट्स।
लेकिन एक अच्छा फौजी बनने के लिए सबसे ज़रूरी होता है,
अपने साथियों से रिश्ता।
कोई भी फौजी कितना भी काबिल क्यों ना हो,
वो अकेले जंग नहीं जीत सकता।
जंग में फौजी का सबसे बड़ा हथियार उसकी राइफ़ल या टैंक नहीं होता।
उसका सबसे बड़ा हथियार होता है…
प्यार।
उसके भाइयों के लिए। अपनों के लिए।
उसके देश के लिए।
[अंग्रेज़ी में] हम राजाओं के लिए नहीं लड़ते हैं।
[अंग्रेज़ी में] हम नेताओं के लिए नहीं लड़ते हैं।
[अंग्रेज़ी में] हम हमारे साथ खड़े साथियों के लिए…
लड़ते हैं।
जंग में जब दुश्मन की बंदूकें तुम्हारे सीने पर तनी होंगी,
उस वक़्त जब तुम पीछे मुड़कर देखोगे…
तो तुम्हारा साया साथ हो या ना हो,
लेकिन तुम्हारे ये भाई साथ में होंगे!
[अंग्रेज़ी में] हम भाई बनकर जीते हैं,
और भाई बनकर ही मरते हैं!
[सेखों] सुखी, जो तू इस बार राखी भेजेगी ना, तो दो भेजना।
एक मेरे लिए और एक महेंद्र के लिए भी।
101 रुपए लगेंगे।
इक्कीस से एक पैसा ज़्यादा नहीं दूँगा।
[पंजाबी में] इक्यावन।
चल, ठीक है।
एक राखी के।
तो दो के हो गए 102।
रिश्ते तो बस पैसों के रह गए आजकल।
बेबे को फ़ोन बढ़ा।
शर्म कर कुछ, कुड़िये। तंग करती रहती है, लड़के को।
एक ही तो वीरा है मेरा, बीजी। उसे भी तंग ना करूँ?
बेबे, सत श्री अकाल जी।
हाँ, सत श्री अकाल, बेटा। सब राज़ी-खुशी है?
हाँ। बेबे, सब बढ़िया है।
अच्छा तेरी छुट्टी का क्या हुआ…
अंबाले वाली कुड़ी के बारे में क्या सोचा?
बेबे, दरअसल, वो ना…
फ़ोन स्टेशन नंबर 2
मुझे कोई और पसंद है।
क्या?
हाए-हाए! कौन है?
है, बेबे। बहुत ही सुंदर है।
तूने मोरनी देखी है कभी? बस, ऐसा समझ ले कि मोरनी है।
[पंजाबी में] नालायक, पहले बताना था ना!
तेरे पिताजी कुड़ी देखने की तारीख पक्की कर रहे हैं।
कितना गुस्सा आएगा उनको।
बेइज़्ज़ती हो जाएगी उनकी।
नहीं, बेबे, पिताजी को मत बताना। मैं मज़ाक कर रहा हूँ।
मुझे नहीं अच्छा लगता तेरा ये मज़ाक।
ले पिताजी से बात कर।
नहीं, बेबे। बाकी इंतज़ार कर रहे हैं।
-मेरी बात सुन… -ओके, टाटा। फिर फ़ोन करूँगा।
हाँ, बेटा।
काट दिया।
उसके तीन मिनट हो गए होंगे ना।
इतनी जल्दी?
जी, मम्मी। नहीं, सब कुछ ठीक है।
ओके।
जी, मम्मी।
अच्छा। चलो, अगले हफ़्ते फ़ोन करता हूँ हाँ, मम्मी।
चलो, बाय।
-भाई, तूने गौर किया? -क्या?
ये होशियार कभी घर पे फ़ोन नहीं करता।
ना कोई मिलने आता है इससे।
अगर कोई होता तो आता न।
उस्ताद कह रहे थे कि इसके पिताजी भी फौजी थे।
शहीद हो गए थे।
जब तक दादी थी, उसने ही पाला।
अकेले रहने की आदत हो गई है इसको।
[फ़ोन की घंटी]
आ, समोसे खिलाता हूँ तुझे एक और।
-दोनों? -हाँ…
ओए, रुक!
ये राखी तुम्हारी है ना?
मेरी थी। अब तुम्हारी है।
मेरी बेबे कहती है कि…
वाहेगुरु करे अकेला तो कभी पेड़ भी ना हो।
आज से तुम अकेले नहीं हो, भाई।
मेरी बहन, तुम्हारी बहन।
मेरा परिवार, तुम्हारा परिवार।
मेरी बहन को एक संदेशा दे देना।
उसको कहना कि आगे से राखी भेजने की कोई ज़रूरत नहीं है।
जब तक उसका ये भाई ज़िंदा है ना,
वो खुद आकर राखी बंधवाएगा।
मेन बात तो मैं भूल ही गया, यार।
-वो… -क्या?
-जो हारेगा वो सैल्यूट मारेगा। -ओए!
ई
[फतेह की आवाज़] "चमन में इख़्तिलात-ए-रंग-ओ-बू से बात बनती है
हम ही हम हैं तो क्या हम हैं, तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो"
♪ यारी है ईमान मेरा ♪
♪ ईमान कभी ना डोले ♪
♪ यार वही जो यार को अपने रब के बराबर तोले ♪
♪ यारी है ईमान मेरा ♪
♪ ईमान कभी ना डोले ♪
♪ यार वही जो यार को अपने रब के बराबर तोले ♪
♪ दोस्ती का रंग लहू से भी ज़्यादा गहरा है ♪
♪ कर दूँ मैं तो जान भी हाज़िर, यार मेरा जो बोले ♪
♪ सोना चांदी क्या करने हैं? ♪
♪ हीरे जैसे यार अपने हैं ♪
♪ एक दूसरे के जिगरी हैं, ना बिछड़ेंगे हम ♪
♪ नया-नया है रौब ♪
♪ रंगरूट बड़ा जँचता ♪
♪ हर कोई देख सैल्यूट मारेगा ठा-ठा-ठा! ♪
♪ दाएँ-बाएँ, दाएँ-बाएँ, दाएँ-बाएँ कभी ना रुके ये कदम ♪
♪ जिसके साथ में यार खड़े वो यार कभी ना हारे ♪
♪ यार बिठा ले कंधे पे तो तोड़ लें चाँद-सितारे ♪
♪ रब नहीं पर रब से भी ये कम नहीं होते हैं ♪
♪ जिनको यार नसीब हुए हैं किस्मत वाले सारे ♪
♪ हाँ, हाँ, किस्मत वाले सारे ♪
चिट्ठी आई है।
किसने भेजी है?
होशियार सिंह दहिया लिखा है।
पढ़ दूँ?
बिल्लू!
बिल्लू!
ओ मेरे बिलूटने!
सुन, तेरे जीजाजी की चिट्ठी आई है।
पढ़ के बता ना जल्दी क्या लिखा है?
बड़ी हिम्मत आ गई उन में! चिट्ठी भेज दी?
पिटने वाली बात ना कर, नालायक!
पढ़ना तुझे नहीं आता, नालायक मुझे कह रही है?
दो जमात पढ़कर ज़्यादा चौधरी ना बन।
पढ़ ना।
बड़ी छोटी चिट्ठी लिखी है जीजा जी ने।
सिर्फ चार लाइन।
बस, चार लाइन?
"यारों, फ़िराक़-ए-यार में मुझ को मरे अरसा हुआ।
कौन कहता है कि मुझ में साँस बाकी है अभी?"
क्या मतलब?
जीजा जी के मरने की खबर लग रही है।
ताऊ! अरे, ताऊ!
अच्छा है।
एक और सुना…
-एक और ले… -टेंशन ना ले, बोल दूँगा।
-होशियार सिंह दहिया? -हाँ।
तुम से कोई मिलने आया है।
कौन?
तुम्हारे ससुर।
ससुर?
बेटा जी। पहली गलती तो ये…
कि तुमने मेरी बेटी को चिट्ठी लिखी मुझसे पूछे बगैर।
और दूसरी गलती ये कि चिट्ठी में मरने-मुरने की बात लिख दी।
वो तो शेर था, ससुर जी।
होशियार…
तू यहाँ फौजी बनने आया था या मिर्ज़ा गालिब?
बेटा जी, मेरी बात का बुरा मत मानना।
-मेरी हाथ जोड़ के-- -वो मत करो, जी।
आप यहाँ से छुट्टी लेकर
मेरे घर से अपनी लुगाई को अपने साथ ले आओ।
तू सच में शादीशुदा है?
अरे, सातवीं में था, यार।
दादी ने पूछा कि लड्डू खाने चलेगा?
मैंने हाँ कह दी।
मुझे क्या पता था कि मेरी ही शादी के लड्डू हैं!
फेरे हुए, मैं अपने घर और वो अपने।
मैंने आज तक शक्ल भी नहीं देखी उसकी।
भाई, एक साल हो गया हमारी दोस्ती को।
पूरा साल।
मेरे घर की तो हर बात पता है तुझे।
और तूने इतनी बड़ी बात हम दोनों से छुपा कर रखी।
छुपाया नहीं, भाई।
-इसलिए बोला नहीं-- -छुपाया।
बिल्कुल छुपाया।
मुझे तो इस पर शक आ रहा था, जब ये मुझ से शायरी पूछ रहा था।
दस शेर सुनाए।
फिर जाकर ये वाला पसंद आया इसको।
और पसंद कौन सा आया?
"यारों, फ़िराक़-ए-यार में मुझको मरे अरसा हुआ।
आखिर कौन कहता है मुझ में साँस बाकी है अभी?"
नहीं, तू बता मेरे को, इस शेर का काफिया मिल रहा है?
हाँ भई, मिल रहा है?
-ना। -हाँ तो फिर?
उनको तो लगना ही था इसकी रस्म क्रिया का बुलावा आया है।
बड़ी घबराहट हो रही है।
पहली बार अपने ससुराल जाने वाला हूँ।
[हरियाणवी गीत गाते हैं]
ए, रुको! रुको!
सुनो अब मेरी भी।
-दामाद जी। -हाँ जी?
अब आपको इन सब में से पहचानकर बताना है, कौन सी मेरी धनवंती है।
-मुझे? -हाँ, आपको।
पर एक बाद याद रखना।
जिस की तरफ इशारा कर दिया ना,
उसे ही लुगाई मानकर साथ में ले जाना पड़ेगा।
हाँ।
शाबाश।
चल भाई, फौजी।
अब दिखा अपनी हिम्मत!
ये!
अब तो इसे ही साथ लेकर जाना पड़ेगा!
मैं तैयार हूँ!
-तू मुझे अच्छी लगती है। -क्या कह रहे हो?
जब से देखा है ना तुझे, प्यार हो गया है तुझ से।
-सच्ची? -कहीं घूमने चलेगी क्या?
ठीक है।
-राम-राम, ताऊ। -राम-राम।
ले आया छोरे लुगाई को?
और क्या लगता है?
आओ।
आओ, बैठो।
क्या हो गया?
वो दादी ने कहा था,
माँ-बापू का आशीर्वाद लेना जाते ही।
उनकी कोई फ़ोटो दे दो।
फ़ोटो?
माँ ने तो कभी खिंचवाई नहीं फ़ोटो-वोटो।
कहती थी कि जब बापू आएगा तो खिंचवा लेंगे।
लेकिन बापू तो 48 की जंग के बाद कभी लौटा ही नहीं।
वर्दी है उनकी बस।
कहाँ है?
-क्या? -बापू जी की वर्दी।
प्रणाम, बापू जी।
-जी, वो… -कुछ चाहिए क्या?
चाय, पानी, रोटी, बिसकुट?
झाड़ू मिलेगा?
झाड़ू?
और थोड़ी हल्दी भी।
-अगर है तो ठीक है, नहीं तो-- -हाँ, बिल्कुल है।
लेकर आता हूँ।
झाड़ू। हल्दी।
यहाँ से चींटियाँ आ रही हैं घर पर।
हल्दी डाल देंगे ना तो नहीं आएँगी।
हाए, मैं मर गई!
गलती हो गई, जी।
दादी ने बोली थी, घूँघट आप ही उठाओगे, पर मैं भूल गई।
देखेगी नहीं मेरी तरफ?
देखूँगी जी।
आँख में हल्दी पड़ गई जी मेरे।
मैं पानी लेकर आता हूँ।
नहीं, नहीं। ठीक है, जी।
ठीक है?
पता है मेरी सहेली कहती थी
कि सारे फौजी खड़ूस होते हैं।
सिर्फ लड़ना जानते हैं।
पर आप तो बिल्कुल…
मैं तो क्या?
आप तो जी बिल्कुल मेरे नंदू जैसे हो।
एकदम शांत।
नंदू कौन है?
हमारा बैल है, जी।
लोग डरते हैं उससे, लेकिन बड़ा शांत है वो।
मैं बैल जैसे लगता हूँ?
हाए, फिर से गलती हो गई, जी!
-दादी बोली थी, मुँह बंद रखना। -अरे…
पर मैं तो ये भी भूल गई।
-नहीं, नहीं। -आप सोच रहे होंगे,
-कैसी अनपढ़ से पाला पड़ गया है मेरा। -नहीं।
मैं ज़्यादा बोल…
मैं बताऊँ मैं क्या सोच रहा हूँ?
मैं सोच रहा हूँ कि…
मेरी किस्मत कितनी अच्छी है…
कि मुझे तू मिली है।
♪ खूबसूरत है तू इस कदर क्या कहूँ?
♪ देखने में तुझे उम्र सारी लगे ♪
♪ तुझ में जोड़ूँ ना मैं कोई रंग नया ♪
♪ जैसी है तू मुझे वैसी प्यारी लगे ♪
♪ जैसी है तू मुझे वैसी प्यारी लगे ♪
♪ अजनबी सी कभी तू लगी थी मुझे ♪
♪ आज सोचूँ ♪
♪ तो बरसों की यारी लगे ♪
♪ तुझ में जोड़ूँ ना मैं कोई रंग नया ♪
♪ जैसी है तू मुझे वैसी प्यारी लगे ♪
♪ चनमाही, चनमाही, आया मेरे अंगना ♪
♪ देखूँ तुझे मन भर के, ओ सजना ♪
♪ चनमाही, अब तेरे संग जीना-मरना ♪
♪ चाँद मेरे मुझ को तुझे है दिल में रखना ♪
♪ सुरमई आँखें ♪
♪ जादू सी बातें ♪
♪ तू वो हवा है जिस में मैं बह गया ♪
♪ शाम-ओ-सहर बस तेरी ही तारीफ़ें ♪
♪ ऐसा लगे फिर भी कुछ कम रह गया ♪
♪ लाख कोशिश करूँ ♪
♪ पर उतरती नहीं ♪
♪ कोई पिछले जन्म की उधारी लगे ♪
♪ तुझ में जोड़ूँ ना मैं कोई रंग नया ♪
♪ जैसी है तू मुझे वैसी प्यारी लगे ♪
♪ जैसी है तू मुझे वैसी प्यारी लगे ♪
♪ अजनबी सी कभी तू लगी थी मुझे ♪
♪ आज सोचूँ ♪
♪ तो बरसों की यारी लगे ♪
♪ तुझ में जोड़ूँ ना मैं कोई रंग नया ♪
♪ जैसी है तू मुझे वैसी प्यारी लगे ♪
♪ चनमाही, चनमाही, आया मेरे अंगना ♪
♪ देखूँ तुझे मन भर के, ओ सजना ♪
♪ चनमाही, अब तेरे संग जीना-मरना ♪
♪ चाँद मेरे मुझ को तुझे है दिल में रखना ♪
♪ चनमाही, चनमाही, आया मेरे अंगना ♪
♪ देखूँ तुझे मन भर के, ओ सजना ♪
♪ चनमाही, अब तेरे संग जीना-मरना ♪
♪ चाँद मेरे मुझ को तुझे है दिल में रखना ♪
हाथ सीधा करो।
-ये ले। -नहीं, वीर।
-इस बार रखना पड़ेगा। -नहीं, वीर जी।
इतने साल से राखी बाँध रही है।
कभी तो अपने इस भाई से कुछ ले लिया कर।
आपके और महेंद्र वीर जी के हिस्से के पैसे वीरे से ले तो लेती हूँ।
आपसे कुछ और मांगूँगी।
ये लो, खाओ।
जब भी माँगेगी ना, दिल खोलकर माँगना।
इसे ज़्यादा सिर ना चढ़ाओ, भाई।
इसकी ज़ुबान इसके कद से ज़्यादा लंबी है।
कुछ भी माँग लेगी।
बीजी, देखो वीरा तंग कर रहा है।
-ना रे, बेटा। ना कर। -यूँ ही…
आज तो वैसे भी बहनों का दिन है।
-नमस्ते, बीजी। -नमस्ते।
-महेंद्र बेटा, ये हमारी बहू के लिए। -बीजी, ये…
और ये है छोटी सी अनीता के लिए।
-इसकी क्या ज़रूरत थी? -माँ से बहस नहीं करते।
प्यार है अपना। रख ले चुपचाप।
थैंक यू, बीजी।
-होशियार बेटा। -हाँ जी।
ये मेरी बहू के लिए।
अब कुछ महीने ख़्याल रखना उसका अच्छे से।
जी, बीजी।
भाई, पाँच मिनट रुकना, मैं भी साथ में चलता हूँ।
मुझे भी अंबाला रिपोर्ट करना है।
बेटा…
इसको भी समझाओ ना कुछ।
वो लड़की का घर अंबाले से ज़्यादा दूर नहीं है।
अच्छा खासा परिवार है।
मिलने को राज़ी नहीं होता।
तस्वीर भी मँगवाई उसकी। इसने देखी तक नहीं है।
समझो आपका काम हो गया।
-कैसे? -कैसे?
आपके बेटे को हारना पसंद नहीं है।
-चलो, भाईयों। -[महेंद्र] अपना ख़्याल रखना।
ठीक है, सुतली, चलता हूँ।
-जल्दी मिलते हैं। -चल।
बेटा, सुन।
-जो तुम अंबाला जा ही रहा है-- -बीजी फिर से मत शुरू हो जाना।
मुझे नहीं जाना किसी से मिलने।
-चलो भई, चलो। -बात तो सुन ले पुरी।
ये तस्वीर ले जा। उनके घर में वापस कर देना।
-क्यों? -मना कर दिया ना उन्होंने।
कब से ये बात चल रही है,
उनको भी लग रहा होगा ना कि लड़का अपने आपको बड़ा थानेदार समझता है।
और क्या?
पायलट हूँ। थानेदार भी ना समझूँ अपने आपको?
बात तो सही है, बीजी।
नहीं पर, ऐसे कैसे मना कर दिया उन्होंने?
छोड़ तू।
बहुत रिश्ते आ जाएँगे तुझे तो।
बस, किसी बंदे के हाथ ना ये उनके घर भिजवा देना।
[एक लड़की] कौन है?
कौन है?
सत श्री अकाल, जी…
[पंजाबी में] एक तो ये बेकार घंटी दुश्मन है मेरी जान की! जब देखो बजती रहती है!
हाँ जी?
सत श्री अकाल जी। मैं निरमलजीत सिंह।
[पंजाबी में] आप चाय पियो। मैं ज़रा फटाफट इसके डैडी को दफ़्तर से बुला लेती हूँ।
बिस्कुट पूछ।
आप अचानक कैसे आ गए?
ये… आपकी फ़ोटो…
फ़ोटो का क्या?
मुझे पूछना था कि…
कहाँ से करवाई आपने फ़ोटो?
आप इतनी दूर से ये पूछने आए हैं कि ये फ़ोटो कहाँ से करवाई है मैंने?
नहीं।
मुझे पूछना था कि लोग तो बिना देखे सब्ज़ी भी नहीं लेते
और आपने मुझे बिना देखे ही ना बोल दिया?
-जी? -हाँ, मतलब, मैं आपसे मिलने नहीं आ पाया।
इसका मतलब ये थोड़ी है कि आप इतना गुस्सा करो।
-जी, मैं… -मैं फाइटर पायलट हूँ, जी।
अच्छी तनख्वाह है मेरी। दाल फुल्का भी बना लेता हूँ।
दिखता भी ठीक ही हूँ।
मना करने वाली तो कोई बात ही नहीं है।
-तो आपका मतलब है, मुझ में है? -मैंने तो ऐसा नहीं कहा।
तो फिर इतना वक़्त क्यों लिया जवाब देने में?
करना ही था तो पहले मना कर देते।
लेकिन मैंने मना नहीं किया।
तो मैंने कब किया?
-हें? -जी।
घर वालों ने उल्लू बनाया मुझे।
आपने मना नहीं किया तो…
आपकी तो फिर हाँ ही हुई?
-आपकी है? -सीधा जवाब नहीं देते आप।
आपकी अकड़ है तो हमारी भी है।
मोरनी।
♪ बाग बहारा मेरा यारा ♪
♪ इश्क़ की पहली ♪
♪ बरखा लाया वे ♪
♪ मोरनी बन के झूमूँ, यारा ♪
♪ तूने इश्क़ में नाचना सिखाया वे ♪
♪ एक नूर का सितारा ♪
♪ एक दूर था किनारा, मेरे साथ आज चलने लगा ♪
♪ शगुन का एक चंदा ♪
♪ उतरा है मेरे अंगना, मेरे साथ वो चमकने लगा ♪
♪ इश्क़ का यारा नाम सुना था ♪
♪ तुझ से मिला तो मैं हुआ रूबरू ♪
♪ इश्क़ का चेहरा तेरा हूबहू ♪
♪ सारी ज़िंदगी तुझे तकता रहूँ ♪
♪ इश्क़ का चेहरा तेरा हूबहू ♪
♪ सारी ज़िंदगी तुझे तकता रहूँ ♪
♪ बांध के साफ़ा, डाल के सेहरा ♪
♪ निकले जब ताके सब चेहरा ♪
♪ दमक-दमक तू, चमक-चमक मैं ♪
♪ इश्क़ का यारा रंग है गहरा ♪
♪ काया तेरी है संदल साया तेरा है चंदन ♪
♪ तेरी महक बदलना नहीं ♪
♪ चूड़ा मैं, तू मेरा कलीरा जोड़ा अपना ढोल-मंजीरा ♪
♪ उतरेगी ना उँगली से अब मेरी मुंदरी का तू हीरा ♪
♪ चुनरी तेरी सिंदूरी इस में ज़िंदगी मेरी पूरी ♪
♪ तेरे सिर से उतारना नहीं ♪
♪ तुझ में कोई दाग नहीं है ♪
♪ चाँद तुझे यारा मैं कैसे कहूँ? ♪
♪ इश्क़ का चेहरा तेरा हूबहू ♪
♪ सारी ज़िंदगी तुझे तकता रहूँ ♪
♪ इश्क़ का चेहरा तेरा हूबहू ♪
♪ सारी ज़िंदगी तुझे तकता रहूँ ♪
[रेडियो] नमस्कार। भारतीय सेना की तरफ से एक ज़रूरी सूचना।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते हुए तनाव को मद्दे नज़र रखते हुए,
सब सैनिकों की छुट्टी रद कर दी गई है।
और सब को फौरन ड्यूटी पर हाज़िर होने का आदेश दिया गया है।
ये तो बड़ी फिक्र वाली बात हो गई, भाई।
शादी में तो बुलाया नहीं तूने।
तो दुश्मन बुरा मान गया।
अब तो लड़ाई कर के ही समझाना पड़ेगा उन्हें।
ये जो पंजाबी शादियाँ हैं ना, ये लड़ाई के बिना होती ही नहीं हैं।
लेकिन फिक्र मुझे जंग की नहीं है।
-तुम्हारी है। -मेरा?
क्यों, भाई?
अब जंग में सब से पहले चक्कर तो मैं ही जीतूँगा।
और अगर ये वाली दौड़ तुम हार गए,
फिर तो तुम्हें सैल्यूट मारना पड़ेगा, भाई।
तुम नहीं सुधरोगे, भाई।
"नाव तूफान में है पार उतरने के लिए
हौसला शर्त है दुनिया से गुज़रने के लिए।"
जब आर्मी, नेवी और एयरफोर्स एक साथ हो जाएँ,
तो हमें कोई नहीं हरा सकता।
[अंग्रेज़ी में] चलो, उन्हें उनकी औकात दिखाते हैं, भाईयों।
ओके, कैप्टन मीतू।
अब कमांड आपके हाथ में है।
आपको पता है ना, क्या करना है?
पापा, आप इंडिया का ध्यान रखोगे
और कैप्टन मीतू मम्मी का और घर का ध्यान रखेगी।
वेरी गुड।
और रूल्स क्या हैं, कैप्टन?
रूल नंबर वन। हर रोज़ होमवर्क करना और मम्मी की मदद करना।
रूल नंबर टू। हर रोज़ मम्मी को जोक सुनाना और हँसाना।
[अंग्रेज़ी में] वेरी गुड। पापा को आप पर नाज़ है।
मीतू, पापा का गिफ़्ट लेकर आओ।
-अरे, हाँ! -गिफ़्ट?
एमएस रावत
मेरे लिए क्या ऑर्डर्स हैं, कमांडर?
ऑर्डर नहीं है।
रिक्वेस्ट है।
मुस्कुरा दो ना।
प्लीज़।
"सारी दुनिया के गम हमारे हैं
पर सितम ये है कि हम तुम्हारे हैं"
पापा!
अपनी आँखें बंद करो और हाथ आगे करो।
कल रात को बनाई थी इसने ये आपके लिए।
कह रही थी, पापा बॉर्डर की रक्षा करेंगे।
और दुर्गा माँ पापा की।
ये दुनिया का सब से अच्छा गिफ़्ट है।
थैंक यू, कैप्टन।
♪ तो चलूँ ♪
♪ तो चलूँ ♪
♪ ऐ जाते हुए लम्हों, ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो ♪
मम्मी, पानी में बॉर्डर कहाँ होता है?
पानी में हिंदुस्तान का बॉर्डर खुद आपके पापा हैं, बेटा।
अरे, पागल हो गई है क्या?
वजन क्यों उठा रही है?
फौजी की लुगाई हूँ।
कोई छुईमुई समझने की भूल ना करिए।
अच्छा, बात सुन मेरी।
अरे, बात सुन…
मैं कह रहा था कि चिट्ठी लिखवा लेना किसी से,
और मुझे ज़रूर खबर करना कि छोरा हुआ है या छोरी।
मैं नहीं लिखवाऊँगी चिट्ठी-विट्ठी किसी से।
आकर ना खुद देखना कि शर्त मैं जीती कि आप।
देख लेना, छोरा ही आएगा।
ना जी। शर्त तो मैं ही जीतूँगा।
छोरी आएगी हमारे घर।
आप ना सिर्फ जंग जीतोगे।
शर्त तो मैं ही जीतूँगी।
ओके, सर!
-♪ मैं इस चाँद से माथे को चूम लूँ… ♪ -ख्याल रखना अपना।
♪ तो चलूँ ♪
♪ तो चलूँ ♪
♪ तो चलूँ ♪
♪ तो चलूँ ♪
फौजी की लुगाई है तू तो…
कोई छुईमुई ना है।
ऐसे रोना अच्छा नहीं है तुम दोनों के लिए।
हम दोनों का जी घबरा रहा है।
घबराने की तो कोई बात ही नहीं है।
फौजी हूँ। वापस तो आना ही है।
या तो जीतकर या याद बनकर।
लेकिन आना ज़रूर है।
♪ ऐ जाते हुए लम्हों, ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो ♪
[सिसकने की आवाज़]
सुखी?
सुखी?
[पंजाबी में] ये क्या? देख तो सही!
रोने के बाद ना तेरी आँखें और भी खूबसूरत लग रही हैं।
तू ना अपनी डोली पर ज़रूर रोना और भी खूबसूरत लगेगी। ठीक है?
[पंजाबी में] क्या बता कर रही है? सुखी खूबसूरत लग रही है?
देखूँ तो।
क्या कह रही है, मंजीत!
मेरे को इसकी शक्ल बंदरिया जैसी क्यों लग रही है?
सुखी, तेरा दूल्हा तो भाग जाएगा ये शक्ल देखकर।
वीरे…
आज मैं पापा जी से पहले तैयार हो गया।
आज तू मेरी कोई शिकायत नहीं लगा सकती।
हाँ, वीरे। मैं पापा जी को बुलाकर लाती हूँ।
तेरी बस ना निकल जाए।
थैंक यू।
थैंक यू किस बात के लिए?
मेरे पीछे इन सबका ध्यान रखने की ड्यूटी संभालने के लिए।
हाँ, पर छुट्टी लंबी नहीं मिल सकती आपको इस ड्यूटी से।
कितनी मिल सकती है?
मेहँदी का रंग निकलने से पहले वापस आना पड़ेगा इस ड्यूटी पर।
हें? देखूँ मेहँदी फिर?
फिर तो मैं शू कर के गया और शू कर के आया।
तू देखती जा, मोरनी।
♪ लम्हा-लम्हा तुझे मांगूँ ♪
♪ लम्हा-लम्हा तुझे चाहूँ ♪
-♪ किस्मत से मिली है ये किस्मत ♪ -बीजी से मिले?
♪ लम्हा-लम्हा तुझे पा लूँ ♪
♪ ऐ जाते हुए लम्हों… ♪
सतनाम वाहेगुरु।
अपने महर कर दे…
ठीक है, मेरी सौतेली माँ। चलता हूँ।
असली माँ का बुलावा आ गया।
जीता रह।
वाहेगुरु मेरी उम्र भी तुझे दे दे।
ले?
तेरी उम्र लेकर मैं क्या करूँगा? मेरे पास अपनी बहुत है।
अगर आशीर्वाद देना है तो ये दे कि सारे दुश्मनों को मार कर आओ।
वो भी तो अपनी माँओं से लंबी उम्र की दुवाएँ लेकर आए होंगे ना।
जन्म देने वाली माँ जीने का आशीर्वाद दे सकती है, मरने मारने का नहीं।
तो तेरे कहने का मतलब मैं ना लड़ूँ?
नहीं, तू लड़। तेरा फर्ज़ है।
बहादुरी से लड़ और फतेह कर के आ।
मैं भी लड़ लूँगी अपनी ममता से।
चलता हूँ, पापा जी।
ये ले, रख ले।
नहीं, अब तो है मेरे पास, पापा जी।
अब तो अच्छी तनख्वाह मिलती है मुझे।
पर आपसे ले लूँगा।
पापा जी, मुझे पता है, मैंने हमेशा तंग किया है आपको।
लेकिन मैं वादा करता हूँ कि आपकी मूँछ कभी नीचे आने नहीं दूँगा।
हमेशा ऊपर रखूँगा।
चलता हूँ, पापा जी।
♪ तो चलूँ ♪
पंजाब परिवहन
♪ तो चलूँ ♪
[अंग्रेज़ी में] बेस से वाइपर।
[अंग्रेज़ी में] पॉइंट अल्फा के ऊपर, भारत में प्रवेश कर रहे हैं।
[अंग्रेज़ी में] श्रीनगर पहुंचने का अनुमानित समय, एक मिनट।
[अंग्रेज़ी में] ऑपरेशन चंगेज़ शुरू हो गया है।
हिंदुस्तान पर कयामत बरसेगी आज।
-वो देखो, जहाज़! -वो देखो!
ए, रुको!
जहाज!
[अंग्रेज़ी में] एयर अटैक! बचो!
[अंग्रेज़ी में] नीचे हो जाओ! झुक जाओ!
-[अंग्रेज़ी में] बचो! भागो! -[अंग्रेज़ी में] बचो!
[अंग्रेज़ी में] बंदूकें लाओ!
-भागो! -चलो!
भागो!
[अंग्रेज़ी में] कवर लो!
साहब जी, इन्होंने तो पहले ही ब्रिज पर कब्ज़ा कर लिया है।
कब्ज़ा ही नहीं, राम सिंह।
इन्होंने हमारे जवानों को मार कर कब्ज़ा किया है।
फिर क्या करना है, साहब जी?
-राम सिंह। -जी, साहब।
तुम ब्रावो टीम को ब्रिज से दो किलोमीटर दूर लेकर नदी क्रॉस करोगे?
-और फिर गाँव की तरफ बढ़ोगे। -जी साहब।
मैं अल्फा टीम को लेकर ईस्ट से ब्रिज पर हमला करूँगा।
लेकिन उससे पहले हमें उनका एयर सपोर्ट यूनिट उड़ाना होगा।
-संपूरण। -साहब जी।
ये तो आरसीएल के रेंज से बाहर है, साहब।
इस पार से फायर निशाने पर नहीं गिरेगा।
फिर तो हमला होते ही सिग्नल भेजकर एयर सपोर्ट मँगवा लेंगे ये लोग।
तो फिर हम एएसयू पर नहीं, एएसयू चलाने वाले ऑफिसर को उड़ा देंगे।
और साहब जी कोई और बंदा जाकर सिग्नल भेजेगा फिर?
अगर हम किसी को वहाँ पहुँचने देने तब ना।
-अजीत! -साहब।
ठीक 2 बजे पर तुम एएसयू पर तैनात ऑफिसर को शूट करोगे।
ध्यान रहे पहली गोली में काम हो जाना चाहिए।
नहीं तो दुश्मन सावधान हो जाएगा।
बिल्कुल, सर।
फिर उसके बाद हम उनकी खातिरदारी करेंगे।
साहब जी!
जनाब, इन लाशों का क्या करना है?
वही जो हमेशा करते हैं।
-इस में पूछने वाली कौन सी बात है? -जी, जनाब।
-पोजीशन ले लो! अटैक हुआ है हम पर! -चलो!
बोले सो निहाल!
सत श्री अकाल!
पुल पर हमला हुआ है! जाओ जल्दी!
[अंग्रेज़ी में] आसिफ़, जवाब दो। आसिफ़ आसिफ़, एयर स्ट्राइक कन्फर्म करो!
आसिफ़!
छोड़ना नहीं किसी को।
-चलो! जल्दी ले! -चलो!
[अंग्रेज़ी में] हैलो, बेस से रिपोर्ट!
[अंग्रेज़ी में] हैलो, बेस से रिपोर्ट!
[अंग्रेज़ी में] सुनो!
[अंग्रेज़ी में] टाइगर वन से, हाँ बोलो।
[अंग्रेज़ी में] टाइगर वन से, हाँ बोलो।
[अंग्रेज़ी में] हैलो, बेस से, कन्फ़र्म है--
[अंग्रेज़ी में] टाइगर वन से, हाँ बोलो।
[अंग्रेज़ी में] टाइगर वन से, हाँ बोलो।
[अंग्रेज़ी में] हाँ बोलो।
जवाब क्यों नहीं दे रहे थे, रशीद?
इंडियन आर्मी वहाँ पर आ रही होगी। तैयार रहना।
इंडियन आर्मी आ चुकी है।
और रशीद जा चुका है।
अब भी वक़्त है, समझ जाओ।
अपनी हद में रहना सीख लो।
वरना ना तो ये सरहद रहेगी और ना तुम।
फतेह सिंह।
फतेह सिंह बोल रहे हो ना तुम?
अंगद सिंह तुम्हारा ही बेटा था ना?
इसी सेक्टर में मरा था ना वो…
65 में?
कहते हैं…
बड़े तसल्ली से हलाल किया था उसे हमारे फ़ौजियों ने।
तुम्हें भी वैसे ही करेंगे… हलाल!
खामोश क्यों हो गए, फतेह सिंह?
डर लग रहा है तुम्हें?
अच्छा है। डर लगना चाहिए।
शहीदों के नाम से डर नहीं, जोश आता है!
मैं तो तेरे लिए एक मिनट का मौन रख रहा था।
मरने वालों के लिए रखना पड़ता है।
ओए, बकवास ना कर!
ओए, बकवास तो तुम कर रहे हो कई सालों से!
ईस्ट पाकिस्तान को तो संभाल नहीं पा रहे,
और कश्मीर की रट लगा रखी है!
अरे, तुम्हारे पाकिस्तान में इतने लोग नहीं,
जितने हमारे यहाँ ईद पर बकरे काटे जाते हैं!
तुम हमें हराने की बात कर रहे हो?
अरे, कश्मीर तो छोड़, ये ब्रिज लेकर दिखा।
तुम्हारी सात पुश्तें ख़त्म हो जाएँगी।
लेकिन एक इंच भी नहीं ले पाओगे!
ये वादा है इंडियन आर्मी का!
तुम जहाँ से भी घुसने की कोशिश करोगे,
आसमान से, ज़मीन से, समुंदर से,
सामने एक हिंदुस्तानी फौजी खड़ा पाओगे।
जो आँखों में आखें डालकर, सीना ठोक कर कहेगा,
हिम्मत है तो आ!
ये खड़ा है हिंदुस्तान!
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द! ♪
[फ़ोन की घंटी]
मेजर फतेह सिंह कलेर
गुरुद्वारा साहिब एनडबल्यूए
-एक काम कर, सिमी। -हाँ जी?
थोड़ा सा कड़ा बना दे।
[पंजाबी में] अभी तो खाकर आए हो।
मेरा पेट है। तुझे क्या?
[पंजाबी में] बनाती हूँ।
अपने बेटे को याद कर रही थी,
उसी की चिट्ठी आई है।
जल्दी से पढ़कर बताओ, लिखा क्या है?
"जय हिन्द, डैडी!"
ऊँचा पढ़ो।
"जय हिन्द, मम्मी!"
[पंजाबी में] माँ का आशीर्वाद है।
जीता रह।
आप फिक्र नहीं करना, मैं बिल्कुल ठीक हूँ।
यहाँ चारों तरफ ऊँचे-ऊँचे पहाड़ हैं।
और हमारी पलटन का हौसला इन पहाड़ों से भी ऊँचा है।
अच्छा?
अगर कहीं दुश्मन ने हमला करने की गलती भी की,
तो बहुत पछताएगा।
और डैडी, एक बात और।
मैं यहाँ रोज़ पंजा लड़ाता हूँ।
अच्छा?
सब को हरा चुका हूँ।
अब अगली बार आपको हरा के
आपका मोटरसाइकिल जीत लूँगा!
अपने बाप को डरा रहा है।
[पंजाबी में] पहलवान आया बड़ा!
और मम्मी…
[दरवाज़े की घंटी]
यहाँ फिलहाल इतनी ठंड नहीं है।
लेकिन… आपकी याद आती है,
इसलिए मैं अंदर अपना स्वेटर पहनकर--
जय हिन्द, सर।
[अंग्रेज़ी में] आपको बताते हुए दुख हो रहा है, सर।
[अंग्रेज़ी में] हमने कैप्टन अंगद सिंह को खो दिया।
बहुत बहादुरी के साथ लड़े वो,
लेकिन दुश्मन बहुत ज़्यादा थे।
आई एम सॉरी, सर।
ओए, क्या हुआ? आगे तो पढ़ो।
कब हुआ?
आज सुबह 5 बजे।
बुरी तरह ज़ख्मी थे जब उन्हें एमएच लाया गया।
आखिरी बार आपसे बात करना चाहते थे।
सीओ साहब ने फ़ोन भी लगाया था, लेकिन…
किसी ने उठाया नहीं घर पे।
उस वक़्त हम…
गुरुद्वारे जाते हैं।
कहाँ चले गए?
मेरा नाम आते ही पढ़ना बंद। हाँ?
आगे भी--
सिमी।
वक़्त हो गया।
ये… अच्छा लगेगा अंगद पे?
जल्दी में बनाया ना।
उसके ब्याह के लिए होता तो…
मैं और सजाती।
हौसला रख।
अंगद के जाने का वक़्त हो गया।
मैं कभी उसके जाने के हक में नहीं थी, जी।
पर जिस दिन उसको वर्दी में शपथ लेते देखा ना…
[पंजाबी में] मुझे नाज हुआ।
वो मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा दिन था।
फक्र है मुझे अपने बच्चे पर।
बताना है मुझे उसको।
[पंजाबी में] ♪ गोली चले बॉर्डर पर जब भी ♪
[पंजाबी में] ♪ गोली चले बॉर्डर पर जब भी ♪
[पंजाबी में] ♪ वो एक माँ के दिल पर लगती है ♪
[पंजाबी में] ♪ वो एक माँ के दिल पर लगती है ♪
[पंजाबी में] ♪ आज मिट्टी के गले लगकर रोऊँ ♪
[पंजाबी में] ♪ आज मिट्टी के गले लगकर रोऊँ ♪
-[पंजाबी में] ♪ जहाँ मेरा लाल खो गया… ♪ -जय हिन्द, मेरे बच्चे।
-[पंजाबी में] ♪ जहाँ मेरा लाल खो गया… ♪ -जय हिन्द।
[पंजाबी में] ♪ सहरा बांध दो और गीत गाओ माँ ♪
[पंजाबी में] ♪ सहरा बांध दो और गीत गाओ माँ ♪
[पंजाबी में] ♪ बेटा तेरा मौत से ब्याह करने चला ♪
[पंजाबी में] ♪ बेटा तेरा मौत से ब्याह करने चला ♪
[पंजाबी में] ♪ देख बेटे का दर्द आज रोए ♪
[पंजाबी में] ♪ देख बेटे का दर्द आज रोए ♪
[पंजाबी में] ♪ मौत पे जो रोज़ हँसता था, जान मेरिये ♪
[पंजाबी में] ♪ मौत पे जो रोज़ हँसता था, जान मेरिये ♪
[पंजाबी में] ♪ आसान नहीं है कंधे पर उठाना ♪
[पंजाबी में] ♪ आसान नहीं है कंधे पर उठाना ♪
[पंजाबी में] ♪ अपने बेटे के बेजान शरीर को ♪
[पंजाबी में] ♪ अपने बेटे के बेजान शरीर को ♪
♪ जान मेरिये… ♪
अक्टूबर 1971 नेशनल वॉर अकैडमी
♪ जान मेरिये… ♪
♪ जान मेरिये… ♪
♪ जान मेरिये… ♪
♪ जान मेरिये… ♪
♪ जान मेरिये… ♪
♪ ओ मेरी माँ! ♪
वाहेगुरु सच्चे बादशाह मेरे।
सिमी।
मैं चलता हूँ।
जंग पर जा रहे हो।
आज तो गुरुद्वारे चलकर माथा टेक लेते।
ऐसे कब तक रब से मुँह मोड़कर रखोगे?
छह साल हो गए।
अब तो अपने आपको कोसना बंद करो।
उस दिन अंगद से बात हो भी जाती तो भी आप उसे बचा नहीं पाते।
उसे जाना था, वो चला गया।
आप तो लौट आओ।
अपना ख़्याल रखना।
मैं जिस फतेह सिंह से प्यार करती हूँ ना,
वो कभी कोई जंग नहीं हारा।
तो, इस बार जब लौटोगे ना सरदार जी…
तो सिर्फ ये जंग नहीं, अपनी अंदर वाली जंग भी जीतकर आना।
आओगे ना?
जय हिन्द, सरदार जी।
जय हिन्द।
-जग्गी! -हाँ, पाजी।
-ओ, जग्गी! -हाँ, बोलो, पाजी।
ओए, आलू काट जल्दी!
फिर दुश्मन भी काटने हैं!
हाँ, हाँ, पाजी। बिल्कुल काटेंगे!
जग्गी!
-राम सिंह। -साहब जी।
गुरजीत क्या कह रहा है?
राशन पहले ही कम है। फौजी भूखे रहेंगे,
तो लड़ेंगे कैसे?
क्या कम है, साहब जी?
इन से पूछिए, दिया ज़रूरी है या रोटी?
माफ़ी चाहता हूँ, साहब जी।
पर दिया भी ज़रूरी है।
साहब जी, बँटवारे के टाइम पर,
जब अपना घर-बार छोड़कर हम उस पार से इधर आए थे ना,
तो मेरी बेबे अपने घर के बाहर एक दिया जलाकर आई थी।
इस उम्मीद में कि एक दिन अपने घर वापस लौटेगी।
वो तो नहीं लौट पाई, जी।
लेकिन साहब जी, ये गाँव वाले अपने घर ज़रूर लौटेंगे।
गुरजीत, ये सिर्फ एक दिया नहीं है।
एक उम्मीद है।
भरोसा है हम बंदों का उस रब पर।
तू ही बता, कैसे बुझने दूँ ये दिया?
साहब जी, मैं कह रहा था…
दो दिन सूखी रोटी खा लेंगे,
तो मर थोड़ी जाएँगे।
मैं संभाल लूँगा, साहब जी।
[पंजाबी में] ये पकड़ो, साहब जी।
जितना घी चाहिए, लो।
जीता रह, गुरजीत।
पहले ही आ जाता, यार।
क्या रिपोर्ट है रंगा?
सर, ट्रांसमीटर डैमेज हुआ है।
और डिस्प्ले भी खराब हो गया है।
रिपेयर होने में वक़्त लगेगा।
[अंग्रेज़ी में] हमें जल्दी करना होगा, विजय।
[अंग्रेज़ी में] सोनार के बिना, हम कुछ देख नहीं पाएँगे।
[अंग्रेज़ी में] कर रहा हूँ, सर।
-सर, मैं-- -[अंग्रेज़ी में] मत कहो, रंगा।
सर?
मुझे पता है, तुम्हें सोनार पर भरोसा नहीं है।
नहीं, सर। मैं तो ये कहने वाला था कि मुझे आप पर भरोसा है।
[अंग्रेज़ी में] झूठा।
[रेडियो] पाकिस्तानी हवाई जहाज़ों ने हमारे ऊपर हमला किया।
लेकिन हम इस कोशिश में थे,
कि बांग्लादेश में शांति के रस्ते वहाँ के प्रश्न सुलझाए जा सकें।
मुझे ज़रा भी संदेह नहीं है,
कि विजयी भारत की बहादुर सेना की होगी।
अब तो दुश्मन ने हमला भी कर दिया।
बम गिरा दिए।
हमारे साहब को ज़ख्मी कर दिया।
और क्या होना बाकी रह गया है?
हमें क्यों खूँटें से बाँधकर रखा है?
अब तो आर-पार की हो जानी चाहिए।
अरे, दुश्मन भी सोच रहा होगा कि इनकी छाती में जान ना रहा।
बलम सिंह!
सर!
दुश्मन का हमला हमारी कमज़ोरी का नहीं,
उनके डर का सबूत है!
जी, साहब।
पर साहब, हम लोग हमेशा उनके हमले का इंतज़ार क्यों करते हैं?
पहले क्यों नहीं कुछ करते?
ताकतवर को फर्क नहीं पड़ता कि पहला वार किसने किया है।
क्योंकि वो जानता है,
कि आखिरी वार वही करेगा।
तुम गीता पढ़ते हो ना, संतराम?
साहब जी।
माँ ने दी थी।
क्योंकि माँ जानती है,
कि श्री कृष्ण सिर्फ अर्जुन के ही नहीं, हमारे भी सारथी हैं।
सही समय पर सब कुछ मिलता है।
यही लिखा है ना गीता में?
[गीता का श्लोक]
तो वक़्त आने पर जंग का मौका भी मिलेगा।
सर!
तो आपके कहने का मतलब ये है, साहब जी…
कि सही समय आने पर बलम सिंह का रिश्ता भी हो जाएगा?
साहब जी।
अभी रोक लो इसे।
नहीं तो इसके सिर पर जो बचे-कुचे बाल हैं ना, वो भी झाड़ दूँगा!
होगा, बलम सिंह। ज़रूर होगा।
इसका तो मुश्किल है, साहब।
साला चिरमट्टू।
तुम लोग जो मर्ज़ी कह लो…
मुझे तो लगता है, इसका रिश्ता आ गया।
-जवानों। -साहब!
-लाइन तोड़ो। -साहब।
चलो!
आ गई! आ गई!
-चिट्ठी आ गई! -चल!
-सुनील सहगल। -जी, साहब!
-कृष्ण कुमार। -साहब!
-नाईक सूबेदार निशान सिंह। -साहब!
-राजेंद्र सिंह। -साहब!
-संतराम। -साहब!
भाई, तेरी भाभी बहुत परेशान है।
कह रही है कि आपका बेटा रोज़ अखाड़े में जाता है।
पहलवानों के साथ कुश्ती करता है।
और कह रहा है कि माँ, मुझे शादी नहीं करनी। मुझे ब्रह्मचारी रहना है।
तो इसमें परेशानी क्या है?
अरे, छोरा आठ साल का है।
मोनू आपको याद भी बहुत करता है।
दिवाली के पटाखे भी संभालकर बैठा है।
कह रहा है कि बापू आएँगे तो जलाऊँगा।
बच्चे स्कूल जाने से मना करते हैं।
-बापू-बापू करता रहता है, पूछता है… -बेनी।
-अरे, बेनी! -अरे, क्या हुआ, बलम?
कोई रिश्ता आया है क्या?
-चिरमट्टे, मर जाएगा मेरे हाथों। -अरे, क्या हुआ?
वो देख।
लगता है, इस बार भी साहब की चिट्ठी नहीं आई।
छोरी हुई है।
बाप बन गया मैं।
संतराम!
संतराम!
सुन…
यहाँ बैठा है, ओए!
सुन!
क्या बात हुई, भाई?
क्या लिखा है चिट्ठी में?
माँ…
माँ चली गई, भाई।
रात को अचानक बीमार हुई।
अस्पताल ले जाने वाला कोई था नहीं।
सवेरे जब तक पड़ोसी लेकर गए तब…
देह हो चुकी थी।
उसकी चिता में आग भी नहीं दे पाया मैं।
जाते टाइम बस एक ही बात कहती रही।
"मेरे संत से कहना कि मेरी अस्थियाँ गंगा जी में ज़रूर बहाए।"
हौसला रख, भई।
छुट्टी की अर्ज़ी डाल देते हैं।
होशियार साहब के कहने पर मिल जाएगी।
ना, भई।
एक माँ को तो ना बचा सका, पर…
दूसरी माँ को जब तक ना बचा लूँ ना…
ये पोस्ट छोड़कर तो नहीं जाऊँगा।
अब तो दुश्मन को हराकर ही
माँ की अस्थियाँ शिराने जाऊँगा गंगा जी में।
तेरी भी तो चिट्ठी आई है।
क्या खबर है घर की?
कोई खबर नहीं है।
क्या कोई खबर नहीं?
खुशखबरी आने वाली थी ना तेरे घर से?
कुछ खबर नहीं आई, भाई।
चिट्ठी दे।
चिट्ठी दे।
नहीं!
-छोड़ ना। -अरे, चिट्ठी दे इधर!
-ए, सुन! संतराम, सुन मेरी बात। -कैसे हो आप?
आपको ये बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे घर में नन्ही…
बेटी हुई है।
अरे, बावला है क्या?
घर में लक्ष्मी आई है और तू छुपा रहा है!
छुपाया नहीं, वो…
माँ के बारे में सुनकर…
अरे भाई, वो माँ है।
जहाँ भी होगी ना…
अपने बच्चों की खुशी देखकर खुश ही होगी।
-एक बात बता। -हाँ?
माँ का नाम क्या था?
पार्वती देवी।
क्यों?
तेरी भतीजी का नाम…
पार्वती रखेंगे।
मेरे भाई…
अरे, जश्न होगा आज तो, भाई।
ओ भागीराम!
बर्फ़ी बनाओ, भई!
संतराम ताऊ बना है!
अरे, घर में लक्ष्मी आई है!
-जय हिन्द, साहब। -जय हिन्द।
साहब, सबको चिट्ठियाँ बाँट दी हैं।
बस एक बची है। किसी हशर सिंह की।
लेकिन साहब, इस नाम का तो पलटन में कोई है ही नहीं?
है। मेरी चिट्ठी है।
-ठीक है, साहब। राम-राम, साहब! -राम-राम।
[धनवंती] सुनते हो, जी? राम-राम।
उम्मीद है तुम ठीक होगे।
मैंने कहा था ना कि मुझे किसी से कोई चिट्ठी-विट्ठी नहीं लिखवानी।
इसलिए बिल्लू से थोड़ा सा सीखकर अपने आप लिखती हूँ।
बड़ी गलतियाँ होंगी पर जानती हूँ कि तुम सही पढ़ लोगे।
आगे खबर ये है कि डॉक्टर बोली,
अगले हफ्ते आपका परिवार दो से तीन लोगों का हो जाएगा।
पर मैं नहीं बताऊँगी।
तुम खुद आकर देखना कि शर्त कौन जीता।
और बस इतना कहना चाहती हूँ कि…
"यारों, फ़िराक़-ए-यार में मुझ को मरे अरसा हुआ
कौन कहता है मुझ में साँस बाकी है अभी?"
अरे, आ जाओ, भाई!
♪ संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं ♪
♪ जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है ♪
♪ के घर कब आओगे?♪
♪ के घर कब आओगे? ♪
♪ लिखो, कब आओगे? ♪
♪ कि तुम बिन ये घर सूना-सूना है ♪
♪ संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं ♪
♪ जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है ♪
♪ के घर कब आओगे? ♪
♪ के घर कब आओगे? ♪
♪ लिखो, कब आओगे? ♪
♪ कि तुम बिन ये घर सूना-सूना है ♪
♪ ये दिल जो बरसों से था खाली-खाली सा ♪
♪ किसी के आने से सजा दिवाली सा ♪
♪ जगे हैं दरवाज़े किसी की आहट से ♪
♪ सवेरा होता है किसी की करवट से ♪
♪ मैं सोचा करता हूँ यही तन्हाई में ♪
♪ के चंदा उतरेगा मेरी अंगनाई में ♪
♪ नसीबों वाली ने ♪
♪ कान की बाली ने ♪
♪ चौथ की थाली ने ♪
♪ और पूछा है मेहंदी की लाली ने ♪
♪ के घर कब आओगे? ♪
♪ के घर कब आओगे? ♪
♪ लिखो, कब आओगे? ♪
♪ कि तुम बिन ये दिल सूना-सूना है ♪
♪ ये पूछो आँखों के छलकते पानी से ♪
♪ बिछड़ता है कोई कहाँ आसानी से ♪
♪ मैं पीछे छोड़ आया, दुआएँ करती माँ ♪
♪ के उससे भी प्यारी मुझे ये धरती माँ ♪
♪ किसी ने धीरे से कहा था, लौट आना ♪
♪ मैं रस्ता देखूँगी, मुझे ना तड़पाना ♪
♪ जागती रातों ने ♪
♪ अनकही बातों ने ♪
♪ अधूरे वादों ने ♪
♪ और पूछा है उसकी यादों ने ♪
♪ के घर कब आओगे? ♪
♪ के घर कब आओगे? ♪
♪ लिखो, कब आओगे? ♪
♪ कि तुम बिन ये दिल सूना-सूना है ♪
♪ ए, गुज़रने वाली हवा, बता ♪
♪ मेरा इतना काम करेगी क्या? ♪
♪ मुझे छोड़ के जो चला गया ♪
♪ उसे ढूँढ ला ♪
♪ कोई रहगुजर या कोई गली ♪
♪ मुझे आज तक तो नहीं मिली ♪
♪ जो मिटा सके ये फासला ♪
♪ जो मिटा सके ये फासला ♪
♪ मैं वापस आऊँगा, मैं वापस आऊँगा ♪
♪ फिर अपने गाँव में ♪
♪ प्यार की छाँव में ♪
♪ तरसती आँखों से, किसी की बाहों से ♪
♪ के घर की राहों से ♪
♪ किया जो वादा था, वो निभाऊँगा ♪
♪ मैं वापस आऊँगा, मैं वापस आऊँगा ♪
♪ मैं वापस आऊँगा, मैं वापस आऊँगा ♪
पाकिस्तान
दुश्मन के पॉर्ट्स को टारगेट करने के लिए हमारी सबमरीन्स रवाना हो चुकी हैं, सर।
इंशाल्लाह, जल्दी ही खुशखबरी आने लगेंगी।
याह्या खान
एयर रेड्स पहले की तरह जारी रहनी चाहिए, ज़फ़र।
सर।
[अंग्रेज़ी में] मारने का समय आ गया है, साथियों।
मनावर तवी
[सिग्नल की आवाज़]
टॉरपीडो!
[अंग्रेज़ी में] खतरे के लिए तैयार हो जाओ!
टॉरपीडो!
भागो!
-[अंग्रेज़ी में] -चलो!
[अंग्रेज़ी में] हट जाओ!
[अंग्रेज़ी में] सभी ऑफिसर्स…
[अंग्रेज़ी में] मैं आपका कैप्टन बोल रहा हूँ।
हमारे जहाज़ का हिस्सा टूट चुका है।
[अंग्रेज़ी में] जहाज़ खाली करो।
[अंग्रेज़ी में] जहाज़ खाली करो।
[अंग्रेज़ी में] जहाज़ खाली करो।
रंगा! रंगा!
सर…
सर…
मुझे… आप पर… भरोसा…
क्या हुआ सेखों?
[अंग्रेज़ी में] तैयार हो जा, जी-मैन। लगता है, वक़्त आ गया।
[सायरन की आवाज़]
हर उड़ान में साहस हर लड़ाई में सम्मान
[अंग्रेज़ी में] तुरंत उठो! तुरंत उठो! तुरंत उठो!
दुश्मन के चार जेट एलओसी पार कर के श्रीनगर की तरफ आ रहे हैं।
[अंग्रेज़ी में] चीता फॉर्मेशन, तैयार हो जाओ! चीता फॉर्मेशन, तैयार हो जाओ!
-चलो! चलो! जल्दी बढ़ो! -चलो! जल्दी!
[अंग्रेज़ी में] बाज़ टू अल्फा। टेक-ऑफ की परमिशन चाहिए।
पाकिस्तानी जेट्स हमारे बेस पर किसी भी समय आ सकते हैं।
तुम बॉम्बिंग से पहले टेक-ऑफ नहीं कर पाओगे।
ओवर!
[अंग्रेज़ी में] रुक जाओ, सेखों! सेखों, तुम सुन रहे हो?
सेखों!
अभी!
[अंग्रेज़ी में] बहुत अच्छे, साथियों।
एक और राउंड। उसके बाद हम वतन लौट सकते हैं।
ये क्या था, शमशीर?
लोग ऊपर देखते हैं तो उनको भगवान दिखता है और दुश्मन को सेखों।
शमशीर, स्पिलट!
खोजो वहीं पर।
इधर आकर बहुत बड़ी गलती कर दी तुमने।
तुम भूल गए कि इस देश में गुरु के बाज़ पहरा देते हैं।
अब तुम वापस नहीं जा पाओगे।
[अंग्रेज़ी में] शमशीर, मैं उससे पीछा छुड़ा नहीं पा रहा! ये मेरे पीछे ही पड़ गया है।
[अंग्रेज़ी में] पकड़ो उसे, अभी!
बोट की तरफ बढ़ो!
-[अंग्रेज़ी में] अंदर आओ, अंदर आओ। -[अंग्रेज़ी में] जल्दी करो!
[अंग्रेज़ी में] जल्दी, अंदर बैठो!
[अंग्रेज़ी में] जल्दी करो!
जनाब, हिंदुस्तानी जहाज छोड़कर भाग रहे हैं।
निहायती कमजोर था इनका कवच।
[अंग्रेज़ी में] ओखा के लिए कोर्स सेट करो, रियाज़।
जनाब।
[अंग्रेज़ी में] चलो, चलो, जल्दी!
जल्दी आओ!
चलो! जल्दी!
-सर… -[अंग्रेज़ी में] चलो, इसके पकड़ो।
जल्दी!
-सर, आप? -मिशन अधूरा है, सौरभ।
[अंग्रेज़ी में] तुम जाओ।
-लेकिन, सर… -ये मेरा ऑर्डर है।
टॉरपीडो
सर, टॉरपीडोज़!
[अंग्रेज़ी में] डैमेज रिपोर्ट क्या है, रियाज़?
बैलास्ट टैंक को नुकसान हुआ है, जनाब।
हमें फौरन ऊपर जाना होगा।
हमें हिंदुस्तानी पॉर्ट्स को तबाह करने के लिए भेजा गया है।
ऊपर चले गए तो ओखा कैसे पहुँचेंगे?
जनाब, इस हालत में हम ओखा नहीं पहुँच सकते हैं।
टैंक्स में पानी भर रहा है। ऊपर नहीं जाएँगे, तो हम डूब जाएँगे।
अहमद अशरफ
[पंजाबी में] इधर-उधर क्या देख रहा है, जाना, ऊपर देख।
टॉरपीडो फायर करो और ख़त्म करो इसको!
जी, सर!
[अंग्रेज़ी में] शमशीर, सुनो!
[अंग्रेज़ी में] वो पकड़ में आया, शमशीर?
[अंग्रेज़ी में] पश्तून, मुझे बैकअप चाहिए!
ये मेरे पीछे ही पड़ गया है।
ये दोनों कहाँ से आ गए?
राउंड्स
इससे पहले कि उनके और फाइटर्स आ जाएँ, हमें वापसी करनी चाहिए।
[अंग्रेज़ी में] वापस चलो।
रॉजर, पश्तून।
[कराहने की आवाज़]
[सेखों] डर गया क्या, वाइपर?
मौत तुम्हारे सामने है। डरना तो तुम्हें चाहिए।
मैं तो अपने वतन लौट रहा हूँ।
और तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
वापस जाकर बोलोगे क्या?
कि एक अकेले सरदार ने तुम्हारे चार प्लेन गिरा दिए,
और तुम फिर भी उसे मार नहीं पाए?
कि वो अकेला इतनी गोलियों के सामने डटा रहा,
और तुम सही-सलामत होकर भी पीठ दिखाकर भाग आए?
पक्का मेडल मिलेगा तुम्हें।
आज अगर मैं बच गया ना,
तो वाहेगुरु की कसम, तुम नहीं बच पाओगे।
♪ ॐ दुं दुर्गायै नमः ♪
[अंग्रेज़ी में] नीचे झुक जाओ!
[अंग्रेज़ी में] उतर जाओ!
माँ…
शक्ति!
शक्ति, माँ!
♪ जय हिन्द! ♪
♪ ॐ दुं दुर्गायै नमः ♪
♪ ॐ दुं दुर्गायै नमः ♪
♪ जय हिन्द! ♪
-♪ जय हिन्द! ♪ -♪ ॐ दुं दुर्गायै नमः ♪
-♪ जय हिन्द! ♪ -♪ ॐ दुं दुर्गायै नमः ♪
इन पानियों में हिंदुस्तान का बॉर्डर हैं हम!
♪ यूँ तुझे चाहा ♪
♪ कि कुछ ना चाहा तेरे बाद ♪
♪ मेरे खून की हर बूँद पर ♪
♪ माँ है तेरा एहसान ♪
♪ जय हिन्द, जय हिन्द जय हिन्द मेरे! ♪
♪ जय हिन्द, जय हिन्द जय हिन्द मेरे! ♪
चल, मोरनी,
आज तेरे मेरे इश़्क का इम्तिहान है।
राउंड दस
बाज़
[धड़कन की आवाज़]
♪ जय हिन्द! ♪
♪ जय हिन्द! ♪
बोले सो निहाल!
साला कहता था मुझे घर नहीं जाने देगा!
सत श्री अकाल!
♪ वो कहानी क्या जिसे ♪
♪ जाए ज़माना भूल ♪
♪ वो जवानी क्या है ♪
♪ जो उड़ जाए बन के धूल ♪
♪ वो जान क्या है जो वतन ♪
♪ पर ना हुई कुर्बान ♪
♪ जय हिन्द! ♪ जय हिन्द, जय हिन्द मेरे! ♪
♪ जय हिन्द! ♪ जय हिन्द, जय हिन्द मेरे! ♪
[सामाचार] पश्चिमी मोर्चे पर चल रही जंग में
भारतीय सेना ने दुश्मन को भारी नुकसान पहुँचाया है।
पाकिस्तानी आर्मी, एयर फोर्स,
और नेवी को कई जगह पर हार का सामना करना पड़ा है।
लेकिन इन हमलों में भारत के भी कुछ सैनिक शहीद हुए हैं।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार,
अब तक श्रीनगर में, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों,
अरब महासागर में, आईएनएस कवच के कमांडर महेंद्र सिंह रावत,
लेफ्टिनेंट अभिनव रंगा--
[रेडियो] लोंगेवाला की जंग में सेकंड लेफ्टिनेंट धर्मवीर सिंह,
असिस्टेंट कमांडेंट भैरव सिंह, रतन सिंह,
लांस नायक मथुरा दास वीरगति को प्राप्त हुए हैं।
[पार्श्व में भावुक संगीत]
[निर्मलजीत की आवाज़] जंग में सबसे पहले चक्कर तो मैं ही जीतूँगा।
और अगर ये वाली दौड़ तुम हार गए,
फिर तो तुम्हें सैल्यूट मारना पड़ेगा, भाई!
[फ़ोन पर एक आदमी] जहीर तुम 23 इन्फैंट्री के साथ मंडियाला से मनावर तवी को पार करके
जम्मू की तरफ कूच करोगे। ओवर।
सर।
उस इलाके में दुश्मन के मुतालिक जो हमारी स्काउट्स हैं, उनकी रिपोर्ट क्या है?
चक पीरां में सिक्खों की एक ही कंपनी है सर।
वहाँ से जम्मू तक पहुँचना ज़्यादा मुश्किल नहीं होगा।
गुड। मैं तुम्हारे कुछ टैंक्स को डाइवर्ट कर रहा हूँ। आउट!
[फ़ोन पर एक आदमी] खालिद, तुम्हारे टैंक्स की रिक्वेस्ट मान ली गई है। ओवर।
टैंक्स के लिए शुक्रिया, सर।
ऑपरेशन कब शुरू करना है?
जैसे ही हमारी फोर्सेज मनावर तवी को पार करेगी,
तो हिंदुस्तानी, जम्मू को बचाने के लिए अपने फोर्सेज को डाइवर्ट करेंगे।
और तभी तुम शकरगढ़ बल्ज से हिंदुस्तान में घुसकर
चिकन नेक को कैप्चर करोगे।
एक बार उनकी गर्दन हमारे हाथ में आ गई,
तो सिर काटने में वक़्त नहीं लगेगा, इंशाअल्लाह!
इंशाअल्लाह!
[फतेह] मैं अभी ब्रिगेड हेड से बात करूँगा।
सर!
सैंडबैग्स लग गए हैं।
और गाँव के एंट्री पर एंटी-टैंक माइन्स बिछा दी है।
अब उनके टैंक ब्रिज तक नहीं पहुँच पाएँगे।
गुड।
गेट के पास दो टीम रहेंगी।
एक लेफ्ट पर और एक राइट पर।
और दोनों को तुम कमांड करोगे।
और गली के आखिर में, मोर्चा मैं संभालूँगा।
याद रहे।
दुश्मन को पहले अंदर आने देंगे,
फिर उनकी खातिरदारी करेंगे।
यस, सर।
जेंटलमैन, ब्रिगेड से ऑर्डर आ गए हैं।
[अंग्रेज़ी में] हम धावा बोलने जा रहे हैं।
दुश्मन शकरगढ़ बल्ज से हमला करके,
जम्मू-कश्मीर को जाने वाली, हमारी सभी रोड्स और रेलवे लाइन्स को तबाह करना चाहता है।
इससे पहले कि वो कुछ करे, हम उन पर हमला करेंगे!
आज ठीक शाम 7 बजे…
अल्फा और ब्रावो कंपनी यहाँ से बॉर्डर क्रॉस करेंगी,
और बसंतर नाला पार करते हुए जरपल पोस्ट को कैप्चर करेगी।
सर!
दुश्मन खाईयों में छिपे बैठे हुए हैं।
उनके पास आर्मर रेजिमेंट का सपोर्ट भी है।
[अंग्रेज़ी में] ये जंग आसान नहीं होगी, जेंटलमैन!
[अंग्रेज़ी में] कोई बात नहीं, सर!
होशियार!
तुम चार्ली कंपनी के साथ पीछे से सपोर्ट में रहोगे।
हमारी सपोर्ट के लिए 17 पुणे--
-सर। -यस, होशियार?
मुझे पता है कि प्लान बन चुका है,
फिर भी मैं कहना चाहता हूँ।
कि जरपाल पर हमला करने का जिम्मा मेरी कंपनी को दिया जाए।
बस एक मौका दीजिए, सर।
मैं वादा करता हूँ…
कि सुबह तक जरपाल पर तिरंगा लहराता हुआ दिखेगा।
जवानों, मेरा बापू कहता था…
कि दुनिया का कोई भी फौजी जब जंग में जाता है,
तो अपनी बंदूक में गोली और जेब में बारूद रखता है।
लेकिन हिंदुस्तान का फौजी जब जंग में जाता है,
तो अपने सिर पर कफ़न और दिल में तिरंगा रखता है।
तुम भी रख लो।
क्योंकि आज जो हम करने जा रहे हैं, उसमें दोनों की ज़रूरत पड़ेगी।
आज हम पाकिस्तान में घुसेंगे,
और उनकी धरती पर तिरंगा लहराएँगे!
दुश्मन ने हमारे हज़ारों भाईयों को मारा है।
हमारे शेर जैसे भाईयों को।
अब हम मारेंगे।
हमारे गाँव में एक कहावत है।
हम पूजा भले ही राम की करें,
लेकिन तेवर परशुराम के रखते हैं।
आज वो तेवर दिखाने का वक़्त आ गया है।
आज हम उनकी छाती पर पैर रख के तांडव करेंगे!
अब हम सिर्फ़ बॉर्डर पार नहीं करेंगे!
हम बॉर्डर ही बदल देंगे!
सर्वदा शक्तिशाली!
सर्वदा शक्तिशाली!
सर्वदा शक्तिशाली!
सर्वदा शक्तिशाली!
सर्वदा शक्तिशाली!
सर्वदा शक्तिशाली!
भारत पाक
जनाब, हिंदुस्तानी फौजी बॉर्डर पार करके हमारी तरफ बढ़ रहे हैं।
उनकी तादाद कितनी है?
हमारे जो स्काउट्स हैं, उनके मुताबिक एक कंपनी है, जनाब।
सौ-डेढ़ सौ फौजियों के साथ, जरपाल पर कब्ज़ा करेंगे ये लोग?
तुम रेडी हो ना, अकरम?
बिल्कुल, जनाब।
हमारी खाईयों के आगे जो मैदान है, उसे पार नहीं कर पाएँगे ये लोग।
और अगर कर भी लिया तो रिजर्व में, मैं हूँ।
गुड!
आज तो यहीं इनका श्मशान बनाएँगे।
आउट!
सौ-डेढ़ सौ बकरे!
[होशियार अंग्रेज़ी में] हंटर से विक्टर। विक्टर, जवाब दो।
[एक फौजी] हंटर से विक्टर बोल रहा हूँ, बोलिए।
हम बच्चे के पास पहुँच गए हैं। आर्टी को बोलो लोरी सुनाए।
[एक फौजी] कॉपी। ठीक 15 मिनट की लोरी सुनाएँगे।
आउट!
[धमाके की आवाज़]
-ये क्या आवाज़ है? -ये आवाज़ कैसी?
पता नहीं।
ओ झुक जाओ नीचे!
नीचे हो जा!
नीचे रहो!
साहब जी!
साहब जी, दुश्मन आ रहे हैं, साहब जी!
-ओ कितने हैं? -बहुत सारे हैं, गुरजीत!
टैंक, आरसीएल, मोर्टार! सबको लेकर आ रहे हैं वो!
साहब जी!
साहब जी!
साहब जी!
दुश्मन आ गए, साहब जी।
साठ सेकंड में लोरी बंद हो जाएगी।
बेयोनेट।
[श्लोक पढ़ता है]
कि तुम दुश्मन को मारने का माध्यम बनो और युद्ध करो।
निश्चित तौर पर जीत तुम्हारी होगी।
युद्ध करो।
युद्ध करो।
युद्ध करो।
युद्ध करो!
जवानों!
फौजी के लिए बॉर्डर सिर्फ़ नक्शे पर खींची हुई एक लकीर नहीं है।
बल्कि एक वादा है, अपने देश से।
कि जहाँ वो खड़ा है,
उसके आगे कोई नहीं जाएगा।
ना ही कोई दुश्मन।
ना उसकी गोली।
और ना ही उसका इरादा!
और आज कुछ भी हो जाए,
हम ये वादा टूटने नहीं देंगे!
मैं जानता हूँ कि हम सिर्फ़ सौ हैं,
और दुश्मन हमसे कहीं ज़्यादा।
और उनके पास टैंक्स हैं।
जिनका 25 किलो का शेल जब फटता है,
तो पाँच मील तक धरती काँपती है।
दुनिया का कोई भी ऑफिसर यही कहेगा
कि हम ये जंग हारेंगे।
लेकिन मैं कहता हूँ कि हम ये जंग जीतेंगे।
क्योंकि जंग हथियारों से नहीं!
जुर्रत से जीती जाती है!
चमकौर में जब गुरुजी के 40 सिक्खों ने
दस लाख मुगलों को देखा था…
तो उन्होंने हँसकर कहा था, "बस इतने?"
वो वाली जुर्रत!
भगत सिंह ने जब हँसकर फांसी के फंदे को चूमा था
वो जुर्रत!
शिवाजी महाराज ने जब दुश्मन के खेमे में घुसकर, अपने हाथों से
अफ़ज़ल खान की छाती फाड़ दी थी,
वो वाली जुर्रत!
मैं तुम सब में वही हिम्मत, वही जुर्रत देखना चाहता हूँ!
-है वो जुर्रत? -है साहब जी!
-है वो जुर्रत? -है साहब जी!
-है वो जुर्रत? -है साहब जी!
-बोले सो निहाल! -सत श्री अकाल!
-बोले सो निहाल! -सत श्री अकाल!
आगे बढ़ते चलो!
आगे बढ़ो!
आगे बढ़ो!
चलो, रुकना मत!
फायर!
नीचे हो!
उठो आगे बढ़ो!
मोर्टार के बम उठा, बेनी!
चल निकल!
आगे बढ़ते रहो!
निशान और संतराम, इधर आओ!
ये एमएमजी को रोकना पड़ेगा!
ग्रेनेडल फेंको!
बक्से यहाँ रख दो। बम लगा।
बचके!
ये रुक क्यों गए, गुरनाम?
टैंक भी नहीं आई?
[पाकिस्तानी सेना] आगे, आगे बढ़ो, आगे!
जल्दी लोड कर!
खाईयों तक पहुँचना है तो एमएमजी उड़ाने पड़ेंगे।
साहब, ऑर्डर दो।
बंकर पर चढ़ करके चुप करा दूँगा!
अरे, बावला है क्या, निशान?
अभी-अभी बाप बना है तू!
साहब, आप मुझे ऑर्डर दो!
-साहब! -ओए चुप!
बंकर पर मैं चार्ज करूँगा!
निशान, तुम ओमकार को बोलो कि ऊपर वाले फोर्स पर मोटर फायर करे।
-लेकिन साहब… -[अंग्रेज़ी में] ये मेरा ऑर्डर है!
-और संतराम। -साहब।
तुम मुझे कवर दोगे।
-चलो! -ए तेरी तो!
ध्यान से!
बलराम।
वो पोस्ट! साहब ने कहा है!
चल! चल!
आगे फायर कर! जल्दी!
पकड़ो उसे!
ओए, रुक!
[अंग्रेज़ी में] फायरिंग करते रहो!
आजा।
मार! चल, चल!
ओए, घुस ओए…
[धरती के कंपन की आवाज]
संपूर्ण!
टैंक्स इस तरफ से आ रहे हैं!
पोजीशन चेंज करो!
जी, साहब जी!
चल! चल! चल!
चल! चल! चल!
फायर!
लोड! डाल दे!
टैंक्स के अंदर जाओ!
चलो।
सर जी! सर जी!
लेफ्ट, 45।
[अंग्रेज़ी में] रुको! लोड करो!
-जल्दी! -फायर!
संपूर्ण!
राम सिंह!
राम सिंह!
राम सिंह!
राम सिंह!
साहब जी… इस उम्मीद को बुझने नहीं देना है, साहब जी।
ये रहेगी, तो हम सब एक दिन अपने घर…
राम सिंह…
नीचे हो!
[एक सिपाही] मुझे कवर करो!
आगे बढ़ो!
[दूसरा सिपाही] ओके।
[अंग्रेज़ी में] चलो, चलो!
चलो, आगे बढ़ो!
-चलो! -बढ़ो!
इसके ऊपर से मत जाना।
राइट लो! राइट!
छुपो।
[अंग्रेज़ी में] उसके पीछे जाओ! उसके पीछे जाओ!
मैंने कहा था ना…
तुम्हें भी वैसे ही हलाल करेंगे
जैसे तुम्हारे बेटे को किया था।
बंदूक!
लोड!
नहीं…
बख्श दे, फतेह सिंह। बख्श दे।
बख्श दे।
बख्श दे, फतेह सिंह। बख्श दे!
[अंग्रेज़ी में] मैं सरेंडर करता हूँ! मैं सरेंडर करता हूँ!
बख्श दे!
तुझे वाहेगुरु का वास्ता!
नहीं!
कैप्टन अंगद सिंह कलेर
[पार्श्व में भावुक संगीत]
नहीं!
सिख
मेरे बेटे ने बचा लिया तुझे।
[पार्श्व में भावुक संगीत]
सर!
ये कह रहा है कि इनके पास और भी टैंक्स थे,
जो इन्होंने यहाँ आने से पहले शकरगढ़ भेज दिए थे।
फौरन कमांड को इन्फॉर्म करो।
[हिंदुस्तानी सिपाही] वायरलेस तो ब्लास्ट में टूट गया है सर।
तो डिस्पैच राइडर भेजो।
[पाकिस्तानी सिपाही] सर, अब मरना नहीं चाहता मैं।
मुझे मत मारिए जनाब।
घबराओ मत, हम तुम्हें कुछ नहीं करेंगे।
तुम भी अपने वतन के एक सिपाही हो।
हमें ये बताओ, तुम्हारा प्लान क्या है।
प्लान का तो पता नहीं जनाब।
अफसर कह रहे थे कि…
हिंदुस्तानी डरपोक कौम है।
हम दस-पंद्रह हज़ार मार देंगे तो
बाकी तो हमारे तलवे चाटने को भी तैयार हो जाएँगे।
-चल, चल, वक़्त बर्बाद नहीं होना चाहिए। -चलो जवानों।
एक के बाद एक करते जाओ।
अरे बलम, पहले ही तेरा ब्याह ना हो रहा था।
अगर लंगड़ा हो जाएगा, तो बिल्कुल ही उम्मीद नहीं है।
आराम से!
जंग अभी खत्म नहीं हुई जवानों!
दुश्मन इस पोस्ट को इतनी आसानी से नहीं छोड़ेगा।
वो पक्का वापस हमला करेगा!
उनके आने से पहले हमें…
होशियार साहब!
होशियार साहब!
होशियार साहब!
होशियार साहब।
सर आप ठीक हैं?
होशियार साहब!
ओए, नीचे हो, नीचे हो!
-ओ झुक जा ओए! -नीचे हो जा, बेनी!
ओए! ओए नहीं ओए!
ओए, बेनी! कुछ नहीं होगा तुझे!
ओए, कुछ बोल ना यार।
अरे बोल ना, चिरमट्टे, नहीं तो मार दूँगा!
होशियार साहब!
मुझे छोड़ो। मोर्चे संभालो।
कुछ भी हो जाए, पीछे नहीं हटना।
पीछे नहीं हटना।
-साहब! -जी, साहब।
[पार्श्व में भावुक संगीत]
♪ जय है ♪
♪ जय है ♪
♪ जय है ♪
♪ जय है ♪
अफ़ज़ल, चल।
[पार्श्व में भावुक संगीत]
[बंदूक की आवाज़]
निशान!
निशान, ग्रेनेड!
संतराम! संतराम! संतराम!
संत…
मुझे लग रहा था कि इस दफा मुझे किसी हिंदुस्तानी को मारने का मौका नहीं मिलेगा।
लेकिन ऊपरवाले ने मेरी सुन ली। बहुत मेहरबान है वो।
तुम्हें भेज दिया, मेरे हाथों मरने।
[हरियाणवी में] अरे बेवकूफ़!
मेरे देश में एक कहावत है।
"तुम एक मारोगे, तो हज़ार आएँगे।
तुम हज़ार मारोगे,
तो पूरा हिंदुस्तान आएगा।"
कोई नहीं आएगा।
तुम सब बुजदिल हो।
इतने बुजदिल हो कि अगर दस-पंद्रह हज़ार हिंदुस्तानियों को मार दिया ना,
तो पूरा हिंदुस्तान हमारा तलवे चाटने--
♪ हिंदुस्तान! हिंदुस्तान! ♪
♪ हिंदुस्तान! हिंदुस्तान! ♪
-ए तेरी तो मैं! -♪ मेरी आन, मेरी शान ♪
♪ मेरी जान, हिंदुस्तान ♪
♪ हिंदुस्तान! हिंदुस्तान! ♪
♪ हिंदुस्तान! हिंदुस्तान! ♪
♪ मेरी आन, मेरी शान ♪
♪ मेरी जान, हिंदुस्तान ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द, जय हिन्द मेरे! ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द, जय हिन्द मेरे! ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द, जय हिन्द मेरे! ♪
♪ जय हिन्द! जय हिन्द, जय हिन्द मेरे! ♪
साहब।
सर।
नहीं, होशियार।
जीत तुम्हारी है।
तुम्हारे जवानों की है।
इसलिए, तिरंगा लहराने का हक भी
तुम्हारा है।
♪ क्या मनमौजी बेफ़िक्रे थे ♪
♪ क्या मनमौजी बेफ़िक्रे थे ♪
♪ मौत पे अपनी हँसते थे ♪
♪ दिल में वतन को रखने वाले ♪
♪ सिर पे कफ़न भी रखते थे ♪
♪ हम जो तिरंगा लहराएँगे ♪
♪ हिचकी बनके याद आएँगे ♪
♪ वो मिट्टी के बेटे, जो वापस ना लौटे ♪
♪ जो वापस ना लौटे वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ वो बाँके-अलबेले, जो वापस ना लौटे ♪
♪ जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ इस मिट्टी के बेटे ♪
♪ वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ इस मिट्टी के बेटे ♪
नाम: एनजेएस सेखों रैंक: फ्लाइंग ऑफिसर
♪ जिसके लिए सरदार हमारा झूल गया था फंदे पर ♪
♪ धूल नहीं लगने दी हमने उस बेदाग तिरंगे पर ♪
♪ उस बेदाग तिरंगे पर ♪
♪ उस बेदाग तिरंगे पर ♪
♪ तेरा दर्द तू जाने बाबा ♪
♪ तेरा दर्द तू जाने बाबा ♪
♪ मैं तो खुशी से पागल हूँ ♪
♪ जिसकी गोदी में खेला, मैं चला उसी के कंधे पर ♪
♪ लाडले जब सरहद जाएँगे ♪
♪ हिचकी बनके याद आएँगे ♪
वीर जी।
वीर जी।
आज मुझे आपसे कुछ माँगना है, वीर जी।
कृप्या करके मेरे वीरे को वापस ले आओ ना, वीर जी।
आपकी ये बाहन आपसे दोबारा कभी कुछ भी नहीं माँगेगी, वीर जी!
बस मेरे वीरे को वापस ले आओ।
-♪ वो मिट्टी के बेटे…♪ -बस मेरे वीरे को वापस ले आओ।
♪ जो वापस ना लौटे ♪
-बस मेरे वीरे को वापस ले आओ। -♪ जो वापस ना लौटे ♪
♪ वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ वो बाँके-अलबेले, जो वापस ना लौटे ♪
♪ जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ इस मिट्टी के बेटे ♪
♪ कुछ दर्द कभी सोते ही नहीं ♪
♪ वनवास खत्म होते ही नहीं ♪
♪ चौखट पे दिये जलते ही रहे ♪
♪ कुछ राम कभी लौटे ही नहीं ♪
♪ कुछ राम कभी लौटे ही नहीं ♪
♪ कुछ राम कभी लौटे ही नहीं ♪
♪ कुछ राम कभी लौटे ही नहीं ♪
सिमी।
गुरुद्वारा चलोगी?
♪ मेरा नाम का प्याला भर के ♪
♪ मेरा नाम का प्याला भर के ♪
♪ बरसातों में पी लेना ♪
♪ बाबा मैं तो रहा नहीं ♪
♪ तू मेरी जवानी जी लेना ♪
♪ सिर जो दुआ में झुक जाएँगे ♪
♪ हिचकी बन के याद आएँगे ♪
♪ वो मिट्टी के बेटे, जो वापस ना लौटे ♪
♪ जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ वो बाँके-अलबेले, जो वापस ना लौटे ♪
♪ जो वापस ना लौटे, वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ इस मिट्टी के बेटे ♪
♪ वो मिट्टी के बेटे ♪
♪ इस मिट्टी के बेटे ♪
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