Afrikaans
Akan
Albanian
Amharic
Arabic
Armenian
Azerbaijani
Basque
Belarusian
Bemba
Bihari
Bosnian
Breton
Bulgarian
Cambodian
Catalan
Cebuano
Cherokee
Chichewa
Chinese (Simplified)
Chinese (Traditional)
Corsican
Croatian
Czech
Danish
Dutch
English
Esperanto
Estonian
Ewe
Faroese
Filipino
Finnish
French
Frisian
Ga
Galician
Georgian
German
Greek
Guarani
Gujarati
Haitian Creole
Hausa
Hawaiian
Hebrew
Hindi
Hmong
Hungarian
Icelandic
Igbo
Indonesian
Interlingua
Irish
Italian
Japanese
Javanese
Kannada
Kazakh
Kinyarwanda
Kirundi
Kongo
Korean
Krio (Sierra Leone)
Kurdish
Kurdish (Soranî)
Kyrgyz
Laothian
Latin
Latvian
Lingala
Lithuanian
Lozi
Luganda
Luo
Luxembourgish
Macedonian
Malagasy
Malay
Malayalam
Maltese
Maori
Marathi
Mauritian Creole
Moldavian
Mongolian
Myanmar (Burmese)
Montenegrin
Nepali
Nigerian Pidgin
Northern Sotho
Norwegian
Norwegian (Nynorsk)
Occitan
Oriya
Oromo
Pashto
Persian
Polish
Portuguese (Brazil)
Portuguese (Portugal)
Punjabi
Quechua
Romanian
Romansh
Runyakitara
Russian
Samoan
Scots Gaelic
Serbian
Serbo-Croatian
Sesotho
Setswana
Seychellois Creole
Shona
Sindhi
Slovak
Slovenian
Somali
Spanish
Spanish (Latin American)
Sundanese
Swahili
Swedish
Tajik
Tatar
Telugu
Thai
Tigrinya
Tonga
Tshiluba
Tumbuka
Turkish
Turkmen
Twi
Uighur
Ukrainian
Urdu
Uzbek
Vietnamese
Welsh
Wolof
Xhosa
Yiddish
Yoruba
Zulu
अरे वा ये तो बहुत खुबसूरा थे दीदी तुम बता तुम्हें क्या पसंद है मुझे तो किताबे
पढ़ना पसंद है जेट जी के रूम में ना धेर सारी किताबे पढ़ी हुई है उन्हें भी किताबे
पढ़ना बहुत पसंद है जानवी जेट जी दीदी वो किर्तन
में �
साइस का कोई असर होता है क्या साइस से कुछ ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता है अच्छा और याद
तुम्हारे दिमाग में साइस की बात कहां से आ गई कुछ नहीं दीदी वो बस ऐसे ही
नमस्ते
भीया जीते रो जीते रो कहां जा रहे हो आफिस जा रहा हूँ अरे मैंने त
इसलिए जा रहो हाँ ठीक है मैं अकेला ही जा जाओंगा अरे कविता है न उसको
बोल देता हूँ मैं उसे क्या ज़रूरत है परिशान करने की इसमें परिशानी क्या भाई
कविता कविता जी कविता
तुम भाई साब के साथ पंचाय जाओ ठीक है भाई साब मैं जा रहो हा
चल. आ ठीक है. अरे रुकिये, बारिश हो रही है, मैं छाता लेकर आती हूँ.
ये लीजे.
अच्छा तो कब चलना है जेट जी?
बस ये बारिश जैते खतम होगी न, तब ही हम निकल चलेंगे.
ठीक है.
ठीक है.
कौन सा काम है जेट जी जिसमें मैं आपकी मदद कर सकती हूँ अरे आज बस क्राम पंचायत में
एक मेटिंग है वहाँ तुम्हें साथ चलना है वहाँ इस साल में जितनी लड़कियों की शादीय
ये ना उन सभी को बुलाया हूँ क्यों अरे जमानी के जोश में ये बच्चे
सच कहा जेट जी आपने हाँ वैसे तुमने मेरी
कविता पढ़ी जी सारी पढ़ी कैसी किताबे पढ़ना पसंद है तुम्हें बस किताबे
होनी चाहिए पढ़के मज़ा आना चाहिए बस मैंने किताब लिखी है
मैं बता रहा हूँ तुम्हें तुम्हारे
इंट
पती लोग अपने आपको खुश करने के लिए सौ जगह मू मारते हैं अगर हम औरते एक जगह मू मार
भी लिये तो कौन सा पहार तुझ जाएगा खुश रहना है अगर जिन्दगी में तो सबसे पहले खुश
खुश रहना थी फिर भूँ तो
हाँ शर्मा जी, अरे नहीं यार, इतना बज़ेट नहीं है हमारा, कोई और देख लो फिर
तब तो, क्या हुआ? अच्छा, ऐसा कर दे कि मैं पैसे ट्रांसर कर देता हूँ, ठीक है, हाँ,
क्या हुआ?
कुछ नहीं गई, रूकर का कॉल था, वो जो फ्लैट पसंद आया था,
उस
यार फिर शुरू हो गई दूसरा फ्लाट देखने को कहा तो है पता नहीं वो कब देखेगा कब तुम
बुकिंग करोगे और कब हम वहाँ रहने जाएंगे फिर रूना शुरू हो गया तो मत रूलाओ ना मुझे
एक ही इच्छा है मेरी दिली जाके रहने की वो भी पूरी नही
बत तोच रहा हूँ कि हमारा बच्चा कब होगा बच्चा वो भी इतनी जल्दी हमारी शादी को अभी
तीन महीने भी नहीं हुए है तो क्या तीन साल तक बेट करे मैं ये नहीं कह
रही हूँ तुम भाईया भावी को देखो उनकी शादी को चार साल हो गए है तो क्या उनकी
जि
अगर हमारा बच्चा हो जाएगा तो हमारी भी जिन्दगी में खुशी आ जाएगी हमारा परिवार
हो जाएगा तो हमारा परिवार अभी कौन सा अधूरा है हमने कह दिया ना बच्चा हमें
लेकिन हमें नहीं चाहिए खुद पैदा कर लो
कविता है तो
बहुत
और एक बार देख जाये तो मन को शांति मिले
कैसी आवास थी यह?
अरे कुछ नहीं बाहर वो मैं पानी पीने गई थी तो दर्वाजा बंद किया
ठीक है
जब भी ना उसके करीब जाता हूँ, मेरी धड़का नहीं, खुद पा खुद बढ़ते लगती हैं।
जिस तरह बारिश की बरस्ती बूंदों से सारे पेड़ पौधे हरे भरे हो जाते हैं
ठीक वैसे ही तुम्हें देखकर मुझे सुखून मिल जाता है
अच्छी
बार्गेनिंग तुने की आज
मोल भाव बहुत अच्छा कर लेती हो तो देख कविता एक महिने हो गए लेकिन तू
अपनी प्रॉबलम अभी तक सॉल्प नहीं कर पा रही है तेरा पती कोई आस्मान से टपका हुआ नहीं
है सारे मर्दों को सेक्स की भूख होती है अरे नहीं दीदी वो ऐसे नहीं है
तो
फिर
उनके सामने romantic stories पढ़ो मूट तो बनी जाएगा न उनका भी मूट बनाने से बनता है
ऐसे थोड़ी बनता है अब उसे
समझ में आने लगा था जो रात को चोरी चोरी उसे देख रहा था उसकी पती के सामने आके
उसे चू रहा था वो कोई और नहीं जेट जी ही थे लेकिन अब उसे कैसी शरम
उसे अब अपने जिसम को खुश करना था उसे समाज रिस्तो और नातो की अब कोई परवा नहीं रह
गई थी लेकिन उसे अपने पती को भी एक बार और रिजाने का मन कर रहा था
आज ओफिस ताही जाना है क्या नहीं
आज घर से ही का
नहीं अच्छा सुनो ना हम तुम्हें एक चीज देंगे तुम उसको पढ़ोगे
क्या है तुम
ये क्या है पढ़ो ना
कोमल को सुहाग रात के दिन ही पता चल जाता है कि उसके पती को प्यार करने में कोई
रूची नहीं है वो सोच में पड़ जाती है कि अपने पूरी जवानी ऐसे पती के साथ कैसे
निकाले जिसे प्यार करने में कोई रूची नहीं है तब वो ठान लेती है कि वो ऐसा कुछ करे�
पकड़ो ये
मुझे good news कब सुना रहे हो?
good news पती कहां देते है?
मैं आज बिल्कुल मज़ाग के मूड में नहीं हूँ मैं भी मज़ाग के मूड में नहीं हूँ तोच
रही है कि मैं मज़ाग के मूड में हूँ ये बता मेरे नए फ्लाट का क्या हुआ?
old is gold यहाँ पे क्या बुराई है?
मैंने आया तो था प्रोकर का कॉल तो क्या कहा उन्होंने जानवी मैंने उस प्रोकर को
कि हमारा बजट देड़ करोड का नहीं है असी नबे लाग में कोई अच्छा सगर दिखा
तो क्या कहा उसने तो क्या वन बीज के नहीं उसके पास
तो असी नबे लाग में सिर्फ वन बीज के
इसमें सोचने वाली क्या बात है? तो मैंने भी कहा सोचा, जड़ से करी लिया.
तुम उसे मज़ाग कर नहीं कर रहे हो?
मज़ाग का?
मैं तो बस तुमारा थोड़ा सा गुर्सा दिखना चाहता हूँ, क्योंकि गुसे
में तुम एकदम ही कातिलाना लगती हो.
वरुन, आज मैं बहुत खुश हूँ.
मैं कभी इस गौव में नहीं रहना चाहती थी. इस गौव में मेरा मन नहीं लगता.
जानता हूँ मेरी जान, तो आप कुछ मीटा हो जाए.
ठीक है, मैं तुम्हारे लिए खीर लेकर आती हूँ. अरे रुको, खीर से क्या होगा?
उससे भ लड्डू ले क्या हूँ
नहीं लड्डू से लड्डू से भी जाधा कुछ
मीठा
शक्कर
भी नहीं उससे भी जाधा मीठा
लड्डू से जाधा मीठा क्या होता है तुम
तुम इस दुनिया की सबसे ज़्यादा मीठी
हो।
मुझे खाना चाहते हो।
आज तुमने मुझे सर्प्राइस किया ना, अब मैं भी तुम्हें सर्प्राइस करूँगी।
जब पती से सुख ना मिले तो कहीं और जाने में कोई बुराई नहीं है। नेहा इसी सोच में
कि वो रमेज के साथ सोए या नहीं। वैसे तो रिष्टे में वो उसके पती का बड़ा भाई
था। लेकिन ऐसा कुछ लग रहा था। अरे ये तो बिलकुल
मेरे कहानी जैसी है
उसका पती भी उसे वो सुख नहीं दे पा रहा है जो शेखर मुझे नहीं दे पा रहा है
इसका मतलब हम किसी गैर मर्द के साथ भी अपना सुख बाड़ सकते हैं
खेर आगे देखते हैं क्या होता है निहा के साथ
खुश देखना चाहते हैं ऐसे ऐसे गंदे बुक्स पढ़कर हम ऐसे अगर गंदे बुक्स पढ़ेंगे क्या
संस्कार देंगे बच्चों को बात वो नहीं है आप समझ नहीं रहे हैं मैं नहीं समझ रहा हूँ
अच्छा इंसान बनने के लिए बहुत कोशिश करनी पड़ती है
आप अभी तक नाराज हैं?
नहीं.
देखिए, हम तो बस आपको खुश देखना चाहते हैं. ऐसे? ऐसे गंदे बुक्स पढ़कर?
हम ऐसे अगर गंदे बुक्स पढ़ेंगे, क्या संस्कार देंगे बच्चों को? बात वो नहीं है,
समझ नहीं रहे हैं.
मैं नहीं समझ रहा
इच्छाएं कम करनी पड़ती हैं और बुरा बनने के लिए कुछ भी करो आप समझ नहीं रहे हैं
वो नहीं है तुम ऐसा कुछ करो ही मत जो मुझे समझाने की जुरवत पड़े
क्या
हुआ कविता सुबह सुबह तेरा मूँ क्यों उतरा हुआ है कल हमने उन्हें एक
रोमां
यह और बिगड़ गया क्यों अरे गुस्सा हो गए और कहने लगे यह
गंदी कहानिया क्यों पढ़ती हो कहते हैं हम संसकारी लोग हैं संसकारी देख तुझे
न उसमें कुछ आग जलानी पड़ेगी अरे कैसे जलाओ आग थंडा पड़ा है पूरा
बताना तो नहीं चाहती थी �
मेरे पती बहुत रोमांटिक थे किसी ने सुना तो नहीं ना चला
तुझे बताती हूँ ये बात उन दिनों की है जब गर्मियों की छूटियां चल रही थे घड़ पर कोई
नहीं था मैं और वो अकेले थे और फिर
अरे दीदी बताओ ना कितना शर्माओगी अच्छा ठीक है स�
सिर्फ ये करने आता है या कुछ और भी करने आता है कुछ और भी दिखा
बस इतना ही कर पाओगे
कर दो कर दो
कर
दो
वाओ दीदी आप तो बहुत लक्की हो वो तो हम है
काश ऐसा ही रोमांस हमारा पती भी हमारे साथ करता अच्छा कवित
एक बात बता तुझे कौन सी सबजी पसंद है क्यों दीदी अरे बता तो सही आलू की सबजी
फेवरेट है मेरी अच्छे एक बात बता अगर मैं तुझे रोज आलू की सबजी खिलाओं तो
रोज आलू की सबजी बोर हो जाओंगी बस तो ऐसे इंसान बोर हो
जाता है रोज एक तरह की चीजे खाके रोज एक तरह की चीजे करके तो करना क्या पड़ता है
तरीके
ढू
कभी हार नहीं माननी चाहिए और फिर से ट्राइ करना चाहिए समझी कुछ अच्छा
चलो मुझे काम है मैं चलती हूँ ठीक है
अरे कवीता इतनी रात हो गई तुम सोई नहीं अभी तक नहीं दीदी वो नीन नहीं आ रही
थी क्या हुआ कुछ बात हुई क्या नहीं नहीं कोई बात नहीं शेखर ने
कुछ कहा नहीं नहीं दीदी ऐसी कोई बात नहीं है मैं बात करो उससे
नहीं दीदी उनकी तो आदत है
थ तो तू इतनी रात में भी यहाँ क्या कर रही है?
मैं तो वो जेट जी का इंतजार कर रही हूँ, वो अभी तक आये नहीं है ना.
तो एक काम कर, तू जाके सोजा, मैं हूँ ना, मैं देख लूँगी.
अरे नहीं दीदी, आप किचन में भी सारा काम अकेले ही करती हैं, आप
जा
हैपी होली हैपी होली हैपी होली हैपी होली
अरे जेट जी हैपी होली हैपी होली हैपी होली जेट जी होली मुबारक
हैपी होली आपको भी तो बड़ी बहू खाने में आज क्या बनाया है
आपका फेवरेट मालपूआ होली हो और उसके साथ माल पूहा भी हो। फिर तो क्या मज़ा है।
अब एक काम करो। मैं जा रहा हूँ अपने कमरे में। पर माल पूहा भिजवाना
ना भूलना। ठीक है। जल्दी से भिजवा देना। जरूर। चलो।
जेट
जी, ये माल पूहा। माल पूहे का इंतजार कर रहा थ खा लिजेगा, अब मैं
चलती हूँ. अरे बिल्कुल खा लेंगे, कहां चली?
अभी हमने कहां होली खेली है तुम्हारे साथ, बस थोड़ा रंग लगा ले.
बस थोड़ा तुम्हें भी अच्छा लगेगा.
भावी खाना आज बहुत टेस्टी बना हुआ था थेंक यू चलिए मैं चलता हूँ अरे सुनो
कविता खाना तो लेके गई पानी ले जाना भूल गई तुम भाई साब को दे दोगे क्या पानी ठीक
है ठीक है ठीक है भावी ये लो
हाँ शर्मा जी हाँ हाँ आपका फाइल भेजता हूँ मैं
अरे होली है होली मनाई अपने परिवार के साथ आपको कर दूँगा मैं सब कुछ मेल हाँ हाँ
ठीक है चले ठीक है रपी होली बाइ बाइ
भाई साथ, पानी. रख दे बेटा.
बहु, अब हमारे सोने का टाइम हो गया है.
अब हम सोते हैं, शाम को बात करेंगे.
मेरे प्यारे पती देव, इने क्या पता कि पती का सुख तो मुझे कही और से भी मिल जाएगा।
लेकिन घर, घर के लिए तो इन्हें ही खुश करना पड़ेगा ना
जी
अग।
अजय को अजय को
कर दो कर दो
कर
दो
अगर आपको अगर आपको अगर
वैसे ही रुमांस मैं कर पाती अपने पती के साथ कितने खुश हैं दोनों
क्या
बात है ये बलाउस खुदी खुल गया या मेरे लिए खोल के रखा है आपके लिए ही खोला है आप
जैसे वो स्टोरियों में लिखते हैं न वैसे ही कीजे न ठीक है आज मैं
तुम्हें बिलकुल �
जैसे मैं कहानियों में लिखता हूँ
विशे आज खाना बहुत अच्छा बना था बस थोड़ी नीम सी आ रही है
अरे ऐसे कैसे
इतनी जल्दी सो जाओगे तो क्या करना है अभी कुछ नया करते हैं
ना नया क्या नया अरे वही जैसे भाईया भावी करते हैं
क्या क्या क्या क्या करते हैं भाईया भावी बहुत कुछ
सर से हाथ ले जाकर तुम्हारे गले तक और फिर
तुम्हारे होटो तक अपने होटो को लाते हैं ये गरम साथ है
कुछ फील हो रहा है तुम्हें नहीं कुछ नहीं
तुम सोच भी नहीं सकते कि तुम्हारे भाईया भावी क्या क्या करते हैं क्या करते हैं वो
सुनो तो सही हम बता रहे हैं ना तो चुक्चाब सुनो वो
करते हैं सबसे पहले यहां
से शुरू होते हैं
चीची, तुम क्या बोल रही है सब? नाम लो भगवान कोर सो जाओ.
अच्छा एक बात बताओ हाँ बोलो तुम कब तक आ रहे हो अरे हम वो आ नहीं पाएंगे क्या
लेकिन क्यों अरे यहाँ दफ़तर में बहुत काम है
अच्छा
ठीक है हम अकेले ही सो जाते हैं
लेकिन एक बात तो बताओ सुबह कब तक आओगे अरे हमें आते आते बारा बच जा
बारा बजे?
चलो ठीक है, हम दुपहर का खाना रेडी रखेंगे, जल्दी आजाना।
अब सब
पुछ साफ साफ था,
उसे का ससुर उसे प्यार करने लगा था, रोज उसके बदन को खुश करने लगा था,
उसे भी ये अच्छा लग रहा था। वो अपनी जवानी को उसके उपर लुटा रही थी। उसका ससुर
रात को उसके कमरे में आके उसके साड़ी को उठाने लगता है। उसके जांगों को चूने लगता
है। उसे पागलों की तरह चूने लगता है। अब उसके अर्मानों पर भी उसका कोई काबू नहीं
होता
है।
उसके तन बदन में आग लग रही है उसकी पूरी बाड़ी पसीने से भीग चुकी है
उसका ससुर उसे बाहों में उठा कर अपने गुपतांगो को उसके
अंदर प्रवेश करने लगता है उसके अंदर एक मीठा सा दर्ध होता है वो
बेचैन सी हो जाती है उसके हर चुवन से
न
उसे प्यार कर रहा है, उसके होटों को चूम रहा है, उसके
स्तनों को दबा रहा है, नेहा पागल हो रही है, कमरे में उसकी सिस्कियां गूंज रही है,
वो खुद को रोक नहीं पा रही है, कोई भी उसकी आवाज सुन सकता था, लेकिन अब उसे
कोई भी होश नहीं है, वो बस
क्या बात है ये बलाउस खुदी खुल गया या मेरे लिए खोल के रखा है आपके लिए ही खोला
आप जैसे वो स्टोरियों में लिखते हैं न वैसे ही कीजिये न
ठीक है आज मैं तुम्हें बिलकुल वैसे ही प्यार करूँगा जैसे मैं
कहानियों में लिखता हूँ वो
नश
और धीरे धीरे उसकी मुलायम गर्दन पे उग्ञा फेरते फेरते अपने हाथों को धीरे धीरे नीचे
लाया वो चाह रही थी कि वो उसके कानों के बाद आके किस करे फिर उसे धीरे से उसके
कानों को चूमा उसकी गर्दन को धीरे से सहलाया
फिर फिर उसका ब्लाउस
थोड़
उसके आगे उसके बदन को
अपने बदन की गर्मे दी उसके बदन को अपने बदन से मला
फिर
उसके उठे हुए नितंबों को उसने अपने हातों से महसूस किया
उसकी कमर को उठा गई उसके नितम्मों को काटा
फिर
उसे चीदा गिया
उसके नरम नरम होटों को चूमा।
फिर
उसकी आखों में आखे डाल के, उसके बहु में अपने उगलियां डाले।
फिर उसके वक्ष तनों की गुलाई कुछ हुआ फिर उसके
इस तनों को दोनों हातों से महसूस कर किता आया
फिर
उसने काम्या की साड़ी उतारने में ज़राबी देर नहीं की
यही की छटके में उसने उतार दिये फिर रामलाल ने अपने कपड़
उतारने शुरू दिया अब रामलाल से भी रुका नहीं जा रहा था फिर क्या किया रामलाल ने
और फिर रामलाल ने अपने सारे कपड़ उतार दिये
फिर क्या और फिर
काम्या ने रामलाल का पजामा अपन वो रुप नहीं पा रही
थी।
फिर?
कामया ने रामलाल को बिस्तर पर लिटा दिया।
उसके होटों को चुनने ले।
और फिर रामलाल ने उसके होटों पर काटा
बत्तमीज रामलाल
फिर रामलाल ने वापिस उसे अपने करीब खीच लिया
और फिर रामलाल ने उसके ब्लाउस को भी उतार दिया
अब जो रामलाल के सामने था फिर कामिया ने
उसके सर को उठा के उस दिस्तनों के फीश में रख दिया
और
फिर कामया ने रामलाल को चुप होने के लिए बोल दिया
करते हैं
अपनी छोटी बहु को भी अपना निशाना बना लिया वो उसके साथ भी आज रात हम बिस्तर
हो गए उसने उसकी पूरी जवानी को लूट ली उसके पती का ना आना उसके लिए वरदान
साबित हुआ ये कहानी तो मेरी कहानी है इसका मतलब जिर्ट जी की कहानी का सिर्फ एक �
मतलब मेरा इस्तमाल किया जेट जी ने, वो भी किताबों के सहारे।
Can't find what you're looking for?
Get subtitles in any language from opensubtitles.com, and translate them here.