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मेरा नाम कविता है और ये मेरी कहानी और आज हमारी शादी हुई है
हमारी अम्मा ने जिसे पसंद किया था काश वो भी हमारी उम्मीदों पे खरा उत्रे
हम तो बस यही चाहते हैं पता नहीं नया घर,
नई दुनिया, सब कैसा होगा और उन सब में हम कैसे खुद को रख
पाए
लेकिन एक बात तो पक्की है हमारी दुन्दगी में अब कहानियों की तरह एक
नया मूड आ गया है
वैसे तो नई दुलन के आरती सास उतारती है सास ना सही और उसकी अम्मा सही
खुश रहो, खुश रहो.
वाँ, शेकर बाबू, एकदम चान जैसी बहु लेकर आये हो.
चान कुग्रे प्रविश सो करवा लो.
करवाते हैं.
मैंने तुमसे ज़्यादा खुबसुरत लड़की आज तक नहीं देखी।
कविता,
तुम्हें मुझसे कुछ पूछना है?
हमें असली कह रहे हैं, क्योंकि आज हमारी जिन्दगी की एक नई शुरुवात है।
हमें कुछ नहीं पूछना है। क्यूं?
क्योंकि मा ने कहा था कि सुहाग रात के दिन बाते नहीं करते तो क्या
करते हैं प्यार
अब मुझे नहीं हो पाएगा। ऐसा मत करो। ऐसे करो। प्लीज बात मनो।
अब मुझे नहीं हो पाएगा। अब मुझे
नहीं हो पाएगा। करो प्लीज।
कर लेंगे ना सबाजी कर लोगी क्या
सुनो
रे भीया आप आगे हाँ आज तेरे जेट जी है
पैर तो छूओ जीती रहो जीती रहो
खुश रहो बेटा खुश रहो भीया अच्छा हुआ आप आगे परना आज तो एक ही जाती शादी पे तो आनी
पाया लेकिन आज देखो बिल्कुल साइट टाइम पे आ गया और शोटे
ज उससे भी कहीं जाधा खुबसूरत है
और इसके लिए मैं एक खास तोफ़ा लाया हूँ
अभी दिखाता हूँ
तुम्हारे
लिए तो हमेशा कोई ना कोई तोफ़े लेके आता हूँ लेकिन इस बार खास तोफ़ा है भू के लिए
तुम्हारे लिए भू
मेरी तरफ से क्या है इसमें जेट जी जब खोलोगी तब खुदी तुम्हें पता चल जाएगा
तुम्हारी शादी का खास तोफ़ा है
चलो भाई अब हमें नींद आ रही है बहुत ठकान हो
गई साफर हम अपने कमरे में जा रहे हैं सुबह सबसे चैन से मुलाकात करेंगे
गु
रुखी रहो बो रुखी रहो
जाए
कविता, कविता बहु, तौलिया देना
क्या हुआ?
वो भाई साहब क्या हुआ भाई साहब को?
भाई साहब की नजर वो मुझे बहुत अलग तरीके से देख रहे थे
अरे भाई साहब है ही ऐसे सबसे अलग देखा वो तुमारी शादी में भी नहीं आये थे फिर भी
उन्होंने तुमारे ले गिफ्ट दिया ना जानती
हमारे माबाब की कार एक्सिडेंट में डेथ हो गई थी उसके बाद सब भाई साब नहीं किया मुझे
वरन को सब प्यार दिया है अरे मैं तो भूली गया मैं तुमारे ले कुछ
लाया हूँ क्या?
मैं तुमारे ले के आया हूँ एक सेक्सी सी ड्रेस
अरे वाँ चाओ पहन कराओ मैं अब भी पहन के आई
उसको लगता क्या है कि मैं उससे प्यार नहीं करता हूँ क्या
उससे बहुत प्यार करता हूँ मैं अरे वाँ ये तो बहुत खुब्चूरा थे दीदी तुम
बता तुम्हें क्या पसंद है अरे ये पेंटिंग वेंटिंग क
जेटसी के रूम में ना धेर सारी कितावें पड़ी हुई हैं उन्हें भी कितावें पढ़ना
पसंद है तो तू वहाँ पे टाइम पास कर लिया कर
अजय को
दीदी अरे कविता बड़ी जल्दी उठ गई हाँ तु बैट मैं तेरे लिए नास्ता
लेकर आती हूँ अरे नहीं हम तो आपको हैल्प करने आये हैं दीदी अरे सारा काम हो गया है
तु ओ छोड तु बता कैसी रही तेरी सुहाग रात ठीक थी
सिर्फ ठीक थी हाँ
ये सारे मर्द ना एक जैसे होते हैं इनको बिस्तर पे सिर्फ अपनी बड़ी होती है हम
और्थों का तो कोई सोचता ही नहीं है कोई बात नहीं दीदी पहले
बार था शायद इसलिए तू इन मर्दों को नहीं जानती मैं जानती हूँ एक मर्द प्यार क्यों
करता है
प्यार
पान क्यूं?
प्यार पाने के लिए यही फर्क होता है एक औरत में और एक मर्द में
आप सही कह रहे हैं दीदी और एक बात और जल्दी बाजी में बच्चा बच्चा
पैदा मत कर लेना क्यूं?
जिस दिन बच्चा पैदा कर लिया उस दिन गुलाम बन गई जो पती बोलेगा वही कर
तो आपने अभी तक family planning नहीं की वरुन तो बहुत कहता है बट मैं मना कर देती
हूँ क्यूं अब तो चार साल हो गए दस साल होने दे उसमें क्या देख मर्ज शादी होने
के बाद बच्चा पैदा क्यूं करना चाहते हैं क्यूं उन्हें लगता है कि उन्हें मर्दान की
का license
तब
ठीक है
अरे वा, ये तो बहुत खुबसूरा थे दीदी, ये कहां से दिखा आपने?
बस इस घर ने दिखा दिया, सुबह घर का काम खतम करके दिन कटना बहुत मुश्किल हो जाता
तो पेंटिंग बना लेती हूँ, तुम बता तुम्हे क्या पसंद है?
अरे ये पेंटिंग
वेंट
जेट जी के रूम में ना धेर सारी किताबे पढ़ी हुई है उन्हें भी किताबे पढ़ना बहुत
पसंद है तो तू वहाँ पे टाइम पास कर लिया कर ठीक है दीदी देखती हूँ मैं
अच्छा मैं चलती हूँ
नीलम की शादी होके दस साल हुए थे लेकिन वो अपनी शादी शुदा जिन्दगी से खुश नहीं
थी उसके पती ने पैसे कमा के बैंक बैलेंस तो भर दिया था लेकिन प्यार से महबबत से
अपनी पत्नी का दिल भरना भूल गया था एक दिन नीलम की नजर रोहन पे गई
ज
दोनों एक दूसरे को मिलने के लिए तडब रहे थे। एक दिन नीलम घर पे अकेली थी।
तभी डोर की बैल बजी। नीलम ने डोर खोला तो सामने रोहन था।
रोहन को देखके नीलम शर्मा गई। रोहन ने कहा
आंटी शक्कर है। नीलम ने कहा
अभी लेके आती हूँ।
नीलम शक्कर लेने जाती है किचन में तभी रोहन ने पीछे से कसके पकड़ लिया
नीलम शादी शुदा थी लेकिन फिर भी वो रोहन को रोप नहीं पाई रोहन नीलम
को बहुत ही रफली किस किये जा रहा था रोहन नीलम को उठा
के
रोहन नीलम को उठा कर बैडरूम में ले गया। और नीलम ने भी इसके कुछ नहीं कहा।
वो नीलम के प्यासी गर्दनों को चूम रहा था। नीलम उसकी बाहों में समा रही
थी। दोनों की सांसे तेज हो चुकी थी। अब रोहन ने नीलम की ब्लाउज उतार
दी। फिर इसक
रोहन उसे जी भर कर जूम रहा था, नीलम उसे बार बार कह रही थी, कि ऐसे
ही करो, ऐसे ही करते रहो, रुको मत, मैं बहुत दिनों से तडब रही थी,
रोहन ने अब नीलम को पूरा नंगा कर दिया, और वो खुद की भी पैंट उतार
चुका था, वो नीलम के नाबी पर किस क
नीलम को बहुत साधा मज़ा आ रहा है उसकी आवाजें रूम के हर कोने में
घूंज रही है रोहन नीलम के उपर आ जाता है और
आकर उसे प्यार करने लगता है नीलम अब रोहन का पूरा साथ दे रही है
दोनों एक दूसरे को ऐसे चून रहे हैं मानो जैसे खौ जाए
नीलम की
पेट पे हर जगा रुहन किस कर रहा था निलंबस आँखे मोन कर एंजॉय
कर रही थी
महीश है मुझे एक लड़की बहुत पसंद है क्योंकि उसकी शादी हो गई है
मैं कुछ ना कुछ बहाना करके उसे देखने उसके घर जाता हूँ
उसके घरवालों को काम में मदद करता हूँ उसे भी काम में मदद करता हूँ
मैं उसे पसंद करता हूँ ये उसे पता नहीं है म�
तो वो है उसके तिल। उसके गालों पे तिल है। उसके पीट पे भी तिल
है। मैं उस तिल को चूना चाहता हूँ। चूमना चाहता हूँ। उसके बदन पर
जितने भी तिल हैं, मैं उन्हें चूमना चाहता हूँ। उसके साथ हम बिस्तर होना चाहता
हूँ। वो जब भी
अ� मैं उसे छुक्के से देखता था और उस तिल को मैं अपने होटों
से चूना जाता था कई बार उसे शक भी हुआ कि कोई उसे छुक्के से देख रहा है
लेकिन
कविता
जरा ये पीट पे साबुन तो लगा दे अच्छा ठीक है
आकिर
ये कौन बन्दा है जिसको इतना सब पता है कि कहाँ पर तिल है सिम वही कहानी लिखा है जो
मेरे घरवालों के साथ इतना जुड़ा हुआ है जिसे सब कुछ पता है कौन है वो
कविता हाँ दीदी क्या हुआ क्या सोच रहे थी तू अरे नहीं कुछ नहीं
अच्छा दीदी एक बात पूछू हाँ पूछ गुस्सा तो नहीं करेंगे आप नहीं पूछ ना
अच्छा इस तरह से अगर आपको कोई नहाते हुए देखे तो आपको कैसा लगेगा
ग
बात्रूम बहुत खुले में है ना इतली हमें लगा एक बात बताओ हाँ हर औरा चाती है कि
कोई ना कोई उसे चुपके से देखे ये खुबसूरती ये जवानी दो दिन की है
ये दो दिन होते हैं मज़े लेने और मज़े देने के लिए अगर किसी को
मेरा नंगा और गोरा
बद
लेकिन मैं देखने के सिवा और कर भी क्या सकता था, मैं रोज उससे बाते करने की कोशिश
करता था, एक दिन मैंने उसकी पती के साथ नीचे वाले रूम में सेक्स करते देखा,
मैं मचल गया, उसके पती और
उसका पूरा सेक्स मुझे नीचे की खिड़की से दिख रहा था,
ज
ये कहानी इस घर जैसी क्यों लग रही है, वही बातरों,
वही दीदी की कमरी जैसा कमरा होना, थोड़ा
अजीब सा नहीं है ये सब।
बस मेरा हो गया अरे जान लोगे के मेरी मैं और नहीं कर सकता नहीं
बस हो गया मेरा इतनी जल्दी कैसे हो गया बस मेरा हो गया तुम क्या हो यार बस मेरा हो
गया अब और नहीं कर सकता मैं
यही तो रखी थी मैंने कहा चली गई
पता नहीं मेरा भी दिमाग ना आजकल पता नहीं कहा रहता
है
जानवी जानवी जिर्जी दीदी वो किर्तन में गई है मैं आपके लिए पानी लेके आती हूँ
अच्छा रुको नहीं पानी नहीं चाहिए
मस्तानी कहानिया
कविता हाँ दीदी मैं बाहर जा रही हूँ मंदिर किर्तन के लिए किर्तन हाँ तुझे भी चलना
है तो साथ में चल अरे नहीं दीदी थोड़ा काम है मुझे आप हो आईए अच्छा ठीक है मैंने
खाना बना दिया है भाई साब को अगर भूख लगे तो खाना परूस देना ठ
चलो मैं आती हूँ
जेट
जी अपने ही बहु को गंदी नजरों से देखने लगते हैं बहु को भी उनकी नजर समझ में आती
लेकिन वो उन्हें रोप नहीं रही है जेट जी का छोटा भाई अभी तक कुआरा है ये तो
बिलकुल इस घर की ही कहानी है
अब उसे समझ आ गया था कि जेट उसके साथ क्या करना चाहते हैं वो उसके स्थनों को चूना
चाहता था वो उसकी सासों की गर्मी को महसूस करना चाहता था और उसे बाहों में भर की
प्यार करना चाहता था उसे अब अपनी ही बहु को बिना कपड़ों के देखना था
जानवी जानवी
जेट
जी दीदी वो किर्तन में गई है कोई बात नहीं मैं आपके लिए पानी लेके आती हूँ
अच्छा रुको
नहीं पारे नहीं चाहिए, बस थोड़ा आराम करना चाहता हूँ.
Good morning.
Good morning.
अच्छा एक बात कहूँ. बोलो.
मुझे ना वो जेट जी की नजर कुछ ठीक नहीं लगती.
इसमें उनकी गलती नहीं है. तुम हो इतनी खुबसुरत?
जो तुमें देखता है, देखता ही रह जाता है.
ऐसी बातें मत करो. मैं सच कह रही हूँ. अरे हाँ तो, हम भी
सच अच्छा तुम बताओ क्या करें उनको बोल दे
कि अपनी आखे बंद कर ले वो बड़े हैं तुम्हें देखते हैं आशिर्वात की तौर पर वो
बच्ची हो तुम क्या कर रहे हो बोला है न यहां नहीं चूना खराब कर दिया पूरा
सिंदूर मेरा हटो यहां से
हो ना हो, ये काम बस कविता का ही हो सकता
है।
कविता,
कविता वो मेरी तेल की शीशी लाना। बहुत दर्द हो रहा है
तैर में। यही जी। तो वहूं।
जेट जी दीजे मैं लगा देती हूँ अरे मैं लगा लूँगा अपने आप तुम रहने दो मैं
लगा देती हूँ न दीजे आप मुझे ठीक है यहाँ पैर में यहाँ यहाँ दर्द हो रहे है
मेरे हातों में तो जादू है, तुम्हारे चूते ही दर्द बिलकुल कम हो गया।
और आपके कलम में, मैंने आपके कविताओं की बुग पढ़ी।
सच में, ये तो बहुत अच्छी बात है। मेरी बड़ी भवू को पेंटिंग का
शौक है, और छोटी को पढ़ने का। और
क्या
मुझे ना घूमना अच्छा लगता है
और नए नए लोगों से मिलना अच्छा लगता है
उनके ट्रडिशन, कल्चर को जानना अच्छा लगता है और मुझे किताबे पढ़ना भी
बहुत पसंद है मुझे खाना बनाना भी अच्छा लगता है एक सेकिन, थोड़ा उधर करना
ग
ये तुम्हारी गर्दन में तिल है। हाँ, यहां भी है। तुम्हारे
शरीर में ना, और भी बहुत से जगह तिल होंगे। हाँ, एक यहां पे भी है, यहां भी
है, और एक यहां भी है, और एक... कुछ नहीं, कुछ नहीं।
लेकिन, आपको कैसे पता? मुझे मेरी जन्दगी के
कि जो लड़कियां खुबसूरत होती हैं ना, उनके शरीर में बहुत सी जगह तेल
होते हैं, और तुम बहुत खुबसूरत हो,
अच्छा, थेंक
यू, अच्छा एक बात पूछो,
पूछो, आपको इतना सब लड़कियों के बारे में कैसे पता, सब लड़कियों में नहीं,
केवल खुबसूरत लड़कियों में, वो क्या है न, खुबसूरती
लड़कियों के लिए एक वर्दान है, जिसके दम पर न, वो कुछ भी पा सकती है,
अच्छा, जैसे, अब क्या बताएं तुम्हें,
तुम तो बस हमें ये बताओ,
कि वो क्या ख्वाईश है तुमारी जो केवल हम ही पूरी कर सकते हैं सच कह रहे हैं
तुमारी वो ख्वाईश पूरी करने के लिए ना हम इस समाश की सारी हदे तोड़ देंगे
अच्छा देखती हूँ कैसे
मैं चलती हूँ आई आई
तुम खुशूरत ही रही बहुत चालाग भ
और चालाग लड़किया हमें बहुत पसंद है
हेलो हेलो हाँ शेकर आप कब तक आओगे तीन चार गंटे लग जाएंगे तुम खाना खा कर सो जाओ
ठीक है सबने खाना खा लिया है सिर्फ आपी बाकी थे ठीक है तुम सो जाओ
मैंने बेडरूम का दर्वाजा खुला ही रखा है ठीक हाँ ठीक है ठीक है
ऐसे ही करते रहो ना शेखर
पुरणाशी है कार।
शेकर
रूम में तो कोई भी नहीं है। फिर ये सब...
दीदी अरे कविता कपड़े दो रही हो
हाँ क्या हुआ बोलो वो मुझे
आप से कुछ बात करनी है हाँ बताओ क्या हुआ
अरे सोचती रहेगी ये कुछ बोलेगी भी कुछ नहीं
देख कविता अब जो
मैं तुझे बोलने जा रही हूँ न उसे ध्यान से सुन अपने पती को बोल कि तू उसके साथ
बिस्तर पे खुश नहीं है और उसे ये बोल कि वो बिस्तर पे था एकसाइटमेंट दिखाए मैंने �
अगर कोई result नहीं आया तो अपनी इच्छा कहीं और पूरी कर यह आप क्या कह रहे हैं
देख कविता पती लोग अपने आपको खुश करने के लिए सौ जगह मू मारते हैं अगर
हम औरते एक जगह मू मार भी लिये तो कौन सा पहार तुट जाएगा खुश रहना है
अग
क्या हुआ कविता, बुक सहलाते हुए क्या सोच रही हो?
कविता, क्या सोच रही है?
वो दीदी, कोई भी चीज को सहलाने से वो बड़ी नहीं हो जाती है.
अच्छा दीदी, एक बात पूछू? हाँ, पूछो.
ये साइस का कोई असर होता है क्या?
तो हम सही थे.
तुम्हारे दिमाग में कुछ तो खुराबात चल रही है बताओ ना दीदी अरे कविता तुम तो ऐसे
पूछते जैसे हमें बहुत experience है हमें नहीं पता हम बहुत संसकारी लड़की है अरे
दीदी बताओ ना आपको पता होगा नहीं पता कविता अच्छा
तब आपको भी पता
न
अच्छा, और याज तुम्हारे दिमाग में साइस की बात कहां से आ गई?
कुछ नहीं दीदी, वो बस ऐसे ही.
ऐसे तो नहीं आई होगी, बताओ क्या बात है?
आप वो सब छोड़िये, आप आपकी पेंटिंग दिखाईए, कम्प्लीट होई की नहीं?
वाओ, वोट ए
ब्यू�
ऐसा ही रोमांस मैं कर पाती अर्गनेपती के साथ। तुझे ना उसमें कुछ आग जलानी पड़ेगी।
कुछ फिल हो रहा है तुम्हें? नहीं कुछ नहीं। अर्गनेपती जलाओ आग धंडा पड़ा है
पूरा।
जो रात को चोरी चोरी उसे देख रहा था, उसकी पती के सामने आके उसे छोड़ रहा था, वो
कोई बार थे, जिरची ही थे।
उसे
अब अपनी जिसम को खुश करना था, उसे
समाज रिस्तो और नातो की अब कोई परवा नहीं रह गई थी। तुम भाई साब को दे दोगे क्य
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