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[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
दोस्तों आज इस खेल का आखिरी शो था। इसके
200 शो पूरे हो चुके हैं। ये थिएटर की
दुनिया में एक नया रिकॉर्ड है।
अब एक महीने की छुट्टी के बाद हमारी कंपनी
अपना नया खेल आपकी खिदमत में पेश करेगी।
हमें उम्मीद है कि आपकी सरपरस्ती हमें
हमेशा हासिल रहेगी। जय हिंद।
[संगीत]
कमल
[संगीत]
ये क्या?
तुमने सबके फूल कबूल किए लेकिन एक भक्त
बाकी रह गया। उसके फूल भी कबूल कर लो। ये
आप क्या कह रहे है कौम साहब? आप तो हमारे
मालिक हैं और बाबा कहते हैं मालिक भगवान
का रूप होता है। इसलिए आपके दिए हुए फूलों
की मैं हमेशा इज्जत करती हूं।
इज्जत
यही तो मुश्किल है कमल कि तुम और तुम्हारे
बाबा एक भक्त को भगवान समझ बैठे हैं। कमल
कल मैं लखनऊ जा रहा हूं।
क्यों?
रानी मां का तार आया है। मेरा जाना बहुत
जरूरी है।
सोचा था कि इन 15 दिन की छुट्टियों में
कुछ कश्मीर वशर का प्रोग्राम बनाते आप सब
लोग साथ चलते। लेकिन कोई बात नहीं कुमार
साहब फिर कभी सही
नमस्ते
नमस्ते नमस्ते
[संगीत]
अरे कहां मर गए सब होल्ड योर टंग मुंह
संभाल के बात करो आई एम नॉट अ ऑर्डिनरी
बॉय
ठीक है सामान उठाओ उठाओ उठा करता हूं
बादशाह वो देखिए गुस्सा कर रहे हो साले
उतने गुस्सा करो ऐसे कुछ ना कहिए
मैं आया से बात नहीं करता
क्या कहा बे तू आया नाल गल नहीं करेगा तो
किसी रानी नाल गल करेगा ड्राइवर हो के
चल सामान उठा
हराम नाल भी नहीं देना
चुप रे दादा
दादा नू आवाज दे रहा है वो किधर की रानी
है वो भी तो आया है
अरे वो तो मजबूरी से आया बानी है खानदानी
लड़की है मेरी तरह जैसे मैं हीरो बनने आया
हूं वो एक दिन जरूर हीरोइन ब
हां समझ समझ गई वो जरूर बनेगी जरूर बनेगी
लेकिन इतना याद रख ये हीरोइन लोग है ना
बड़ी धोखेबाज है कि तनु धोखा देवे तो सा
गले आके लग जाई अ बीते खड़े हैं राह विच
उल्फत दी नई मंजिल नु चला ओए होए होए होए
होए
[संगीत]
राधा क्या है ए आ ना आ
क्या है?
सामान तो ले जा।
कहां है सामान?
अरे यहां सामान रखा है। मैं लाता हूं।
ये क्या है?
क्या कर रहे हो?
कैसे हो?
अरे गुस्सा क्यों करती है? मैं तो कह रहा
था कि इसको उठा कर ले जा।
अच्छा राधा राधा सुन।
राधा मैं तुमसे एक बात कहना चाहता हूं।
कहो कहूं
राधा मैं तुमसे मू
[संगीत]
अच्छा सोच के बता देना।
मोहब्बत
टेंशन से निकलता ही नहीं।
डाल के हाथों में दिल तोड़ने वाले देख के
चल अजी बीच खड़े हैं राहों विच
हाय लुट गई राहों विच मिठाई
केक
हेलो अरे वाह!
ये क्या हो रहा है?
मैं तो ज्यादा चक रही थी।
अरे तुम चकती रहोगी तो दुबली कैसी होगी?
और तुम दुबली नहीं होगी तो ड्राइवर का
बच्चा तुम्हारे पास दिखेगा भी नहीं।
अच्छा?
वो इसीलिए मेरे नाल गन नहीं करता।
दादा, तुम बोलता था ना तुम्हारे गुरु जी
से तुम हमारे पतले होने की दवाई लाओगे।
लाओगे लेके आया हूं।
लेके आया हूं।
चिंता दादा मेरा खाना खाना।
पापा एक महीने की छुट्टी मिली है। जब इतनी
लंबी छुट्टी मिली है कि कहीं बाहर चलने का
प्रोग्राम क्यों ना बनाए?
कहां चलें कहां चले हम कुल्लू कुल्लू चले
चले
कुल्लू
हम्म वहां कितना सुहाना मौसम होगा चारों
ओर बर्फ ठंडी हवा ये दिल्ली की गर्मी से
बहुत-ब बहुत हाल
बेटी मैंने सोचा होशियार
क्यों
पिछले साल हमने अपने गांव वालों से वादा
किया था ना कि वहां एक स्कूल बनवा देंगे
तो उन्हें रुपया दे देंगे और अपने सामने
काम भी शुरू करवा देंगे
बाबा तुम खुश होशियारपुर चले जाना।
मैं चंपा को लेकर कुल्लू चली। है ना चंपा?
हां जी हां जी।
तो तकलीफें हैं।
हां। एक तुम्हें हीरो बनना है।
हां और एक तुम्हें दादा चाहिए।
दादा ये दोनों काम तो तुम ही तो करना
पड़ेगा दादा।
अरे मैंने किया था। दूसरे को ले आया था।
मगर उसको देखा और चले गया।
तो फिर वो ख
ये ये इसीलिए खिसक गया वो। वो बोला तू
बहुत कमजोर है।
तो दादा, तुमने तो कहा था कि गुरुजी के
पास से कुछ दवा ना लाया हूं। लाया हूं,
लाया हूं, लाया हूं।
ये देख।
ये दवा?
हां।
इससे क्या होगा?
अरे ये 10 गोलियां खाएगा, दारा सिंह बन
जाएगा।
धारा सिंह?
हां।
₹30 निकाल। दादा ₹ अभी
दादा, वो अपना वो जो आधा आधा क्या होगा?
आधा राधा।
हां, राधा के लिए बात की है। उनसे उसने
कहा के मोहब्बत की तावीज़ करनी पड़ेगी।
तावीज़?
उससे क्या होगा राधा?
उससे क्या होगा? अरे मंत्र पढ़ के जिसके
माथे पे ताज लगा दे वो तेरी जिंदगी भर
गुलाम हो जाएगी।
गुलाम हो जाएगी।
हां दादा सच्ची?
सच्ची दादा तो पहले वही लाना दादा।
₹100 निकाल ₹100 निकाल। अभी लाना पड़ेगा।
हां। अभी?
हां।
तो दादा आप बैठिए। मैं घर से ले के आता
हूं। ये रख दीजिए।
ये रख।
हां। बाकी मुंह बाद में लेके आना। मैं आता
हूं।
ले दादा, तेरे पैसे। तेरे दवाई किधर है?
देख तैयार रखिए पहले से।
मैं सचमुच पतली हो जाऊंगी ना। बिलकुल सुई
की तरह।
ठीक है। मैं काकी के नाल पहाड़ पे जा रही
हूं। बस उधर जाके दवाई शुरू करूंगी। फिर
देखी नज़।
अरे मैं क्या देखूं? वापस आओगी तो इतनी
पतली हो जाओगी कि दिखाई नहीं दोगी।
अरे तेरे मुंह विच घी शक्कर छीना मेरा
दादा हाय। मर गई।
[संगीत]
[संगीत]
गिर जाओगे डरो नहीं मैं भी तुम्हारी तरह
इंसान हूं।
आप इंसान हैं जी।
मैं तो समझा
शायद आकाश से कोई अप्सरा उतर आई है
और फिर एक बार मैं समझा आप शायद वो है
वो कौन
मेरी मित्रवा
जिसका तुम अभी गीत गा रहे थे
जी
उसकी शक्ल मुझसे बहुत मिलती है क्या
पता नहीं जी
क्या मतलब
मैंने उसे देखा तो नहीं है
बड़े दिलचस्प आदमी हो तुम क्या नाम है
तुम्हारा
सरजू
अच्छा सरजू
जी
तुम समझते हो वो तुम्हें कभी मिलेगी
जरूर मिलेगी जी
कब
ये तो पता नहीं मगर मेरा दिल कहता है एक
दिन जरूर मिलेगी
अच्छा जब वो तुम्हें मिलेगी तो तुम उसे
पहचानोगे कैसे?
जी
उसे मेरा दिल पहचान लेगा जी
[संगीत]
तुम तो कोई फिलॉसोफर हो। फिलोसफर
वो क्या होता है जी
फिलॉसफर का मतलब अकलमंद तुमने बड़ी अकल की
बात की
सच
[संगीत]
भैया
ओ जनको
जनको मेरी छोटी बहन आया हो
[संगीत]
अभी-अभी डाक बदले का रुदू काका घर पर आया
था।
क्या बोलता था?
बोलता था 15 दिन तक सवेरे शाम रोज दुई
चाहिए। चार गड़वी
15 दिन तक?
हां।
अरे तूने बोला नहीं 2 दिन के बाद हम
मनीकरण की यात्रा पे चले जाएंगे।
मैंने बोला पर काका बोलता था कि जब तुम
लोग यात्रा पे जाओगे तो गया बंगले पे छोड़
जाना।
ये भी ठीक है।
हां। लेकिन बंगले पे उतरा कौन है? कोई
सरकारी अफसर है क्या?
अफसर अफसर कोई ना है। काका बोलता था कोई
शहर की साहब है।
हम
अरे तो ये होगी
कौन?
इतनी अच्छी इंसान है।
आप आते रहम
[संगीत]
जी ये मेरी बहन है। जनको जनको
अरे जनको साहब जी ने आज मेरी सारी बात समझ
ली। कहती है मैं बहुत अकल की बात करता
हूं।
अरे तू नहीं मानती
मैम साहब जी आपने अंग्रेजी में मुझे क्या
कहा था इसको बताओ बताओ
फलाजाफर
फला सफर देखा मैं हूं फला सफर इसका मतलब
समझती है
भला सफर बहुत अंग्रेजी जानती है हां यस यस
यस वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड थैंक थैंक
सर जी देखा कैसा अंग्रेजी बोलती है यस यस
थैंक थैंक बहुत मनाली का अंग्रेजी स्कूल
है ना उसमें पढ़ती है
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
वाओ
[संगीत]
तुम्हारा बहुत-बहुत शुक्रिया तुमने मेरी
चंपा को बचाया।
[संगीत]
ओ भैया चलो अपनी भेड़े संभाले।
अच्छा जी भेड़े संभाले।
हां चलो बेबी।
एकदम चाहे मैंने ब्लड डरा के गई।
मेरे दुश्मन की तरह आ गई।
चंपा
हम देखा ना बहादुर है ओ सचमुच बड़ा ही
बहादुर है
हम
हम हम
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
अरे
अचानक तुम हंसने क्यों लगे?
अरे जनको
पता है
क्या?
जब मैंने उसे पहली बार देखा तो क्या समझा?
क्या
क्यों कोई अप्सरा है? अप्सरा आकाश से उतरा
आई है। बिलकुल अप्सरा जैसी लगती है ना?
लगती होगी।
होगी नहीं है।
अच्छा बाबा है। तुम्हारी मेम साहब तो किसी
अप्सरा से भी बढ़कर है। बस
जान से कोई 20 बार उस मेमसाब की कहानी
सुना देते हो मुझे। किस तरह हंसती है।
कितनी मीठी बातें करती है।
उसके बाल कितने लंबे हैं? उसकी आंखें
कितनी गहरी है। और वो चलती है तो वो चलती
है तो किस तरह चलती है?
जैसे फूलों में पवन जलती है।
हम मुझे तो ऐसा लगता है भैया कि अब तुम उस
मेम साहब के लिए भी कोई गीत बना दोगे।
अरे जनको मैं उसके लिए क्या गीत बनाऊंगा?
वो तो खुद ये गीत है।
उसकी आवाज में वो जादू है। कि वो इन
पहाड़ों को छोड़कर बाहर की दुनिया में आ
जाए तो लोग उसके पीछे पागल हो जाए।
पर आज तो दुनिया उसे पागल कहती है मेम
साहब।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
थैंक यू
[संगीत]
पहले तुम ही बोलो। नहीं जी पहले आप बोलो।
जानते हो सरजू? मैं सोच रही थी तुम्हारे
घर आने की।
आप तो सोचती नहीं
मैं आ भी गया।
[संगीत]
दिल को कैसी है?
बहुत अच्छी है जी। आपके बारे में बहुत
बातें करती है।
अच्छा क्या कहती है?
कहती थी कहती थी सरजू तुम तो मेम साहब के
बारे में इतनी बातें करते हो। इतनी बातें
करते हो। तुम तो उनपे एक गीत बना दोगे। सच
तुम मुझ पर गीत बना रहे हो?
जी रात भर कोशिश करता रहा।
फिर?
पर कुछ हुआ नहीं।
क्यों?
मैंने जितनी बार गीत बनाया मुझे ऐसा लगा
कि आप मेरे गीतों से बहुत ज्यादा अच्छी
हैं। इसीलिए अपने गीतों को छोड़ कर आपको
देखने आ गया।
क्या देख रही हैं जी?
[प्रशंसा]
किस जन्म में तुमसे भेंट हुई थी?
जन्मों की बातें मेरे गुरु जी बहुत जानते
थे। जी वो जिंदा होते तो हम उनसे पूछ
लेते।
अभी तुम अपने गैया के पास खड़े बंसी बजा
रहे थे। मैं सोच रही थी कन्हैया जी भी इसी
तरह मुरली बजाते होंगे।
किशन जी तो भगवान थे जी। वो तो राधा जी के
लिए बंसी बजाया करते थे।
और तुम इस वक्त किसके लिए बंसी बजा रहे
मैं
मैं तो अपनी गाय के लिए बजा रहा था जी। हर
रोज दूध धोने से पहले उसको बंसी सुनाता
हूं। बहुत खुश होती है और फिर बहुत दूध
देती है जी। अरे मैं दूध धोना तो भूल ही
गया।
अरे काका तुम क्या कर रहे हो? मैंने सोचा
सरजू तुम लोग बातें कर रहे हो तब तक मैं
दूध दूं। मेम साहब का चाय का टाइम हो गया
है।
आपका चाय का टाइम हो गया। माफ कर देना
मेमसाब जी
मेरा नाम मेमसाब जी नहीं कमला है
बहुत अच्छा है जी
ये क्या हुआ
जी वो कल बालू से हाथापाई हो गई थी ना
उसने पंजा मार दिया
और तुमने दवाई नहीं लगाई
जनकु ने मिट्टी लगा दी थी जी सब ठीक हो
गया
मिट्टी से कोई जख्म अच्छा होता है
सेप्टिक हो जाएगी आओ मेरे साथ दवाई लगा दो
अरे आओ ना
जरा देखो
[संगीत]
दर्द होता है
जी नहीं जी नहीं
मैं साहब नाश्ता ले आया हूं
टेबल पर रख दो सरजू चलो नाश्ता करें
बिस्कुट खाओ लो हां
ओ भैया क्या यहीं रहने का इरादा है? धूप
सर पर आ गई और अंधेरे में भी आ रही है।
अच्छा मेम साहब जी मैं चलता हूं।
अरे चाय तो पी लो। आको तू भी चाय पी ले।
नहीं मेम साहब जी हम चाय नहीं पीते।
अरे जनको
मेम साहब से कहती है पी लो ना।
बस
लो बिस्कुट खाओ।
बस एक बस
अच्छा संजू तुम कल कह रहे थे कि तुम लोग
किसी यात्रा में जा रहे हो?
हां मेम साहब जी पूर्णमासी के रोज मनीकरण
पे मेला लगता है। हम लोग हर बस जाते हैं।
अच्छा अबकी बार मुझे भी ले चलोगे?
जरूर चलो जी।
मेम साहब जी तुम पहाड़ पे चढ़ोगे?
हम्म जरूर चढ़ूंगी।
अच्छा मेम साहब जी आप जल्दी तैयार रहना।
हम तड़के-तके चढ़ेंगे।
हम दोनों सुबह लेने आएंगे।
मैं
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
आओ भैया मेम साहब जी आओ
ये अपनी जन को है ना जी बहुत शैतान है
शैतान तो है मगर बड़ी अच्छी है
बस इसी की फिक्र है मेम साहब जी
काहे की
शादी कि मालूम है मां ने मरते वक्त एक ही
वचन लिया था। कहा था जरा बैठ जाएं।
[संगीत]
थैंक यू संजू तुम बहुत अच्छे हो।
हां तो मां ने क्या कहा था?
मां ने मरते वक्त एक वचन लिया था जी।
हम्म
कि तुम अपनी शादी बाद में करना जनको की
शादी पहले कर देना। मैंने भी कसम खाई थी
जी कि अपनी शादी से पहले उसकी शादी करूंगा
और इतनी शान से करूंगा कि सारी दुनिया
देखेगी।
अच्छा? इसीलिए तो गांव के नंबरदार के छोरे
से उसकी मंगनी की है।
ओ भैया हो
ओ डंका हो
का की दुकान में चाय पीनी है?
हां हां अपनी मेम साहब जी थक गई है। चाय
पिएंगे।
अच्छा
सरजू तुमने मुझे क्या समझ रखा है? मैं कोई
मूंग की पुती नहीं मैं बिलकुल नहीं थकी।
हम
आप नहीं थकी जी?
तो वहां तक एक ही दौड़ में चलोगी।
हम
चलो जी
चलो
चलो
वन
टू थ्री
[संगीत]
[संगीत]
आओ मेरे भागी आओ आओ भैया
अरे मैं आपको चाय पिलाओ
हां चाय पियो आओ बैठो बैठो
क्या हुआ कुछ नहीं गंदा है साफ कर दूंगी
अरे तेरे को ऐसे थोड़ी साफ होता है
सर जी ठीक है मैं बैठ जाऊंगी
[प्रशंसा]
तकलीफ नहीं होगी
बैठो बैठो
ये क्या हुआ? मैम साहब जी आपका इतना अच्छा
पैजामा गंदा हो जाएगा। अरे भैया देखो ना
[संगीत]
हां ये ठीक है।
भैया मैं साफ तो ये अरे सर अरे जानकी
जानकी सज्जू सज्जू जानकी सज्जू ठहर जाओ।
तुम लोग अच्छे कपड़े पहनने वालों को अपने
बराबर नहीं बैठने देते।
ऐसी बात नहीं जी मगर आपने इतने कीमती
कपड़े पहने हैं। आप हमारे साथ जमीन पे
कैसे बैठेंगे?
तुम लोग ठीक ही कहते हो।
शायद
मैंने ही गलत कपड़े पहने हैं।
[संगीत]
मैम साहब जी तुम तो बिलकुल पहाड़ लग रही
हो। शहर वाले एकदम नहीं पहचानेंगे।
अब मेम साहब जी हां ये ना पहनूंगी?
जरूर पहनूंगी। जाओ ले आओ। अभी ला
अरे जनको मेरा दिल नहीं कराया।
अरे आपने मेम साहब जी कहां है?
जनको तुम्हें एक बात बताऊं? मैं सारी रात
इन सब्जी के बारे में सोचता रहा। आ कितनी
मीठी-मीठी बातें करती है।
ये बता मेरे बारे में तुमसे कुछ बोलती है?
बोल ना। ए जनको बोलती क्यों नहीं?
[संगीत]
जी आप माफ करना जी मैंने पहचाना नहीं जी
आप तो आप तो
तुम्हारे बराबर होगी
अब तो तुम मुझे अपने से दूर नहीं बिठाओगे
ना
[संगीत]
[प्रशंसा]
रुदू काका
हां हमारी पोशाक पहन के ये मेम साहब ऐसा
नहीं लगता जैसे जैसे बिल्कुल अपनी हो।
हां हां बिलकुल
[संगीत]
मेरी तरफ बार-बार क्या देख रहे हो?
जी
देख नहीं रहा जी। सोच रहा हूं।
क्या सोच रहे हो?
यही के
तुम वही तो नहीं?
वही।
लेकिन इसका फैसला होगा कैसे?
किसका जी?
यही कि हम तुम वही है कि नहीं?
इसका फैसला तो भगवान जी कर देंगे जी।
वो कैसे?
हम मेले जा रहे हैं ना वहां एक-एक फूल
भगवान जी पे चढ़ाएंगे। अगर फूल भगवान जी
के पीछे गिर गया तो नहीं।
अगर इनके चरणों में गिर गया तो
[संगीत]
आ
[संगीत]
जाओ बच्चा तुम्हारी मनोकामना पूर्ण होगी।
[संगीत]
सुना है तुम एक दो रोज में वापस जाने वाले
हो?
जी पहली तारीख से नए ड्रामे की शुरू हो
रही है।
सीतापुर के जागीदार साहब ने रिश्ते के लिए
फिर कहला भेजा है और कहा है कि हां ना का
जवाब साफ-साफ दिया जाए। उन्हें क्या जवाब
दूं?
मैं तो आपको बता चुका हूं। कहला दीजिए कि
हमें अभी शादी नहीं करनी।
अच्छा तो मुझे ये बता दो कि तुम शादी भी
करोगे या कुंवारी ही रहोगे?
हमने आपसे ये तो कभी नहीं कहा।
नहीं कहा तो फिर क्या बात है?
कोई दूसरी लड़की तुम्हारी नजर में है
क्या?
हां। तो ठीक है।
जो लड़की तुम्हें पसंद है उसे ले आओ। भले
ही कोई नाटक वाली ले आओ मगर शादी तो कर
लो।
देख लो कमल
आज मां भी हमारे दिल की बात समझ गई।
अब तुम्हें भी हमारी बात माननी होगी
जानेमन।
मेरी
तुम मेरा मुंह क्या देख रही हो? जाओ उसे
ढूंढ कर लाओ। कहां सैर करने गई थे?
बाबूजी तो रोज अकेले जंगल भी सैर करने
जाती है। मैं उधर नहीं जाना। बड़े मोटे
मोटे भालू हैं। डर लगता है बाजी उधर।
तुम्हें डर लगता है? और आज हमें दिल्ली
पहुंचना है। पहाड़ी रास्ता शाम हो गई।
अच्छा उसे ये तो मालूम था कि हम यहां आने
वाले हैं।
नहीं जी हां जी मालूम था मालूम था। वो 5
मिनट में आ जाएगी।
अच्छा ठीक है। जाओ जाओ ठीक करो। उसके आगे
हम चल देंगे।
चलो
नहीं सर नहीं। अब मैं तुम्हें अकेला छोडकर
नहीं जाउंगी। अपने साथ ले चलूंगी।
कहां?
शहर।
शहर?
हां। मैं शहर जाके क्या करूंगा? और फिर
शहर का खर्चा कहां से लाऊंगा?
हा सरजू तुम बिलकुल भोले हो। तुम्हें वहां
के खर्च की फ़िक्र है? तुम वहां जाकर इतना
धन कमाओगी, इतना धन कमाओगी कि तुमसे गिना
भी नहीं जाएगा। सरजू वहां के लोग तुम्हारे
गीत सुनने के लिए लाखों रुपए निछावत।
मैं अपने गीत कभी नहीं बेचूंगा कमल कभी
नहीं।
तो कोई बात नहीं।
तुम औरों के लिए मत गाना।
मेरे लिए तो गाओगे।
हां मैं तुम्हारे लिए गा सकता हूं। प्यार
के लिए गा सकता हूं।
तो बस तुम मेरे साथ शहर चलो। मेरे पास सब
कुछ है। घर, धन हर तरह गा रहा हूं।
कमल मैं गरीब जरूर हूं मगर बेगैरत नहीं।
सर क्यों?
हां कमल। प्यार के भी अपने कुछ असूल होते
हैं। क्या ये जरूरी है?
कि पैसा प्यार को खरीद कर शहर ले जाए।
क्या यह नहीं हो सकता कि प्यार दौलत को
ठोकर मार कर जंगल में चला आए?
[प्रशंसा]
[संगीत]
अगर यही प्यार का इम्तिहान है सरजू।
तो मुझे यह भी मंजूर है।
मैं चली आऊंगी।
अपना सब कुछ छोड़ कर चली आऊंगी। सरजू अपना
सब कुछ छोड़कर चली जाऊंगी।
बाबा
[संगीत]
रुको
बाबूजी का बाबा बाबा तुम आ गए
अरे ये सब क्या आज घर में जाना है जी अबे
अभी नहीं तो और कभी इन पहाड़ों से निकलते
रात हो जाएगी तुम्हें तो याद भी नहीं है
आज 30 तारीख है और हमें जाना है
पापा वाह! हम कल नहीं जा सकते?
नहीं। कुंवर साहब का दो-दो रिमाइंडर आ
चुका है। तुम्हें रेसिपी भी तो करनी है।
हां, करनी तो है। तो,
मैं अभी आई। मैं अभी आई, बाबा। मैं अभी
आई।
आई बाबा, अभी आई।
थैंक यू।
कमला दीदी।
जनको जनको संजू कहां है? वो तो डॉक पे
गया। मैं सब जगह ढूंढ आई। वो कहीं नहीं
मिला। लेकिन कमला दीदी तुम इतनी परेशान
क्यों हो? क्या बात है? मैं आज शहर जा रही
हूं।
शहर?
हां। कब? अभी इसी वक़्त मेरे पिताजी आए
हैं। मुझे जाना ही पड़ेगा। देखो जंगू सर जी
से कह देना। मुझे गलत ना समझे। मैं आऊंगी।
जरूर वापस आऊंगी। ये लो ये, ये रहा मेरा
शहर का पता। उसे जरूर दे देना। हां। अच्छा
मुझे
भैया।
भैया
भैया भैया
भैया
कमला देवी शहर चली गई
अभी अभी उसके पिताजी आए थे उसको ले गए वो
तुमसे मिलने घर पे भी आई थी और भैया उसने
कहा है सर से कहना मुझे गलत ना समझे मैं
वापस आऊंगी जरूर आऊंगी
ए भैया उसने अपने घर का बता भी दिया है ओ
ओ भैया अरे सुनो
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
मेरे
मिल
[संगीत]
मेरे
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
ये क्या कह रही कमला तू?
हां बाबा ऐसा लगता है जैसे हम पिछले जन्म
में बिछड़ गए थे और यहां आके फिर से मिल
गए।
उस पहाड़िए में ऐसी कौन सी खास बात है?
तुम उससे नहीं मिले बाबा। वो देखने में तो
सादा है पर देवताओं की तरह मासूम और इन
पहाड़ों की तरह महान है। बाबा जब तुम
मुझसे मिलोगे तुम भी मेरी तरह उसके भक्त
हो जाओगे। देखो बाबा मैंने तुम्हारे भरोसे
उसे वचन दे दिया है। मैं जानती थी तुम
मेरी बात को कभी नहीं टालोगे।
नहीं कमला मैं इस बारे में कोई फैसला नहीं
कर सकता। कुंवर साहब हमारे सब कुछ है। वो
जो फैसला करेंगे वही होगा।
व्हाट?
तुम सब कुछ छोड़कर चली जाना चाहती हो एक
उजाड़ बिया बाण में रहने के लिए।
वो उजाड़ बियाबान नहीं है कुंवर साहब।
वहां मेरा मित्रवा है। मेरा देवता है। हम
दोनों मिलकर जहां भी रहेंगे वहां एक नई
दुनिया बसा लेंगे।
और यहां की जो दुनिया तुम्हारे कदमों के
नीचे है। ये जो हजारों लाखों दिल तुम्हारे
कदमों में पड़े हैं। वो दिल जो सिर्फ
तुम्हारी एक मुस्कुराहट के लिए तरसते हैं।
क्या इन सबको एक ही ठोकर में मलियामेट कर
दोगी? कुंवर साहब आपने किसी से मोहब्बत की
हो तो आपको पता चले कि दिल जब मजबूर हो
जाता है तो उसे अपने महबूब की खुशी के
सिवा कुछ अच्छा नहीं लगता। अब उसकी खुशी
इसी में है तो मुझे जाना ही पड़ेगा। हम
आप चिंता ना कीजिए। मैं आपका काम बीच में
छोड़ के नहीं जाऊंगी। आप किसी और हीरोइन
का इंतजाम कर लीजिए। जब वो बिल्कुल तैयार
हो जाएगी। मेरे बगैर आपका ड्रामा चल जाएगा
तभी मैं यहां से जाऊंगी।
ये ड्रामा तो तुम्हारे बगैर चल जाएगा कमल
लेकिन ये थिएटर नहीं चलेगा। ये कंपनी नहीं
चलेगी।
जी
तुमने अभी कहा है ना कमल कुंवर साहब आपने
किसी से मोहब्बत की हो तो। तो आज तुम्हें
एक बात बताता हूं। मैंने भी मोहब्बत की
है।
सच और हमें पता भी ना चला किससे की है
आपने मोहब्बत?
तुमसे
हां तुमसे और इतनी गहरी मोहब्बत की है कमल
कि शायद आज तक दुनिया में किसी ने किसी से
भी नहीं की होगी। तुम मेरी कहानी सुनोगी
हो?
नहीं मैं ये सुना चाहता हूं।
तुम्हें सुनना ही पड़ेगा कमल। दो बरस से
मैं तुम्हें सुनाना चाहता हूं। लेकिन हर
बार तो मुझे और ही बातों में मोहब्बत में
कभी एक एक दिन एक एक जन्म की तरह बीतता है
और पिछले दो साल मैंने इसी तरह बिताए हैं।
और तुमने आज हमें यह सबक सिखाने की कोशिश
की है कि मोहब्बत में महबूब की खुशी देखी
जाती है कमल तुमने हमारी मोहब्बत की गहराई
नहीं देखी है तो ना सही। लेकिन आज हम उसकी
कुर्बानी का अंदाज दिखाते हैं।
अगर सचमुच तुम्हें किसी से मोहब्बत हो गई
है तो हम जिंदगी भर के लिए अपने अरमानों
का गला घोट लेंगे ताकि तुम खुश रहो।
अगर तुम कहती हो कि वो एक बहुत बड़ा
कलाकार है तो ये क्यों नहीं हो सकता कि वो
भी यहां आ जाए। और तुम दोनों की कला से इस
प्यासी दुनिया की रूहें अपनी प्यास बुझा
सके।
मगर वो किसी तरह यहां नहीं आएंगे।
हमें कोशिश तो करने दो।
मगर
कोई बात नहीं। हम कामयाब ना हुए तो
तुम्हें छुट्टी दे देंगे। थिएटर चले ना
चले तुम खुश रहो।
[संगीत]
आप सचमुच देवता है।
[संगीत]
कमल
हमने मोहब्बत में कुर्बानी दी है। इसका
मतलब ये नहीं कि हमने मोहब्बत करना छोड़
दिया।
जिंदगी में कभी तुम्हें धोखा मिले तो वापस
चली आना। इस दिल के दरवाजे तुम्हारे लिए
हमेशा खुले रहेंगे।
[संगीत]
आज दो मोहब्बत करने वालों में तुमने
मुकाबला करा दिया है कमल मगर याद रखो हमने
भी कभी हार नहीं मानी हम देखना चाहते हैं
कि वो कौन है जो हमसे बाजी जीतने की
हिम्मत रखता है।
[संगीत]
ओ भैया बस करो बहुत हो गया। हमारे हाथ
नहीं थे क्या तुम्हारे? भैया दूध पी लो।
मुझे नहीं चाहिए तू पी ले।
[संगीत]
लो दूध पी लो।
कहा ना मुझे नहीं चाहिए।
अरे तो 20 रख।
ना जाने क्या जादू कर गई है। जब से वो गई
है ना खाते हो ना पीते हो ना तुम्हारी
बंसी बजती है ना गीत जैसे सब कुछ भूल गए
हो
अरे यही तो मुसीबत है जनको सब कुछ भूलना
चाहता हूं मगर कुछ भी भूल नहीं पाता
सर
ओ सरजू
क्या काका
तेरे साथ धोखा हुआ है तेरी बहन बर्बाद हो
गई
क्या बोलता हो काका
हां हां वो पिरौना है ना
हां ठीक लड़का
हां
जिससे तूने अपनी बहन की शादी पक्की की
कोई खबर आई है क्या
अरे खबर नहीं खुद आ रहा है दूसरी लड़की से
शादी कर ली है और गांव में डोला लेकर आ
रहा है
क्या?
हां लच्छा कहीं का भरी पंचायत में मेरी
जनको के साथ सगाई की थी। देखता हूं कैसे
डोली लेके आ रहा है।
[संगीत]
मेरी
जिंदा नहीं रह सकता।
अरे मैं तेरा घरवा दूंगा।
अरे मैं तेरे लौंडे के टुकड़े कर दूंगा।
अरे खून धरेगा तो फांसी बचा।
अरे काका फांसी से क्या हुआ? मुझे अपनी
चाहिए। उठा लो तलवारों से।
तो खून से बहा देंगे।
अबे खून की नदियां बहा देंगे।
इज्जत तो कब चलेगी? अब किसी की जानने का
इज्जत तुम्हारे पास है।
भैया तुम्हें मेरी कसम
भैया तुम्हें मां की
मां की कसम मत दे। जो भाई अपनी बहन की
इज्जत के लिए जान नहीं दे सकता वो अपनी
मां के बेटा में नहीं करा सकता।
अच्छा ठीक है। जो चाहे वो करो। मैं भी मां
से अपनी जान दे देती हूं। फिर बता देना
अपनी बहन की इज्जत।
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
भैया
[संगीत]
भैया
रो मत जनको रो मत मुझे मत जाने दो भैया
मेरा नसीब ही ऐसे हैं मेरा नसीब है
अरे मैं तेरा नसीब बदल दूंगा मैं तेरा भाई
हूं मैं अब तेरी खुद शादी करूंगा
भूल जा इस बात को समझ लो जन को मर भैया धन
को मर गई।
हां हां भाई जिंदा रहा और बहन मर गई। अरे
तू तो इस गांव की बदनामी से मत डर हम इस
गांव को ही छोड़ देंगे। तुम्हें याद है ना
कमला ने कहा था मैं शहर में बहुत धन कमा
सकता हूं। मैं तेरे लिए धन कमाऊंगा। तेरी
शादी शान से करूंगा कि सारी दुनिया देख चल
हम आज ही गांव छोड़ देंगे। अरे तू चल मेरे
साथ छोड़ मेरे धन को।
एक दिन यहीं तुम्हारे सामने गुरुजी ने बैठ
के कहा था ना कि अगर मैं अपनी कला बेचूं
तो तुम मुझे श्राप दे दोगे। मगर मैं मजबूर
हूं। आज मेरी बहन की इज्जत और उसकी जिंदगी
का सवाल है। मैं इसके लिए कला बेचने जा
रहा हूं। तुम्हें श्राप देना है? मुझे
मंजूर है। मगर श्राप देने से पहले इतना
जरूर करना। मेरी बहन की शादी करा देना। बस
इतना जरूर कर देना।
आ गए।
कौन आ गए?
लुट गई बेबी।
कौन लुट गई?
मैं नहीं वो अपने अपने कुल्लू में गांव
में वो बंकरी बजाते थे ना।
[संगीत]
जानकी
[संगीत]
जानकी तुम लोग आ गए चंपा जी रहो बहुत
अच्छा अच्छा तुम लोग आ गए अरे सामान तो
यहीं रखा हुआ है अरे राधा अरे चंपा ओ
मुन्ना जल्दी से उठाओ सामान अरे रहने दे
रखने दे गेस्ट रूम खोल दे पहले चलो ठीक है
चलो
हां मैं तुमसे बहुत जरूरी बात।
ओह वो बात बाद में कर लेना। चलो चलो आओ
पहले थोड़ा सा आराम कर लो। फिर बाद में
बात करना। मैं बहुत खुश हूं कि तुम लोग आ
गए। बहुत खुश हूं। बहुत अच्छा किया तुम
चले आए। सज्जू मैंने पहली समझदार तुम्हारी
और अपनी बात कह दी है। उन्होंने कहा था
तुम्हें एक बार बुलाने की पूरी कोशिश
करेंगे। मैं तुमको नहीं चले आए।
दादा वो कौन है? कौन-कौन? वो वो वो वो जो
अभी नया आदमी आया है ना। हां हां वो वो
हां वो मेरे ख्याल कोई पहाड़ी मालूम होता
है। पहाड़ी साथ में आया है। ये मुझे नहीं
मालूम। चंपा को मारूंगा चंपा को। वो देखो
चंपा जा रही है।
अरे चंपा चंपा
तूने मुझे बुलाया?
हां ए चंपा।
वो कौन आया है अभी?
वो वो साडी मालकिन है ना।
वो मितवा है।
मिथवा मितवा कौन?
मितवा नहीं समझते दोनों। अरे जिस तरह तू
मेरा मितवा है। ओए
दादा।
दादा वो छोकरा है ना इतना खूबसूरत गांडा
है जे कि वो कुंवर साहब थिएटर नौकरी दे दे
ना सारी दिल्ली पीछे पागल हो जाए
तुम पागल हो गई हो
ना मैं दीवानी नहीं टेबल गई ओए कमजोर एक
गुलाब के फूल का वजन नहीं संभाल सकता दादा
नहीं संभालिए
तो मास्टर जी
इसकी आवाज काफी सुरीली है। आ हा हा क्या
कहने हैं कुंवर साहब? मैंने तो आज तक ऐसी
आवाज नहीं सुनी। हम
और कमर देवी समझती है कि ये स्टेज का हीरो
बनकर सारी दुनिया का दिल जीत लेगा। जी
कंवर साहब मेरा विश्वास है सरजू के गीत
सुनकर सारी दुनिया झूम उठेगी
हम्म सारी दुनिया झूम उठेगी
जी हां
लेकिन कमलादेवी
जी
इस भोंदू को अगर आप स्टेज पर ले जाएंगी तो
लोग गंदे अंडे फेकेंगे कंपनी का हजारों
रुपए का नुकसान होगा
कुंवर साहब आप मेरी बात तो सुनिए ऐसा
खर्चा मत कीजिए प्लीज आपको उसका गाना तो
पसंद आया
गाना तो पसंद आया कमला देवी लेकिन अच्छा
गला होना और अच्छी एक्टिंग करना दो अलग
बात है
मैं समझती हूं कुंवर साहब
मैं उसे एक्टिंग सिखाऊंगी। मैं उसे ट्रेन
करूंगी।
लेकिन तुम समझती नहीं हो। जो नुकसान होगा
उसका जिम्मेदार कौन होगा?
मैं मैं आपका नुकसान पूरा करूंगी।
कम
हां कुंवर साहब मैं जिंदगी भर आपकी गुलामी
करूंगी। मैं कोरे कागज पर दस्तख्त कर देती
हूं। आप मुझसे जो चाहे एग्रीमेंट साइन करा
लीजिए। मगर मगर उसे एक मौका तो दीजिए।
प्लीज मेरी खातिर। प्लीज
कमल
इतना भरोसा किस बात पर?
अपने प्यार पर कुंवर साहब प्यार में फराद
ने पहाड़ काट दिया था। मेरा सर जी अगर इस
देश का सबसे बड़ा एक्टर ना बना तो मैं
समझूंगी कि हमारे प्यार में कोई ताकत नहीं
थी। सिर्फ आपकी मदद चाहिए। सिर्फ आपकी मदद
चाहिए कुंवर साहब। प्लीज प्लीज प्लीज
अच्छी बात है। मिस्टर गायक तुम गाते हो
बहुत अच्छा हो लेकिन तुम में एक कमी है।
तुम एक्टिंग नहीं कर पाते। जैसे आजकल के
हीरो गाते हैं देखो। एक बेचारा आ प्यार का
मारा।
नहीं कर सकते।
कोई बात नहीं। हमारे जो डांस मास्टर है
चुने वो तुम्हें सिखाएंगे।
दिलीप?
यस बॉस। इन्हें मेरे पास लाओ।
आओ आओ प्यारी किस्मत खुल गई तुम्हारी यार।
यस बॉस।
आज से तुम नौकरी पर रख लिए गए। और दिलीप?
यस बॉस।
ये हमारे नए ड्रामे के हीरो हैं।
लेकिन इनकी हालत देख रहे हो कैसी है?
बहुत खराब है बॉस।
हमारी कंपनी के हीरो कैसे होते हैं?
एकदम टीप टॉप एबल मॉडर्नाइज्ड।
तुम्हें इन्हें सर से पांव तक बदलना होगा।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
दादा
जी जल्दी से कप चले आ
अच्छा जी भाग जा
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
थैंक यू थैंक यू थैंक यू थैंक यू
सूरज कुमार
यू हैव डन इट यू हैव डन इट डन इट
डन डन डन क्या
बहुत अच्छे लगते हो चलो देखो देखो देखो
देखो ओ
अरे हाथी ये जूता ले क्यों फिर रहे हो?
ये तुम्हारे सर का जूता ना
हां हां
बहुत काटता है।
ओह अब नहीं काटेगा। आओ मेरे साथ आओ आओ आओ
आओ आओ आओ आओ ओह यू लुकिंग सो
क्या हुआ?
शहर का पजामा बहुत तंग है।
हटने जाएगा।
आजकल का यही फैशन है। बैठ जाओ बैठ जाओ।
चंपा मैंने पैर का घागरा पहन लिया।
लुट गई। इसमें से बापू हाय एक किताब ये
घागरा बहुत लंबा है। साड़ियां पहन घागरा
नहीं है। हटो हम बांध देगा।
जी भाई। पहले नीचे चलो। साड़ी नीचे होली
है। उसको नहीं जान लिए। हटो। तुम हाथ ऊपर
करो नहीं तो मेन साहब को बोलेगा वो गुस्सा
करेगा तुम्हारे नाल। लो दो वहां दो वहां
ये भी हाथ। हां बन गई
ओब्बा
ओ हो त ऐसे ही ठहरो मेनु चक्कर मारने दो
नहीं मार ना मैं मार नहीं ना तू मारो ऐसे
पकड़ो ऐसे करके देखो कितना सुंदर लग रहे
है अच्छा लिपस्टिक लाडू ये लिपस्टिक होठों
पे लगाओ इससे क्या होगा लाल लगेंगे तेरी
तरह छठी लगाओ हां तेरी लुट गई
[संगीत]
भाई को
तूने क्या पहन लिया
पैर का
मेरे पैर का पजामा
[हंसी]
मैडम कवर साहब इस कम कवर साहब आए
ठीक है उन्हें जाकर बिठा
यस मैडम आई से वेलकम
जाओ
नमस्ते
नमस्ते
नमस्ते
वाह वाह वाह नमस्ते नमस्ते नमस्ते वैरी
गुड बैठो कम
आओ सरजू बैठो लुकिंग हैंडसम हां
थैंक यू
देखो सरजू
जी
तुम्हें ये चांस देकर हमने अपना सब कुछ
जोर पर लगा दिया है। अब तुम्हारी कामयाबी
या नाकामी पर हमारी जिंदगी का दारोमदार
फिक्र ना करे कमर साहब हम दोनों हम दोनों
बहुत मेहनत करेंगे
जी मैं बहुत मेहनत करूंगा आपको जरा भी
शिकायत नहीं
देखो ये तुम्हारे ड्रेसेस के और मेकअप के
स्केचेस है
ओहो
देखो देखो ये लैला ये मजनू
और ये रहे तुम तुम्हें ये बनना पड़ेगा
मजनू
आज ही किसी दिन तुझको दुनिया से मिटाएगी।
मोहब्बत मिट नहीं सकती। जमाने पर ये
छाएगी। मेरी मिट्टी से आएगी सदा तो यही
आएगी। फलक लैला जमीन लैला जिधर देखूं वही
लैला के मेरी जिंदगी लैला के मेरी मौत भी
लैला। जुबान खींच लो। पागल है यूं ना
मानेगा। ज़ में गाड़ दो पागल है यूं ना
मानेगा।
सजाएं तो इसे लैला से दिल लगाने की बहाने
दे सके फिर ये जमाने की
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
मान जा अब भी मान जा अब भी अरे ओ जा
गिरेबा वाले वरना पड़ जाएंगे कुछ देर में
जा के लाले सीना चीर लेंगे तेरा अपनी
तलवारों से हम जला देंगे तुझे रेत के
अंगारों से
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
देखो अखबार वालों ने तुम्हारी कितनी तारीफ
लिखी है। ओहो ऐसे नहीं जरा सीधा तो कर लो।
तुम पढ़ो।
मैं नहीं पढ़ती।
क्यों?
मैंने तुम्हें कितनी बार कहा, जरा लिखना
पढ़ना सीख लो। लेकिन तुम मेरी बातें नहीं
मानते।
मैं नहीं पढूंगा।
क्यों?
तू मुझे बुद्धू समझती हो?
मैं पढ़ना लिखना सीख जाऊं।
फिर अखबार भी खुद पढूं।
अपने डायलॉग भी खुद पढूं।
अपनी रिहर्सल भी खुद पढूं। और इसी बहाने
तुम मेरे पास रहती हो दूर हो जाओ।
आग इनको आओ।
हम आने नहीं आए हैं। हम कहने आए हैं कि
बाबूजी आ गए हैं और इधर ही आ रहे हैं।
नमस्ते बाबा जी नाते नाते नाते
मैं तुम दोनों को एक खुशखबरी सुनाने आया
हूं। रामोफोन कंपनी वाले कुंवर साहब के
पास आए थे। वो तुम्हारे नाटक के तमाम
गीतों के रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
हां वो तो ये भी कहते हैं कि तुम दोनों के
प्राइवेट गीतों के भी रिकॉर्ड बनाएंगे।
[हंसी]
रिकॉर्ड तोड़ देने से तुम उसकी आवाज बंद
नहीं कर सकते। कुंवर साहब अगर कमला को
जितनातना है तो सर को रास्ते से हटा दो।
खत्म कर दो उसे।
सोचते क्या? उसे अभी खत्म नहीं किया तो
बाद में पछताओगे। आज सिर्फ दिल्ली वालों
ने उसकी आवाज सुनी। कल सारा देश उसका गीत
गाएगा। वो तुमसे बड़ा हो जाएगा। उसके आगे
तुम्हारी कीमत कुछ भी नहीं रहेगी।
उसे खत्म कर दो। उसे खत्म कर दो।
मैंने एक लड़का देखा है।
बहुत अच्छे खानदान का लड़का है। एक्सपोर्ट
इंपोर्ट का बिज़नेस करता है। आगरे में रहता
है। बहुत बड़ा शानदार बंगला है।
बात पक्की हो गई।
अरे बात तो तब पक्की होगी जब लड़का लड़की
एक दूसरे को देखो। चलो चलो चलो।
मगर देखेंगे कब?
आज आज बड़ा मजा आएगा। लड़की को पता है कि
वो लड़की को देखने जा रहा है। जानकी को
कुछ भी नहीं मालूम।
फिर तो बहुत गड़बड़ हो जाएगी।
गड़बड़ कुछ भी नहीं होगी। मैंने जानकी से
कहा है कि मेरे एक मेहमान आने वाले हैं
उनकी खातिरदारी करना।
मगर उसको खातिरदारी क्या मालूम?
ओहो। तुम इसकी चिंता मत करो। मैंने चंपा
को समझा दिया है। चंपा उसे समझा देगी।
दरवाजा खोला?
हां खोला।
हां।
नमस्ते।
जी नहीं नमस्ते। लुट गई। जरा कमर नु झटका
देके
नहीं पाते नहीं उठ पाते
हां ठीक है नजाकत नाल कमर नु झटका देके
ऐसे चलो चलो चलो
खूबसूरत बनके
मैं मर जाऊंगा ठहरो ठहरो
[हंसी]
अरे ऐसे नहीं ऐसे नहीं एक वो सिखाने का
तरीका है घबराओ ना बेबी हम तुम्हें
सिखाएंगे देखो तुम्हें ऐसे सीखना है ना
हां इसके सामने आओ हां कैसे हो तुम मेहमान
हां चलो
तुम मेहमान राधा जैसे मेहमान आए ना तो
उसकी आंखों में आंखें डाल के देखना और
कहना नमस्ते हां चल चलो एक
नमस्ते
नमस्ते दो
आइए तीन एक दो तीन चार पांच छ
चला सजना ऐसे खड़ा हो जा
अरे उस्ताद तू हैु सिखा रहा है इसने
सिखाना है
हां बेबी तू समझ गए ना नंबर एक
नंबर दो
नंबर तीन
चार कहना बैठिए
बैठिए ऐसे नहीं। बैठिए।
तू बैठिए।
हां। नंबर पांच। पूछना। चाय पीजिएगा?
चाय पीजिएगा?
अरे काटती क्यों है? प्यार से कहना चाय
पीजिएगा?
चाय पीजिएगा?
शाबाश। लोग कहेगा, नहीं। मैं चाय नहीं
पीता।
अच्छा।
अच्छा क्या? अरे बोलना कि ये तो आप ही का
घर- घर घं घर है। चाय पीनी ही पड़ेगी।
बोलना कि ये तो आप ही का घर घर है। सुबह
हो जाएगा घर घर में। उसका बात मत सुनना।
हां, कहे ना ये तो आप ही का घर है। चाय
पीनी ही पड़ेगी।
ये तो आप ही का घर है। चाय पीनी पड़ेगी।
आई विल ब्रिंग द टी इमीडिएटली।
ओ नो नो पीछे हटो। इसको मत बोलना। तुम खुद
चली जाना।
मैं?
हां। और चाय का कप हाथ में लेके ऐसे चलना
है।
[संगीत]
शाबाश अरे अच्छा दिया अच्छा किया तूने
शाबाश वाह वाह वाह वाह चल दोस्तों हां फिर
से
आइए
[संगीत]
अरे वाह वाह लड़ गई एक
अरे नमस्ते
नमस्ते
दो
दो एक आइए एक ठीक है ना
हां ठीक है
[संगीत]
अरे अरे भागते कौन मेरे पापा है
नंबर तीन ना
ए तुम मेरे पीछे आओ हां
[प्रशंसा]
[संगीत]
नंबर चार नंबर चार ना हां 10
आप कौन है?
जी मेरा नाम अशोक है।
मेरा नाम जानकी है।
ओ तो आप ही जानकी हैं। जी मुझे कमला जी ने
यहां आने को कहा।
ओ ओ तो तो आप ही वो हैं।
जी ठ जाइए ठहर जाइए। एक दो तीन तीन हो
गया। अब नंबर चार रखिए।
जी?
[संगीत]
हे तशरीफ़ रखिए। तशरीफ़ रखिए।
ये एक दो
तीन चार।
ये सब कुछ क्या है?
वो ah बात ये है कि मैं अभी गांव से नई-नई
आई हूं ना। इसलिए सब लोग मेरे को सिखा रहे
हैं कि मेहमान का स्वागत कैसे करना। हां?
बैठ जाइए ना।
[संगीत]
आप चाय पीजिएगा?
जी हां, पी लूंगी।
आप कहिए नहीं।
नहीं।
हां। नहीं नहीं। ये तो आप ही का घर है।
चाय पीनी पड़ेगी। मैं लाती हूं।
अरे आप कहां जा रही हैं? किसी बहरे को कह
दीजिए। इसलिए आएगा।
बहरे से? बहरा तो यहां कोई भी नहीं। सब
सुनते हैं।
अच्छी बात है। किसी नौकर से कह दीजिए।
अच्छा।
चंपा
अब मैं नहीं आ सकती। तू ही चाय ले आ।
आप वाकई बहुत अच्छी।
बहुत अच्छी। कमला देवी ने जितनी भी तारीफ
की थी उससे भी ज्यादा अच्छी। देखिए आप एक
बहुत बड़ी कलाकार की बहन मैं एक छोटा सा
बिजनेसमैन फिर भी बात पक्की करने से पहले
ये जानना चाहता हूं कि आपको मैं पसंद हूं
क्या
जी मैं आपको पसंद हूं कि नहीं
मेरे को ये बात अपनी मां से पूछो अपनी बहन
से पूछो अपनी पत्नी से पूछो
देखिए देखिए देखिए आपको कमला जी ने ये
नहीं बताया कि मैं यहां किस लिए आ रहा हूं
दीदी से मिलने आती हूंगी
सुनिए सुनिए आपकी और मेरी शादी की बात
पक्की हो रही है
शादी
चंपा
[संगीत]
आपको कमला जी ने ये नहीं बताया कि मैं
यहां किस लिए आ रहा हूं।
से मिलने आती हूं।
सुनिए सुनिए। आपकी और मेरी शादी की बात
पक्की हो रही है।
शादी
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
दीदी तुम बहुत खराब हो। बहुत खराब हो।
बहुत खराब हो।
अब मुझे इतना तो बता कि ये लड़का तुझे
पसंद आया कि नहीं?
देखो दीदी मैं तुमसे कभी बात नहीं करूंगी।
कभी बात नहीं करूंगी।
देख बचपना मत कर। ये तेरी जिंदगी का सवाल
है। मुझे चुप से इतना बता दे कि तुझे ये
लड़का पसंद है कि नहीं?
ये बात मुझसे क्या पूछती हो? भैया से
पूछूं। अरे भैया को तो बहुत पसंद है।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
बैठ जाओ। देखो मैं जानकी के ब्याह के लिए
साड़ी तैयार कर रही हूं।
बैठो ना।
अरे बैठते नहीं, बोलते नहीं। बात क्या है?
हां।
हीरे की अंगूठी बहुत अच्छी है। जानकी के
लिए
तो फिर किसके लिए?
मेरे लिए क्यों?
अरे तुम तो कहती थी मेरे दिल की हर बात
बिना कहीं समझ जाती हो। खाक समझती हो।
पहले समझती थी। लेकिन अब तुम्हारी कंपनी
में रहते-रहते मैं भी बुद्धू हो गई हूं।
अब ठीक हुआ। एक बुद्धू की दूसरे बुद्धू से
मुलाकात हुई। तो सुनो हमने फैसला किया है
कि जिस दिन जानकी की शादी हो उसी दिन इन
दोनों बुद्धुओं की भी शादी कर दी जाए।
[संगीत]
[संगीत]
आ
[संगीत]
[संगीत]
जी मगर जल्दी हां
अस्सलाम वालेकुम
वालेकुम अस्सलाम पैसे खाता हूं मुंह मीठा
कीजिए मिठाई तो हम खाने ही आए हैं लेकिन
दूल्हा भी नजर नहीं आ रहे थे आज सुबह ही
आग गया है आज तक कल उसकी यहां शादी है और
वो आग पहुंचे हुए हैं भाई उसकी शादी तो है
लेकिन साथ-साथ उसकी बहन की भी है। बहन के
ससुराल वालों से मिलने गया है। बस आता ही
होगा। इसी वक्त पहुंच गया।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
ओम
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
[हंसी]
हेलो
क्या कहा? एक्सीडेंट
किसका?
सूरज कुमार का।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
यस यस वेरी गुड आई गॉड
[संगीत]
ओह नो
क्यों
चल
यस
सिस्टर कोई तो मुझे बता दे आर क्या हो रहा
है प्लीज सिस्टर प्लीज मुझे इतना बता
दीजिए वो बच तो जाएंगे अभी कुछ नहीं कह
सकती चोट बहुत ज्यादा है चोट का ही तो पता
नहीं चलता शायद कहीं दिमाग में चोटाई है
किस्म
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
ऑलराइट
थैंक यू डॉक्टर। डॉक्टर वो वो होश में आ
गए?
हां हां दो घंटे हो गए होश में आ गए।
बिलकुल ठीक है। बातचीत करते हैं।
खदर है। मेरा ख्याल है आपसे मिलना चाहते
हैं।
ये
यस डॉक्टर।
मिस कमला देवी। पहले मैं आपसे एक जरूरी
बात कहना चाहता हूं।
ताकि अंदर जाकर आपको ज्यादा शॉक ना लगे।
जी
इशू तो वो ठीक है। बाएं हाथ पे एक मामूली
सा फ्रैक्चर है। वो भी जल्दी ठीक हो
जाएगा। लेकिन गाड़ी को उलट जाने से उनके
सर पे कोई ऐसी चोट आई है कि
उनकी आवाज चली गई है।
वो बोल नहीं सकते।
बोल नहीं सकते।
नहीं
[संगीत]
आप हिम्मत से काट लीजिए। हम पूरी कोशिश कर
रहे हैं। मैंने बड़े-बड़े ब्रेन
स्पेशलिस्ट की एक मीटिंग बुलाई है और शायद
उनके ब्रेन का ऑपरेशन करके उन्हें ठीक कर
दे।
[संगीत]
देखिए
अंदर वही जा सकता है जो हिम्मत से
मुस्कुरा सके और मरीज को धीरज दे सके।
अच्छी बात है डॉक्टर।
मैं जाऊंगी।
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
चा
[संगीत]
सज्जू सज्जू मैं जानती थी मैं जानती थी
तुम्हें कुछ नहीं होगा कुछ नहीं होगा
जानते हो मैं सारी रात बाहर बैठकर भगवान
जी से तुम्हारे लिए प्रार्थना कर रही थी
और देखो भगवान ने तुम्हारी जिंदगी मेरी
झोली में डाल दी
किसे ढूंढ रहे हो?
पापा जानकी जानकी मैं मैं उसे अभी बुलाती
हूं। अभी बुलाती हूं। अभी बुलाती हूं।
[संगीत]
[संगीत]
भैया
ये तुम्हें क्या हो गया भैया तुम्हें क्या
हो गया भैया
जनक जनक ये तुम क्या कर रही है अगर रोना
है तो चली जा बाहर बाहर जाकर
सूरज कुमार के ठीक होने का कोई चांस नहीं।
उसकी जगह आप सलीम को लेकर ड्रामे की शुरू
कर दीजिए। लेकिन कुंवर साहब आप समझते हैं
कि कमला देवी इस बात को मान जाएंगी।
क्यों नहीं मानेंगी?
हमने उनसे वादा किया है सूरज कुमार के ठीक
हो जाने पर उसका रोल उसी को दे दिया
जाएगा।
मुझे मालूम है डॉक्टरों ने कहा है कि उसकी
आवाज अभी कभी नहीं आएगी।
मगर मालकिन तो उसे कह रही थी कि तुम जल्दी
ठीक हो जाओगी। ओ बाबा मालकन होते तरस खा
के खाके उसे अपने घर विच रखा हुआ है।
तरस खाके नहीं। मुझे प्यार से रखा है।
अरे भई कभी कोई एक्ट्रेस भी किसी से प्यार
कर सकती है क्या?
मगर मालकन तो उसे बहुत प्यार करती है?
हां बाबा जैसे लोग अपने कुत्तों से प्यार
करते हैं।
उसी तरह उस बेजुबान को भी पाल रखा है।
तर खा के रखा है। तर खा के रखा है। तुझे
दर्द खा के रखा है सर। तर खा के रखा है।
लोगों के तरस और रहम पर कब तक रहेगा? चला
जा। चला जा यहां से।
[संगीत]
[हंसी]
[संगीत]
[प्रशंसा]
तुम जा रहे हो सर
मुझे छोड़ कर
मुझसे कोई भूल हो गई है क्या
देखो सर सर मैं तुम्हारे साथ बहुत दूर आ
गई हूं सिर्फ एक भरोसे पर कि तुम मेरे हो।
मेरा हाथ छोड़कर कभी नहीं जाओगे। और आज
तुम मुझे आधे रास्ते में छोड़कर चले जाना
चाहते हो। क्यों? क्यों?
तुम यहां नहीं रहना चाहते।
सर मैं तुम्हारे जज्बात को समझती हूं।
जहां तुमने लोगों के दिलों पर राज किया
है,
वहां तुम्हें इस हालत में नहीं रहना चाहते
कि लोग तुम्हें देखे और तुम पर तरस खाए।
ठीक है हम यहां नहीं रहेंगे। हम अपने
पहाड़ पर चले जाएंगे उन बर्फीली चोटियों
और गाते झरनों के देश में चले जाएंगे।
सरजू जहां सब खामोश है लेकिन एक सब एक
दूसरे की जबान समझते हैं। हम वहां चले
जाएंगे। लेकिन तुम अकेले नहीं फिर भी
तुम्हारे साथ चलूंगी। हां संजू
[संगीत]
तुम सोचते होगी
कि मैं ये शान शौहरत धन दौलत
ये सब नहीं छोड़ सकती
सर
तुमने अभी तक औरत के दिल को नहीं पहचाना
आओ
आओ मेरे साथ मैं तुम्हें दिखाती हूं
[संगीत]
देखो
जब राम अकेले वन जाने लगे तो सीता राजमहल
में नहीं ठहरी। वो भी जोगन बनकर उनके साथ
वनों में चली गई। ये होता है औरत का
प्यार। सर
तुम जहां जाओगे मैं भी वहीं जाऊंगी। जहां
रहोगे
वहीं रहूंगी।
मेरे विधवा मैं तुमसे और कुछ नहीं मांगती।
सिर्फ एक वचन मांगती हूं। फिर कभी मुझे
अकेले छोड़कर मत जाना।
[संगीत]
[प्रशंसा]
हेलो।
आप अभी तक घर पर ही हैं? यहां रिहर्सल के
लिए सब लोग आपका इंतजार कर रहे हैं।
आप कंवर साहब से कह दीजिए मुझे माफ़ कर
दें। मैं रिहर्सल पर नहीं आ सकती।
क्या बात है? क्यों नहीं आ सकती?
कंवर साहब, इस वक्त मेरा सरजू के पास रहना
बहुत जरूरी है।
ओहो उस गूंगे को सेवा की इतनी जरूरत है तो
दो चार खूबसूरत नर्स से भिजवा देता हूं।
जिस काम को एक किराए की नर्स या तुम्हारी
आया कर सकती है उसके लिए इतने बड़े स्टार
को परेशान होने की क्या जरूरत है? तुम्हें
मालूम है कि परसों हम ड्रामा स्टेज कर रहे
हैं।
मैं जानती हूं कंवर साहब। मगर मैं आपसे
माफी चाहती हूं। आप अपने ड्रामे में किसी
और लड़की को ले लीजिए।
व्हाट?
तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है?
जी नहीं। मैं बिल्कुल अपने होश में कह रही
हूं। कमर साहब आप मुझे अपनी कंपनी से
छुट्टी दे दीजिए। मैं सरजू के साथ उसके
गांव जा रही हूं।
ऐसा लगता है कि तुम अपने होश में नहीं हो
कमला। हम तुमसे पर्सनली बात करना चाहते
हैं।
बहुत अच्छा।
कमल तुम नहीं जानती तुम क्या कर रही हो।
इस पागलपन का अंजाम क्या होगा। कुंवर साहब
मोहब्बत करना पागलों का ही काम है और उनको
अंजाम की फिक्र नहीं होती।
नो कमल नो इट इज नॉट पॉसिबल। कमल हमें
मजबूर मत करो कि तुम्हारी मोहब्बत की
खातिर हम कोई गलत काम कर बैठे। हम
तुम्हारे लिए सब कुछ कर सकते हैं। अपने
वसूलों तक को कुर्बान कर सकते हैं। लेकिन
तुम्हें बर्बाद होते नहीं देख सकते। इसलिए
हमने फैसला किया है कि तुम्हें थिएटर से
नहीं जाने देंगे।
और मैंने भी फैसला कर लिया है कि अपने
सरजू के लिए मुझे थिएटर तो क्या दुनिया भी
छोड़नी पड़े तो छोड़ दूंगी।
मगर ये मत भूलो कि हमारी इजाजत के बगैर
तुम थिएटर छोड़ कर नहीं जा सकती। थिएटर के
साथ तुमने एग्रीमेंट साइन किया है।
क्या साइन किया है मेरे बाबा जाने? मैं जा
रही हूं।
[प्रशंसा]
ठीक है।
मिस कमला के फादर से जहां भी हो उनसे बात
कराओ।
[संगीत]
बहुत
मैं बाद में लूंगी।
कमरा
जो कुछ मैंने सुना है क्या ये सच है?
क्या है बाबा? कि तुमने अपनी जिंदगी को
बर्बाद करने का फैसला कर लिया है।
बाबा बर्बादी और खुशी तो दिल के समझने की
बात है। क्या शहर की तड़क-भड़क में रहने
से ही खुशी मिल सकती है और गांव की सादा
सी जिंदगी बसर करने का नाम बर्बादी है
क्या?
मुझे कविता मत सुनाओ। कविता से जिंदगी भर
पेट नहीं भरता। मगर पापा
कमला
लोग कुत्ते पालते हैं, तोते पालते हैं और
उन बेजुबान जानवरों से प्यार भी करते हैं।
लेकिन उनके लिए अपना काम और धंधा नहीं
छोड़ देते। अगर तुम इस गूंगे बेजुबान को
पालना चाहती हो तो
बाबा पापा तुमने ये क्या कह दिया?
सर सरजू सरजू सरजू बाबा का ये मतलब नहीं
था। सरजू बाबा का ये मतलब नहीं था। आपको
उससे मैं गलत बात कह रही थी सरजू मेरे
बाबा ऐसे नहीं है
सरजू मुझे माफ कर दो सरजू मेरी खातिर माफ
कर दो सरजू मेरे खातिर माफ कर दो मुझे माफ
कर दो
बाबा
आपको उनसे ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए थी
आपको उनसे माफी मांगनी चाहिए कमला
तुम अपने बाप से माफी मंगवाने आई हो?
हां अगर मेरा बाप मेरे पति को एक जानवर
कहेगा तो मैं उसे माफी मांगने को जरूर
कहूंगी।
पति पति वो कब से हो गया तुम्हारा?
भाभी ने उस दिन हमारी शादी तय नहीं की थी।
जब बाप ने कहा बेटी ने मन से मान लिया उसी
दिन से पति पति हो जाता है बाबा।
बोलिए
आपने कहा था कि नहीं
मगर वो वक्त और था उस वक्त हालात और
अब हालात में क्या फर्क पड़ गया है इतना
ही कि उसकी आवाज नहीं रही
मैं पूछती हूं बाबा अगर यही एक्सीडेंट
हमारी शादी के बाद हो जाता फिर भी क्या आप
उसे मेरा पति मानने से इंकार कर देते
कमला तब और बात होती एक मजबूरी होती लेकिन
आंखों देखकर दर्द बिना
नहीं बाबा बिलकुल अकलमंदी नहीं
मगर बाबा
आप अपनी अकल से मेरी एक बात का जवाब दीजिए
अगर यही एक्सीडेंट मेरा हो जाता
अगर इसी तरह मैं गूंगी हो जाती और सर जी
मुझे छोड़कर किसी और के पास चला जाता तो
आपको कैसा लगता आप उस वक्त उसकी अकलमंद के
कितना गुणगाते जवाब दीजिए
उस वक्त आपके कंधे से लहू टपकता क्योंकि
उस वक्त आपकी लड़की का दुख होता बाबा
वह भी तो किसी का बेटा है। आज आकाश में
उसकी मां भी तो देख रही होगी कि जो लड़की
उसके साथ इतने प्यार से बातें किया करती
थी आज वह लड़की उसके बेटे का हाथ थामती है
या उसे धक्का दे देती है? जवाब दो पापा
जवाब दो। पापा
आज उसे मेरी पहले से भी ज्यादा जरूरत है।
उसे दर्द हो तो वो ये नहीं कह सकता कि
मुझे दर्द हो रहा है। उसे भूख लगे तो वो
ये नहीं कह सकता कि मैं भूखा हूं।
आज ही तो उसे ऐसे शादी की जरूरत है। जो
उसके दिल का ये सब बात समझ ले। और आज ही
तुम मुझे अवसर सिखा रहे हो कि मैं उसे
छोड़ दूं।
यही वो धर्म है जो एक बाप को अपने बेटे को
सिखाना चाहिए। बोलो बाबा
बेटी आज से मैं तुम्हें साक्षात देवी
मानूंगा।
बेटी
तुमने मुझे घोर पाप से बचा दिया।
बेटी मुझे कुंवर साहब ने धमकी दी थी। कि
वो मुझे दर-दर का भिखारी बना दे।
मैंने इतनी गरीबी देखी है कि भूख की
दुनिया में जाने से डर गया
और अपना धर्म भूल गया
लेकिन अब अब मैं किसी से नहीं डरूंगा कमला
मैं किसी से नहीं डरूंगा कमला मैं किसी से
नहीं डरूंगा अब नहीं डरूंगा नहीं डरूंगा
तो अब चीटियों के भी पर निकल आए तुम लोग
अपनी हस्ती भूल गए हो अब तुम भी मुझे
आंखें दिखाने लगे कुंवर साहब मैं आपको
क्या आंखें दिखा सकता हूं। मैं तो आपको
देवता समझ कर अपनी बेटी की खुशी की भीख
मांगने आया हूं।
इन चापलूसी की बातों से तुम मुझे बहुत
दिनों तक बहका चुके हो दीनदयाल।
नहीं नहीं सरकार ये आप क्या कह रहे हैं?
ये चापलूसी नहीं हम तो दिल से आपको
और साहब आप मुझे समझने की कोशिश कीजिए।
मैं ऐसे दलील आदमियों से बात नहीं करना
चाहता।
देखिए कुंवर साहब।
तो ये तुम्हारा आखिरी फैसला है।
जी हां। दीनदयाल ये मत भूलो कि आज जो कुछ
भी तुम हो मेरी वजह से हो ये शानो शौकत ये
कपड़े ये बंगले मोटर गाड़ियां सब मेरे दिए
हुए हैं और जो दे सकता है वो वापस लेने की
ताकत भी रखता है दीनदयाल शायद तुम लोगों
को मेरी ताकत का अंदाजा नहीं है मैं
तुम्हें जेल भिजवा सकता हूं उस जलील लड़की
को तबाह कर सकता हूं उसे बिगाड़ बना सकता
हूं कुंवर साहब
[संगीत]
कुंवर साहब
आज तक मैंने आपकी बड़ी इज्जत की है। मगर ये
नहीं जानता था कि आप अंदर से इतने छोटे
आदमी हैं। मैं समझता था आप कला के पारखी
हैं। कला खरीदते हैं। मगर ये नहीं जानता
था कि आप इंसान खरीदते हैं। इंसान का सौदा
करते हैं आप। कुंवर साहब जिस दौलत के जोर
से आप हमें खरीदना चाहते हैं उस दौलत की
पूजा हमने कभी नहीं की। हम बाप बेटी जिन
फटे कपड़ों में यहां आए थे वो कपड़े मैंने
अभी तक संभाल के रखे और वही कपड़े पहन कर
कल सुबह हम यहां से चले जाएंगे। आप अपनी
तालत अपनी शान अपने पास रखिए।
ये बहुत मेहनत पड़ेगी। दीनदयाल कुमार साहब
आप मुझे जेल भेज दीजिए। मुझे गोली मार
दीजिए। मेरा खून कर दीजिए। मगर मैं अपनी
बेटी का सौदा नहीं कर सकता। मैं अपनी बेटी
को नहीं बेच सकता। नहीं भेज सकता। नहीं
बेच सकता। अरे मैं इतना नहीं गिर गया हूं।
मैं बहनों को छोड़ देता हूं। मैं झोपड़ी
में उतारा कर दूंगा। ये समझते क्या है
अपने आप को?
[संगीत]
उस नागिन को तो बस मैं कर सकता हूं। मगर
आज उसका बाप भी आस्तीन का सांप निकला।
सांप का सर कुचोड़ लिया जाए बॉस।
सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी।
ये कुंवर साहब समझते क्या है? मैं क्या इन
सब चीजों का भूखा हूं?
[संगीत]
सर बेटा तू चिंता ना कर। अच्छा हुआ। जाते
हुए इनसे मेरा मुंह टूट गया। बहुत अच्छा
हुआ।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
[हंसी]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[हंसी]
[हंसी]
कम देखिए तूने मेरे पापा को मारने मेरे
पापा को मार दी
क्या किया क्या
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
कमी
तुमने एक देवता को मार डाला।
लेके जाओ। इस बदमाश के हाथ बांध दो।
[प्रशंसा]
राजू तू मुझे भी मार डाल। मुझे भी मार
डाल।
मुझे भी मार डाल जालिम। मुझे भी मार डाल।
तेरे खून की प्यास नहीं बुझी। तो मेरे
सीने में भी उतार के छुरी को। मुझे मार
डाल। मार डाल मुझे। जब मेरा मां-बाप को
मार डाला तो मुझे सिला क्यों छोड़ा? बोल।
बोल डाले मुझे मार डाल। तुम्हें इस पत्थर
पर सर पटकने से कोई फायदा नहीं। मैंने
तुमसे पहले ही कहा था कि आदमी के काबिल
नहीं है। अब इसकी सजा है फांसी। फांसी मैं
भी पुलिस को फ़ोन करता हूं।
नहीं नहीं फांसी नहीं।
पुलिस मैं कुंवर शमशेर सिंह बोल रहा हूं।
नहीं नहीं नहीं
कहूंगा साहब। नहीं
देखिए हमारे यहां खून हो गया।
नहीं नहीं कहूंगा साहब। नहीं
हेलो हेलो हेलो। मैं अपने हाथों से फांसी
नहीं चढ़ा सकती। ये नहीं होगा।
तुम हर बार बेवकूफी करती हो। ये पागलपन मत
करो। ये कातिल है और कातिल को उसकी सजा
मिलनी चाहिए।
ये कातिल नहीं है कंवर साहब। ये पागल है।
आपने एक दिन कहा था ना कि ये एक दिन पागल
हो जाएगा। ये पागल हो गया है।
जो कुछ भी हो इसको सजा मिलनी चाहिए।
कंवर साहब
कवर साहब मैं आपका हाथ जोड़ती हूं। मुझसे
मुझसे ये पाप ना करवाइए। कंवर साहब मैंने
इससे प्यार किया है।
मैं तो फाइन नहीं चढ़ा सकती। मैं फाज़ नहीं
चढ़ा सकती तो
संजू
क्या ले
तू कभी मुझे अपनी जीवन दिखाना। कभी मुझे
अपनी मत।
[संगीत]
[संगीत]
शुक्रिया मौत ने समय रख दिया
जी महाराज मुंशी जी हम दो दिन के लिए
दिल्ली जाएंगे घर का ख्याल आपने क्या नहीं
मालिक चलो
तो आपको किसी पर शक नहीं
कुंवर साहब कातिल का कोई मोटिव नजर नहीं
आता। कुछ चोरी भी नहीं हुई, खिड़कियां बंद
है। कातिल भागा तो कहां से?
दरअसल इंस्पेक्टर जब हम यहां पहुंचे तो
कातिल भाग चुका था और हॉल का दरवाजा खुला
था। हम
आपके यहां एक्टर सूरज कुमार रहते थे ना।
वो यहीं है। उस वक्त वो घर पर थे।
ये वो दो दिन हुए अपनी बहन के पास आकर चले
गए हैं।
[संगीत]
कौन है?
क्या चाहिए? अरे कहां घुसे जा रहे हो? भीख
मांगना है तो कहीं और जाओ।
हां हां साहब को पूछ रहे हो। साहब और मेम
साहब दोनों दिल्ली गए हैं। यहां कोई नहीं
है। अरे क्या देख रहा है? चलो चलो।
अरे क्या देख रहा है? बाहर निकलो। चलो
बाहर निकलो।
सुखिया
कौन था?
अजी मुंशी जी कोई भीख मांगने वाला था।
मुझे तो इसकी सूरत बीबी जी के भाई की जैसी
मालूम हो रही है।
बीबी जी का भाई?
और इस फटीचर हालत में।
अरे मुंशी जी अपना चश्मा बदलवाओ। वो तो
बहुत बड़ा एक्टर है।
[संगीत]
लगता है भैया घर में नहीं है।
हां चारों तरफ कुछ उदासी छाई हुई है। पता
नहीं क्या बात है।
चंपा
चंपा क्या हो गया है तुम्हें? भैया कहां
है?
नमस्ते कुंवर साहब।
नमस्ते।
अब तुम यहां क्या करने आई हो?
जी। वो
भैया से मिलने।
वो चला गया यहां से।
कहां?
तुम्हारे भैया ने कमला देवी के बाबा का
खून कर दिया है। इसलिए भाग गया वो यहां
से।
नहीं
ये नहीं हो सकता।
भैया ऐसा नहीं कर सकते। आप लोगों को आप
लोगों को जरूर कोई गलतफहमी हुई है? कमला
दीदी कहां है? कमला दीदी
कमला से मिलने की कोई जरूरत नहीं।
[संगीत]
राम सिंह
[संगीत]
[प्रशंसा]
दैट्स ऑल राइट।
चलो जानकी यहां से चल।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
कौन कौन था?
जानकी आई थी।
जानकी कहां गई वो? ऊपर क्यों नहीं आई?
हमने उसे निकाल दिया। एक कातिल की बहन का
इस घर में कोई काम नहीं।
कोई भी नहीं आया था?
जी नहीं। कोई भी नहीं आया था। सिर्फ एक
मांगने वाला गूंगा आया था।
गूंगा?
जी हां। कुछ इशारों से बातें करता था।
मैंने फकीर समझ कर बाहर निकाल दिया। और
फिर समझ के घर से निकाल दिया। वो जरूर
भैया होंगे। जरूर भैया होंगे।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
रुको रुको रुको
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
भैया भैया
भैया
ये क्या हो गया भैया?
नहीं नहीं मुझसे काम नहीं होगा। मुझसे काम
नहीं होगा। आप लोग समझते क्यों नहीं?
लेकिन कमला दी शो मस्ट गो ऑन। हम
आर्टिस्टों की यही जिंदगी है। सुख हो या
दुख हमारा खेल कभी बंद नहीं होना चाहिए।
कमर साहब ठीक कह रहे हैं बेटी। तुम्हारे
इस तरह बैठ जाने से कंपनी बंद हो जाएगी।
और इतने सारे लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
मास्टर जी। आप समझते क्यों नहीं?
मैं तुम्हारी हालत समझता हूं बेटी। मगर इस
तरह रोने से तो बाबूजी का गम दूर नहीं
होगा। काम ही गम की तबाह है।
मैं काम करना चाहती हूं। पर इस वक्त मुझसे
काम नहीं होगा। मैं थिएटर तो क्या दिल्ली
शहर में भी नहीं रहना चाहती। दिल्ली शहर
में भी नहीं रहना चाहती।
ठीक है। अगर दिल्ली में तुम्हारा जी नहीं
लगता, हम थिएटर लेकर टूर पर निकल जाएंगे।
यूपी के अलग-अलग शहरों में अपना शो करेंगे
और इस तरफ से तुम्हारा दिल भी बहल जाएगा।
कमला अगर तुम हां कह दो तो हम अपना पहला
शो इसी हफ्ते आगरे में शुरू कर देंगे।
आ गया
हां
हां कह दो बेटी हां कह दो
हां कह दो
जैसे आपकी मर्जी
जीती रहो तुम सच्चे कलाकार हो
भैया यहां सर्दी बहुत पड़ती है हां कंबल
ओढ़कर सोना
मैं जाऊं?
सब दूध पीना। हां।
मालूम है परसों कमला देवी का थिएटर आगरा
आने वाला है।
हां मालूम है।
एक बात कहूं?
करिए।
भाई साहब का यहां ठहरना ठीक नहीं है।
क्या?
खूनी आंखें खूनी है। पुलिस को पता चल गया
तो? मगर भैया हुनी नहीं है। उन्होंने मुझे
यकीन दिलाया है कि खून उन्होंने नहीं
किया।
तो फिर किसने किया?
यही तो वो समझा नहीं सकते। कुछ कहते हैं
मगर समझ में नहीं आता।
जब तुम नहीं समझ सकती तो अदालत या पुलिस
कैसे समझे? आखिर पुलिस को पता चल जाएगा।
और जब उनकी गिरफ्तारी हमारे घर में होगी
तो हमारी कितनी बदनामी होगी।
बदनामी के डर से भाई को घर से निकालते।
वो जाएंगे कहां? इतनी बड़ी दुनिया है कहीं
भी जाके छुप सकती है। हां हम ये कर सकते
हैं कि रुपया पैसे से मदद करें। लेकिन एक
खूनी को अपने घर में पनाह तो नहीं दे
सकते।
ठीक है।
हम उन्हें अपने घर में नहीं रखेंगे। कल
सुबह
मैं उन्हें लेकर चली जाऊंगी।
जानकी
आप समझते हैं कि मैं उन्हें दुनिया भर में
ठोकरी खाने के लिए अकेला घर से निकाल
दूंगी।
भला सोचिए तो सही। वो किसी से खाना नहीं
मांग सकते। पानी नहीं मांग सकते अपना दुख
किसी से नहीं कह सकते इस दुनिया में मेरे
सिवा कौन है पंखा मैं कैसे छोड दूं
लेकिन लेकिन मैं आपकी बदनामी नहीं होने
दूंगी हम भाई बहन
गांव जाकर रहेंगे
गांव में ही रहने देंगे
[प्रशंसा]
[संगीत]
आइए
आइए ना
[संगीत]
[प्रशंसा]
कमल तुम इनसे मिलना चाहती थी ना? मैं
इन्हें ले आया।
बैठिए।
बैठो जनक।
कमल देखो शो शुरू होने में सिर्फ 20 मिनट
रह गए हैं। जरा जल्दी करना।
बैठो
जनक
जनक
सर जो
आखरी में आया था
हां
अच्छा तो है ना
पता नहीं
क्यों
वो
वो कहीं चले गए
कहां चले गए
क्यों चले गए
क्यों चले गए
जी एक खूनी ये हमारे यहां कैसे रह सकता
है?
खूनी।
उसने तुम्हारे किसका खून किया था?
जी।
मैं पूछती हूं। उसने तुम्हारा क्या
बिगाड़ा था? उसने मेरे बाबा का खून किया
था और मैंने उसे माफ कर दिया। मगर तुम्हें
तुम्हें तो अपने कलेजे का टुकड़ा, अपनी
बहन दी थी। अपना सब कुछ दिया था और तुम
मुझसे रहने के लिए थोड़ी सी जगह भी नहीं
दे सकी।
और तुम एक बहन हो। जिसने एक मजबूर बेसहारा
बेजुबान भाई को घर से निकाल दिया। जनक जनक
भाई को घर से निकाल देने के बाद तुम्हें
नींद कैसे आई? तुम खाना कैसे खाती हो? हे
भगवान हे भगवान कैसे हैं ये रिश्तेदार?
कैसी है इनकी मोहब्बत?
[संगीत]
सुन गए क्या ये काम हो रहा है अभी तक
तुमने इतना ही पत्थर तोड़ा है अरे जल्दी
जल्दी काम कर मेरा मुंह क्या देख रहा है
[संगीत]
सेठ जी नमस्ते अरे उठ उठ रास्ता छोड़ सेठ
जी आ रहे हैं
अरे क्यों खामखा गरीब पे गुस्सा कर रहे
हो?
काम
अरे चल चल मुंह क्या देख रहा है काम कर
[संगीत]
ठेकेदार साहब
जी काम जल्दी नहीं आजकल लेबर जरा कम मिलती
है तेरे से मगर अब जल्दी हो जाएगा
[संगीत]
अरे चल गंगे
[संगीत]
अगर कल भी तुमने कम पत्थर तोड़े तो छुट्टी
कर दूंगा। याद रखना
क्या चाहिए भाई?
₹
[संगीत]
आगे बता
पिताजी कोई कितनी ही अच्छी बाजी बजा रहा
है।
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
आप कौन हैं?
हजूर ये बोल नहीं सकता गूंगा है।
आपके इन हाथों से हमने पत्थर तुड़वाए। इसके
लिए हम क्षमा चाहते हैं।
मैं भी संगीत का एक तुच्छ साधक हूं। इतनी
कृपा कीजिए मेरे गरीब खाने पे चलके हमारी
सेवा स्वीकार कीजिए। आइए
आइए आइए ना
आइए आइए आइए
[संगीत]
इंदु को संगीत का बहुत शौक है। सिद्धार्थ
तो खासा अच्छा बजा लेती है।
जी नहीं मैं नहीं कहती। इसपे तो पिताजी
रियाज करते हैं।
जी बंदा क्या रियाज़ करेगा? यूं ही कोशिश
करता रहता हूं। अब तो जी चाहता है आपकी
शागिर्दी करना।
आप इस उम्र में क्या शागिर्दी करेंगे
पिताजी? शागिर्द तो मैं बनूंगी। आप मुझे
सिखाएंगे ना। आप मेरे गुरु जी बनेंगे ना?
हजूर मेरी भी एक दरख्वास्त है। मैं यहां
के रेडियो स्टेशन की एडवाइज़री कमेटी का
चेयरमैन हूं। आपकी बांसुरी का प्रोग्राम
हमारे लखनऊ स्टेशन से एक बार जरूर होना
चाहिए। ना ना आप चिंता ना कीजिए। मैं ऐसा
इंतजाम करूंगा कि आपका ये प्रोग्राम मुल्क
के सारे स्टेशनरी लेकर।
मैं चाहता हूं ये अमृत सारी जनता को मिले।
हमारे गुरु जी ब्रॉडकास्ट करेंगे। मगर फीस
स्पेशल से स्पेशल क्लास की होनी चाहिए।
हुजूर स्पेशल से स्पेशल ही होगी।
थैंक यू।
माफ़ कीजिएगा। मैं भी हाजिर हुआ।
गुरु जी गुरु जी आप रिकॉर्ड सुनेंगे। मेरे
पास अच्छे-अच्छे संगीत के रिकॉर्ड्स हैं।
आइए मैं आपको सुनाती हूं। आइए ना।
[संगीत]
बोलिए गुरु जी क्या सुनेंगे? बीना, सितार,
मुरली, तबला हम तो बोरिंग है। गुरुजी,
क्या रिकॉर्ड निकला है गुरुजी? कमला देवी
और सुनील कुमार का। आप उन्हें नहीं जानते?
अरे ये कितने मशहूर कलाकार हैं। मैंने भी
उन्हें नहीं देखा। बस क्या गाते हैं गुरु
जी? क्या गाते हैं। अच्छा ये बताइए आप
अकेले का सुनेंगे या दोनों का डुएट। अच्छा
मैं आपको ये सुनाती हूं। ये उनके एक बड़े
मशहूर ड्रामे का गीत है। सुनिए।
कमल
तुम्हें इस तरह देखकर हमें अपने आप पर
गुस्सा आता है।
इसमें आपका क्या दोष है?
हमारा दोष यही है कमल कि हमने तुमसे इतनी
मोहब्बत की कि जो भी तुमने कहा हमने हमेशा
मान लिया। यहां तक कि तुम्हारी खुशी के
लिए अपनी मोहब्बत भी कुर्बान कर दी। यही
हमारी गलती थी।
ये गलती नहीं थी। आपकी अच्छाई थी कंवर
साहब। मैं जानती हूं आपने मेरी खातिर अपनी
मोहब्बत कुर्बान कर दी।
मगर उस कुर्बानी से क्या फायदा हुआ जब
तुम्हें खुशी नसीब ना हुई। अगर उस दिन
सरजू को पुलिस के हवाले कर देता तो बेहतर
होता।
कमल
कमल वो मर जाता तो तुम सब्र कर लेती। मगर
जिंदा रहकर तो वही एक नासूर एक कैंसर की
तरह तुम्हें तिल तिल करके मिटा रहा है।
तुम्हें देखते हैं तो हमारा जी चाहता है
उसे ढूंढ कर गोली मार दें।
नहीं कवर साहब नहीं। प्लीज आप ऐसी बातें
मत सोचिए। अगर मुझे एक बार सिर्फ इतना पता
चल जाए कि वो जहां भी है ठीक है। तो मैं
आपसे वादा करती हूं। उसकी याद को सीने से
काट के फेक दूंगी। फिर कभी उसे याद नहीं
करूंगी। फिर कभी उसे याद नहीं करूंगी।
नहीं कमल नहीं। तुम उसे कभी नहीं भूल
सकोगी। तुम हमेशा इसी तरह तड़पती रहोगी और
हमसे तुम्हारा यह तड़पना नहीं देखा जाएगा।
इसलिए आज हम तुम्हारे प्यार की सौगंध खाकर
कहते हैं कि हम खुद फांसे पर लटक जाएंगे
मगर उसे मिटा देंगे ताकि तुम्हारे आंसू यह
दर्द हमेशा के लिए मिट जाए। कमल प्यार का
यह भी रूप देख लेना।
[संगीत]
[संगीत]
निकाल मेरे पैसे मैंने अनारकली बनाया
मुझे मुझे धान बनाया
अरे मुझे धोखेबाज दिया
अरे मैंने धोखा नहीं दिया तुम्हारी बात
करता हूं मैंने धोखा नहीं दिया तुमने आपस
में एक दूसरे को धोखा दिया है
कैसे
वो देखो ना किसी तुम खा गई और तुम्हारी
गोली ये खा गया। देखो तू दारा सिंह बन गया
और तू चंपा बन गया। इसने मेरा क्या खाया
होता?
तो तूने मेरी गोलियां खाई।
हां तू मेरी गोली खा गई।
मैं कह रही है वो कहता है तूने मेरी गोली
खाई। तू आ गई।
बस मर गई।
मर गया पिटा। जब मेनु तेरे नाल प्यार नहीं
थी ना। तो आज तेरी गर्दन मरोड़ देनी सी।
चला जा। तू मेरे प्यार का बर्ता निकाल
देता। जा।
जा मैं तेरे को गल नहीं।
रो
तनु की तकलीफ
मुझसे गलती हो गई चलो मुझे माफ़ कर दे
सच
भैया मुझे जिंदा रहती
हूं
[संगीत]
हेलो जानकी कैसी हो
दीदी अच्छी हूं आप कैसी जी हैं।
हमारा थिएटर परसों लखनऊ जा रहा है। शायद
फिर कभी मुलाकात ना हो। सोचा तुमसे फोन पर
बात कर लूं। आप लोग लखनऊ जा रहे हैं? हम
भी कल लखनऊ जा रहे हैं। लखनऊ? हां इन्हें
कुछ काम है। सोचती हूं। भगवान करे भैया का
वहीं कुछ पता चल जाए। अभी तक कुछ पता नहीं
चला। नहीं। अभी तक कुछ पता नहीं चला।
गुरुजी गुरुजी
गुरुजी गुरुजी देखा आपने कमला देवी लखनऊ आ
रही है। अजी वही कमला देवी जिनके रिकॉर्ड
आप सारा सारा दिन सुनते रहते हैं। ये
देखिए अखबार में इश्तार आया है कि परसों
उनकी कंपनी यहां ड्रामा खेलेगी। आप चलेंगे
ना ड्रामा देखने?
चलेंगे ना गुरु जी?
[संगीत]
मैं जानती थी आप जरूर चलेंगे। पिताजी
परसों के लिए तीन टिकट आ जाएंगे ना।
हां बेटे। बस तो ठीक हो गया। परसों गुरु
जी का रेडियो पर प्रोग्राम भी है ना, मैं
भी साथ चलूंगी और रेडियो स्टेशन से सीधा
ड्रामा देखने जाएंगे। और परसों मुझे कॉलेज
से छुट्टी भी है।
छुट्टी किस बात की बेटे?
परसों राखी का त्यौहार है ना पिताजी? सब
बहने अपने-अपने भाइयों को राखी बांधेगी।
मेरा तो कोई भाई नहीं है। गुरु जी, मैं
आपको राखी बांधूं?
आपकी तो कोई बहन नहीं है ना।
आज राखी का दिन है। ना जाने भैया कहां
होंगे? किस हाल में होंगे।
जो बात इंसान के बस में नहीं उसे भगवान पे
छोड़ना चाहिए। तकदीर से इंसान बिछड़ते हैं
और तकदीर से मिल भी जाते हैं। भगवान पे
भरोसा रखो। उन्ही का तो भरोसा है
मगर शायद भगवान भी मुझसे रूठ गए हैं।
ये आकाशवाणी लखनऊ है। आज हम आपके सामने एक
ऐसे कलाकार को प्रस्तुत कर रहे हैं जो
अनजाना है। लीजिए इनसे सुनिए बांसुरी पर
एक धुन।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
भैया
भैया
ये मेरे भैया है ये भैया है ये भैया है ये
उन्हीं की है ये उन्हीं की
[प्रशंसा]
[संगीत]
हो
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
[संगीत]
अपने पास रखिए और मेरी रिश्वत देना ना
भूलिएगा। वाह वाह गुरु जी क्या बंसुरी
बजाई है आपने। सारा रेडियो स्टेशन वाह-वाह
कर रहा है। पिताजी, थिएटर का टाइम हो गया,
चलना नहीं है। आइए ना गुरु जी, आइए ना।
जानते हैं गुरु जी मैंने सारे रेडियो
स्टेशन पे अपना रूप जमा दिया है। सबको बता
दिया की आप मेरे गुरु जी हैं और अब देखिए।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
आ
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
कमला दीदी कमला दीदी भैया मिल गए
कहां है वो यही लखनऊ में अच्छी तरह है वो
रेडियो स्टेशन पे बांसुरी बजाते हैं मैंने
उन्हें राखी बांधी वो तुम्हारा ड्रामा
देखने के हॉल में आए हैं। चलूंगी? उन्हें
देखूंगी? हां?
नहीं जानको। नहीं
बस इतना ही जानना था।
कि वो अच्छी तरह है।
नहीं नहीं नहीं।
[संगीत]
मैं कौन था? नहीं मैं आपके हाथ जोड़ती
हूं। आपके पांव पड़ती हूं। सर को कुछ मत
करिए। सर को कुछ मत करिए।
कमल हम तुम्हारे प्यार की कसम खा चुके
हैं। आज हम उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। हट
जाओ मेरे से।
नहीं साहब नहीं। मैं आपसे वादा करती हूं।
अब उन्हें कभी याद नहीं करूंगी। बस बस
मुझे इतना ही जानना था। वो अच्छी तरह तो
है ना। अब आज के बाद उनका और मेरा कोई
रिश्ता नहीं रह गया। कुछ बाकी नहीं रह
गया। मैं आपसे वादा करती हूं उन्हें भूल
जाऊंगी।
और एक जिंदा लाश की तरह हमेशा में काम
करती रहूंगी। दरअसल मुझे अपनी जिंदगी से
नफरत हो गई है। इसलिए आज मैं उसे गोली मार
कर खुद को फांसी पर चढ़ा देना चाहता हूं।
[संगीत]
ये थिएटर, ये थिएटर मोहब्बत कब्रिस्तान
मालूम होता है। जिसमें तुम्हारी मोहब्बत
की लाश और मेरी मोहब्बत की लाश दोनों दफ़न
है। मैं इस लाशों के शहर में अब और नहीं
रहना चाहता। यही एक इलाज है जिसमें तुम
सुखी हो जाओगी सर के न रहने से तुम्हारा
दर्द दूर हो जाएगा और मेरे न रहने से
तुम्हें बार-बार मेरी मोहब्बत को ठुकराने
की जरूरत नहीं पड़ेगी आज हम दोनों को मिट
जाने दो यही तुम्हारे दर्द की दवा है अगर
आपने सचमुच मुझसे प्यार किया है तो मैं
आपको उसके प्यार का वास्ता देती हूं मुझे
सर की जिंदगी की भीख दे दीजिए मैं आपसे
जिंदगी में कुछ नहीं मांगूंगी मैं जिंदगी
भर आपके खुला भी करती मुझे गुलामी की
जरूरत नहीं कमल। सिर्फ इतनी जरूरत है कि
तुम मेरे प्यार को समझने की कोशिश करो।
उसे कबूल करो। मेरे प्यार को ठोकर मत
मारो। मुझे अपना सहारा दो ताकि मुझे भी
जिंदा रहने की खुशी हो।
मुझे
मुझे मंजूर है कुंवर।
मुझे सब कुछ मंजूर है। मुझे मुझे सब कुछ
मंजूर है। मुझे सब कुछ मंजूर मुझे
कवर साहब मुझे जल्दी ले चलिए। जहां शादी
करनी है।
अभी चलते हैं। गाड़ियां सब तैयार है। चलो
उठो मैं उठो उठो।
[संगीत]
ये है हमारा घर
और जानती हो काल आज तक हमारे खानदान में
जितनी शादियां हुई हैं सब इसी महल में हुई
है। आज हमारे लिए कितना खुशी का दिन है कि
इस महल में एक और बहू आ रही है।
[संगीत]
[संगीत]
आ
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
पिताजी पिताजी
[प्रशंसा]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
भैया
भैया को भैया क्या हुआ
कोई रोका भैया कोतवाली
का सब भाग इंस्पेक्टर साहब मैं लक्ष्मी
नारायण बोल रहा हूं
वो हसनगढ़ की तरफ गए हैं जी
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
चलो उठाओ जल्दी करो
चलो चलो चलो चलो जल्दी
जल्दी
मार देगा इधर आइए ठीक है।
अरे वहां के मारते हो जाते।
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
बाबा
[संगीत]
मैं
[संगीत]
वन
[संगीत]
वन टू वन
[संगीत]
की
[प्रशंसा]
ओमता
मारुता
वैष्णवा
[संगीत]
[संगीत]
ओम
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
स्वाहाय
स्वाहा
[संगीत]
ये क्या है? शमशेर सिंह आपको गिरफ्तार
किया जाता है।
किस जुर्म में? मिस कमला देवी के बाप को
कत्ल करने की साजिश के जुर्म में। किस रूप
में? वो देखिए कुंवर साहब कातिल इकबाल
जुर्म कर चुका है।
[संगीत]
[संगीत]
क्या?
[संगीत]
क्या ये सेकंड फिटर था?
जी हां। इनके कहने पर उसने आपके वालिद
साहब का खून किया बल्कि मिस्टर सूरज कुमार
की आवाज जिस हादसे में गई थी वो एक्सीडेंट
भी इन्होंने करवाया था। तुम तुमने
मेरे बाबा का खून किया
हर सारा इंसान मेरे सर पर डाल दिया। और
मुझसे
मुझसे मेरे सर पर कितने-कितने जुल्म
करवाए। तुमको हम पर दया नहीं आई।
तुम्हारा कलेजा नहीं फट गया। तुम्हारा
कलेजा नहीं फट गया।
[संगीत]
मुझे कोई तो लग रहा ले चलो। मेरा सिर जोड़
रहा होगा मुझे। मुझे कोई तो लग
किसके पास जाऊंगी? जानकी
जानकी।
जानकी
किसके पास जाऊंगी।
वो तड़पने वाला
तो हमेशा के लिए सड़क के चला गया। कहां
चला गया? कहां चला गया?
कहां चला गया?
कहां चला गया?
मिस कमला देवी मुझे अफसोस है। मिस्टर सूरज
कुमार आज इन्हीं लोगों के हाथों से
मारेगा।
[संगीत]
मुझे मुझे अकेले छोड़ कर चले गए।
मुझे माफ़ी मांगने का मौका भी नहीं दिया।
मेरे मित्रवा मैं तुम्हारे बगल नहीं जी
सकती।
मैं आ रही हूं।
मैं आ रही हूं मेरे मित्रवा। मैं आ रही
हूं। मैं आ रही हूं।
[संगीत]
[संगीत]
दीदी
[संगीत]
पापा
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
[प्रशंसा]
[संगीत]
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