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रंग रे मेरे रंग रे मेरे
रंग रे मेरे रंग रे मेरे
[संगीत]
अस्सलाम वालेकुम। वालेकुम अस्सलाम। [संगीत]
जी वर्कशॉप की रजिस्ट्री की फाइल है। जल्द हमारे नाम हो जाएगी। कल जाऊंगा रजिस्ट्रार
के पास। बहुत-बहुत मुबारक हो। मैं संभाल के रख।
हां। [संगीत]
पानी एक बार फिर से बहुत-बहुत मुबारक अल्लाह
भाग लगाए इस नई जगह को। लकिया
अगर तुम दोनों मेरी जिंदगी में ना होते ना तो मैं कभी भी इस मुकाम पे ना पहुंचता।
ये सब तो सिर्फ आपकी मेहनत का नतीजा है। असलम। मैं आपके लिए अच्छी सी चाय बना के लाती हूं।
[संगीत]
सुनो पिया खुश है ना? बहुत खुश है। इसी खुशी पे ना उसने आज अपने
कबूतरों को बाजरा भी ज्यादा डाला है।
लेकिन असलम पिया अब बार-बार सवाल पूछने लगी है। कि
अब्बा घर क्यों बदलते रहते हैं। और यकीन जाने उसके सवालों को तो
टालते-टालते मैं भी थक गई हूं। क्योंकि
जवाब तो आपने आज तक मुझे भी नहीं दिया। [संगीत]
जल्दी जल्दी किस बात की है प्यारे? मेरा दांव भी तो देखता चला।
[संगीत]
[प्रशंसा] मारा कमाल कर दिया भूसा। इसे कहते हैं नैले पे
तेरा। एक बात तो कहनी पड़ेगी असलम। मूसा ने आज
तक किसी को खुद से बड़ा पत्तेबाज नहीं माना। ये बातों ने साबित कर दी कि इस शहर में
मूसा के टक्कर का ज्वारी है। [संगीत]
[संगीत] सुन
तू कुछ पैसे रख ले तेरी बीवी के कफन दफन के काम आएंगे
और सुन का सोचना भी मत।
चूहे के सारे उसूल याद है ना तुझे?
बाजी हार के मुकर जाने वालों का अंजाम क्या होता है?
मालूम है ना? अब तेरी बेटी
तेरे पास मूसा की अमानत है। जब जाऊंगा आके ले जाऊंगा।
सर
चाय चाय
[संगीत] क्या बात है असली
आप रो रहे थैंक [संगीत]
बाहर निकलो जल्दी। बाहर निकलो वरना दरवाजा तोड़ देंगे।
दरवाजा नहीं खोलोगे तो हम तोड़ देंगे दरवाजा। ये कौन आ गया इस वक्त? कौन होगा?
अम्मा ये कौन खटका रहे हैं? फारुख लात मार दरवाजे को।
अब्बा कहीं नहीं जाने की जरूरत है। असलम अब्बा आपने कहीं नहीं जाना। जा के दरवाजा ना तोड़ दे।
अब्बा कहां जा रहे हैं असलम? रुके। असलम। अरे असलम अब्बा असलम रुकिए। कहां जा रहे हैं? यहीं रुक। यहीं रुक।
कहां चप रहे हैं? साले बाहर। अब रहने दे। आ रहा हूं मैं। कैसे आ रहा हूं? हम कहीं नहीं जा रहे आप। यहीं कह रहा हूं।
कुछ नहीं होगा। बाहर जाता हूं। अंदर से कुंडी लगाना।
[संगीत] हम्म ये घर की चौकेट पे नहीं। उधर आके बात
करो। चलो चलो। निकलो निकलो। चलो भाई।
चलो भाई। [संगीत] क्या बात है? क्या तरीका है? आधी रात को
दरवाजा क्यों पीट रहे हो भाई? वो लकी घंटी नजर नहीं आती तुम्हें? हम घंटी बजाने वालों में से नहीं है। हम
दरवाजा तोड़ने वालों में से हैं। भाई तुम लोग हो कौन? पर मसला क्या है
तुम्हारे साथ? मसला हमारे साथ नहीं है। अब मसला तेरे साथ होने वाला है। तुम इस घर में घुस कर क्या
रहे हो? मैं तो किराएदार हूं। पूरे तीन महीने का किराया एडवांस दे के शिफ्ट हुआ हूं यहां
पे। ओ अच्छा तो तुम हो शेख के नए शिकार हां
तुम्हारी बेहतरी इसी में है कि सुबह तक तुम अपना सामान बांधो और अपने घर वालों के साथ यहां से 9 2 11 हो जाओ।
इस मकान पर पहले ही तीन भाइयों का झगड़ा चल रहा है। खून के प्यासे हो रहे हैं तीनों। मामला थाने कचहरी में जा पहुंचा है
और वो प्रॉपर्टी वाला शेख कमीना वो सबसे छोटे और नशई भाई के साथ मिलके किसी ना
किसी को यह मकान किराए पे चढ़ा देता है तगड़ा बयाना लेके और इससे पहले भी तीन
किराएदारों को धोखा देके जलील कर चुका है और फिर रातोंरात भागना पड़ा उन तीनों को
यहां से तुम लोग कौन हो हम भी दावेदार हैं इस मकान के सबसे बड़े भाई ने यह मकान काफी पहले
हमारे नाम कर दिया था। मैंने तो किराया दिया है भाई। मैं क्यों चला जाऊं यहां से?
ये किराए का मसला तुम जानो और प्रॉपर्टी वाला शेख जाने। हमें तो सुबह तक यह मकान
खाली चाहिए। वरना बहुत बुरा होगा तुम्हारे लिए। और थाने कचहरी में भी घसीटे जाओगे।
और रोजाना दरवाजे पर हम तुम्हें बेइज्जत करते रहेंगे। देखने में तो तुम अच्छे घर के बंदे लगते
हो। तुम्हारे लिए यह बेहतर होगा कि तुम अपना सामान उठाओ और निकलो यहां से। और हां
हम कल फिर आएंगे। शकु चलो
[संगीत]
असलम कौन लोग थे ये और ये हमें मकान खाली करने का क्यों कह रहे थे?
लगता है मकान झगड़े वाला है। प्रॉपर्टी डीलर हाथ कर गया हमारे साथ।
इसीलिए मकान इतने कम किराए में दिलवा दिया उसने।
मगर आप तो कह रहे थे कि ये आपके किसी पुराने वाकिफ कार वो मिर्जा साहब ने दिलवाया था। है ना? तो फिर
हां तो मिर्जा साहब ने ही प्रॉपर्टी डीलर से मिलवाया था ना। [संगीत]
मिर्जा साहब ने जल्दबाजी में पूरी तरह छानबीन नहीं की इस शेख प्रॉपर्टी एजेंट
की। तो अब्बा अब हम क्या करेंगे? मुझे तो ये लोग बहुत खतरनाक लग रहे हैं।
हां बेटा मैं सुबह जाता हूं ना मिर्जा साहब के पास। लेके आता हूं मैं। वही निपटेंगे इनसे। हां।
शानी की बात तो है। हमारे घर में जवान बेटी है। और मुझे वो तीनों तो छटे हुए बदमाश लग रहे थे।
मैं तो आपसे कहती हूं आप इन लोगों से उलझें ही ना। हम कहीं और शिफ्ट हो जाते हैं। नहीं अम्मा हम अभी तो आए हैं इस घर
में। दोबारा शिफ्टिंग करेंगे और मुझे ये घर भी पसंद है।
और अब्बा तय भी तो यही हुआ था ना। मैं करता हूं कुछ बेटा।
करता हूं। मैं परेशान हूं। कैसे परेशानी की बात नहीं है। सीधी-सीधी
तरह धमकी देके गए हैं। नींद उड़ गई है मेरी। अम्मा मुझे भी नींद नहीं आ रही।
डर लग रहा है। आप भी टक्के और चादर ले आए। मेरे साथ सो जाएं प्लीज। जाके सो जाऊं।
चलो फिर अब आप आराम कर लें। जा रहा हूं।
[संगीत]
वैसे अम्मा एक बात तो बताएं। आपके और अम्मा का लव
मैरिज हुई थी अरेंज। क्या बदतमीजी है पिया? क्या सवाल कर रही हो? शर्म नहीं आती तुम्हें।
इसमें बदतमीजी वाली क्या बात है? मुझे भी तो पता होना चाहिए कि मेरे अम्मा अब्बा कहां मिले थे और कैसे मिले थे। चुप कर जाओ
बस और आ जाओ सो जाएं। सुबह मुझे बहुत सारे काम हैं। चलो आओ। अच्छा एक चैप्टर पढ़ के
आती हूं। नहीं कोई जरूरत नहीं है बस आ जाओ सो जाओ। शर्मा क्यों रही हैं आप इतना? ये ऐसी बातें करोगी तो शर्म तो आ ही
जाएगी। आ जाओ। अच्छा ना। [संगीत]
वो चादर भी पकड़ा दो। [संगीत]
ओम [संगीत]
ओमम्म
[संगीत] होम
[संगीत]
आ गए तुम असलम भाई इस हालत में भी आने की क्या जरूरत थी पड़े रहते ना उसे जुआ थाने
में तुम ना इंसान कहलाने के भी काबिल नहीं हो
बेदगी कोई इंतहा दी होगी ना भी पार कर दी आज तुमने
शख्स ले गए उस लावारिस और बदनसीब को बैलने वाले
खुश हो जाओ तुम खुश हो जाओ फिक्र ना करो तुम्हारा तो खर्चा बच गया ना
कब्रिस्तान जाते कोई जरूरत नहीं है जाने की आखिरी हक भी छीन के ले गई वो मट्टी डाल देगा मना करके
गई है तुम्हारी बीवी [संगीत]
तुम्हारी गोद में मेरी बच्ची हां तुम्हारी बेटी असल भाई बदनसीब
आंख खोली तो ना मां ने उठाया ना बाप ने सहारा दिया
[संगीत] माफ़ करना मेरे बच्चे
माफ़ कर दीजिए। मुस्तबा तुम्हारे गुनाहों का ना मजा अभी एक ही कफ़
आ रहा है। इस मासूम बच्चे के चेहरे पे कभी गम ना आने देना। और यही तुम्हारी बेशतन
बीवी की आखरी ख्वाहिश भी थी। [संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
हम्म [संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत]
[संगीत]
रंग रे मेरे रंग रे मेरे
रंग रे मेरे रंग रे मेरे
[संगीत]
ओम [संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत]
रंग रेज मेरे मुझे रंग लगा मुझे रोग लगा देश का रंग रेज मेरे मुझे रंग लगा मुझे
रोग भोग लगा देश का। रंग रेज मेरे रंग रेज मेरे रंग रेज मेरे रंग रेज मेरे। रंग रेज
मेरे रंग रेज मेरे रंग रेज मेरे रंग रेज मेरे। रंग रेज मेरे रंग रेज मेरे रंग रेज
मेरे रंग रेज मेरे। [संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
गुड मॉर्निंग मॉम यस आई एम होम
कौन है? कौन? दरवाजा खोलो। तुम लोगों ने अभी तक मकान
खाली क्यों नहीं किया? लगता है, इस घर का सामान हमें ही बाहर फेंकना पड़ेगा।
देखें भाई मेरा घर वाला इस वक्त घर पे नहीं है। वो प्रॉपर्टी वालों की तरफ गए हैं। थोड़ी देर में आते ही होंगे।
देखो ये बहाने हम कई मर्तबा सुन चुके हैं यहां आने वालों से। सीधी तरीके से अपना
सामान बांधो और निकलो यहां से। नहीं तो हमें और भी तरीके आते हैं।
देखो भाई ये गैरकानूनी है। आप लोग हमें इस तरह क्यों धमका रहे हैं? कसूर क्या है हमारा?
तो फिर शराफत से ही बात कर लेते हैं। दरवाजा तो खोलो
वरना थोड़ी देर में गली में लोग जमा हो जाएंगे। तमाशा देख लें और हम भी नहीं चाहते कि मोहल्ले के लोगों के सामने आप
लोगों का नाम बदनाम हो। [संगीत]
लगता है घर का सामान हमें ही बाहर फेंकना पड़ेगा। सलाम वालेकुम भाई आ जाओ। नाश्ता आ गया है।
सीधी तरीके से अपना सामान बांध लो। शोरशराबा के शहर है।
कहीं अपने लड़के तो नहीं किसी से झगड़ बैठे हरामखोर। अरे नहीं भाई वो मकान के दावेदार आए हैं।
नए किराएदारों को तंग कर रहे हैं। वही पुराना ड्रामा शुरू?
तो क्या मकान खाली कर दिया शेख प्रॉपर्टी वाले के नए शिकार ने?
पता नहीं भाई सल्लू बता रहा था घर में सिर्फ दो औरतें हैं। मर्द किसी काम से बाहर निकला हुआ है और यह कमीने उन्हीं
औरतों को धमका रहे हैं।
[संगीत] लानत हो गदिया।
सारे बैठे अपने-अपने घर की खिड़की से तमाशा देख रहे होंगे। तो भाई हर बार यही होता है। किसको फुर्सत
है? पराए फड्डे में टांगड़ आए। [संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत] राश्ता खराब करके
[संगीत]
देखें भाई। इस वक्त घर पे कोई मर्द नहीं है। तुम लोग बाद में आ जाना।
हमें भी ऐसी कोई जल्दी नहीं है। लेकिन मकान आज ही खाली करना होगा।
हम लोग मकान जल्दी खाली कर देंगे। बस मेरे शौहर को आने दें।
देखो बीवी, हम तुमसे शराफत से पेश आ रहे हैं। अगर तुम्हारी जगह कोई और होता ना, तो
अब तक अब तक क्या हो जाता मेड साईं?
[संगीत] देखो यह मामला हमारा है सावण तुम जाकर
अपना डब्बू कलब संभालो हमारे फड्डे में टांग ना अड़ाओ तो बेहतर होगा तुम्हारे लिए
मेरे इलाके में आकर मुझे आंखें दिखाता है दिलबर भर प्यारे
इलाका सिर्फ तू अकेले का नहीं है सांवल तू ये अच्छी तरीके से जानता है ज्यादा हीरो
बनने की कोशिश मत कर नहीं तो बहुत पछताएगा तू।
जिंदगी में पहले कम पछतावे हैं। चल एक और ही से।
इन्हें दो औरतों को क्यों तंग कर रखा? करके मर्द को आ जाने दे। फिर आराम से बात
कर लेना। भागे तो नहीं जा रहे कहीं। तुम्हें बड़ी हमदर्दी हो रही है इनसे।
लगता है पहले तुम्हारा दिमाग दुरुस्त करना पड़ेगा।
वादा करो। वादा कर दुरुस्त करेगा ना दिमाग कसम से
खराब हो गया अब तो मेरी भी नहीं सुनता
लगता है ये ऐसे बाज नहीं आएगा इसको एक झटका देना ही पड़ेगा
[संगीत]
लगता है मेरा नाम सही से सुना नहीं तुमने
सावल साल
और यह इलाका मेरा [संगीत]
चावल भाई सब ठीक तो है ना?
[संगीत]
करम है अल्लाह। सब ठीक है। जाओ जाओ काम करो अपना।
[संगीत]
अगर अगले मिनट में तुम लोग यहां से दफा नहीं हुए तो इतना मारेंगे, इतना मारेंगे
कि आने वाली सात नस्लों में भी तुम लोग गुंडा नहीं पैदा कर सकोगे।
फोटो शाबाश सब क्या हो रहा है भाई मेरे घर के दरवाजे
रशूल बना रखा है तुम लोगों ने अरे साल भाई आप यहां
ओ तुम हो सामने लेके असलम भाई यही तो है अपने सामन भाई ये सारा
इलाका इन्होंने ने ही तो संभाल रखा है। बड़ी पहुंच है माशा्लाह इनकी। और मेरी भी
बड़ी अच्छी जान पहचान है इनके साथ। हां कसम से। चल वो तो सब ठीक है भई लेकिन मेरे दरवाजे
के सामने क्यों बेस्ट लगा के रखा है? रात को बात हुई थी ना के सुबह शेख साहब के सामने बात होगी। हुई थी ना? चलो अपने
बंदों को लेके निकलो यहां से। मेहनत में डासाई। शेख साहब ने आपको बोला ना मैं मोहल्ले का। इन लोगों के साथ नहीं
हूं। आज जो भी बात होगी यहीं होगी। अबे ओ शेख
तूने हमारा मकान किराए पर चढ़ाया कैसे? हां सलू भाई मैं असलम भाई गली में क्यों
तमाशा लगाना? हम अंदर बैठ के बात करते हैं ना। हां
ये लोग मेरे घर में साहब बात मान लो। वरना आपके घर के सामने रोजाना
ये ड्रामा लगेगा। पहले भी कई मर्तबा यह नौटंकी देख चुके हैं
इस मकान के हवाले से। [संगीत]
हां बताओ अब ये बातें गली मोहल्ले में करने वाली हैं।
मसला क्या है तुम लोगों का? ये मकान हमारा है। हमने खरीदा है। इसे कोई किराए पे नहीं चढ़ा सकता।
तो यह बात तू इस हरामखोर शेख से कर ना। जिसने मकान किराए पर चढ़ाया है। इस शेतक
से तो हम बाद में निपट लेंगे। लेकिन हमें यह मकान आज ही खाली चाहिए।
नहीं तो मेरा क्या कसूर है भाई? मैंने तीन महीने का किराया और पूरे साल की सिक्योरिटी जमा कराई है। मैं अपने घर
वालों को लेके इतनी जल्दी कहां जाऊंगा? ये हमारा मसला नहीं है। हमें तो बस अपने
मकान से ग्ज है। हम पहले ही आगे इसका सौदा कर चुके हैं।
ये ऐसे नहीं समझेंगे टीपू। एसपी साहब को काल लगा।
ऐसा ना करें सावन भाई। थाना और कचहरी को दरमियान में लाने की क्या जरूरत है?
तुम लोग शरीफों के घर बैठे हो इस वक्त। कहीं और होते ना अपने डब्बू क्लब से लड़ के बुलाता तुम लोगों की खिदमत के लिए। फिर
वो तुम्हारा जुलूस निकाल कर तुम्हें यहां से रुखसत करवाते। ये ज्यादती है। एक तो हमारा नुकसान और ऊपर
से। ड्रामेबाजी बंद कर। अच्छी तरह जानता हूं इस शेख को और इसके
पालतू बंदों को। कितनी मर्तबा खेलेगा ये खेल तू?
पहले मकान किराए पे लगाता है। फिर एडवांस लेता है। 12 महीने का किराया भी लेकर इन
जैसों को बेचता है कि मकान खाली कर दो।
चार रातें हवालात में गुजारेगा। सारी तगड़मबाजी भूल जाएगा।
बुलाऊं पुलिस को या अपने तरीके से समझाऊं।
ये देखिए सावल भाई ना करो मैं जानता हूं अप्रोच है आपकी आप कहे ना असलम भाई के
सारे पैसे अभी वापस कर दूंगा हां ये मामला यहीं पे खत्म कर दें हटो यहां से तुम लोग
आइंदा इस मोहल्ले में नजर आए या इन लोगों को तंग किया
तो जुबान से बात नहीं करूंगा [संगीत] चलो निकलो यहां से।
चलो चलो उठो। चलो चलो चलो चल चल चल।
[संगीत]
अब ये लोग आपको तंग नहीं करेंगे। साईं फिक्र की कोई बात।
तुम्हारा बहुत शुक्रिया भाई। बहुत अच्छे तरीके से हैंडल किया वरना मेरे
पास नहीं थे फ्रॉड अब्बा [प्रशंसा]
अब्बा बात सुनिएगा हां बेटा
[प्रशंसा] [संगीत]
हां बेटा अम्मा ने इनके लिए शायद भेजी है हम लोग तो जाने वाले हैं। मजे रहने दे।
कोई बात नहीं पिला दे। ले जाओ बेटा ले जाओ। अब्बा बेटा कह रहा हूं ना।
मां ने बनाई है। पिला दे। बेटा कह रहे हो ना? जा रहे हो। जाओ जाओ। जाओ पिया। जाओ जाओ। जा रहे हो।
[संगीत]
बहुत शुक्रिया भाई तुम्हारा। जाओ।
[संगीत] शुक्रिया की कोई बात नहीं।
इस मोहल्ले में हमारा डब्बू किला पाओ। किसी चीज की जरूरत हो तो याद रखिएगा।
[संगीत]
अब्बा वापस करवाती हूं। क्यों?
ये क्या बात हुई? उस लड़के ने हमारी इतनी मदद की और आपने उसे यूं ही जाने दिया।
सच्ची बात तो यह है अगर वो लड़का आज वक्त पे हमारी मदद को ना पहुंचता ना तो वो गुंडे हमारे घर में घुसने के दर पे थे।
अरे भाई वो खुद जाने की जल्दी में था। और हम उसे सही तरह जानते भी नहीं है। ऐसे
किसी अजनबी को चाय पानी का नहीं पूछा जाता। अब्बा उसने हमारी इतनी मदद की और आपने
उसको चाय इसलिए नहीं पूछी क्योंकि वो हमारे लिए अजनबी है। वाह।
अगली दफा कहीं बाहर मिलेगा ना। तो बाहर ही चाय पिला दूंगा। बल्कि खाना भी खिला दूंगा मैं। अब ठीक है। आप खुश हो?
तुम चाय ले लो। नहीं अम्मा आप लें। नहीं बताओ यूनिवर्सिटी कब शुरू हो रही है? बस दो दिन बाद।
तैयारी होगी क्या? अगर कोई कमी पेशी है तो बताओ बेटा। तुम्हारी पिया का पहला दिन
यूनिवर्सिटी का एकदम ए1 होना चाहिए। नहीं, तैयारी की जरूरत नहीं है। पहला दिन
तो ओरिएंटेशन का है ना? तो बस फॉर्म फिल करना है। कुछ खासी काम नहीं है। ओरिएंटेशन।
ओरिएंटेशन इसमें ना बस वो बताएंगे हमें कि हम कौन सा सब्जेक्ट ले सकते हैं। फॉर्म्स
फिल कराएंगे, क्लासेस का टाइमिंग बताएंगे। शेड्यूल वगैरह कुछ पढ़ते नहीं।
नहीं सही है। भाई इंतहाई बेमुरवत किस्म के लोग हैं।
मतलब एक कप चाय गिलास का शरबत तो इंसान घर आए दुश्मन को पूछ लेता है। जीप एहसान फरामोश।
चलो। इसी से इतना तो पता चल गया कि यह लोग हमें दुश्मन नहीं समझते
वरना चाय पानी ही पूछ लेते। चला हो गया यार। भाई तुम्हें मजाक लग रहा है। मेरा दिल
इतना बड़ा नहीं है। शदीद गुस्सा आ रहा है मुझे। गुस्सा ना किया कर मिठा। वो बेचारे शरीफ
लोग हैं। उन जैसे बदनामों को अपने घर में बिठाकर चाय पानी पूछ लिया तो लोग मजीद
अफसाने बनाने बैठ जाएंगे। मेरा ख्याल है
कि शेख या उसके पालतू आइंदा दिखाई ना दे मुझे। अरे भाई अब उनके काम है जाल जो यहां का
रुख करें। अच्छा भाई वो लंगड़े वकील का फोन आया था। लंगड़ा ना बोला कर। वो वकील का फोन आया था। वो कब्रिस्तान
वाली जमीन की पोजीशन पूछ रहा है। उसको बता देना। कल अपने मजदूर भिजवाकर वहां पर रेत, सीमेंट, बजरी का मलबा डाल
दे। काम हो गया। ठीक है भाई।
[संगीत]
ओ
[संगीत]
ओम [संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत]
तो ये यहां रहता है। [संगीत]
मेनु इश्क दी चोट लगी है
मेनु एक पल चैन नहीं रह
[संगीत]
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