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--> 00:01:23,810 मंगोराज मेरे 14 00:01:23,810 --> 00:01:30,270 दादा जी के पुराने जमाने से बाबा आदम के जमाने से एक रिष्टेदारी एक दोस्ती चली आ 15 00:01:30,270 --> 00:01:31,270 रही थी 16 00:01:32,390 --> 00:01:38,350 मोहन्त मंगराज के खानदान से मोहन्त मंगराज 17 00:01:38,350 --> 00:01:45,190 मेरे पापा के दोस्ते हैं क्योंकि हमारे रियल इस्टेट का बिजनेस है तो 18 00:01:45,190 --> 00:01:51,670 इस तरीके से मैं गया था अगर कोई अच्छी जगा मिल जाएं पापा ने भी कहा था वहां के पापा 19 00:01:51,670 --> 00:01:57,870 के दोत जो हैं महंतम अंगराज वो वहां के जमीनदार हैं बहुत सारी खेती वाडिये हुन की 20 00:01:57,870 --> 00:02:04,210 और बहुत सारे जमीन हैं जिसमें खेती नहीं होती बंजर हो चुका है वहां पे कुछ काम 21 00:02:04,210 --> 00:02:08,270 किया जाता अगर हमारे काम के कुछ लायक हो तो बेटा जाके देखो वहां � 22 00:02:20,300 --> 00:02:27,080 जब मैं वहाँ गया था इसी चक्कर में कि मुझे ऐसे ही जगा बहुत पसंद है 23 00:02:27,080 --> 00:02:33,920 और पापा ने कहा है कि कुछ जगा पसंद आए तो देख लेना इसी साप से मैं 24 00:02:33,920 --> 00:02:40,540 गया था मुझे पता नहीं था कि मेरी मुलाकात महंतमंगराज ये तो अंकल के साप से होंगे 25 00:02:40,540 --> 00:02:41,540 जमिनदार हैं 26 00:02:41,540 --> 00:02:48,416 गाउ 27 00:02:48,410 --> 00:02:54,290 वाइट से मेरी मुलाकात हो जाएगी नाम था 28 00:02:54,290 --> 00:03:00,630 मनोरमा मंगोराज पचात से जादा उमर की होंगी 29 00:03:00,630 --> 00:03:06,410 लेकिन दिखने में काफी खुशुरत बधर एकदम गठीला एकदम मोटा 30 00:03:06,410 --> 00:03:13,190 चर्वी वाली मांग में भर भर के लाल सिंदूर लगाती थी एकदम कपाल तक 31 00:03:13,960 --> 00:03:20,640 जो सप्ताए खंडे मुझे महंत मंगराज रा अवेली ताको ओडियारे 32 00:03:20,640 --> 00:03:25,020 कहनती बंगला कोठा कहनती 33 00:03:25,020 --> 00:03:31,920 जो साता दिन मुझे महंत मंगराज रा 34 00:03:31,920 --> 00:03:38,840 कोठारे रही थीले जेते वेले भी मुझे मनरमा मंगराज को एकोटिया पाए ताको नंगला करी की 35 00:03:38,840 --> 00:03:45,670 दोड़े दिये आओ ताको नचेई नचेई गेहिंची ता बारू अभ्यारे। हॉल रे, 36 00:03:45,690 --> 00:03:51,930 गादुहा गरे, पाई खेना भितरे। बेड उपरे, खट़ा उपरे, से कौन कौन 37 00:03:51,930 --> 00:03:58,810 खट़ा। सपो जगारे, एमिति की, ताको बगी चारे नहीं की भी, एकला। 38 00:03:58,810 --> 00:04:02,750 लंगला करी की, गेहिंची। 39 00:04:07,400 --> 00:04:14,240 मेरा मतलब जो साथ दिन मैं, हाँ करीब करीब साथ दिन, एक अवता के करीब वहाँ 40 00:04:14,240 --> 00:04:21,000 रहा, और जब मी मैं उसे अकेला पाता था, उसे नंगा करके दोड़ा देता 41 00:04:21,000 --> 00:04:27,860 था, उसे नंगी नचवाता था, हॉल, किचेन, 42 00:04:27,880 --> 00:04:33,000 यानि के रसोई खर, पखाना के अंदर भी मैंने उसको चोदा है 43 00:04:36,250 --> 00:04:43,210 से पाइखना घर अवितरे थुकुलु है की बसे की मुत्तु थाए परिश्रा करु थाए 44 00:04:43,210 --> 00:04:49,990 ताको देखिवा पाए मोते भारी मजा लागे खाली सिये बोली नो आपनो जानी चुन दी जैती की 45 00:04:49,990 --> 00:04:55,530 माई के नामानु को मुत्तिवा पाए देखिवा पाए मोते बहुत बहुत लागे 46 00:04:55,530 --> 00:05:02,060 एम मेरा मतलब है 47 00:05:02,060 --> 00:05:09,060 जब भी वो उक्डू बेट कर उस पखाना के अंदर पेशाब करती है मूतती है मैं उसे 48 00:05:09,060 --> 00:05:15,880 देखने जरूर जाता हूँ On special demands वैसे आप सभी तो 49 00:05:15,880 --> 00:05:22,280 जानते हैं कि उमरदार औरतों को मूतते हुए देखना मुझे कितना पसंद है बहुत सादा 50 00:05:22,280 --> 00:05:29,248 जब मैं वहाँ पे नया नया 51 00:05:29,240 --> 00:05:34,020 मने जते बड़े मुझ सते बड़ो कु नुआ नुआ जाई थिली, सते बड़ो कु मुझ सोई तो बहुत 52 00:05:34,020 --> 00:05:40,200 सम्मान और भल भावर कथावरता करु थिला, लेकिन जैसे जैसे वक्त बिता, 53 00:05:40,380 --> 00:05:46,220 जैसे जैसे मैंने उसको नंगी किया, और उसने मेरे नंगे डंडे को देखा, 54 00:05:46,260 --> 00:05:48,640 और 55 00:05:48,640 --> 00:05:54,576 अंडों 56 00:05:55,240 --> 00:06:02,200 किन्तु जेमिती जेमिती समय बिती चालीला गुटे दी दिनो जाई सारीला मु ताकु जेते 57 00:06:02,200 --> 00:06:09,120 बड़े नंगडी कली और सिये मत जेते बड़े लंगडा देखीला मुरो एते बड़ो लंगडा 58 00:06:09,120 --> 00:06:15,660 बांडो तापरे मुरो एते बड़ो बड़ो जुलू थुबा अंडा दी ताकु 59 00:06:15,660 --> 00:06:23,568 दे 60 00:06:23,660 --> 00:06:28,240 से जमीदारियानी हे जाए बेदुआनी माई की ना। 61 00:06:28,240 --> 00:06:35,140 जमीदारियानी पालटी जाए महा बेदुआनी माई 62 00:06:35,140 --> 00:06:36,140 की ना। 63 00:06:52,739 --> 00:06:58,400 तको पाई खेना भी तेरे नहीं था गंडी रे गही थे ले 64 00:06:58,400 --> 00:07:05,400 मेरे कहने 65 00:07:05,400 --> 00:07:12,100 का मतलब यह है कि जिस दिन मैं वहाँ से लोटा लोट रहा था उससे पहले 66 00:07:12,100 --> 00:07:19,040 रात मैंने उसे पखाना में लेकर पखाना में अंदर ले 67 00:07:19,040 --> 00:07:21,640 जाकर उसकी गाण में चोदा था 68 00:07:24,420 --> 00:07:31,280 अब चलों तु आरंभो करीबा आपनों को मुख कहूँची डिटेल्स रे पुरा तन्न तन्न 69 00:07:31,280 --> 00:07:37,760 करी पूरा घटना अब चलिए मैं शुरू करता हूँ 70 00:07:37,760 --> 00:07:44,740 पूरी डिटेल में पूरी बात पूरी घटना आपके सामने रख रहा हूँ 71 00:07:44,740 --> 00:07:48,520 प्रस्तुत कर रहा हूँ वाक्या सच्चा है 72 00:07:51,720 --> 00:07:57,880 आपनो समझतो तो जानती मोरो गुटिये नियमो खाईबा, 73 00:07:57,940 --> 00:08:04,760 सोईबा और गेहीबा आप सबी तो जानते हैं मेरा 74 00:08:04,760 --> 00:08:11,720 एक ही रूल है खाना, जवना और जोधना अरे अरे हाँ 75 00:08:11,720 --> 00:08:18,260 हाँ मने पड़ला मु जित्ते बड़े भी बेदवानी कु गिहे हैं से 76 00:08:18,260 --> 00:08:20,020 तापाटी रू सबड़े गुटे स 77 00:08:26,890 --> 00:08:33,789 मेरा मतलब मैं जब भी इस माधार चोट और आरत को चोटता हूँ इसके 78 00:08:33,789 --> 00:08:38,870 मों से एक ही आवाज निकलती है एक ही शब्द और वो है 79 00:08:38,870 --> 00:08:47,630 मुझे 80 00:08:47,630 --> 00:08:48,810 आज भी याद है 81 00:08:50,280 --> 00:08:56,760 बारिश हो रही थी जब मैं वहाँ पहुँचा, हाला कि बारिश का सिजल नहीं था। 82 00:08:56,760 --> 00:09:07,340 मोहन्ता 83 00:09:07,340 --> 00:09:14,020 अंकल ने मेरा स्वागत किया, उनका एक ट्राडिशन है, तो उन्होंने फूलों से स्वागत 84 00:09:14,060 --> 00:09:19,220 एक फूलों की माला, अरे ये तो गेंदा फूल है। 85 00:09:22,210 --> 00:09:28,690 गेंदा फूल मेरे गले में माला रूप में डाली और मेरा अंदर तक स्वागत किया साथ में 86 00:09:28,690 --> 00:09:35,310 दो तेन स्टाफ थे घर के ही थे बारीश बहुत 87 00:09:35,310 --> 00:09:41,410 जोरों से हो रही थी ये शाम डलने वाली थी महंता अंकल ने कहा 88 00:09:41,410 --> 00:09:45,950 जाओ बिटा तुम्हारे लिए कमरा तयार है जाके वहाँ पे 89 00:09:45,950 --> 00:09:48,464 चें 90 00:09:51,370 --> 00:09:58,150 कमरा, अरे वापरे, मादर चोत ये तो पूरा ही, इतना 91 00:09:58,150 --> 00:10:03,110 बड़ा महल है, यहां तो कोई नया आएगा, तो खो जाएगा, 92 00:10:03,230 --> 00:10:10,230 खेर मुझे जो कमरा दिया गया था, मैं वहां जाके चेज किया, 93 00:10:10,610 --> 00:10:17,290 तप्स नहीं, मुझे वो कमरा दिखाया, मैं बातरुम जाके तोड़ा फ्रेश हुआ, 94 00:10:18,670 --> 00:10:24,990 बारिश बहुत योरों सोरों से हो रही थी मैं आया टावल चेंज करके मैं 95 00:10:24,990 --> 00:10:31,990 अपने नाइट वेर पहन ही रहा था कि बाहर किसी ने दरवाजा खट खटाया 96 00:10:31,990 --> 00:10:39,930 कुंडी 97 00:10:39,930 --> 00:10:45,870 की आवाज सुनकर मैं बाहर गया और दरवाजा खुला बाहर खुद 98 00:10:45,870 --> 00:10:52,830 महंतमंगराज थे और उनके साथ उनका एक स्टाप था, बिटा 99 00:10:52,830 --> 00:10:58,670 आओ, कुछ खा पी लेते हैं, तुम इसने दूर से आए हो, सो गए थे क्या, 100 00:10:59,350 --> 00:11:02,010 नहीं, नहीं, आ रहा हूँ, चलिए, 101 00:11:02,250 --> 00:11:10,010 हम 102 00:11:10,010 --> 00:11:16,930 खाना खाई रहे थे, दस्तर खान बड़ा अच्छा लगा था, बहुत सारे अच्छे अच्छे 103 00:11:16,930 --> 00:11:23,680 पकवान थे, वेज़ भी था, नॉन वेज़ भी था, मोहन तो मंगराज के बारे में मैंने जैसा 104 00:11:23,680 --> 00:11:30,120 था, वो वैसे नहीं हूँ, मतलब दिख पे ऐसे खुन खा रही, मतलब ये बड़ी बड़ी मूचें, ये 105 00:11:30,120 --> 00:11:35,340 बुरे बाल, डाइ किया हुआ था, ये बड़ी, मतलब चश्मा, ये 106 00:11:35,340 --> 00:11:48,140 बहुत 107 00:11:48,140 --> 00:11:55,010 ब� खाना खाते खाते पूछ लिया अंकल से, अंकल आप अखेले ही हो यहां, मतलब आप और 108 00:11:55,010 --> 00:12:01,830 आपके स्टाफ्ट हैं, घर में और कोई नहीं हो गया, अंकल ने मुस्कुलाते हुए था, 109 00:12:01,910 --> 00:12:08,250 नहीं वेदा, आप यांकी है न, और उनकी तबियत थोड़ी नासाज है, 110 00:12:08,570 --> 00:12:10,410 चर्दी हो गयी है, य 111 00:12:17,340 --> 00:12:23,580 सुस्त लग रही थी, मैं गया था अभी उनके कमरे में, मैंने कहा भी कि 112 00:12:23,580 --> 00:12:30,460 तुम आये हो, लड़का आया है, मिल तो लो, वो बहुत ही सुस्त थी, 113 00:12:30,540 --> 00:12:33,460 अभी तो पता नहीं रजाई ओड़ के सोवी गई होंगी, 114 00:12:34,300 --> 00:12:41,180 तुम खाओ, तुम खाओ, जी, जी, और को नहीं 115 00:12:41,180 --> 00:12:45,776 रहता, मेरा मतलब इतन 116 00:12:46,990 --> 00:12:53,870 आप दोनों ही मतलब मैं कुछ समझा नहीं। मंगराज 117 00:12:53,870 --> 00:13:00,690 अंकल ने लंबी सांस लेते हुए कहा, क्या बताओ 118 00:13:00,690 --> 00:13:07,570 बेटा, तुम्हारे ही उमर के मेरे सारे बेटे हैं, बेटिया हैं, साथ बच्चे हैं 119 00:13:07,570 --> 00:13:14,530 मेरे, लेकिन सब बाहर रहते हैं, कोई इसे हिंदुस्तान में रहता है, तो कोई 120 00:13:14,530 --> 00:13:15,530 � 121 00:13:17,469 --> 00:13:24,370 यही बिजनेस के चक्कर में कोई नौकरी के चक्कर में यहां तो हम 122 00:13:24,370 --> 00:13:31,230 दो बुढ़े बुढ़ी अकेले ही रह रहे हैं साथ में 123 00:13:31,230 --> 00:13:38,110 यह सारे स्टैप्स पुष्टेनी जमाने से हमारे बाब दादा के जमाने से चली आ 124 00:13:38,110 --> 00:13:44,230 रही है तो यह सब भी वही काम करते हैं माली वगेरा हैं खाना बना 125 00:13:45,550 --> 00:13:52,030 लोग हैं जाडू पोचा कटका लगाने के लिए और हवेली की रखवाली करने के 126 00:13:52,030 --> 00:13:58,930 लिए। ये सब आप दादा से वारसे में मिलिये हमें। तुम खाओ न बेटा खाओ। 127 00:13:58,930 --> 00:14:05,050 अगर बात शुरू की तो ये सारी दुखवरी कहानिया खतम नहीं होगी। 128 00:14:05,050 --> 00:14:08,230 अब तुम को ही देख लो। त� 129 00:14:13,939 --> 00:14:19,400 सारी जिम्मेदारिया संभाल रहे हो। अब देखो ना तुम यहां आये भी हो तो अपने पिता के 130 00:14:19,400 --> 00:14:26,300 काम के लिए ही। घूमने फिरने तोड़ी आये हो। लेकिन जब तक आये हो 131 00:14:26,300 --> 00:14:33,220 जगा भी देख लेना और हर जगा घूम भी लेना। वैसे तुम्हारे पिता कहे 132 00:14:33,220 --> 00:14:34,160 रहे थे कि 133 00:14:34,160 --> 00:14:42,660 तुम्ह 134 00:14:45,590 --> 00:14:51,030 हाँ अंकर बिल्कुल मुझे ऐसी जगा बहुत पसंद है शेहरों में ऐसी जगा मिलती नहीं है ना 135 00:14:51,030 --> 00:14:57,910 बच्चपन में मैं जब गाउं में था तो तब ये मुझे अच्छा लगता था इसलिए काम के बीच 136 00:14:57,910 --> 00:15:03,670 में मैं कभी कभी आही जाता हूँ ऐसी जगाओं पे हाँ 137 00:15:03,670 --> 00:15:08,050 खाना खा ही रहे 138 00:15:09,520 --> 00:15:16,140 कोलिडर में से एक औरत आती हुई मुझे दिखाई दिया, शाम ढल रही थी, एक 139 00:15:16,140 --> 00:15:22,860 सफेद साडी में, अंदर उसने कुछ नहीं पहना था, कोई ब्लाउज भी नहीं पहना था, 140 00:15:23,220 --> 00:15:30,140 बाल एकदम बिक्रे हुए थे, मांग में लाल सिंदूर भर भर 141 00:15:30,140 --> 00:15:36,900 के, कहीं यही तो मनोरमा मंगराज नह 142 00:15:41,720 --> 00:15:47,280 मैं जो निवाला ले रहा था, वो मेरे हातों में रहे गया, आधा निवाला मूँ में रहे गया, 143 00:15:47,340 --> 00:15:53,740 मेरी पलके नहीं जपक रही थी, मनोरमा मंगराज को देखी की, 144 00:15:53,840 --> 00:16:00,620 मोर अधाब हातों मुठा हाते रहे, अधाब हातों मुठा मुहरे रही गला, मो मुहर सेमिती 145 00:16:00,620 --> 00:16:01,539 खोला कुखोला, 146 00:16:01,540 --> 00:16:08,600 आ� 147 00:16:10,439 --> 00:16:16,800 कही की न थे धड़ा साड़ी थे थे भी तेरे ब्लाउज बोली किची भी किची पिंडी न थे न 148 00:16:16,800 --> 00:16:23,420 क्लियर देखा जाओ थे ला ट्रांसपरेंट थे ला न वो सफेद साड़ी ट्रांसपरेंट थे न 149 00:16:23,420 --> 00:16:28,880 कटन वाली सुता साड़ी थे ला पूरा ट्रांसपरेंट 150 00:16:28,880 --> 00:16:31,480 मैं इतना सोच ह 151 00:16:34,670 --> 00:16:41,570 मुहित की भाबुची सियाम पखरे से की ठिया है गला एकदम, अरे ठाओ ठाओ खाओ खाओ, 152 00:16:41,690 --> 00:16:48,510 बोसी ठाओ, बोसी ठाओ, अरे रहने दो, रहने दो बेटा, बेटे रो, बेटे रो, खाओ ना 153 00:16:48,510 --> 00:16:54,650 खाओ, ये जुबान से उसकी पहली बार निकली थी, 154 00:16:54,910 --> 00:16:58,170 दरसल उसको देखके मैं 155 00:16:58,170 --> 00:17:04,890 खड़ा ताको 156 00:17:04,890 --> 00:17:11,690 देखी की मू ठिया ही न थिली मोरो बांडो ठिया ही जाई थिला लंगला 157 00:17:11,690 --> 00:17:18,589 बांडो मार्केट रे गौरम गाई को देखी की जेमिती 158 00:17:18,589 --> 00:17:24,530 संधर और ठाती फुली जाए बांडो ठिया ही जाए ठीक सेमिती 159 00:17:24,530 --> 00:17:30,970 बीच बाजार में एक गरम गाई को देखकर जैसे 160 00:17:30,970 --> 00:17:37,380 सान का छाती चोड़ा हो जाता है, लंड खड़ा हो जाता है, एकदम 161 00:17:37,380 --> 00:17:43,580 मेरा वही हालत था, अंटी आकर डाइनिंग टेबल पर बेट गई, 162 00:17:43,820 --> 00:17:50,380 अंकल ने इशारे में अंटी से कहा, मुझे सब समझ में आ रहा था, 163 00:17:51,860 --> 00:17:56,080 उन्होंने इशारे में कहे ही दिया उनसे, कपड़े कम, अंदर कुछ 164 00:17:56,080 --> 00:18:02,790 नहीं अंटी 165 00:18:02,790 --> 00:18:09,750 ने अंसुनी कर दी उनकी बात, जैसे उन्होंने उनको एक्स्प्रेशन से ही 166 00:18:09,750 --> 00:18:14,550 नेगलेट कर दिया हो, आंटी आची की डाइनिंग टेबुल रे बस पड़ ले, 167 00:18:14,650 --> 00:18:21,510 इशारारे ही सही, लेकिन कही ले, अंकल आंटी को 168 00:18:21,510 --> 00:18:24,950 इशारारे कही ले, खाली शाड़ी टा कौन पिनी के आज � 169 00:18:31,390 --> 00:18:38,330 बिलाटा ठिया आईची, तमारा तमारा कांड अज्ञान होली किसी नहीं। मैं ये पटो को 170 00:18:38,330 --> 00:18:44,090 देखिली, आंटी तांको हे अज्ञान कलाभडिया एक्स्प्रेशन देखी चुपचा बसे पड़ले। 171 00:18:44,090 --> 00:18:50,990 से जाहो एथिरे फाइदा तो मोर, मो तो देखी पाड़ी 172 00:18:50,990 --> 00:18:52,950 बिना, से बड़ा � 173 00:19:00,780 --> 00:19:06,840 वो जो भी हो, इसमें फाइदा तो मेरा ही है ना, वो बड़े बड़े थन अंदर से दिख रहे थे, 174 00:19:06,880 --> 00:19:13,520 हिल रहे थे, टंगे हुए, सिर्फ हिल रहे थे। मुझे 175 00:19:13,520 --> 00:19:19,800 मिसाल ही नहीं मिला, क्या कहूं, कठल, पके हुए कठल, या 176 00:19:19,800 --> 00:19:25,860 बड़े बड़े टंगे हुए, दशेरी आम, या प, क्य 177 00:19:31,320 --> 00:19:38,320 ये सब सोचकर ही मैं एक के बाद एक निवाला ले रहा था और उनको देखी रहा था कौन 178 00:19:38,320 --> 00:19:45,220 कोई भी पाचिला बड़ा बड़ा पणस एक्जम्पल उधारन कौन देबी मिसाल कौन 179 00:19:45,220 --> 00:19:52,180 देबी दसहरी आमब पाचिला वाला बाई कौन पले ही आमब ना कौन 180 00:19:52,180 --> 00:19:53,920 कोई भी आपना मने किची उ 181 00:19:57,790 --> 00:20:03,310 मुखाली देखुछी भाता मुठा कु मुखाली देखुछी भाता मुखाली देखुछी 182 00:20:03,310 --> 00:20:08,650 भाता मुखाली 183 00:20:08,650 --> 00:20:27,040 देखुछी 184 00:20:27,040 --> 00:20:33,380 चावली क्यों खा रहे हो, मटन तो लो, ये लो मैं देती हूँ, 185 00:20:33,420 --> 00:20:39,800 ऐसा कहे कर उन्होंने मटन मेरे थाली पे डाल दिये, सर्व कर दिया, दो लेक्टिस दिये थे 186 00:20:39,800 --> 00:20:45,560 उन्होंने मुझे, खाना खाने के 187 00:20:45,560 --> 00:20:52,220 बाद उस रात उस शाम मुझे किसी पल के नहीं, 188 00:20:53,420 --> 00:21:00,160 मैं बिस्तर में इधर से उधर और उधर से इधर हो रहा था, हाथ पेर मार रहा था, कुछ 189 00:21:00,160 --> 00:21:06,880 देखा ना हो, लेकिन मनोरमा मासी के उस दो टंगे हुए थानों को मैंने देखा है, 190 00:21:06,940 --> 00:21:12,880 ओई, ओई, ए, से दिनों राती रे तो सुन्दिया बड़े मुझे निदो हला नहीं जो मारू, 191 00:21:12,920 --> 00:21:21,400 बे 192 00:21:21,260 --> 00:21:26,840 ये जुलू थुबा दुधो दीटा कली मौतर आत्रे देखा गुला आया हाये 193 00:21:26,840 --> 00:21:34,480 रात 194 00:21:34,480 --> 00:21:40,540 से नीन में उठकर मैंने देखा घड़ी की तरफ ये तो बारा बजर है 195 00:21:40,540 --> 00:21:47,100 मुझे सपने में भी मन और मा अंटी के दूद ही दिखाई दे रहे हैं 196 00:21:47,100 --> 00:21:49,540 सन ही दिखाई दे रहे हैं 197 00:21:50,400 --> 00:21:56,720 मैंने अपने डंडे को देखा एकदम खड़ा हो चुका था टावेल में, करूं भी तो क्या करूं, 198 00:21:57,000 --> 00:22:03,520 ये बाप का माल थोड़ी है कि मनोरमा अंटी को जाकर पकड़ लूँ और चोदरा लूँ, 199 00:22:03,520 --> 00:22:09,760 हो नहीं सकता ना, सुबह तो कम से कम होने दे यार, मैं अपने डंडे से खोद बात क 200 00:22:18,260 --> 00:22:24,880 आखिरकार मैंने हार कर थक कर जाके बात्रुम में हाथ गाड़ी चलाई 201 00:22:24,880 --> 00:22:31,140 जी हाँ आपको समझ में आ गया होगा मैं जादा कुछ नहीं बोलूंगा मूर लंगड़ा बांड़ो यारे 202 00:22:31,140 --> 00:22:36,360 ठिया है जय थिला जित्ते बुझेले बुझू न थिला कौन हो वो मूर ही बांड़ो 203 00:22:36,360 --> 00:22:42,896 बाध्य 204 00:23:00,020 --> 00:23:06,380 पाइखना कम्मड भीतरे, पाइखना कम्मड भीतरे, पाइखना कम्मड भीतरे, पाइखना कम्मड 205 00:23:06,380 --> 00:23:12,980 भीतरे, पाइखना कम्मड भीतरे, पाइखना कम्मड 206 00:23:12,980 --> 00:23:18,180 भीतरे, पाइखना कम्मड 207 00:23:18,180 --> 00:23:22,720 भीतरे, 208 00:23:24,640 --> 00:23:31,040 कम से कम 45 मिनिट हाथ गाड़ी चलाने के बाद मैं अपने मंजिल में पहुँचा 209 00:23:31,040 --> 00:23:36,540 मेरे डंडे ने माल निकालना शुरू किया और एक बहंकर 210 00:23:36,540 --> 00:23:43,280 चिलाखर मैंने उस कमोड के अंधर अपना माल छोड़ना 211 00:23:43,280 --> 00:23:44,280 शुरू किया 212 00:24:25,360 --> 00:24:31,920 फाइनली गुटे लंबा होसो छड़ी की मुं 213 00:24:31,920 --> 00:24:38,540 सांती हली फाइनली एक लंबी ठेठे कार छोड़कर 214 00:24:38,540 --> 00:24:41,240 मैं आखिर कार शांत हुआ 215 00:24:41,240 --> 00:24:48,040 मैंने 216 00:24:48,040 --> 00:24:54,870 बाहर आके दिखा बालकनी में बारीश खतम हो चुकी थे लेकिन नजारा 217 00:24:54,870 --> 00:25:01,590 बहुत ही सुन्दर था, बहुत ही मनमूहक था, बस इस वक्त तो मेरा दिल, मेरा डंडा, 218 00:25:01,610 --> 00:25:08,310 मेरे अंडे, आप जानते हैं, एक उमरदार औरत को ही ढूनती है, मौनसूर 219 00:25:08,310 --> 00:25:15,310 मेरा फेवरेट मौसम है, ये माहौल और भी मादक था, मैं साथ ही ढून रहा 220 00:25:15,310 --> 00:25:16,390 था, पार्टनर 221 00:25:16,390 --> 00:25:24,150 ढून 222 00:25:24,150 --> 00:25:31,120 � उसके बालदार का आख जब तक नहीं सुंखूंगा रात को नीन नहीं आएगी मैंने इधर उधर देखा 223 00:25:31,120 --> 00:25:37,380 कहीं कोई आदमी नहीं मैं तो ढूंढ रहा था मेरी आखे तो 224 00:25:37,380 --> 00:25:44,260 ढूंढ रही थी उस मादरजात औरत को मौ आखी 225 00:25:44,260 --> 00:25:49,740 तो खोजू थेला से ही जमी दर्यानी बेद्वानी को 226 00:25:49,740 --> 00:25:52,848 कौ 227 00:25:55,959 --> 00:26:02,840 आधी रात हो चुकी है क्या दर्शन मिलेगा वो तो नंगी 228 00:26:02,840 --> 00:26:09,600 देवी के शायद नहीं अरे हाँ मंगराज अंकल ने तो कहा था ना कि 229 00:26:09,600 --> 00:26:16,020 मनुरमा एंटी को थोड़ी सी बुखार है तबियत नासाज है वो बाहर कैसे आ सकते है शायद सो 230 00:26:16,020 --> 00:26:18,820 गई होंगी लेकिन अब मैं क्या करूँ 231 00:26:19,820 --> 00:26:26,740 मैं फिर चला बात्रुम की ओर और फिर हाथ गाड़ी चला ही मादर चोद मु पूनी चल 232 00:26:26,740 --> 00:26:30,200 लिया उथरे बात्रुम भी तरोको पूनी हाथ गाड़ी चले बापाई 233 00:26:53,440 --> 00:26:59,840 एथरवी से ही 45 मिनिटी इस वारी वही 45 मिनिट कम से कम लगा 234 00:26:59,840 --> 00:27:06,540 मंजिल तक पहुँचने के लिए एक 235 00:27:06,540 --> 00:27:12,580 लंबी हसी छोड़ कर मैंने अपना माल छोड़ा उस कमोड के अंदर 236 00:27:12,580 --> 00:27:19,560 इस वार तो मैं उत्तेजना के मारे रो पड़ा था क्योंकि मैं सोची रहा 237 00:27:19,560 --> 00:27:26,240 था वो टंगे हुए तनो के बारे में मनोरमा मंगराज। एत्थर 238 00:27:26,240 --> 00:27:32,860 तमु उत्ते जनारे कांदी पके थली। भाबू थली से ही मनोरमा मंगराजर 239 00:27:32,860 --> 00:27:38,840 दीठा बड़ा बड़ा टंगा है थिवा हलू थवा जलू थवा 240 00:27:38,840 --> 00:27:40,720 दुधः। 241 00:28:17,800 --> 00:28:24,640 सुबहे करीब करीब चार बज रहे थे तब ठंडी ठंडी हवा मुझे लगी 242 00:28:24,640 --> 00:28:31,460 तभी जाके मुझे थोड़ी नीद आई थी चेन की सांस मिली थी 243 00:28:31,460 --> 00:28:33,660 आप थोड़ा सो सकता हूँ 244 00:28:48,010 --> 00:28:54,730 सुभे मेरी नीद खुली बाजा की आवाज के साथ मैंने बालकनी में जाके देखा 245 00:28:54,730 --> 00:29:01,490 सुरच किरन तो आ रही थी गड़ी में साथ बज चुके थे मैंने उपर 246 00:29:01,490 --> 00:29:06,690 से एक स्टैप से पूछा ये किस बात का बाजा बज रहा है 247 00:29:06,690 --> 00:29:10,310 अरे भाई कोई थे बाजा बाज ची 248 00:29:10,310 --> 00:29:17,072 उन्होंने कहा ग्राम 249 00:29:17,450 --> 00:29:24,350 वो लोग सब बाजा बजाते हुए महल के अंदर भी घुसे तब मुझे पता चला कि हाँ ये 250 00:29:24,350 --> 00:29:31,310 एक रसम है जो गाओं के जो ठाकुर साहब होते हैं जो जमीनदार होते हैं 251 00:29:31,310 --> 00:29:37,810 उनको मिला के ठाकुर और ठाकुरायन मिला के ग्राम देवी को एक स्पेशल 252 00:29:37,810 --> 00:29:39,230 रसम देते हैं 253 00:29:39,230 --> 00:29:46,190 मैं वासी ले 254 00:29:46,190 --> 00:29:52,880 ही अचानक से मैंने देखा कि ये मनोरमा अंटी एकदम लाल साढी में 255 00:29:52,880 --> 00:29:59,500 आई ये लाल पड़ा मातें बे सिंदूर एकदम गाउंगी 256 00:29:59,500 --> 00:30:06,280 ठकुरायन लग रही था बज़े में ठकुरायन तो है वो गाउंगी राम देवी लग रही 257 00:30:06,280 --> 00:30:13,080 था एकदम लेवी फिर 258 00:30:13,080 --> 00:30:15,420 मेरा नंडा खड़ा हुआ खड� 259 00:30:36,180 --> 00:30:42,980 जब हम चाय की चुसकी ले रहे थे मैं मंगराज अंकल और 260 00:30:42,980 --> 00:30:43,980 मनोरमा एंटी 261 00:30:44,720 --> 00:30:51,600 मैं देख रहा था कि अंकल की एंटी से पढ़ती नहीं है बिलकुल दोनों में एक लब्स 262 00:30:51,600 --> 00:30:58,460 भी बात कित नहीं हुई तोरा आधे गंटे हो चुके हैं बस मैं बात 263 00:30:58,460 --> 00:31:05,280 कर रहा हूँ तो मंगराज अंकल से या फिर मैं बात कर रहा हूँ तो मनुरमा 264 00:31:05,280 --> 00:31:08,060 एंटी से लेकिन उन दोनों में आप 265 00:31:12,290 --> 00:31:18,850 किन्तु मुँ देखिये अखु पाईली जानी पाईली अंकल और आंटी भीतेरे पट्टू नहीं 266 00:31:18,850 --> 00:31:25,530 से माने दी जण को भीतेरे कथा भरता जमाग करू नहांती मुँ 267 00:31:25,530 --> 00:31:30,030 अंकल को से तो कथा याली मुँ आंटी को से तो कथा याली से माने भी मुँ से तो कथा याली 268 00:31:30,030 --> 00:31:31,570 किन्तु से दी ज� 269 00:31:43,950 --> 00:31:49,830 मुझे बस ना से जानी मुझे मोरो नुआ सीकार मिड़ी गोला 270 00:31:49,830 --> 00:31:56,510 मुझे खुश्बू आ रही है मेरे ने 271 00:31:56,510 --> 00:32:03,270 शिकार मैं चाय पी रहा था बिसकिट खा ही रहा था और 272 00:32:03,270 --> 00:32:09,950 लैप्टोप पे कुछ काम कर ही रहा था कि इस वक्त मुझे अंकल ने कहा कि बिटा मैं 273 00:32:10,600 --> 00:32:16,200 अभी दोपेर को निकल जाओंगा, एक जगा है यहां से, 20 -25 किलिमेटर की दूरी पर होगी, 274 00:32:16,440 --> 00:32:23,140 वहां पे एक जमीन की डिल करनी है, हमारी पुरानी जमीन है, मैं 275 00:32:23,140 --> 00:32:28,520 कल सुबह आओंगा, वहां पे आज मैं दोस्त के यहां रहे जाओंगा, तुम अपना ध्यान रखना ठीक 276 00:32:28,520 --> 00:32:29,940 है, मैं सार 277 00:32:40,410 --> 00:32:47,010 मुरो सबु लेजर एंड जेनरल्स चेक कर थेली, एकाउंट चेक कर थेली, एइ समयरे मते 278 00:32:47,010 --> 00:32:53,330 अंकल कहिले की, अरे बापा मु आजी गुड़े जगा कुजी भी, 279 00:32:53,350 --> 00:33:00,050 गुड़े जमी रो किना भी का हिसाब अच्छी, आमहर ही जमी, पुरुना जमी ते, आजी मु सेटी 280 00:33:00,050 --> 00:33:00,289 जीबी, 281 00:33:00,290 --> 00:33:10,390 ए 282 00:33:10,270 --> 00:33:13,990 कमरो खाईवे पेवारो दाई दोसे पुराने वे चिंता करो ने 283 00:33:13,990 --> 00:33:20,570 मुखाई की चिंता करीबे 284 00:33:20,570 --> 00:33:27,090 मैं क्यूं चिंता करूँ मुझे तो मेरे शिकार से मतलब है 285 00:33:45,610 --> 00:33:51,710 बहुत बढ़िया, बहुत अच्छा है आंटी, बहुत भुला ही थी आंटी, 286 00:33:51,790 --> 00:33:58,650 दोपहर को जब हम खाना खा रहे थे, पास में स्टेप्स तो थे, क्योंकि अंकल ने 287 00:33:58,650 --> 00:34:05,530 कह दिया था, और आंटी भी मुझे परोस रही थी, खुद भी खा रही थी, वही लाल साडी 288 00:34:05,530 --> 00:34:10,909 में थी, और एक ओरे 289 00:34:14,320 --> 00:34:20,560 खड़ा वेले खाई ला बड़ू कु आमें से डाइनिंग टेबल ले बसी की खाऊ थेलू सबू स्टाप्स 290 00:34:20,560 --> 00:34:26,420 पाखरे थेले काही किना अंकल कही थेले तांकू मंगराज अंकल महंत मंगरा जे बहुत भला 291 00:34:26,420 --> 00:34:33,139 खार करे तांकर अंडी सदी टा मते बहुत भल लागे एनिवे अंकल 292 00:34:33,139 --> 00:34:33,780 को 293 00:34:33,780 --> 00:34:43,568 व 294 00:34:44,110 --> 00:34:50,730 ये चे ही नाली खाड़ीटी पीन थीले, लाल टुक टुक, आउ गोटे 295 00:34:50,730 --> 00:34:57,090 ओरेंज कलर और कमड़ा कलर और ब्लाउस टे पीन थीले, मैंने सिर्फ एक 296 00:34:57,090 --> 00:35:03,870 टीज़ेट पहनी हुई थी उपर और नीचे एक बॉक्सर बस, मु उपरे 297 00:35:03,870 --> 00:35:06,750 गोटे बेनियन पीन थीली बस, आउ तड़े गोटे 298 00:35:12,840 --> 00:35:18,200 ने बॉक्सर के अंदर कुछ नहीं पहना था, कच्चा नहीं पहना था, 299 00:35:18,620 --> 00:35:23,760 बॉक्सर भी तरह, चोड़ी पिंजे नहीं थी, 300 00:35:24,000 --> 00:35:30,800 खाईला बड़े आंटी रोसे दुधधी 301 00:35:30,800 --> 00:35:37,800 था कु, मुहन नहीं थी, खाऊ थी, अरे ब्लाउस पिंजे ले कौन हो बो, ता दुधधी था 302 00:35:37,800 --> 00:35:41,560 एते बड़ो ब� 303 00:35:45,550 --> 00:35:52,130 खाना खाते वक्त मैं अंटी के वो दोनों थनों को देख रहा था अरे ब्लाउस पहनने से क्या 304 00:35:52,130 --> 00:35:58,910 होगा इतने बड़े बड़े थे इतने भारी थे कि ब्लाउस पहनने के बाद भी वो हिलते 305 00:35:58,910 --> 00:36:04,390 डूलते नजर आ रहे थे ब्लाउस के अंदर थे अंटी मुझे एक टक में देखी जा 306 00:36:04,390 --> 00:36:13,190 र 307 00:36:14,320 --> 00:36:21,100 थिया ही जाई थिला, असे बॉक्सर भी तरू, वो खाई सरी की 308 00:36:21,100 --> 00:36:25,360 पातो धोई ली, मैंने खाना खाके हाथ धोया, 309 00:36:25,620 --> 00:36:31,280 अब के अंटी, मासुची, 310 00:36:32,060 --> 00:36:39,040 रूम को जाओ जी, जब मैं ये कहके जाने लगा कि मैं अपने कमरे में जा रहा हूँ, तो एकदम 311 00:36:39,040 --> 00:36:40,780 से उन्होंने मुझे टोकते हुए कहा 312 00:36:42,920 --> 00:36:49,800 रोहू ना एड़ी बसा टिके कौन सिधा पड़े वो रूम कू बसा हाँ 313 00:36:49,800 --> 00:36:56,760 उन्होंने अपने उडियानी सिरक्टिव अंदाज में कहा था कि बैठ 314 00:36:56,760 --> 00:37:00,540 जाओ क्या सीधे कमरे में चले जाओ के हाँ बैठो ना 315 00:37:00,540 --> 00:37:07,180 माई कॉर्ड ये आवाज इतनी माधक थी 316 00:37:07,180 --> 00:37:09,320 कि मेरा डंडा अंदर से फुदक 317 00:37:14,340 --> 00:37:21,220 मात्तार जौत। से जौत स्टाइल रे कही ले मोरो भांड़ा दी 318 00:37:21,220 --> 00:37:26,360 थरौ उपर तड़ा ही गला। मो भितरे चड़ी पिंदी ही न थी। 319 00:37:26,360 --> 00:37:32,980 आपना समझते जानी चांती न। मो भांड़ा ते बोड़ा, अंडाउडा को कित्ते 320 00:37:32,980 --> 00:37:37,220 लंबा। मोरो बक्सर थरी उठी ला, आव आंटिंग क 321 00:37:42,160 --> 00:37:48,140 अरे छोटो छुआ हेले भी जानी पारी वो, इतने बोड़ो बांड हो, पोतड़ा बॉक्सर वितरे केमते 322 00:37:48,140 --> 00:37:54,600 लुजी करो ही वो, ठी आही कोला, छोटा बच्चा भी समझ जाएगा, इतना बड़ा डंडा 323 00:37:54,600 --> 00:37:58,920 ऐसे बॉक्सर के अंदर कैसे चुप के रह सकता है, जब इतनी 324 00:37:58,920 --> 00:38:12,140 इजडक्ट 325 00:38:11,950 --> 00:38:17,930 जेनु तेनु प्रकारे मु से सुपा पुरे बसी तगली, हेले मुरो 326 00:38:17,930 --> 00:38:24,730 लंगला बांड़ोरो, हरकत मु आउ लुचे ही पारली नहीं, छुपे ही पारली नहीं, ये 327 00:38:24,730 --> 00:38:31,430 पतला बक्सर कोनो संभाली पारी पो, आंटिंग को नज़र पूरा, असे पलक जोपको 328 00:38:31,430 --> 00:38:32,890 नहांती, तांकर पलक प� 329 00:38:43,080 --> 00:38:44,500 तुम चड़ी नहीं पहनते क्या? 330 00:38:45,600 --> 00:38:51,180 सेमो ते सिदा ही प्रश्न पचारी देले, प्वस्चेन कर देले, तमे 331 00:38:51,180 --> 00:38:53,640 चड़ी पीन हुनो की? 332 00:38:56,140 --> 00:39:00,380 दूर में कुछ स्टाफ्स थे, उनको उन्होंने चिला कर कह दिया, 333 00:39:00,840 --> 00:39:07,740 तम में सबु जाओ, मैं ठीक है सिवन याओ, आमें पर्शनल कथा हो 334 00:39:07,740 --> 00:39:08,740 जू, तम 335 00:39:10,360 --> 00:39:17,000 मतलब कि तुम सब जाओ आना नहीं हम यहाँ पे पर्सनल बाते कर रहे हैं समस्त चाली गले 336 00:39:17,000 --> 00:39:21,580 एत्ते बोड़ो भौंगड़ा एत्ते बोड़ो राजमहल 337 00:39:21,580 --> 00:39:27,440 महलो रहाओ केही बोली ना आनती राजवास रहाओ केही भी ना आनती 338 00:39:27,440 --> 00:39:31,900 तांकरो सबू रही बारो जित्ती की सबू स्टाप क� 339 00:39:36,070 --> 00:39:41,050 उनके जितने भी स्टाप्स क्वाटर हैं इतने बड़े राज प्रासाद में राज महल में वो सब 340 00:39:41,050 --> 00:39:47,730 दूसरी तरफ थे अगर वो चल के भी आएंगे तो कम से कम आदा किलोमेटर का रास्ता होगा और 341 00:39:47,730 --> 00:39:52,410 वैसे भी एंटी ने तो मना कर ही दिया है तो कोई आने नहीं वाला और वैसे भ 342 00:40:02,880 --> 00:40:09,880 जब सब चले गए अंटी मेरी तरफ देखी रही थी कुछ देर जब वो बैठी रही और मैं 343 00:40:09,880 --> 00:40:15,680 भी चुपचाब बैठा रहा क्या ही कहता मैं क्योंकि गलती तो पकड़ी गई है वो मेरे और 344 00:40:15,680 --> 00:40:22,640 आकर बैठ गए और मेरे कंधे पे धीरे से अपना बाहिना हाथ रखते हुए कहा सं 345 00:40:27,990 --> 00:40:34,370 क्या समलता नहीं है तुमसे ये जवानी का वक्त ही ऐसा है समलते नहीं समलता 346 00:40:34,370 --> 00:40:40,610 उन्होंने मेरे से बहुत सारी बातें ओडिया में की उसको सबको तो मैं ओडिया में बोल 347 00:40:40,610 --> 00:40:45,910 नहीं सकता लेकिन उन्होंने जिस तरीके मैं ओडिया में बोला था वो हिंदी में बया नहीं 348 00:40:45,910 --> 00:40:46,910 किया जा सकता � 349 00:40:53,040 --> 00:40:57,780 वैसे वो सारी बातें मैं आपको हिंदी में अभी बताता हूँ ट्रांसलेट करके उन्होंने 350 00:40:57,780 --> 00:41:04,320 क्या बोला था यकीन जानी है एक भी शब्द एक भी लब्ज मैं नहीं छूड़ूंगा आपको सब 351 00:41:04,320 --> 00:41:11,300 बताऊंगा उनकी बातों में एक कामुक्ता थी भयंकर 352 00:41:11,300 --> 00:41:13,420 कामुक्ता उन्होंने 353 00:41:26,890 --> 00:41:33,690 तो जो आर्कतें कर रहे थे, संडास में जाकर वो सब मुझे पता है। 354 00:41:33,690 --> 00:41:38,310 ये मो कानो बाखोरे आसी की मो थे कोहिले। 355 00:41:59,180 --> 00:42:03,540 उन्हें इसी वर्षोरे बाहाई के ये गोरों को आज दिली। उन्हें इसी वर्षोरे मते ये लाणी 356 00:42:03,540 --> 00:42:07,660 आज दिके पंचाफ़न वर्षो। मुरो बाहाँ गोरों को केते वर्षो येगोला। हिसाब कर दिया। 357 00:42:07,660 --> 00:42:11,620 छत्तीस वर्षो हो जी। छत्तीस वर्षो मा क्या। मुरो बड़ो � 358 00:42:28,700 --> 00:42:35,520 बिहार को पानी तिके बिभार करी पाला ने ये बोसली गया। निचे को कूची महंत मंगराज। 359 00:42:35,520 --> 00:42:42,240 अरे मंगराज ना तू पांडराज। तू सला बोसली गया। तू सला कोटे चका। 360 00:42:42,240 --> 00:42:48,180 काली कण केइ केइ की। जुआ जन्म करते ले सब होई जाए। माईके ना कोबी रुक्ख। 361 00:42:48,180 --> 00:42:50,380 अ 362 00:42:58,250 --> 00:43:05,230 पूरा बालु आप या देखिने तुम्हारा होसूरी जीवो यार बाई जी आसे की 36 बर्सोरे मुँ 363 00:43:05,230 --> 00:43:11,790 एही कोठा वितरे बहुन दोची एही महल वितरे बहुन दोची ना कोड़े बाहर को जाई पारूची ना 364 00:43:11,790 --> 00:43:15,790 एही पूरा मुदे जाडूची मुँ अरीजी भी तुम्हे कि� 365 00:44:01,740 --> 00:44:02,740 आज देरी बात है 366 00:44:34,890 --> 00:44:40,770 जरी जाओची, जरी जाओची, जरी जाओची, आओ मो बांडर, 367 00:44:40,890 --> 00:44:47,890 ओ बस्ता, पूरा ठिया, पूरा खड़ा खड़ा सिपाई, 368 00:44:48,210 --> 00:44:51,770 जो चीज उन्होंने, 369 00:44:52,650 --> 00:44:57,910 उडिया में की थी उसको हिंदी में मैं पूरा ही ट्रांसलेट कर रहा हूँ आप सुनिये अगर 370 00:44:57,910 --> 00:45:04,770 आपका ढंडा खड़ा वही के वही नहीं हो गया तो आप इस अजीवो गरीव हैरतंगेज 371 00:45:04,770 --> 00:45:11,570 वाक्या को यहीं पे छोड़ के चले जाना मैं मना नहीं करूँगा लेकिन 372 00:45:11,570 --> 00:45:12,570 दावा है मेर 373 00:45:18,840 --> 00:45:25,020 और जिस इंटेंसिटी में पुस्पुस आया था एक बार सुन लीजिए दावा ही मेरा आप 374 00:45:25,020 --> 00:45:31,640 जा नहीं पाएंगे वो मेरे कान के पास आखर 375 00:45:31,640 --> 00:45:33,480 अपने होटों से 376 00:45:55,030 --> 00:46:01,670 अंदादा लगा लो 36 साल 36 साल 36 साल में एक एक एक एक एक करके इस बुढ़व ने 377 00:46:01,670 --> 00:46:07,850 इस बुढ़व ने हाँ तुमने सही सुना इस माधार चूत बुढ़व ने इस चूत से एक नहीं दो नहीं 378 00:46:07,850 --> 00:46:11,270 तीन नहीं चार नहीं पांच नहीं छे नहीं पुरे के पुरे साथ बच्चे 379 00:46:11,270 --> 00:46:23,152 पैदा 380 00:46:23,370 --> 00:46:29,970 लेकिन एक औरत को जो सुख मिलना चाहिए वो सुख मुझे ये दे नहीं पाया इतना चोटा सा 381 00:46:29,970 --> 00:46:36,710 है उसका चोटा सा लंड मेरे इस बड़े पालदार चूत से वो थोड़ा सा पानी भी निकाल पाया 382 00:46:36,710 --> 00:46:40,270 सिर्फ बच्चे पेड़ा करने से कोई राजा नहीं बन जाता 383 00:46:40,270 --> 00:46:51,170 कोई 384 00:46:51,170 --> 00:46:56,720 पाप इतना बड़ा कोटी है, लेकिन कोई फायदा नहीं, मुझे ये बुढ़ाओ कहीं जाने ही नहीं 385 00:46:56,720 --> 00:47:01,320 देता, मैं तो सिदा सिदा कहता हूँ, ये एक नपूंच सके, नपूंच सके, चक्का है चक्का, 386 00:47:01,440 --> 00:47:04,460 सिर्फ बच्चे पेदा करने से कुछ नहीं होता, मैंने चोट, मैं आज ही 387 00:47:04,460 --> 00:47:22,620 वैसे 388 00:47:22,190 --> 00:47:28,810 ए ए तुम इधर देखो प्लीज ए ए देखो ना ए जी तुम इतनी जगा घूमते हो इतनी औरतों से 389 00:47:28,810 --> 00:47:33,210 मिलते हो इतने लड़कियों से मिले होगे लेकिन मैं तुमसे धावे के साथ कहता हूँ 390 00:47:33,210 --> 00:47:37,170 ग्यारेंटी देता हूँ ये चीज ग्यारेंटी सुनलो मेरी बात मानलो मेरी बात 391 00:47:37,170 --> 00:47:41,370 मु� 392 00:47:51,160 --> 00:47:57,860 मुझे होश कर दो जूद रालो मैं तुम्हें आशिर्वाद करूँगी 393 00:47:57,860 --> 00:48:04,580 बहुतों को जूदा होगा तुम्हें आज एक ठकुरायन की जूद को जूदो 394 00:48:04,580 --> 00:48:11,240 बहुत माई किना को गही थी वो तुम्हें आजी गोटे जॉमी दरियानी रो 395 00:48:11,240 --> 00:48:16,100 पालवाबिया को गही दिया ग्यम ग्यम 396 00:48:16,100 --> 00:48:22,350 ग्यम निकाल कर 397 00:48:22,350 --> 00:48:29,310 उस सोफे के उपर ओंग कर बैठ गई, एक जंग को उपर 398 00:48:29,310 --> 00:48:36,290 उठाया, और साडी को नीचे से नावी तक उपर उठाया, मैंने घौर 399 00:48:36,290 --> 00:48:43,070 से देखा, उसकी जांटिया बालदार काली चूत, अंदर उसने कोई 400 00:48:43,070 --> 00:48:49,990 कच्ची नहीं पहनी थी, और इस दोरान उसकी चूत पानी छोड 401 00:48:49,990 --> 00:48:50,990 र 402 00:48:52,290 --> 00:48:59,050 गेवू गेवू गेवू गुंगरालू एकदम जाटिया जूत ऐसे जूत को 403 00:48:59,050 --> 00:49:05,970 देखकर मेरा ही क्या किसी का भी नियत खराब हो सकता है नियत आलत 404 00:49:05,970 --> 00:49:12,270 खराब हो जाएगी मेरे डंडे से पानी निकला शिरू हो गया था और डंडा एकदम 180 405 00:49:12,270 --> 00:49:15,930 डिगरी में खड़ा हो गया था साड़ी टेक 406 00:49:20,940 --> 00:49:26,560 बाड़वा बियारो चुटी उड़ा सबू कुञ्चु कुञ्चिया थीला 407 00:49:26,560 --> 00:49:33,280 आको देखी की मुंकण कहारी भी नियत 408 00:49:33,280 --> 00:49:40,280 खराब है जीवो मोरो लंगला बांड़ा तोय असी डिगरी 409 00:49:40,280 --> 00:49:46,180 रिठी आहे जाए थेला आओ खाली टोक टोक टोक टोक कर थेला 410 00:49:49,580 --> 00:49:53,500 मेरे मुँ से लार टपकने लगा था। 411 00:49:53,500 --> 00:49:58,720 मैं इधर उधर देखने लगा। 412 00:49:58,720 --> 00:50:04,480 ठकुराइन ने कहा, मनोरमा अंटी ने कहा, 413 00:50:04,540 --> 00:50:11,360 कौन भाबुज़ा, किची भाबो नहीं, एतिकी केही 414 00:50:11,360 --> 00:50:17,960 आसीवे नहीं। मेरी आखें बड़ी हो गई 415 00:50:17,960 --> 00:50:24,880 थी। मेरे मुझे लाट तपक नहीं लगा था उसके जोध को देखकर। उसने कही भी 416 00:50:24,880 --> 00:50:31,780 आखिर में किस बात का इंतिजार कर रहे हो। क्या सोच रहे हो। कोई नहीं आने वाला 417 00:50:31,780 --> 00:50:38,760 यहां। सारे नौकर हैं। अच्छा वो 418 00:50:38,760 --> 00:50:45,100 बताना भूल गया था। उडिया में गेहू का मतलब होता है। जो� 419 00:50:48,400 --> 00:50:55,180 उसने एक बार जोर थे ग्यम् ग्यम् ग्यम् कह 420 00:50:55,180 --> 00:51:00,780 कर अपनी पूरी साड़ी उतार कर नीजे रख दी 421 00:51:00,780 --> 00:51:07,420 पूरा फर्ष पे गिरा दिया सेबे धही 422 00:51:07,420 --> 00:51:14,320 पूरा कामो बानो रे जर जरी तही मुहरू जोर रे पूनी से सब्दो भार कोला 423 00:51:14,320 --> 00:51:15,720 ग्यम् ग्यम् 424 00:51:16,720 --> 00:51:23,440 आउ तर लाल टॉक टॉक साडी को बाहर करिकी, से फ्लोर 425 00:51:23,440 --> 00:51:29,380 पर पकई दला, एबेस ये पूरा नंगुडी, 426 00:51:29,660 --> 00:51:31,920 नंगुडी देबी, 427 00:51:32,940 --> 00:51:39,660 नंगुडी ठकुराडी, अब 428 00:51:39,660 --> 00:51:44,700 वो पूरी नंगी, नंगी देबी, नंगी ठकुराडी, 429 00:51:47,850 --> 00:51:54,790 यह सही मिती चूप चाप अलाजु की भावरे ठिया है जी मोता कू गोड़ोरू मुंड़ो 430 00:51:54,790 --> 00:51:59,610 पड़ जन्त और मुंड़ोरू गोड़ो पड़ जन्त देखू जी वो वैसे ही 431 00:51:59,610 --> 00:52:06,550 बिना शर्म के एकदम बेशर्म की तरह वैसे ही खड़ी हुई 432 00:52:06,550 --> 00:52:10,310 है स्टेचर की तरह एक हाथ कमर में 433 00:52:10,310 --> 00:52:16,830 रख 434 00:52:17,160 --> 00:52:23,520 ठीक कोई तिलाई है, आब होडिया माई के ना, बारों बार मिली बे नहीं, 435 00:52:23,880 --> 00:52:29,580 सही कहा था इसलिए, इसकी तरह औरत नहीं मिलेगी, बार बार, 436 00:52:29,600 --> 00:52:36,440 मैंने अपना निकर उतार कर नीचे फेक दिया, और मेरे डंडे को देख कर, वो एकदम खुश 437 00:52:36,440 --> 00:52:39,340 होने लगी, उसके आँखों में चमाक आ 438 00:52:48,430 --> 00:52:55,250 उसे मिति से फ्लोर परे लोंगडा बसी की ता गांडी को तब्बी आवासन 439 00:52:55,250 --> 00:52:58,370 को सुंगी वक्वारम भकोली गोटे परे गोटे 440 00:53:27,340 --> 00:53:34,040 फिर से शुरू किया, अब उसके गांड में मैं पूरा सुंगने लगा, नाग उठेट दिया मैंने, 441 00:53:34,100 --> 00:53:39,840 एबे तागांडी ने पूरा नाग को पूरे दिली, एबे 442 00:53:39,840 --> 00:53:42,000 डीप सुंगी भी, 443 00:54:14,340 --> 00:54:20,620 स्वर्क, स्वर्क, एकदम जन्नत, 444 00:54:20,860 --> 00:54:27,800 जन्नत, मैंने उसे बैट से उठा कर सोबा सेट के उपर 445 00:54:27,800 --> 00:54:34,720 आके बिठाया, हाथ पकड़ कर, फिर उसके यूद को उसको 446 00:54:34,720 --> 00:54:39,260 कुतिया बना कर पीछे मैंने पोच डे लिया और सुंगने लगा अपनी नाग से, 447 00:54:55,970 --> 00:55:02,930 मोबांड पूरा रेटी थेला, पूरा तैयार, मुता कू, गेहिबा कू, उद्यत 448 00:55:02,930 --> 00:55:09,270 हुआंते, से मोबांड कू धोरी पकेला हातरे, मेरा लंड एकदम तैयार था, 449 00:55:09,290 --> 00:55:16,270 नंगा लंड, हाँ, मैं उसको चोदने की तैयारी कर रहा था, और जब मैंने 450 00:55:16,270 --> 00:55:18,930 चोदना चाहा, तो उसने अपने 451 00:55:18,930 --> 00:55:25,350 दो 452 00:55:38,970 --> 00:55:42,350 मैंने मजलेना शुरू किया। 453 00:56:22,640 --> 00:56:29,600 पिछवाड़ा के छेद से चाट थी अपने जीव से और मैं डंडे तक सरवोट लेती। 454 00:56:29,600 --> 00:56:36,400 से पूरा मोरो पच्छो गांडी कुनारू जी बोलो गई की चाटी बारंब 455 00:56:36,400 --> 00:56:43,360 करे और चूसी आने पूरा मोरो अंडा देटा को छोई की चाटी 456 00:56:43,360 --> 00:56:45,800 की मोरो पूरा डंडे तक सरवोट लेती। 457 00:57:08,040 --> 00:57:14,640 करीब करीब 45 मिनट हो चुका है, लेकिन उसका चूसना बंद नहीं हो रहा, बलकि और बढ़ता जा 458 00:57:14,640 --> 00:57:14,900 रहा 459 00:57:14,900 --> 00:57:38,020 है। 460 00:57:38,010 --> 00:57:44,990 गुतिया का पोज लेने को का और पीछे से अपना डंडा सही पोज में करके अपने कमर 461 00:57:44,990 --> 00:57:51,110 को हिलाके गांड को हिलाके उसके चूत के अंधर एकी वार में घुसेट दिया 462 00:57:51,110 --> 00:57:58,110 ताको गोटे माई कुकुरो रो पोज न भापाई कोही की मने डॉगी स्टाइल 463 00:57:58,110 --> 00:58:00,470 सबु जानी थी बे मुँ प� 464 00:58:07,190 --> 00:58:13,610 एकदम ठीक ता बिया द्वारपा घरे रखी की छेप परे 465 00:58:13,610 --> 00:58:20,590 ठाप दबापें पड़ी ला ने काई की ना ता बिया रूप पच पच पानी बाहर कोड़ थला 466 00:58:20,590 --> 00:58:27,310 मो ना को एकदम उता ता बिया को चाटी की मो पच पटो 467 00:58:27,310 --> 00:58:32,470 मन टाको हले की गांडी की हले की पोज नहीं गली मो डाधी टा ह 468 00:58:34,670 --> 00:58:40,570 निष्चय कर ली जे गोटीयी जटकारे पुरा भित्रो को पुरे देवी टाइट बिया 469 00:58:40,570 --> 00:58:47,330 निष्चय कर ली आमेने एकी जटके के अंदर कितना भी टाइट क्यों ना हो अंदर 470 00:58:47,330 --> 00:58:53,350 अगोजेट धूँगा में हे ठकुरायन तेरी चूद मेरा लंड 471 00:58:53,350 --> 00:59:00,290 हे ठकुरानी तो बिया मुरो 472 00:59:17,360 --> 00:59:23,700 थरप करे रहे उन्हों, दी थरप पसला, किंतु पूरे ही देली पूरा, अंडा देटा खाली बाहर 473 00:59:23,700 --> 00:59:29,620 है। एक बार मैंने ही दो बार में घुसा है, लेकिन घुसा दिया पूरा, मेरे अंडे ही दो 474 00:59:29,620 --> 00:59:36,220 बाहर है। मैं लंबी लंबी 475 00:59:36,220 --> 00:59:41,100 सांसे लेने लगा, उसके जूत के अंदर की गरमी म 476 00:59:45,550 --> 00:59:48,270 मैंने उससे पूछा, अब मारू? 477 00:59:49,850 --> 00:59:54,410 मुँ ठाकुराणी को बच्चा रही, एबे मारी भी? 478 00:59:54,990 --> 01:00:01,990 जे कोहिला, जबर्दस्त आगो पीछे करी की मारो? 479 01:00:02,390 --> 01:00:08,430 उसने कहा, जबर्दस्त आगे पीछे करके ही 480 01:00:08,430 --> 01:00:15,350 मारो? इसी के साथ उसने, एक शब्द फिल्पे कही वही शब्द और 481 01:00:15,350 --> 01:00:21,490 उसके साथ साथ मैंने कोई वक्त नहीं लिया उसने कहा यहूं यहूं यहूं 482 01:00:56,140 --> 01:01:01,380 यहू यहू और यहू यहू यहू यहू 483 01:01:44,600 --> 01:01:47,160 इतनी गिली कर दिया अपने खोफा 484 01:01:47,160 --> 01:02:07,060 पहली 485 01:02:07,060 --> 01:02:13,860 बार मिजडने वाला था फर्स्ट टाइम प्रथम धर पाई ताब बिया वितरे मुझ हडिवा को जाओची 486 01:02:13,860 --> 01:02:20,800 ताब बिया रे फर्फेक्ट ठाप पदेई की मुझ 487 01:02:20,800 --> 01:02:26,720 मांड़ो को पूरा पूरेई देली और गुठे बयानो को रड्डी छाड़ी की ताब वितरे सबु माल 488 01:02:26,720 --> 01:02:27,720 छाड़ी देली 489 01:02:48,040 --> 01:02:53,720 मैंने सही ठीक की चीज हमारा बहुत ही लूज। स्यम होते कुंड़ी की जाबुड़ी की दर्ध है। 490 01:02:53,720 --> 01:02:57,280 ता चुट्टी को मुझे सुंगी ली। 491 01:02:57,280 --> 01:03:04,060 कुछ देहर हम वहीं बेठे। वो मुझे 492 01:03:04,060 --> 01:03:10,600 एकदम कसके पकड़के बेठी हुई थी। उसके बालों को अपने हाथों में लेकर मैंने स 493 01:03:18,190 --> 01:03:24,910 अब वो फिर से मेरे अंडों को चूसना चाहती थी, मैं अब उसको गोध में उठा 494 01:03:24,910 --> 01:03:31,150 कर, बहुत भारी भरकम थी, लेकिन गोध में उठा कर उसको ले गया, और अपने बेटरूम की तरब 495 01:03:31,150 --> 01:03:37,610 चला गया, फिर ठुकाई शुरू कर दी, उसने उस 496 01:03:37,610 --> 01:03:41,370 रात मेरी तबियत से ली, और मैंने उस 497 01:03:47,240 --> 01:03:54,120 उस रात रात भर हमने खाना पीना कम किया चुदाई जादा की जी हाँ एक्सरसाइज जादा किया 498 01:03:54,120 --> 01:04:00,740 मेरे कमरे में उसके कमरे में होई होई क्या बात थी क्यूंकि 499 01:04:00,740 --> 01:04:07,660 नौकरों का घर जो स्टाप कटर होता है वो पीछे की तरफ था और पुरा महल खाली 500 01:04:07,660 --> 01:04:11,720 था तो वो और मैं रात भर कि� 501 01:04:16,819 --> 01:04:23,640 टेर्रेस, बालकनी, कोई ऐसी जगा हमने नहीं छोड़ी रात भार करते रही। 502 01:04:23,640 --> 01:04:30,080 रात्ती सारा आमेदी जणों माती थीलू। काई किना, जैतू, 503 01:04:30,180 --> 01:04:36,620 स्टाप मानकर क्वाटर चव पच्चो पटे थीला, त्यणकरी पूरा कुठी रे आमेदी जणों ही 504 01:04:36,620 --> 01:04:38,400 थीलू। रोसेई गर, 505 01:04:38,540 --> 01:04:45,050 पाइ� छातो ऊपरे, 506 01:04:45,050 --> 01:04:50,410 बालकनीरे, सबु जगारे, आमे ही आमे, आमरो ही जलोबा। 507 01:04:50,410 --> 01:04:54,950 सकाड़ो ही गोला, किन्तु खेड़ो जाली 508 01:04:54,950 --> 01:05:01,810 थाए। एतिकी बेरे महन्त मंगराजरो 509 01:05:01,810 --> 01:05:08,730 गाड़ी असीबरो साउन हेला। मु ताको सेटी रखी की 510 01:05:08,730 --> 01:05:12,830 कहीली, एतिके थाओ, परे मौका देखी की करीबा। 511 01:05:13,550 --> 01:05:20,370 कि मुझे अंटा हले हले मोरों मित्र को पड़ेली सेता गांडी 512 01:05:20,370 --> 01:05:26,910 हले हले तारों मित्र को पड़ेला रात भर हमारी चलती रही सुबह भी हो गई 513 01:05:26,910 --> 01:05:32,990 लेकिन हम मश्यूल हैं इसी वक्त अंकल 514 01:05:32,990 --> 01:05:39,250 काड़ी आ गई महंत मंगराज सुबह हो गई है ना 515 01:05:39,920 --> 01:05:46,800 मैंने उसे गोद से उतार कर नीचे कहा, बस अभी के लिए इतना रखते 516 01:05:46,800 --> 01:05:53,040 हैं, वो बार बार मना कर रही थी, मानने को तयार नहीं थी, मैंने उसके गाल पर एक पप्पी 517 01:05:53,040 --> 01:06:00,040 दी, उसके थनों पर दो जकड के पप्पी दी, और कहा, बाद 518 01:06:00,040 --> 01:06:03,660 मैं करेंगे, फिर मैं गाण हिला हिला कर 519 01:06:03,660 --> 01:06:10,620 अप और वो अपनी 520 01:06:10,620 --> 01:06:14,500 कमरे हिलाते हुए अपने कमरे के तरफ चली गई 521 01:06:14,500 --> 01:06:21,420 उस दिन सुभे का नाशिता हमने किया लेकिन वो मजा 522 01:06:21,420 --> 01:06:28,280 नहीं था क्योंकि सामने मंगराज अंकल बैठे हुए थे दोपर का खाना भी 523 01:06:28,280 --> 01:06:33,680 खाया लेकिन वो मजा नहीं था क्योंकि सामने मंगराज अंकल बैठे हुए थे 524 01:06:37,939 --> 01:06:44,720 और मैं उस महल के आखिर में उनका 525 01:06:44,720 --> 01:06:51,100 एक स्टोर रूम है बड़ा सा मैं वहां गया मौका पाते ही 526 01:06:51,100 --> 01:06:57,120 धकुराय मेरे पीछे पीछे आ गई और हमने वही खेल किया 527 01:06:57,120 --> 01:07:04,080 पूरा स्टोर रूम सामने मेरा धवल पड़ा हुआ है उसकी साड़ी 528 01:07:04,080 --> 01:07:06,860 पड़ी हुई है और दो नंगे बदन 529 01:07:06,860 --> 01:07:13,300 सकारे आमें जड़क्या खाईलू 530 01:07:13,300 --> 01:07:20,260 फेले जड़क्यारे से मजा न थेला काही किना सामनारे महंतम अंगराज बस थेले अंकल 531 01:07:20,260 --> 01:07:27,080 जी दिनों बड़ो खाईबा भी खाईलू किन्तु से मजा न थाए काही किना सामनारे 532 01:07:27,080 --> 01:07:33,360 बस थेले महंतम अंगराज जी आमें दी जण 533 01:07:33,360 --> 01:07:40,260 मुरोबांडो टॉक टॉक तबिया पंच पंच वो कहवत है ना गरीब पेदा होना 534 01:07:40,260 --> 01:07:47,020 गुना नहीं है लेकिन गरीब बनना गुना है सबसे बड़ा गुना तो सुबहे और दोपहर जैती गई 535 01:07:47,020 --> 01:07:54,000 वैसी गई लेकिन रात को हम खेल करेंगे स्टोर रूम में राती 536 01:07:54,000 --> 01:07:56,380 पाएं मुँ कोठी र 537 01:08:02,510 --> 01:08:09,230 मो पछे पछे चुपचाप ठाकुराणी चाली चाली आसिला। आओ सेठी, आमे आमरो 538 01:08:09,230 --> 01:08:16,090 खेलो आरम्म कर दल। पुरा चुपचाप। मो धीरे धीरे मार थाए। मोरो 539 01:08:16,090 --> 01:08:22,310 टावेल तारो साठी गोटे जगरे चुपचाप रखी देखी। आमे आमरो खेलो आरम्म कर दल। 540 01:09:10,700 --> 01:09:17,340 दीदी नरे ये बाड़ी धरीबार हम भोखला कहीं की ना ताको गही गही 541 01:09:17,340 --> 01:09:24,100 तामुटारो मौवास्था रखे न देली। दो दिन में ही उसने 542 01:09:24,100 --> 01:09:31,100 छड़ी उठाना शुरू कर दिया। क्यूंकि उसको जूद जूद कर उसके कमर की 543 01:09:31,100 --> 01:09:33,640 हालत मैंने सही रखी नहीं थी। 544 01:09:33,640 --> 01:09:41,180 लेकिन 545 01:09:41,180 --> 01:09:46,770 इसका कब तक चलेगा। ऐसा तो बार बार नहीं हो सकता है। कितना दिन हम चुप -चुप के 546 01:09:46,770 --> 01:09:53,770 मिलेंगे, भगवान ने हमारी बात सुन ली, और दीत रही थी न, 547 01:09:53,950 --> 01:10:00,390 वहाँ पे सब पेंटिंग का चूना लगाने का काम शुरू हुआ, वहाँ पे एक तिवहार था, 548 01:10:00,430 --> 01:10:06,270 लोकल जगा में एक तिवहार था, इसलिए पेंटिंग का काम करना शुरू किया 549 01:10:12,770 --> 01:10:19,770 महंत अंकल ने वी कहा कि मुझे बहुत काम रहता है मैं बाहर जा रहा हूँ और 550 01:10:19,770 --> 01:10:26,630 हमेशा शाम को ही लोटूंगा तुम जरा अपने अंटी के साथ रहे कर ये सारे 551 01:10:26,630 --> 01:10:33,610 पेंटिंग का काम देखो जी हां जी हां मैं देख लूँगा अंटी के 552 01:10:33,610 --> 01:10:40,130 साथ जी जी दर असल मैं अंदर से यही कह रहा था के मैं देख लोगा 553 01:10:40,130 --> 01:10:46,990 एंटी का क्यूद मैंने एंटी से सारी 554 01:10:46,990 --> 01:10:53,870 बात कह दी एंटी ने कहा एटी 555 01:10:53,870 --> 01:11:00,870 सुन न बुढ़ा तो नहीं आमे कोई बाहर को जाए परिवानी मुझे पाखर कोड़ा बढ़िया 556 01:11:00,870 --> 01:11:07,870 जागाते हो ची मुझे आजीबो जीबा ओय कोरिवा फोल मोस्ती मुबी होसे 557 01:11:07,870 --> 01:11:14,050 की कहली तमर तो जीवा पाई जाते लाना भारो को बुले आ पाई चलो बुले ने भी जुआड़े कही 558 01:11:14,050 --> 01:11:20,810 वो असा जीवा ठकुरान ने कहा था अजी सुनिये ना 559 01:11:20,810 --> 01:11:26,570 बुढ़ो तो नहीं है अब हम कहीं भी थोड़ा गूमने जा सकते हैं मेरे 560 01:11:26,570 --> 01:11:33,670 पास 561 01:11:33,420 --> 01:11:39,620 मैंने कहा, आप मुस्कुराते हुए, हाँ, क्यों नहीं, आप भी तो चाहते थे, चलिए, आपको 562 01:11:39,620 --> 01:11:43,520 गुमा के लाता हूँ, आपकी जिन्दगी को एकदम 563 01:11:43,520 --> 01:11:50,240 बदल देता हूँ, और एक 564 01:11:50,240 --> 01:11:56,560 रुमांटिक माहूल में हम दोनों जीएंगे, चलिए, हमने स्टाफ्स को 565 01:11:56,560 --> 01:11:58,380 काम देखने के लिए कह 566 01:12:03,310 --> 01:12:09,950 पहली दफा हम जब गए थे गाउं के अंदर दे कर गए और आखिर में गाँ 567 01:12:09,950 --> 01:12:16,950 ठकुराणी मतलब गाउं की ठकुराण थी उनकी पूजा होती थी वहां 568 01:12:16,950 --> 01:12:23,610 से इसने दो माला लिये थोड़े सिंदूर लिये और फिर 569 01:12:23,610 --> 01:12:29,530 गाड़ी चलाना मैंने शुरू कर दिया आखिर में हम एक पुराने 570 01:12:33,550 --> 01:12:40,390 मैं राजाओं की कोटी में पहुँचे, अरी यार, ये क्या है, उसने कहा, एटा 571 01:12:40,390 --> 01:12:47,310 हमारा ही पुरुना, पुरुना घर, तमें टेंशन नहीं होना, आसवा, उसने कहा, 572 01:12:47,310 --> 01:12:53,810 ये हमारा ही पुराना, पुराना कोटी है, तुम टेंशन ना लो, आओ जी आओ, उसने हाथ पकड़ कर 573 01:12:53,810 --> 01:12:54,810 मुझे 574 01:13:02,960 --> 01:13:09,700 मैंने अपने कपड़े उतारे, उसने अपने कपड़े उतारे, वो नंगी, मैं नंगा, हम दोनों 575 01:13:09,700 --> 01:13:16,660 अब नंगे घूम रहे हैं, उस कोटी में, एक दुसरे 576 01:13:16,660 --> 01:13:22,240 के काथ बातें शेयर कर रहे हैं, एमोशनल हो रहे हैं, कहीं बैट जाते हैं, 577 01:13:22,300 --> 01:13:25,820 मज़ा है, इसका अलग ही मज़ा है, कभी 578 01:13:25,820 --> 01:13:32,800 न और शुकुन 579 01:13:32,800 --> 01:13:38,720 ही शुकुन हो और आप हाथ पकड़कर हाला कि मैंने तो उसका गांड ही पकड़ा हुआ था 580 01:13:38,720 --> 01:13:45,360 खूब बाते करने लेंगे आपनों माने भी कि भी एंजुय करन तो एमती कोटी 581 01:13:45,360 --> 01:13:52,220 पूरुना कोटी थीवा को वेधे माइक नागो नहीं की सांगरे जानतो मो सांगरतो मो ठ 582 01:14:00,520 --> 01:14:06,980 बाहरे चुप जाप रखी देवे, थोई देवे, पूरा जीवे, दीज़न सरा हात्ता धरी की, लंग रही 583 01:14:06,980 --> 01:14:13,780 चाली चाली, पूरा बुलीवे, से पूरा कोठी, इमोशनली कथावरता करीबे, जो थी चावा से इठी 584 01:14:13,780 --> 01:14:17,480 बसी जीवे, यारो अलगा ही मचा, 585 01:14:17,800 --> 01:14:24,660 कभी कभी तो मैं उसे को� 586 01:14:29,930 --> 01:14:36,690 केते बेडे केते बेडे तो मुदखू से कोठी भीतरे लंगडा दोड़े दिये और लगाई 587 01:14:36,690 --> 01:14:43,250 मुझा गांडी हलू दूओ दूधा हलू दूओ होय होय आहा 588 01:14:43,250 --> 01:14:49,470 गान हिल रही हो थने हिल रही हो क्या कहने 589 01:14:49,470 --> 01:14:55,890 अरे कभी दोड़ा के देखिये से नंगे मजाई मजाई 590 01:14:58,510 --> 01:15:04,570 इसे कहते हैं एश उसने कहा था ना एश कराऊंगी सच मुझ करवा रही है 591 01:15:04,570 --> 01:15:10,750 आपोनों समझ तो जानी चाहिए 592 01:15:10,750 --> 01:15:17,630 मुझ ते माई के नमानां को मुझ ते वापाई के ते 593 01:15:17,630 --> 01:15:24,510 मजा लागे मुझ तुथवे मुझ तांगु देखुथवे मुझ बहुत थर औनेक थर मुझ 594 01:15:24,510 --> 01:15:25,510 ते वापाई नहीं 595 01:15:33,500 --> 01:15:40,240 आप सभी तो जानते हैं मुझे उमरदार औरतों को ओकडू बेठा कर मोताने में 596 01:15:40,240 --> 01:15:47,060 कितना मज़ा आता है उनको मोतते हुए देखने में मुझे बहुत खुशी होती है 597 01:15:47,060 --> 01:15:53,800 बहुत मज़ा आता है आप सभी जानते हैं मैं उसे भी हाथ पकड़ कर 598 01:15:53,800 --> 01:15:56,000 बिठा था था ओकडू वहाँ पीछे ए 599 01:15:57,100 --> 01:16:03,740 अलगती जगा थी यहाँ पे मैं उसको मुता था था हाँ हाँ हाँ 600 01:16:03,740 --> 01:16:08,460 निकालो निकालो बार करो बार करो बार करो ये 601 01:16:08,460 --> 01:16:15,320 इता दरकार ये ही तो चाहिए मुझे आओ 602 01:16:15,320 --> 01:16:18,620 बार करो आओ बार करो बार करो बार करो 603 01:16:22,590 --> 01:16:28,370 कि वह निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल निकल 604 01:16:28,370 --> 01:16:32,470 निकल निकल निकल 605 01:16:32,470 --> 01:16:38,550 निकल 606 01:16:38,550 --> 01:16:44,750 निकल 607 01:16:44,750 --> 01:16:51,170 निकल 608 01:16:51,170 --> 01:16:57,780 निकल निकल निकल पिंदुहु थेला, तेन कुरिता नाम रखी थेली, गेंडू मनोरमा, केते कौन नाम 609 01:16:57,780 --> 01:16:58,780 रखी थे? 610 01:17:00,900 --> 01:17:01,900 बालवती, 611 01:17:02,540 --> 01:17:09,440 बियावती, गांडीवती, गेंडू मनोरमा, गेंडू, 612 01:17:09,620 --> 01:17:12,400 केते कौन नाम? 613 01:17:13,340 --> 01:17:15,200 कितने ही नाम रख लिये थे मैंने? 614 01:17:16,560 --> 01:17:22,190 बियावती, बालवती, यूथवाली, दूदवाली 615 01:17:22,190 --> 01:17:29,190 थकुरान से प्यार के हिज़हार में उस पुरानी कोठी 616 01:17:29,190 --> 01:17:35,610 में मैंने हर जगा लिख दिया था उसका नाम और खास करके उस बुढ़े 617 01:17:35,610 --> 01:17:41,990 महंत मंगराज के लिए ही लिखा था उसको नीचा दिखाने के लिए 618 01:17:41,990 --> 01:17:48,330 वाक्यू मंगराज तेरी वीवी अब मेरी है 619 01:17:52,300 --> 01:17:59,220 खास करी की से बुढ़ा महंत मंगराज कु निच्चा देखेबा पाई, मु ता पाई भी कांथरे 620 01:17:59,220 --> 01:18:06,120 लेखी दीते ली, वो क्यू मंगराज, तो माई की ना ये बड़ा मोरो 621 01:18:06,120 --> 01:18:12,600 एबे, पूरा मोरो, ता गांडी, ता बिया, 622 01:18:12,820 --> 01:18:19,040 ता काख, ता दुध, ता चूटी, ता दान्त, ता नक्खर 623 01:18:20,560 --> 01:18:27,340 सब वो मोरा, उसका 624 01:18:27,340 --> 01:18:34,180 थन, उसकी जांग है, उसका चूत का छेत, उसके गाण के छेत, उसके दांत, उसके 625 01:18:34,180 --> 01:18:40,940 नाग, उसके नाखुर, उसकी हतेलिया, उसकी नाभी, उसके चूत के बाल, सब कुछ 626 01:18:40,940 --> 01:18:47,940 मेरे है, वो पूरी तरीके से मेरी है, मेरी हो चुकी 627 01:18:47,940 --> 01:18:48,940 है, 628 01:18:50,040 --> 01:18:53,200 शिफुरा मोह रहे सारी चिगो टापाने 629 01:18:53,200 --> 01:18:59,800 बेड़े बेड़े समोर मिल ले हमें रात तिरे भी पड़ाओ 630 01:18:59,800 --> 01:19:06,740 गाड़ी थोई देखी बाहरे हमें कामो आरम्ब 631 01:19:06,740 --> 01:19:13,360 कर लो जब भी वक्त मिलता था हम रात को भी कभी कभी निकल जाते थे चुप 632 01:19:13,360 --> 01:19:19,870 चाप गाड़ी बाहर रखते कर हम अपना काम शुरू कर देते थे, नंगे घूमते थे, 633 01:19:19,970 --> 01:19:26,830 फिर चुद्दन चुदाई करते थे, वो पुरानी कोठी इसकी साक्षी 634 01:19:26,830 --> 01:19:33,010 है, सब कुछ उसी ने देखा है, से पुरुना कोठी हम प्रेमर, 635 01:19:33,250 --> 01:19:38,050 संतक, साक्षी से सबु देखी जी, 636 01:19:38,350 --> 01:19:45,130 लंगडा है कि जाओ, बुला 637 01:19:44,720 --> 01:19:51,720 ग्यांगें कोरू सकाड़ हले जो रुकवा सू अब तो 638 01:19:51,720 --> 01:19:58,120 वहां लेके तव्यत से मैंने उसकी बहुत बार गांड भी मारी है बहुत बार अब उसकी गांड 639 01:19:58,120 --> 01:20:04,560 चोड़ी हो गई है वो एकदम तांगे फेला फेला कर चलती है ये उसका 640 01:20:04,560 --> 01:20:11,470 लक्षन है कि मैंने उसकी गांड मार कर उसकी गा एबे तो 641 01:20:11,470 --> 01:20:16,410 से पुरुना घरे नहीं की, पुरुना कोठीरे नहीं की, मु तारा बहुत रगांडी भी मारी ची, 642 01:20:16,690 --> 01:20:23,550 मैं बहुत मारी ची, तारा लक्षण हो ची सिये, एबे तारा चंगधी टाको फाड़ी फाड़ी की 643 01:20:23,550 --> 01:20:27,950 चाले, आउ ठेंगा भी धोड़ता है हातर, बिना ठेंगार से 644 01:20:27,950 --> 01:20:39,920 चा 645 01:20:40,660 --> 01:20:47,500 तोड़ दी मैंने, एक बार महंत मंगराल सामने बेठा 646 01:20:47,500 --> 01:20:54,120 था, हम सुभे का नाश्टा कर रहे थे, तब वो छड़ी पकड़ के साड़ी पेहन के आई, 647 01:20:54,500 --> 01:21:01,240 मुझे लगा अगर ये छड़ी पकड़ के ऐसे नंगी आ रही होती तो 648 01:21:01,240 --> 01:21:03,780 कैसा होता, मेरे खुराफाती दिमाग में ये 649 01:21:03,780 --> 01:21:10,640 आईडिया महंत 650 01:21:10,640 --> 01:21:17,360 अंकलाव मु समनारु से नाली साढी पिंदी की, सिंदुला लगे की, से 651 01:21:17,360 --> 01:21:23,820 ठेंगा धरी धरी आईला। मु कोईली जदी ये ठेंगा धरी की आसीवा, 652 01:21:24,020 --> 01:21:30,960 किन्तु किछी पिंदी न थीवा, और नंगुडी थीवा, और नंगुडी ठाको राणी। कैमीती 653 01:21:30,960 --> 01:21:34,440 हवा। से दिना एमो ता 654 01:21:37,260 --> 01:21:44,020 उसी रात को ही मैंने उसे उस पुरानी कोठी में लिया था और उसको वैसे ही नंगी 655 01:21:44,020 --> 01:21:49,940 करके डंडा पकड़वा के चलवाया था दोड़ा दिया था बहुत सारी वीडियोस भी बनाई थी 656 01:21:49,940 --> 01:21:56,740 माधर जोत बहुत सुंदर दिख रही थी सेप पुरुना कोठा विथरे तको 657 01:21:56,740 --> 01:21:58,740 सेप ठेंगा � 658 01:22:03,850 --> 01:22:09,770 बहुत सुन्दर देखाओ तेला, बहुत वीडियो बनेची, फोटो बनेची, एमिती माईके ना लाइफ 659 01:22:09,770 --> 01:22:16,470 आशीवा दरकार। वैसे औरतें, जिन्दगी में आनी चाहिए कभी 660 01:22:16,470 --> 01:22:23,310 कभी, वरना जिन्दगी बोरिंग हो जाएगी, क्या कहते हैं। नहले, 661 01:22:23,510 --> 01:22:25,370 जीवन उठाजे, एकदम 662 01:22:33,630 --> 01:22:40,350 पुरना कोठी देखन तो आओ लंगडा दोड़न तो। माईकी ना को लंगडा दोड़े दियन तो। 663 01:22:40,350 --> 01:22:47,190 जाये जाये सोच क्या रहे हैं। एक पार्टनर ढूंढिये ऐसा और पुरानी कोठी 664 01:22:47,190 --> 01:22:54,110 ढूंढ कर उसे नंगी दोड़ा दिजिये। नंगी एकदम नंगी बदन में एक 665 01:22:54,110 --> 01:22:54,330 भी 666 01:22:54,330 --> 01:23:03,610 सु 667 01:23:10,550 --> 01:23:17,370 जो दिनो मोरो से ठुआर शिवार थेला ठीक ता पुर्वो दिनो रातीरे मुता 668 01:23:17,370 --> 01:23:24,070 कुछे पुरुना कुठी वितरे नहीं अपपर जापतो गही थीली अपपर जापतो गांडीरे 669 01:23:24,070 --> 01:23:30,170 बियारे ता मुहरे भी बांड़ो पुरे थीली आये आये एवडा भुली होबो नहीं नहीं 670 01:23:32,200 --> 01:23:38,880 चला कुछ कोई आप हो सब उजिन सब, एक्सपिरियंस को रिवा को था, एक्सपिरियंस 671 01:23:38,880 --> 01:23:39,880 था, 672 01:23:40,120 --> 01:23:46,940 जी दिन मैं आने वाला था, उसके ठीक पहले दिन रात में, मैं उसे उसी पुराने 673 01:23:46,940 --> 01:23:53,860 कोठी में लेकर पेट भर के चुदा था, गांड में, चूत में, उसके मूँ में भी म 674 01:24:01,130 --> 01:24:05,230 experience किया जा सकता है और कोई रात्ता नहीं है 675 01:24:30,380 --> 01:24:36,360 माई किना को लंगडा दोड़े नाते तिलजी बनो रे आपनो किच्छी कोरे नाते 676 01:24:36,360 --> 01:24:43,060 तो दोड़ान तो दोड़ान तो ये मैं अपने मन की बात आपके 677 01:24:43,060 --> 01:24:49,600 सामने रख रहा हूँ वगर सिंदगी में किसी मोटे तगडे औरत को आपने 678 01:24:49,600 --> 01:24:52,800 नंगी नहीं दोड़ाया है तो सिंदगी में 679 01:24:52,800 --> 01:24:59,360 आप 680 01:24:59,310 --> 01:25:01,290 दोड़ा के देखिये। 681 01:25:01,290 --> 01:25:08,430 उस 682 01:25:08,430 --> 01:25:15,190 दिन सुभे जब मैं लोट के आ रहा था, तो अंकल तो खुश थे, लेकिन आंटी बिलकुल खुश 683 01:25:15,190 --> 01:25:20,430 नहीं थी, मेरी ठकुरायन बिलकुल खुश नहीं थी, लेकिन मुझे कहना ही पढ़ा। 684 01:25:20,430 --> 01:25:26,430 बाई अंकल, बाई आंटी, बाई 685 01:25:26,430 --> 01:25:27,470 ठकुरायन। 686 01:25:34,140 --> 01:25:36,660 यहूँ यहूँ यहूँ 687 01:25:36,660 --> 01:25:57,136 यहूँ 688 01:25:57,130 --> 01:25:58,730 फालतर कोई भी नहीं 106349

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