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अरे ये हमारी मूर्तियों को किसने बदल
दिया?
और ये शैतानी मूर्ति
किसने इन मूर्तियों को हमारी मूर्ति के
बदले रख दिया?
>> क्या कर रहे हैं आप?
>> हमारी पत्नियों का चढ़ावा स्वीकार कर
लीजिए। रानी करण मोहिनी
[संगीत]
[संगीत]
आरंभ हो चुका है
51 सुहागन स्त्रियों के बलिदान का
रानी करण मोहिनी की जय हो।
>> अब ये सारी सुहागनों की आत्माएं रानी करण
मोहिनी की होगी।
[हंसी]
[संगीत]
आओ
पवित्र सुहागन स्त्रियों की आत्माओं आओ
तुम्हारा स्वागत है।
अब तुम्हारी शक्तियों को धारण कर मैं फिर
से बन जाऊंगी शक्तिशाली।
आओ आओ आके रानी कर्ण मोहिनी में समा जाओ।
>> पवित्र सुहागनों का यह प्राण बल अब मेरी
सबसे बड़ी शक्ति बन जाएगा।
>> अरे सपने देखो सिर्फ सपने रानी कर्ण
मोहिनी का सेवक बनने के।
>> देखो शिकारा तुम ज्यादा मत बोलना। रानी
कर्ण के धन का रक्षक हूं मैं खनखना खन खन
>> अरे क्या खनखना खनखन सिक्का बनके उछलने के
अलावा कुछ आता है तुम्हें
>> और तुम्हें क्या आता है
>> बहुत ज्यादा बोल रहे हो अब तुम
>> तुम भी बहुत ज्यादा बोल रहे हो
>> मत कहना मैंने क्या किया
>> तुम भी मत कहना
सिर्फ नाम से सेवक
कर्म से शत्रु हो तुम दोनों की वजह से
मेरा इतना खूबसूरत सपना टूट गया
[संगीत]
जो स्वप्न अधूरा रह गया उसे सच्चाई में
पूर्ण करना ही होगा मुझे।
अब मुझे बुलाना ही होगा। उन पवित्र
सुहागनों की आत्माओं को अपने पास।
>> कौन कौन है आप? महाकाल की एक भक्त। इस
दिव्य कुंड की रक्षक
स्वर्ण मीन स्वर्ण मीन हां पिछले कई
वर्षों से इस दिव्य कुंड की रक्षा कर रही
हूं मैं केवल पवित्र शक्तियां ही स्पर्श
कर सकती हैं इस दिव्य कुंड के जल को
इसीलिए बताओ कौन हो तुम और क्यों चाहिए
तुम्हें इस दिव्य कुंड का पवित्र जल हमारा
नाम दिव्या है और हमारे परिवार वालों पर
एक काली शक्ति का पूरा असर हुआ है तो
उन्हें बचाने के लिए हमें इस दिव्य कुंड
का पवित्र जल चाहिए। पिछली बात आज से 20
वर्ष पूर्व एक पवित्र स्त्री ने स्पर्श
किया था इस जल को।
श्वेत वस्त्र दिव्य आभूषण ऐसा लग रहा था
मानो कोई स्वर्ग से उतरी हुई अप्सरा हो।
उसका नाम नेत्रा था और उसने एक असाधारण
बच्ची को जन्म दिया था। इस दिव्य कुंड में
अप्सरा जैसी
कोई वो नेत्रा चाची सुनी?
आप आपने कहा कि उन्होंने एक बच्चे को जन्म
दिया। क्या आपको पता है वो बच्चे कहां पर
है? उस रात कोई काली शक्ति पीछा कर रही थी
उस स्त्री का।
फिर वो दोनों अपने बच्चे के साथ यहां से
चले गए। और फिर पता नहीं उनके साथ क्या
हुआ।
[संगीत]
पर यह दिव्य अंगूठी है। यह उसी स्त्री की
है। यदि ब्रह्म मुहूर्त के शुभ बेला में
उसकी पुत्री इसे स्पर्श करेगी तो ये अपने
आप ही उसे चुन लेगी। ये लो इसे अपने पास
रखो।
[संगीत]
[संगीत]
इसका मतलब इस अंगूठी से हम पता लगा सकते
हैं कि तपस्या नेत्राचार्य की बेटी है या
नहीं।
लेकिन हमें जल्दी से घर जाना होगा ताकि इस
पवित्र जल से हम सभी सुहागनों की जान बचा
सकें।
शुक्रिया आपका।
[संगीत]
[संगीत]
अगर मैं प्रेम की पत्नी होती तो आज मेरा
सर भी इधर से अलग होता।
>> तुझे तो हमेशा अपनी पड़ी रहती है। पहले
सुहागनों को मरने तो दे।
मम्मी
[संगीत]
[संगीत]
हमने आप ही लोगों के लिए इतनी खबर रखा है।
आप हमें मारना क्यों चाहते हो?
>> मां
प्रेम भैया
>> गिरने के बाद सबसे पहले मां का ही नाम आता
है ना प्रेम भैया
>> नहीं छोटू मुझे नहीं पता मां किसी
प्रॉब्लम में मुझे घर जाना होगा यार
>> भैया मतलब पर अचानक से क्या हो गया
>> मुझे नहीं पता छोटू मेरा मन बहुत घबरा रहा
है यार
>> लगता है ये लोग होश में नहीं है क्या कर
रहे हैं आप लोग होश में आइए
[संगीत]
[प्रशंसा]
रानी कर्ण मोहिनी अब तो आपका काम हो गया।
>> अब तो आप हमारे बिटू को मुक्त कीजिए ना।
>> चढ़ावा चढ़ा नहीं और फल की चिंता पहले ही
है तुझे।
>> बिटू मुक्त होगा। पर उसके पहले मुझे 51
सुहागन स्त्रियों का प्राण बल चाहिए।
भागो बचाओ बचाओ बचाओ
>> हमें भी इनके साथ रहना होगा इनका पहला
जख्म पर जाएगा
जल्दी आ जाओ आ जाओ दरवाजा बंद करो जल्दी
जल्दी जल्दी जल्दी
>> पापा पापा आप सब लोगों को क्यों मारना चाह
रहे हैं
लगता है इनके ऊपर किसी काले साए का असर
है।
>> प्रेम की शादी नेत्रा की बेटी से नहीं हुई
ना। ये सब इसी वजह से हो रहा है।
>> अगर प्रेम भैया और दिव्या भाभी यहां होते
तो हमें कुछ नहीं होने देते।
छोड़ दीजिए।
बोलो बोलो।
>> आज कोई नहीं बचेगा।
>> सबको मरना होगा। हां सबको मरना होगा।
>> आप सब लोग भी जोर लगाइए ना तो दरवाजा बंद
करिए। हमारे पतियों के कानों पे तो जूत तक
नहीं रेंग रही। अब हम क्या करेंगे?
[संगीत]
[संगीत]
[प्रशंसा]
छोड़ दो जाने दीजिए।
[संगीत]
>> बाबा हटो।
>> नहीं हमें इन सुहागनों को बचाना ही होगा।
>> कोई नहीं बचेगा।
कोई नहीं बचेगा आज।
[संगीत]
रुक जाइए। हम पत्नियां हैं आपकी। ये क्या
कर रहे हैं आप लोग?
>> इसीलिए तुम सबकी मौत है। तुम सबको मरना
होगा।
आज सबको मरना होगा।
तुम्हें इस दिव्य कुंड का जल उन पुरुषों
पर छिड़कना ही होगा।
>> किस बात का बदला ले रहे हैं आप हमसे?
मैंने आपकी लंबी उम्र के लिए व्रत किया है
और आप मेरी जान लेना चाह रहे हैं।
आपको ना रूह की कसम छोड़ दीजिए।
[संगीत]
छोड़ दीजिए हमें। तुम चले जाइए।
[संगीत]
हे महाकाल। हमारी सहायता कीजिए इन सुहागन
स्त्रियों की जान बचाने में।
मत मारिए।
[संगीत]
छोड़ दीजिए हमें। मत करिए कुछ भी।
हाथ जोड़ते हैं। छोड़ दीजिए हमें।
>> समय हो गया है इनके प्राण बल को धारण करने
का।
[संगीत]
अब जैसे ही रानी कर्ण मोहिनी की ये अग्नि
आत्मा से पूर्ण हो जाएगी
>> उन्हें सभी सुहागन स्त्रियों की शक्तियां
प्राप्त हो जाएंगी।
[संगीत]
शक्ति ही सत्य है, शक्ति ही मूल्य है,
शक्ति ही धर्म है, शक्ति ही सर्वोपरि है।
शक्ति ही सुख है, परम सुख।
कंकड़ कंकड़ में शंकर
शान निर्माण रूप
से
शशान
निर्माण रूपम
स्वरूपम
[संगीत]
[संगीत]
[संगीत]
ऐसे कैसे हो सकता है?
मुझ तक आते हुए सुहागनों के प्राण बल ऐसे
कैसे रुक सकते हैं?
>> और आपकी बनाई हुई अग्नि आकृति भी हवा में
छू मंतर हो गई। दिव्या सही समय पर दिव्य
कुंड का जल ले आई रानी गंडमोहिनी।
>> दिव्या
[संगीत]
तूने उन सुहागन स्त्रियों को नहीं बचाया।
तूने मुझसे मेरा शिकार छीना है।
तेरी वजह से मेरी शक्ति पूर्ण नहीं हो
पाई।
>> अब तू मुझसे नहीं बचेगी। स्वर्ण मोहिनी
यहीं बजेगी तू।
>> अरे रुको रुको रुको रुको।
>> अरे शांत हो जाओ।
>> पास मत आना हमारे। दूर रहो दूर रहो।
>> शांत हो जाओ। क्या हुआ है तुम लोगों को?
जो हम लोगों से इतना डर रहे हो।
>> वही तो।
एक तरफ हमारी लंबी उम्र के लिए तुम लोगों
ने व्रत रखा है और फिर हम ही से ऐसे डर
रही हो जैसे हम तुम्हारे पति नहीं भूत हो।
>> अरे तुम सब भाई लोग हम सबका गला रेतन
खातिर आवत रह
>> कैसी बात कर रही हो मालिनी? हम लोग तुम
लोगों की जान क्यों लेंगे?
>> ये सब दिव्या का किया कराया है। इसने रानी
कर्ण मोहिनी के काली शक्तियों का असर खत्म
कर दिया।
>> तुझे रानी कर्ण मोहिनी से बात करनी होगी।
बिटू
बिटू तू ठीक है ना बेटा
>> हां मां मैं बिल्कुल ठीक हूं और क्या होगा
मुझे
इसका मतलब आप लोगों को कुछ भी याद नहीं
आप लोग क्या करना चाह रहे थे हमें मारना
चाह रहे थे
>> क्यों याद नहीं है सब कुछ याद है
तुम लोग तीज की पूजा करने वाली थी और हम
लोग तुम लोगों का वेट कर रहे थे और तुम कह
रही हो कि हम लोग तुम्हारी जान के प्यासे
हो गए। अरे ऐसे कैसे हो सकता है ये?
>> शायद शायद हम लोग सब काले साए के असर में
थे इसलिए ऐसा कर रहे थे।
>> ओफो तुम और तुम्हारा यह वहम अभी तक ये
काला साया सिर्फ प्रेम के ऊपर था। अब
तुम्हारे मन के इस अंधविश्वास ने हम सबको
भी लपेट लिया है।
>> पर भाई साहब ऐसा लग तो रहा है जैसे कि हम
लोग किसी लंबी नींद से जागे हो।
>> अब ठीक हूं ना मां।
>> मैं ठीक हूं बेटा।
लेकिन तुझे कैसे पता लगा कि मैं मुसीबत
में हूं।
>> मुझे नहीं पता मां। मैं वहां छोटू के साथ
था और मेरा मन अजीब सा बहुत घबरा रहा था।
[संगीत]
ये सब लोग इतना डरे हुए क्यों लग रहे हैं?
यहां कुछ हुआ था क्या?
>> कुछ नहीं बहुत कुछ हो गया।
तेरे पापा, तेरे चाचा जितने भी ये आर्मी
लोग हैं ये सब किसी काली शक्ति के वश में
थे।
>> मां आप आप मेरी नजर उतारते हो। अनहोनी से
डरते हो। ये सब मैं समझता हूं।
और जहां प्यार होता है वहां चिंता भी होती
है। पर मां पर इन मर्दों पे काला साया और
ये सब आपको मारना चाहते थे। मां ये सच
नहीं हो सकता।
आंखों से ये सब देखा। मैंने अकेली ने नहीं
इन सब लोगों ने देखा।
>> ये सच बोल रहे हैं। ये सब हम लोगों की जान
लेने की कोशिश कर रहे थे। जैसे इन पे कोई
काला साया हो।
>> हमने देखा हमने देखा।
>> 1 मिनट 1 मिनट। तुमका हम पे भरोसा ना हो
ना। एक मिनट। हम अभय आवत है। यहीं रुकना।
हां। कहां गए हो ये खंजर?
[प्रशंसा]
>> हमारे कुछ भी कहने का कोई मतलब ही नहीं।
क्योंकि प्रेम, काला साया, काली शक्ति इन
सब में मानता ही नहीं।
ये देखो बेटा इ है ऊ खंजर इ खंजर से ये
सफाई मर्त हमका गला रेन की कोशिश करी थी
और अभी ऐसे भोले बनत है जैसे कुछ याद ही
ना अब तो तुमका खंजर देख के हम भरोसा हो
ही गए हो ना
>> चाची मैं ये नहीं कह रहा हूं कि मुझे आप
लोगों की बात पे भरोसा नहीं है। मैं बस ये
कह रहा हूं कि ये भूत प्रेत काला साया ये
सब नहीं होता है।
और हां चाची मां कुछ ऐसे केमिकल आते हैं
जिससे इंसान अपना होश खो देता है। उसे
कन्फ्यूजन होती है, भ्रम होता है और इन
सबको क्या पता भाई वो इसे कहते हैं मास
हेलुसिनेशन।
>> मूंग का हलवा तो हम सब ही सुनत रहे। ये
मांस हु लुलू कहां होत है।
>> चाची हुलू लूलू नहीं हेलुसिनेशन। खैर आप
वो सब छोड़िए। मैं बस ये कह रहा हूं कि ये
भूत प्रेत कालीसाए और काली शक्ति की
मनगढ़ंत की बातों को छोड़कर अभी हमें यह
सोचना चाहिए ना कि ये सब कैसे हुआ? क्यों
हुआ?
>> अंत भला तो सब भला।
देखो कौन कैसे कहां ये सब में समय बर्बाद
मत करो। पूजा की तैयारी करो।
>> लेकिन जीजी पूजा का मुहूर्त तो निकल गया।
अब कैसे करेंगे पूजा?
>> पंडित जी कहते हैं ना जब कोई मुहूर्त नहीं
होता तो ब्रह्म मुहूर्त सबसे शुभ होता है।
>> तो आप लोग एक काम कीजिए। ब्रह्म मुहूर्त
में पूजा करके अपनेप उपवास खोल दो।
>> हां जी। बिल्कुल ठीक कहा आपने।
पर यह दिव्य अंगूठी है। यदि ब्रह्म
मुहूर्त की शुभ बेला में उसकी पुत्री इसे
स्पर्श करेगी तो यह अपने आप ही उसे चुन
लेगी।
हमारे साथ जो कुछ भी अजीबोगरीब घटनाएं घटी
हैं, काली शक्ति का घर में आना, तपस्या,
नेत्रा चाची इन सबका आपस में कोई तो संबंध
है। इन सारे सवालों का जवाब हमें ब्रह्म
मुहूर्त में ही मिलेगा।
स्वर्ण नीम के द्वारा दी गई नेत्रा चाची
की अंगूठी से।
[संगीत]
नहीं नहीं नहीं
चुप एकदम चुप हो जाओ क्यों आदमी है मैंने
कहा ना चुप हो जाओ क्या पागल हो गई हो
नहीं
[संगीत]
चुप हो जाओ चुप हो जाओ चुप हो जाओ बाहर
>> क्या हुआ रानी कर्ण मोहिनी
>> दिखाई नहीं दे रहा तुम्हें वो दिव्या वो
मुझ पे हंसे जा रही है देखो
इधर
नहीं इधर
नहीं हर जगह मैं जहां भी देखती हूं मुझे
सिर्फ वो दिव्या दिखाई देती है हर जगह बस
दिव्या दिव्या दिव्या और हर जगह से मुझ पे
सिर्फ हंस रही है कि हंसी की आवाज मेरी
कानों में बर्दाश्त क्यों हो रहा
[संगीत]
बस ये बहुत होश
अब उस दिव्या को रोकना ही होगा मुझे
[संगीत]
साजना
साजना
साजना
[संगीत]
तुमने भी रखा है क्या चीज का?
>> हां ऐसे क्यों पूछ रहे हो? नहीं मतलब कल
तुम पूजा में नहीं थी ना तो सब ढूंढ रहे
थे तुम्हें।
>> हां वो उस वक्त हमें कुछ जरूरी काम आ गया
था।
>> अच्छा ऐसा कौन सा जरूरी काम आ गया था जो
तुम पूजा छोड़ कर चली गई थी?
[संगीत]
>> का बात है जीजी किसकी बात जोत हो?
अरे अब भाई साहब ना आए तो व्रत ना खोले
का। 24 घंटे से व्रत रखा है। पेट मा चूहे
दौड़त है और आपको बीपी घट जाए।
>> माफ करें
मां आपने कल से कुछ खाया पिया नहीं है ना?
ना आपने अपनी शुगर की दवाई ली है। आपकी
तबीयत खराब हो सकती है ना? मां प्लीज
प्लीज अपना ये व्रत खोल दीजिए।
>> नहीं प्रेम। यह तीज का व्रत है और एक
सुहागन स्त्री सिर्फ यह व्रत अपने पति के
हाथों ही खोलती है।
>> नहीं जब तक तेरे पापा नहीं आ जाते मैं यह
व्रत नहीं खोलूंगी।
>> बहू को पहन लो तीज है। सोचे रही कि ठाट से
मनाए भी। देखे भी कि ससुर जी का तोहफा देत
आपन बहुरिया को। पर मुसीबत तो पैर तोड़ के
ऐसे बैठ गई है घरमा कि का करें।
हम ना अभी है।
[संगीत]
इससे पहले कि वो स्वर्ण मोहिनी मुझसे मेरा
सब कुछ छीन ले उसे मुझे मायावन लड़ाना ही
होगा।
और वो भी जीवित।
क्षमा रानी कर्ण मोहिनी पर इस दिव्या को
मायावन लाकर आप करेंगे क्या?
>> स्वर्ण मोहिनी है वो।
संसार की समस्त पवित्र शक्तियों का वास है
उसमें।
बस एक बार वो यदि मायावन में आ गई।
मैं उसे कैद करके उससे उसकी समस्त
शक्तियां छीन लूंगी।
तो फिर इसकी चिंता आप मुझ पर छोड़ दीजिए।
रानी कर्ण मुहिनी दिव्या को मायावन लाने
की सारी जिम्मेदारी मेरी यदि तू सच में
ऐसा कर पाई तो तुझे उस स्वर्ण मोहिनी की
शक्तियां
और अपने प्रेम को पाने से कोई नहीं रोक
पाएगा तपस्या।
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